और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.
उड़ीसा राज्य के पुरी शहर में भगवान श्री कृष्ण को समर्पित मंदिर है.इसे हिदुओं के चारों धाम में से एक माना जाता है.
विश्व प्रसिद्ध इस मंदिर का वार्षिक रथ यात्रा उत्सव मध्य काल से अब तक बेहद उल्लास और उत्साह से मनाया जाता है.भगवान जगन्नाथ ,उनके भाई बलभद्र और बहिन सुभद्रा के तीन अलग अलग सजे हुए भव्य रथ यात्रा में निकलते हैं.

इस मंदिर का निर्माण कलिंग राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव ने कराया था और बाद में सन् 1174 ई. में ओडिआ शासक अनंग भीम देव ने इस का जीर्णोद्धार करवाया.

३७,००० मीटर ² में फैले इस मंदिर स्थापत्यकला उड़िया शैली की है.मुख्य मंदिर वक्ररेखीय आकार का है, जिसके शिखर पर अष्टधातु से निर्मित विष्णु का श्री चक्र मंडित है, इसे नीलचक्र भी कहते हैं. मंदिर का मुख्य ढांचा पाषाण चबूतरे पर बना है. इसके भीतर आंतरिक गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियां स्थापित हैं.

यहाँ की रसोई में भगवान को चढाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए ५०० रसोईए तथा उनके ३०० सहयोगी काम करते हैं,इसे भारत की सब से बड़ी रसोई बताया जाता है.
इस मंदिर में पर्यटकों और गैर-हिन्दू लोगों का प्रवेश वर्जित है.
इस मंदिर में विस्तृत दैनिक पूजा-अर्चनाएं ,सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों वर्ष पर्यन्त होते रहते हैं किन्तु रथ यात्रा का विशेष महत्व है., जो आषाढ शुक्ल पक्ष की द्वितीया को आयोजित होती है जिस में तीनों मूर्तियों को अति भव्य और विशाल रथों में सज़ा कर यात्रा पर निकालते हैं .
अधिक जानकारी के लिए अधिकारिक साईट पर जाएँ-
http://www.jagannathtemplepuri.com/
एक बात और कहना चाहूंगी कि पुरी का समुद्र तट बहुत ही सुंदर है. यहां से उगते और डूबते सुर्य को देखना एक अलौकिक आनंद देता है. यह बीच बहुत ही सुरक्षित है. यहां बीच पर ही आपको सर्व सुविधायुक्त होटल्स और रिसार्ट्स ठहरने के लिये मिल जायेंगे जिनके अपने निजी बीच हैं.

अगली बार जब भी आप पुरी दर्शन के लिये जायें तब यहां सी बीच (Sea beach) घूमना अवश्य याद रखियेगा.
| श्री प्रकाश गोविंद अंक 101 |
श्री विवेक रस्तोगी अंक 97 |
| श्री ललित शर्मा अंक 94 |
श्री पी.एन.सुब्रमनियन अंक 91 |
| श्री अभिषेक ओझा अंक 90 |
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प. श्री. डी. के. शर्मा “वत्स” अंक 85 |
| डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक अंक 84 |
| श्री Anurag Geete अंक 83 |
डा. श्री महेश सिन्हा अंक 82 |
| सुश्री अंजना अंक 80 |
| श्री दिनेशराय द्विवेदी अंक 79 |
| सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई! |
श्री काजलकुमार, श्री Darshan Lal Baweja सुश्री इंदु अरोड़ा श्री ललित शर्मा श्री पी.एन.सुब्रमनियन श्री स्मार्ट इंडियन श्री विवेक रस्तोगी डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक, श्री उडनतश्तरी श्री Anurag Geete डा. महेश सिन्हा सुश्री सीमा गुप्ता श्री प्रकाश गोविंद सुश्री Anju अब अगले शनिवार को फ़िर यहीं मिलेंगे. तब तक जयराम जी की! |
अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.
सुश्री बबली
श्री अविनाश वाचस्पति
श्री राज भाटिया
श्री ज़ाकिर अली ‘रजनीश’
श्री राम त्यागी
अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!
आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !
ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.




