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सफ़ल सास कैसे बने? : रामप्यारी

स्थान : शेरपुर महिला क्लब का मिटींग हाल.  रामप्यारी  साडी पहने चश्मा लगाये सामने खडी है और शेरपुर जंगल कि कुछ महिलायें  उसके सामने बैठी हैं. जिनमें बसंती लोमडी, मिसेज भालू, मिसेज शेरू, मिसेज गीदड, सबसे आगे बैठी हैं.  मिसेज हाथी अभी अभी झूमती हुई आ ही रही हैं . मिसेज जिराफ़ पीछे खडी हैं. इस तरह और भी जंगल की बुजुर्ग महिलाये किटी पार्टी के बहाने हर जुम्मे को इकट्ठी होकर अपने दुख दर्द बांटती हैं. और हर सप्ताह एक विशेषज्ञ नया वक्ता बुलवा कर उससे राय ली जाती है.

 

 

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आज की विशेषज्ञ है रामप्यारी. जो कि अपने विषय यानि एक सफ़ल सास कैसे बना जाये कि अंतर्राष्ट्रिय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ है. वो आज यहां भाषण देने के लिये आंमंत्रित है. और विषय दिया गया है : एक सफ़ल सास बनिये.

 

 

अब  चश्मा लगाये श्रीमती शेरू खडी होती है, और बोलती हैं :नमस्कार  रामप्यारी जी, मैं  “ जागरुक सास मंच “ की अध्य्क्षा हूं. इस नाते मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप आज के विषय पर आपके  अनुभव से हमारा मार्ग दर्शन करें.

 

 

 

तालियां….तालियां ……पूरा हाल खचाखच भर गया है ….और रामप्यारी ने  आहिस्ता २ मंच पर  माईक के सामने पहुंच कर  बोलना शुरु किया – आदरणिय  बहनों नमस्कार. मैं आज आपको बताऊंगी कि एक सफ़ल सास कैसे बना जाये? असल मे ललिता पंवार को भी यह ट्रेनिंग मैने ही दी थी. और इसी वजह से उनके रहते हुये वो खिताब उनसे कोई नही छीन पाया.

 

 

 

आजकल की बहुएं सासों के साथ बडा अत्याचार करती हैं, इसलिये मैं आप सबको आगाह करती हूं क्योंकि कि अब आप भी सास बनने वाली हैं. और ये आपका शौभाग्य है कि आप मेरी क्लास समय रहते ही अटेंड कर रही हैं तो मैं आपको बहुत ही आराम से रहने के गुर समझाऊंगी.

 

 

 

समझदार वही होता है जो समय रहते आपदा प्रबंधन कर लेता है. तो  बहू को पहले ही दिन से अपने उपर हावी ही मत होने दे. पहले दिन से ही इस बात का ख्याल रखा जाना जाना चाहिये. फ़िर मत कहना कि रामप्यारी जी ने बताया नही था.

 

अकसर लोग कहते हैं कि बहू मायके से उखाडा हुआ वो पौधा है जिसे ससुराल मे पनपने के लिये सहयोग दिया जाना चाहिये. …..तो बहनों ऐसी गलती आप बिल्कुल मत कर देना.  अगर यह पौधा ससूराल में पनप गया तो आपको उखाड फ़ेंकेगा. आप तो पहले दिन से ही बहू को खरी खोटी सुनाकर उसका मनोबल तोडना शुरु कर दिजिये…और अगर आप को इसमे कुछ कमी दिखे तो आपके श्रीमान को भी इस काम मे शामिल करले. यह कोई मुश्किल काम नही है. श्रीमान तो आपके इशारे पर पानी भरने भी खडे हो जायेंगे.

 

 

अकसर सास से यह उम्मीद की जाती है कि वो बहू को मां के जैसा प्यार दे यानि बहू को बेटी समझे….तो ऐसी गलती कभी ना करें ..पहले ही दिन से बहू को ताने मारने शुरु करदे..और सबके सामने..चाहे तो उसके मायके वालों को फ़ोन पर बतायें कि …देखिये ना..पांच दिन होगये…बहू अभी तक बेटी नही बन पाई. …. इससे बहू का मनोबल टूटेगा और आपका बेटा पहले हफ़्ते से ही यह समझने लगेगा कि इस लडकी मे ही कुछ खराबी है. यानि कुल मिलाकर कोशीश यह रहे कि बेटे बहू का प्रेम ज्यादा आगे ना बढे और उनमे लडाई झगडे की शुरुआत पहले ही दिन से होजाये.

 

 

कुछ पागल लोग कहते हैं कि बहू को अपने कर्तव्य समझाने के पहले आप भी अपने कर्तव्य समझे….तो ऐसी उदारता वाली बातें कभी ना करे. आपका कर्तव्य है..सिर्फ़ बहू को जली कटी सुनाना..आंखे दिखाना…और बहू का कर्तव्य है कि वो चुपचाप आपकी जली कटी सुने…सारे घर का काम करे..और उफ़्फ़ तक ना करे…और दिन रात आपको बहू को उसके कर्तव्य को याद दिलाते रहना है.

 

 

ऐसी उम्मीद की जाती है कि घर के रीतीरिवाजों के बारे मे बहू को प्रेम पुर्वक समाझाया जाना चाहिये….तो यह भी गलती नही की जाना चाहिये.  बहू से प्रेम ना तो किया जाना चाहिये और ना उसको यह उम्मीद करना चाहिये. आप उसे सिर्फ़ आंखे दिखा कर बतादे कि हमारे घर के ये रीती रिवाज हैं..और वार त्योंहार पर उसके मायके से मिलने वाले गिफ़्ट की लंबी चोडी लिस्ट उसे बतादें वो आपसे डरेगी तो आपको खुश करने के लिये अपने मायके वालों पर दवाब डाल कर ज्यादा माल मंगवायेगी.

 

 

कुछ लोग ऐसा कहते हैं कि बहू गलती करे तो उसे प्रेम से समझाये… लो करलो अपनी मिट्टी खराब…अगर आपने ऐसा किया तो आपका रुआब कैसे पडेगा? बल्कि गलती बहू करे या नही करे..आपको जबरन ढुंढ ढुंढ कर उसमे ऐब निकाल कर ताने देने हैं. जिससे वो सपने मे भी आपके डर से चमक कर रहे.

 

 

आजकल ऐसी उम्मीद भी बहुए करने लगी हैं कि घर के फ़ैसलों मे उनकी भी राय ली जाना चाहिये…तो बहनों ऐसी गलती मत कर बैठियेगा. अगर बहू इस तरह की कोशीश भी करे तो उसको उसका स्थान दरवाजे के पास बैठने का दिखा दें और समझा दे कि आपके घर मे वो राय ना दे और आपको उसकी राय की जरुरत नही है. और अगर फ़िर भी ना माने तो अंजाम भुगतने को तैयार रहे.

 

 

आजकल की बहुये  भी नये जमाने की सोच की होती हैं…अत: उनको भी आजादी दी जानी चाहिये…यह गलती भी ना करें बल्कि जितना बहू को आप घुटन मे रखेंगी उतना ही आप आराम मे रहेंगी. ..और बहू को हर्गिज भी फ़ोन ना करने दे. बहू के मायके वालों को सखत ;लहजे मे समझादे की वो फ़ोन ना किया करे अब लडकी का दान आपको दे ही  दिया है तो उस दान की क्युं फ़िक्र करते हैं? उसको आपके हवाले कर दिया है तो उसकी फ़िक्र आप पालेंगी. ऐसा करने से बहू के मायके वाले भी आपसे खौफ़ खायेंगे.

 

 

कुछ लोग कहते हैं कि बहू के मायके जाने और फ़ोन करने पर पाबंदी नही लगाई जानी चाहिये…..नही बहनों ऐसी भयानक भूल आप कभी भी नही करें. बहू को कभी भी मायके नही जाने दें  और फ़ोन तो हरगिज भी नही करने दे. अगर वो मायके जाकर आपके अत्याचारों के बारे मे जबान खोल बैठी और उसका बाप कहीं खडूस निकल गया तो आपके लिये परेशानी खडी कर सकता है.  आप तो बहू का ब्रेन वाश करके रखिये.

 

 

बहू को यही कहते रहिये कि वो किसी काम की नही है. बेवकूफ़ है ..गंवार है.. फ़ुहड है… यानि बहू का मनोबल तोड दिया जाना चाहिये….और भी जो मन मे आये ..२४ घंटे बहू को टेनशन मे रखिये… और इस काम मे आप साथ मे अगर आपके श्रीमान को मिलाले तो दोनों मिल कर बहू का अच्छा ब्रेन वाश कर सकते हैं.  और आपका लडका भी इसमे शामिल हो जाये तो क्या कहने?

 

 

और दस पंद्रह दिनो मे एक बार बहू से प्रेम से बात करें वो भी सिर्फ़ आधा घंटा..जिससे उसको यह मुगालता रहे कि आप अच्छी भी है और उसकी भलाई के लिये ही उसकी क्लास लेती हैं. और वो आपको खुश करने मे ही अपनी जिंदगी खराब करले. अगर आप बहू की जिंदगी नर्क नही बनायेंगी तो कौन बनायेगा? आखिर तो आप भी एक दिन बहू ही थी ना? 

और अगर बहू  नौकरी वगैरह करती हो तो अविलम्ब छुडवादे..क्योंकि जो बहू पांव पर खडी होती है वो बहुत मुश्किल से काबू मे आती है.  ..

 

 

बाकी के टिप्स अगले सत्र मे दिये जायेंगे…

 

 

तालियों कि गडगडाहट से रामप्यारी का स्वागत हो रहा है.और सत्यानाश हो इन ताली बजाने
वालियों का. मेरी नींद खुल गई, कितना अच्छा सपना देख रही थी मैं?

 

 

 

 

एक जरुरी सूचना : – ताऊ पहेली कल सूबह ठीक ६ : ३० बजे प्रकाशित होगी.