और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.
जैसलमेर-
ऎतिहासिक विरासत खुद में समेटे जैसलमेर की नींव यदुवंशी भाटी राजपूत महारावल जैसल ने श्रावण शुक्ला 12, संवत् 1212 को एक त्रिकूट पहाडी पर रखी थी.
इसका प्राचीन नाम माडधरा व वल्ल मंडल भी था.स्वर्ण नगरी जैसलमेर को महलनुमा ‘हवेलियों , झरोखों की नगरी’ ‘रेगिस्तान का गुलाब’ और ‘राजस्थान का अंडमान’ भी कहा जाता है. थार मरूस्थल में बसा जैसलमेर जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में तीसरा सबसे बडा जिला है. क्षेत्रफल के आधार पर राजस्थान का सबसे बड़ा जिला है.
पटवों की हवेली -
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पहेली में पूछा गया स्थान 'पटवों जी की हवेली या 'पटवों की हवेली' थी जो की पांच हवेलियों का समूह है, जिन्हें पांच भाइयों ने मिल कर सन् 1800 से 1860 के मध्य बनवाया था.
इन हवेलियों की दीवारों ,खिड़कियों, छज्जों, बारीक़ जालियों, नक्काशी और बेलबूटों का महीन और सुंदर काम देखने वाले को आश्चर्य चकित कर देता है.
1805 में बनी यह पांच मंज़िला हवेली यहाँ की सभी हवेलियों में सबसे पुरानी है .नक्काशीदार खंभे , विशाल गलियारे व प्रकोष्ट मुख्य आकर्षण हैं.
धनी व्यवसायी गुमान चंद पटवा द्वारा शुरू की गयी इस हवेली को पूरा होने में ५० साल लगे थे.वर्तमान में यह हवेली भारत सरकार द्वारा संरक्षित है.
इसके अलावा यहाँ सालिम सिंह की हवेली,नथमल की हवेली,सम के टीले ,आकल गांव में फॉसिल पार्क (जीवाश्म उद्यान),मरू उद्यान,जवाहर विलास,बादल विलास , जैसलमेर दुर्ग [ सोनारगढ़ या सोनगढ़ ], लोद्रवा,पवित्र गडसीसर सरोवर,सातलमेर आदि पर्यटन स्थल हैं .
| श्री sabir*h*khan अंक 98 |
| श्री गजेंद्र सिंह अंक 95 |
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| श्री नीरज गोस्वामी अंक 91 |
| श्री पी.एन.सुब्रमनियन अंक 90 |
| श्री ललित शर्मा अंक 89 |
| डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक अंक 88 |
| श्री रंजन अंक 86 |
श्री रतन सिंह शेखावत अंक 85 |
| श्री Surendra Singh Bhamboo अंक 82 |
| श्री दिनेशराय द्विवेदी अंक 81 |
श्री उडनतश्तरी अंक 80 |
| अगला अंक ताऊ पहेली का १०० वां अंक होगा. |
![]() ![]() श्री Darshan Lal Baweja सुश्री इंदु अरोड़ा श्री प्रकाश गोविंद सुश्री सीमा गुप्ता श्री Surendra Singh Bhamboo श्री डी. के. शर्मा “वत्स” श्री नरेश सिंह राठौड अब अगले शनिवार को ताऊ पहेली में फ़िर मिलेंगे. तब तक जयराम जी की! |
अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.
श्री आशीष मिश्रा
श्री तारकेश्वर गिरी
श्री M VERMA
श्री प्रवीण त्रिवेदी
श्री राज भाटिया
सुश्री वंदना
सुश्री बबली
श्री अविनाश वाचस्पति
अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!
आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !
ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.
अगला अंक ताऊ पहेली का 100 वां अंक होगा.



