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भैंस मिलने की खुशी में "ताऊ गुरू-घंटाल महोत्सव - 2014" आयोजन

ताऊ की भैंसों अनारकली और चंपाकली को तो आप अच्छी तरह जानते ही हैं. ताऊ की भैंसों को कौन चोरी कर सकता है बल्कि वो खुद ही पूरे ब्रह्मांड में विचरण करने वाली सख्शियत रखती हैं. यमराज भी उनसे पनाह मांगते हैं.


असल में हुआ यों था कि ताऊ महाराज ने अपनी पुलिस की मुस्तैदी जांचने के लिये अपनी भैंसों को चांद पर सैर करने भिजवा दिया था और खबर फ़ैलादी कि भैंसे चोरी होगई. बस आनन फ़ानन में पुलिस लग गई और भैंसे हाजिर हो गई. अब भैंसे चोरी हुई होती तो कुछ परेशानी भी होती, यहां तो बस चंपाकली को एक फ़ोन किया कि अब वापस सारी भैंसों को लेकर वापस लौट आवो और वो तुरंत लौट आई. पुलिस और सरकार की वाहवाही हो गई कि आखिर ताऊ सरकार की पुलिस कितनी मुस्तैद है? ताऊ राज में जब भैंसे ही ढूंढ निकाली जाती हैं तो फ़िर दूसरे कोई गुनाह होना तो मुमकिन ही नही.

ये तो विपक्षी दल जबरन हवा फ़ैलाते रहते हैं. आप बिल्कुल भुलावे में ना आवे और ताऊ सरकार द्वारा प्रायोजित गुरू घंटाल महोत्सव का आनंद उठाये.

अगले सप्ताह "ताऊ गुरूघंटाल महोत्सव" का आयोजन किया गया है. इस महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों के अलावा गुरू घंटाल - 2014  का गुरू घंटाल अवार्ड भी दिया जायेगा.  अन्य भी बहुत से ताऊ गुरू घंटाल अवार्ड दिये जायेंगे. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.

सभी ब्लागर्स से निवेदन है कि अपना अपना नामांकन जल्द से जल्द करवालें. इस साल का गुरू घंटाल अवार्ड घंटालों के घंटाल महा घंटाल गुरू के हाथों दिये जायेंगे. गुरू घंटाल समिति की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है. निम्न पदों पर सर्व सम्मति से चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.

 "गुरू घंटाल समिति के पदाधिकारी गण " 

अध्यक्ष     :     अरविंद मिश्रा"


सेकरेट्री     :     सतीश सक्सेना


कोषाध्य्क्ष :     ताऊ रामपुरिया

सरंक्षक :        डा. टी.सी.दराल

आजीवन सरंक्षक :         समीरलाल

गुरू घंटाल समिति की कार्यकारिणी  सदस्यों की चयन प्रक्रिया चालू है,  घोषणा शीघ्र ही की जायेगी. कार्यकारिणी में शामिल होने और अन्य खाली पद पाने के लिये आवेदन आमंत्रित हैं.

एक रंग बिरंगी होली मय "चिठ्ठा चर्चा"

अरे....फ़ुरसतिया जी...सुनिये...सुनिये...ये अलसुबह कहां भागे जा रहे हैं?

आपसे मतलब?

अरे भाई बताते तो जाईये....ये इत्ती भोर में भागे चले जा रहे हैं...सब ठीक तो है ना?


हां सब ठीक है...बताईये अब क्या कर लेंगें?

करेंगे कुछ नही, हम तो बस ऐसे ही जानना चाह रहे थे....

जानना ही चाह रहे थे तो जान लो कि हम चाय की गुमटी से चाय सुडक कर ये मार्निंग दौड लगाकर चिठ्ठाचर्चा के आफ़िस जा रहे थे.....आज होली महिला दिवस की बिहाने बिहाने चर्चा जो करनी है....

अच्छा...अच्छा...जाईये ...जाईये जरूर किजीये चर्चा.....

"रंग-बिरंगी चिठ्ठा चर्चा होली महिला दिवस की"

तो आज की चिठ्ठा चर्चा शुरू करने से पहले इत्ता बता देते हैं कि आज होली का महिला दिवस है और हम आज की चर्चा में सिर्फ़ महिलाओं को ही शामिल करेंगे. हम ब्लाग जगत की महिला ब्लागर्स से आपका परिचय करवा रहे हैं.....तो ये शुरू हो गई महिला होली दिवस पर महिलाओं की होली मय  चिठ्ठा चर्चा....

सुश्री अल्पना वर्मा


सुश्री अंजू (अनु) चौधरी




श्रीमती अजीत गुप्ता


सुश्री अनिता


सुश्री  स्वप्न मंजूषा अदा 


सुश्री हरकीरत "हीर"


सुश्री डा. मोनिका शर्मा


सुश्री राजेश कुमारी


सुश्री वंदना गुप्ता


डा. मिस शरद सिंह

सुश्री वाणी शर्मा

सुश्री संगीता पुरी

सुश्री संगीता स्वरूप (गीत)

सुश्री सोनल रस्तोगी

सुश्री सुनीता शानू

सुश्री रश्मि रवीजा

सुश्री शिखा वार्ष्णेय

सुश्री सीमा गुप्ता

सुश्री रानी विशाल

सुश्री सुमन
सुश्री शेफ़ाली पाण्डे


अब क्या चर्चा करें...भंग की तरंग में दिमागवा कछु काम ही नाही कर रहा है.... बकिया तो सब ठीक है पर  हमको ये क्या दिखाई दे रहा है? ये चैतन्य के हाथ में पिचकारी है और छोटे से बच्चे ताऊ को रंग डाला है इसने....

चैतन्य के चंगुल में ताऊ



भंग के नशे में लगता है आज सब गुड गोबर हो गया है.....अभी तो खाली फ़ोटूए ही सटाये थे...टाईटल देना रह ही गया...टाईटल देने का सोच ई रहे थे कि हमको ब्लागिस्तान की पांच ठो कुख्यात सास दिखाई देने लगी है...

ब्लागिस्तान की कुख्यात सासे...बांये से अजया देवी,  खुशदीपा देवी,   सतीशा देवी,  अशोका देवी और अनुरागी  देवी

हमरी तो घिग्गी बंध रही हैं...हमे नही करनी जे चर्चा मर्चा...आप लोग खुदेई अपना टाईटल लगा लिजियेगा...हमको तो बहुते  नींद आ रही है...जय होली ... ईश्वर सबका भाईचारा बनाये रखे....आप सब लोग साल भर हंसते खेलते रहो...इसी प्रार्थना के साथ हमको विदा दिजीये.

ब्रेक....ब्रेक.....ब्रेक....ब्रक....ब्रेक.....ब्रेक....ब्रक....ब्रेक.....ब्रेक....

होली पुरूष दिवस चिठ्ठा चर्चा अगले भाग में होगी......"वाह वाह ताऊ क्या लात है?" और "नाच मेरी बुलबुल" प्रोग्राम की "टी आर पी" देखते हुये इन दोनों प्रोग्राम्स को अगले तीन महिने का एक्सटेंशन दे दिया गया है....इंतजार करते रहिये. 

"नाच मेरी बुलबुल" की तीसरी सेमी-फ़ाईनलिस्ट मिस. समीरा टेढी

 हाय...अंक्ल्स...आंटीज... भैयाज एंड  दीदीज...मैं मिस रामप्यारी,  "ताऊ टीवी फ़ोडके चैनल" के दर्शकों का बादाम बजा लाती हूं. 

आज हम आपको दिखा रहे हैं वाह वाह ताऊ क्या लात है? का  तीसरा सेमी फ़ाईनल....जिसमे वाईल्ड कार्ड एंट्री दी गई है समीरा टेढी आंटी को....आज के सेमी फ़ाईनल में मिस. टेढी तीन प्रस्तुतियां देंगी...तो अब मैं आमंत्रित करती हूं...मिस. समीरा टेढी को...मिस. समीरा किसी परिचय की मोहताज नही हैं....हंसीन नाजनीन कुख्यातों की कुख्यात......जबलपुरिया घराने की चुलबुली डांसर....ब्लागिस्तान की हर दिल अजीज....मिस समीरा टेढी......   आईये आंटी...आकर अपना जलवा दिखाईये.....मिस. समीरा  टेढी.....

मिस. समीरा टेढी ब्लाग वंदना गाते हुये


ताऊ टीवी के दर्शकों, मैं आपका अभिनंदन करती हूं. मुझे वाह वाह ताऊ क्या लात है? में आपसे मिलकर बडी खुशी हो रही है. आज मैं सबसे पहले अपने इष्ट देव यानि  ब्लाग वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत करना चाहूंगी.

ब्लाग वंदना करके फ़िर ताऊ की मिट्टी पलीत करूंगी....पेश है ब्लाग वंदना.....

ताऊ, मैं तो ब्लागिंग के रंग राची.
ब्लाग के आगे नाची,
ताऊ, मैं तो  रंग राची.

फ़ेसबुक निरखत हूं, ब्लाग को परखत हूं,
ताऊ करत मोरी हांसी रे,
होली में ताऊ मोरी खिल्ली करत है,
मैं तो म्हारा ब्लाग की  दासी रे ... 
ताऊ, मैं तो ब्लागिंग के रंग राची.

बेनामी ने भेजी विष भरी टिप्पणी,
पर मैं ना  हिम्मत की काची,
समीरा  चरण ब्लाग की  दासी
ताऊ, मैं तो ब्लागिंग के रंग राची.
- समीरा बाई


ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...

ब्रेक के बाद वाह वाह ताऊ क्या लात है? में आपका स्वागत है. आज की तीसरी सेमी फ़ाईनलिस्ट कुमारी समीरा लाल आपके सामने ब्लाग सितार पर राग  कहरवा में अपनी बंदिश सुनाते हुये फ़्री स्टाईल में अपनी रचना पेश करने जा रही हैं....कुमारी समीरा लाल...आईये आपका स्वागत है वाह वाह ताऊ क्या लात है? में.....

राग कहरवा में अपनी बंदिश सुनाते हुये कुमारी समीरा लाल
 

प्यारे दर्शकों अब मैं आपको राग कहरवा में एक   "जबलपुरिया बंदिश"   सुना रही हूं......आपसे सिर्फ़  दाद ही नही वोट भी चाहुंगी.... यह राग कहरवा की विशेष जबलपुरिया बंदिश है...जो मैने खास आपके लिये बनाई है, साथ में ऊपर पाडकास्ट भी लगा दिया है जिससे जब भी आपको तलब लगे, इसे सुन सकें.......


 लात मारे ताऊ हमारे

टकली सूरतिया गिरे बाल बाल

हाय हाय चमड़े की जूती

चमड़े की जूती नें खींच ली है खाल...

लात मारे ताऊ हमारे......

(ठुमका....ठुमका...ठुमका)


हमने मंगाई थी मरहमनूरानी..

ले आया जालिम कानपुर का जूता)\-२

चमचागीरी में लगा रहे वो

हमरी छिली पीठ न देखे बेदर्दा

देखे बेदर्दा...

हा..हा...हा.हा....

चमड़े की जूती नें खींच ली है खाल...

लात मारे ताऊ हमारे......

लात मारे ताऊ हमारे......

(लतिया धुन धुन, जुतिया टुन टुन

सूज करके फूली नस टांग वाली)\-२

आह


टूटी गई हड्डियां दुनिया जाने

लेकिन न जाने टंगिया हमारी..

टंगिया हमारी...

चमड़े की जूती नें खींच ली है खाल...

लात मारे ताऊ हमारे......

लात मारे ताऊ हमारे......

(शाम से ही खाते खाते मैं लतिया

सो जाऊँ मैं दीया बाती से पहले... )\-२

ओह


सरसों के तेल में हरदी मैं घोलूँ

मल मल के मालिश से दरदिया को झेलूँ..

दरदिया को झेल...

चमड़े की जूती नें खींच ली है खाल...

लात मारे ताऊ हमारे......

लात मारे ताऊ हमारे......


ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...


कल आपने देखा था   मिस दराला  का प्रसिद्ध हरियाणवी लूर नृत्य........जिसमें उनके साथ संगत कर रही थी सुश्री लठ्ठ भारती ताई रामपुरिया......

आज  पेश है  नाच मेरी बुलबुल प्रतियोगिता में मिस समीरा टेढी.... आप  ब्लागिस्तान की हर दिल अजीज  डांसर हैं.......आपका ताल्लुक जबलपुरिया घराने के रामपुरी शैली के डांस से है. आपने मेहनत से इतने ऊंचे कुख्यात मुकाम को हासिल किया है.  आज वो आपको दिखा रही हैं...... "हाथ ऊठा चांटा  मत मार"   डांस......और संगत कर रहे हैं....महा कुख्यात......ठगी, लूटमारी, उठाईगिरी घराने के  स्वयंभू नृत्य सम्राट.......... ताऊ श्री रामपुरी खां महाराज........


"हाथ ऊठा चांटा  मत मार"   डांस करते मिस समीरा टेढी और संगत करते ताऊ रामपुरी खां महाराज

ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....

ये था नाच मेरी बुलबुल प्रतियोगिता का तीसरा  सेमी फ़ाईनल..... इंतजार करते रहिये..... अगले प्रदर्शन का...हम जल्द ही हाजिर होते हैं.........


"नाच मेरी बुलबुल" की दूसरी सेमी फ़ाईनलिस्ट मिस. दराला कुमारी

प्यारे दर्शकों, ताऊ टीवी के होली कार्यक्रम "नाच मेरी बुलबुल" प्रतियोगिता मे अभी भी   कुछ  प्रतियोगियों का परफ़ार्मेंस बाकी बचा है. प्रतियोगियों को विश्वास दिलाया जाता है कि सभी को मौका दिया जायेगा, कृपया थोडा धैर्य रखें....आपकी रचनाएं हमारे पास सुरक्षित हैं.... अब सेमीफ़ाईनल का दौर शुरू हो चुका है. वोटॊं के आधार पर  हमारी पहली सेमी फ़ाईनलिस्ट चुनी गई थी ....सुश्री रूपा बाई... जिनका सेमी फ़ाईनल प्रदर्शन आप देख चुके हैं.

इस प्रतियोगिता की दूसरी सेमी फ़ाईनलिस्ट चुनी गई हैं....मिस दराला...बधाईयां...बहुत बहुत बधाईयां....आपने "नाच मेरी बुलबुल" प्रतियोगिता के प्राथमिक मुकाबले में हरियाणा का  मशहूर "ठेका नृत्य" प्रस्तुत किया था....और संगत कर रहे थे...ब्लागिस्तान के मशहूर ठेका नृत्य सम्राट  श्री सतीश महाराज  और बोतल तोड नृत्य सम्राट श्री समीर महाराज... 

आज के सेमी फ़ाईनल राऊंड में मिस. दराला...हारमोनियम पर अंगुलियां चटकाते हुये  हरियाणा की एक प्रसिद्ध रागिनी प्रस्तुत करेंगी, जिसमे उनके साथ ढोलक पर लठ्ठ पीटेंगी...लठ्ठ एक्सपर्ट...  सुश्री ताई रामपुरिया,  सारंगी को बिना रंग करेंगी.......सुश्री सतीशा देवी और खंजरी पर खंजर राग खडकायेंगी .....मिस समीरा लाल....तो आईये मिस. दराला एंड पार्टी.

 "वाह वाह ताऊ क्या लात है?" मे रागिनी गाती मिस. दराला, साथ में संगत कर रही हैं..बायें से ढोलक पर लठ्ठ मारती सुश्री ताई रामपुरिया, सारंगी को बिना रंग करती सुश्री सतीशा देवी और खंजरी पर खंजर राग खडकाती मिस समीरा लाल



ताऊ टीवी के प्यारे दर्शकों, मैं आपकी बहुत आभारी हूं कि आपने वोट देकर मुझे सेमी फ़ाईनल में पहुंचाया आपको आज मैं एक हरियाणा की एक रागिनी सुना रही हुं....रागिनी हरियाणा की अति  लोकप्रिय गायन शैली है...इसमे ताऊ और ताई के संवाद रागिनी  गायन शैली में हैं....सुनिये और दाद दिजीये...और हां वोट देना मत भूलियेगा..... 
 
ताऊ ताई का होली युगल गीत :


ताई :
ताऊ मैं खेलूंगी होली
ताऊ मैं खेलूंगी होली,
भीगै मेरा दामण चाहे
ईब भीगै मेरी चोली,
ओ ताऊ मन्नै----- जाण दे।

ताऊ :
ताई तू मतना खेलै होली
ताई तू मतना खेलै होली,
खेलैं सें मूरख लोग
लगा दें कोए रोग ,
रै ताई ------    रहान दे।

ताई :
अगड़ पड़ोसन सारी जा ली
मन्नै भी दे जाण पिया।
घर में पड़े पड़े दिन सारे
हलक में आवै सै जिया।
फागण में तन भीगे बिन
क्यूँकर आवै ठण्ड पिया।

ताऊ :
इस उम्र में खेलै होली
सहम चोट खा बैठेगी।
कितके लगावै रंग गुलाल ,
अपनी आँख फुडवा बैठेगी।
हो ज्या लीरम लीर चीर
तू टांग भी तुडवा बैठेगी।

ताई :
घने बालकां नै तंग कर दी,
होली खेल कै आउंगी।
रामदेव का रंग लगा कै ,
रंग बिरंगी बन जाउंगी।
चूल्हा चौका कर कै थक गी,
ईब तै मौज उडाऊंगी।

ताऊ :
या तै बात घणी मामूली,
तडकै एल टी सी पै चालाँगे।
हवाई ज़हाज़ में बैठ डार्लिंग
अंडमान का चक्कर काटांगे।
जींस टॉप पहन कै दोनों ,
दूजा हनीमून मना ल्यांगे।

ताई :
ओ के, मैं ना खेलूं होली ,
ताऊ, मैं ना खेलूं होली।
बस साथ मेरे तू रहियो
बन कै सदा हमजोली।
फिर हर महीना फागण,
और हर दिन होगी होली।

ताऊ:
ताई , मज़ा ना होली में ,

ताई , मज़ा ना होली में। 
रै ताई, -------रहान दे।  

ताई :
ताऊ, मैं ना जां होली में ।

ताऊ, मैं ना जां होली में ।
ओ ताऊ , ------जाण दे।

इसी के साथ मैं होली की शुभकामनाएं देती हुई आपसे विदा चाहुंगी...और मुझे वोट करना ना भूलियेगा.

ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक..


अब दिल थाम के देखिये मिस. दराला  का प्रसिद्ध हरियाणवी लूर नृत्य........जिसमें उनके साथ संगत कर रही हैं सुश्री लठ्ठ भारती - ताई रामपुरिया......

  "नाच मेरी बुलबुल" लूर नृत्य करते हुये मिस. दराला, संगत कर रही हैं सुश्री ताई रामपुरिया

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ये था नाच मेरी बुलबुल प्रतियोगिता का दूसरा सेमी फ़ाईनल.....कुछ प्राथमिक दौर के प्रतिभागी अभी भी  बाकी बचे हुये  हैं.... इस वजह से यह प्रतियोगिता रंग पंचमी तक चलेगी...नई प्रविष्ठियां बंद कर दी गई हैं..... 
 इंतजार करते रहिये..... आगे के मुकाबले और भी रोचक और मनोरंजन से परिपूर्ण होंगे.....
 




वाह वाह ताऊ क्या लात है? में श्री रतन सिंह शेखावत एवं श्री पंकज मिश्रा


हाय...अंक्ल्स...आंटीज... भैयाज एंड  दीदीज...मैं मिस रामप्यारी,  "ताऊ टीवी फ़ोडके चैनल" के दर्शकों का बादाम बजा लाती हूं.

ताऊ टीवी की दोनों प्रतियोगिताएं जैसे जैसे ग्रांड फ़िनाले की तरफ़ बढ रही हैं, इसका रोमांच और भी बढ रहा है, अनेकों  प्रतियोगी अभी बाकी हैं, कल आपने पहला सेमीफ़ाईनल देखा. 


आज के वाह वाह ताऊ क्या लात है? कार्यक्रम में आपको आज हम मिलवा रहे हैं अपने अपने क्षेत्र की दो मशहूर हस्तियों से. आज ब्लाग-वीणा की मशहूर वादिका मिस. रत्ना कुमारी ब्लाग वीणा वादन पर संगत करेंगी...... आपका ताल्लुक ब्लाग वीणा वादन के शेखावाटी घराने से हैं..... आप ब्लाग  वीणा बजाने की रियाज नियमित रूप से करते हुये आज बहुत ऊंचे मुकाम पर हैं.

आज की जुगलबंदी में  बनारसी ब्लाग  घराने की मशहूर ठुमरी और दादरा की ख्यात गायिका सुश्री पंकजा देवी  गायन करेंगी. ब्लागिस्तान में आप काफ़ी मशहूर रही हैं और ताऊ रामपुरी खां साहब की पट्ट शिष्या रही हैं. ब्लागिस्तान में अपना जलवा दिखाने के पहले इन्होंने  ताऊ रामपुरी खां साहब   के गूरूकुल में दो साल तक विधिवत गंडा बंधवा कर तालीम हासिल की थी. इन्होने गूरू का काफ़ी नाम रोशन किया है.  इन्होने ब्लागिस्तान में बहुत मेहनत और लगन  से ठुमरी और दादरा गाया... ब्लागिस्तान के  ब्लाग  गायन   में भी आप निपुण रही हैं. आजकल आप  दो अढाई  साल से जाब-हनीमून में व्यस्त हैं. काम से जैसे ही फ़ुरसत मिलेगी  तब वापस ब्लागिस्तान में  लौट आयेंगी. आखिर ब्लागिस्तान के आकर्षण से कौन बच पाया है?

वाह वाह ताऊ क्या लात है? में जुगलबंदी करती मिस. रत्ना कुमारी और सुश्री पंकजा देवी

तो अब आमंत्रित करते हैं शेखावाटी ब्लाग घराने की ब्लाग वीणा वादिका मिस रत्ना कुमारी को और संगत के लिये गायिका  ताऊ रामपुरी खां महाराज की परम शिष्या  सुश्री पंकजा देवी को.... आज ये आपको ब्लाग राग   बनारसी ठुमरी सुनायेंगी....आपकी विशेषता है कि आप  आलाप लेकर ठुमरी से दादरा और फ़िर सीधे कहरवा के ठेके भरती हुई चैती गाने लगती हैं....यानि ये फ़र्रूखाबादी स्टाईल की गायिका हैं.... . आईये सुश्री पंकजा देवी जी..... आकर अपनी भैरवी...सुनाकर  कार्यक्रम का शुभारंभ  करें......




ब्लागर साथियों,  "ताऊ टीवी फ़ोडके चैनल" के "वाह वाह ताऊ क्या लात है? कार्यक्रम में आपसे मिलकर हमें   हद से ज्यादा  खुशी हो रही है. हम दोनों की  इच्छा थी कि  आज आपको होली के मौसम में फ़ाग या चैती सुनाते  पर यहां आते ही हमें   प्रसाद के नाम पर भंग पिला दी गई है,  इसलिये आज मैं आपको एक ताऊ ठुमरी सुनाऊंगी. मेरे साथ ब्लाग  वीणा पर संगत करेंगी महान ब्लाग वीणा वादिका मिस. रत्ना कुमारी.....जो  ब्लाग ताल राग कठफ़ोडवा बजायेंगी और मैं राग टिप्पणी फ़ोडवा   में निबद्ध एक रचना पेश करूंगी.............सुनियेगा.... और तालियां  फ़ेंकियेगा........और वोट करना ना भूलियेगा.


साली   आई  ताऊ  की,  खेलने  ताऊ  संग  होली 
देख  गुलाल  पिचकारी,  तबियत  उसकी  डोली।  

बोली पास  न  आने  दूँगी,  ऐसे ना  रंग  लगाओ 
जाओ  पहले  दीदी  से,  परमिशन  लेकर आओ। 

ताऊ  बोला  ताई  से,    तुम    तो  बैठी  हो  ठाली 
होली    खेलन  आई   है,    अपनी  छोटी   साली।      

ताई  बोली  बहन  मेरी,     है  जैसे  फूल   गुलाबी  
धीरे   धीरे  रंग   लगाइयो,  मत  करियो  खराबी। 

गोरे   गोरे  गाल  हैं  उसके,     और  होंठ  हैं  लाल 
हुलिया   बिगाड़   देगा,   तेरा  चायनीज   गुलाल।    

पहले  खेलो हम संग होली, फिर खेलेगी तेरी साली 
गुलाब, मोतिया, चन्दन, केसर, न रंग लगाना जाली।  


इसी के साथ होली की शुभकामनाएं देती हुई हम दोनों आपसे विदा चाहेंगी....  

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 "नाच मेरी बुलबुल" प्रतियोगिता में जवां दिलों की धडकन...ब्लागिस्तान की मशहूर सदा बहार.....बुलबुल....ब्रेक-हार्ट  डांस शैली की जनक,  ख्याति प्राप्त गुलों की महफ़िल की शान प्रसिद्ध   नृत्यांगना  मिस. गोदियाला कुमारी  का   दिल-तोडू यानि ब्रेक-हार्ट डांस आपने परसों देखा था... कल आपने मिस. रूपा बाई का सेमीफ़ाईनल देखा था.

आज देखिये शोख हसींन और झटका डांस की मल्लिका मिस पंकजा कुमारी का उछल झटका डांस ....जिसमें झटका देने के लिये संगत कर रहे हैं रत्नों के रत्न श्री रतन सिंह शेखावत.....जिनके झटकों की वजह से मिस पंकजा झटके खा खा कर उछल रही हैं... तो पेश है आज के नाच मेरी बुलबुल प्रतियोगिता में मिस पंकजा कुमारी और मि. रतन सिंह शेखावत का युगल नृत्य....

तो पेश हैं.....मिस पंकजा कुमारी और मि. रतन सिंह शेखावत का युगल झटका डांस......


नाच मेरी बुलबुल प्रतियोगिता में युगल झटका डांस पेश करते मि.रतन सिंह शेखावत और मिस पंकजा कुमारी


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कौन होगी अगली नृत्यांगना?  अगले अंक में ब्लागिस्तान की एक चुलबुली बुलबुल अपना आईटम नंबर और गीत पेश करेंगी...जो अभी बहुत ही नादान और कमसिन है पर अपने फ़न की उस्ताद और माहिर है.....तो  हमारे लौटने तक इंतजार किजिये......... और अपने दिल को संभाले रखिये....???????