पर महाराज की नीतियों की आलोचना होते देखकर महारानी ने उन्हें डांटते हुये जनता के सामने बयान देने को बाध्य कर दिया. अत: महाराज ने महल की प्राचीर से जनता को संबोधित करते हुये कहा:-
![]() |
| ताऊ महाराज धृतराष्ट्र महल की प्राचीर से प्यारी जनता को संबोधित करते हुये |
मेरी प्यारी प्यारी आंखों की दुलारी जनता, मैं आपका सेवक हूं और आने वाले युगों तक आपका सेवक ही रहूंगा. विपक्ष बिना सोचे समझे, सिर्फ़ मुझे बदनाम करने की नियत से हो हल्ला मचाता है. हम विकास दर कैसे बढायें? इसकी राह में सबसे बडा रोडा विपक्ष है, वो संसद चलने ही नही देता फ़िर असली विकास तो दूर बल्कि विकास की बात ही नही हो सकती.
प्यारे भाईयो, वैसे भी आप भुलावे में नही आयें, मैं जो कुछ भी बोल रहा हूं वह सौ प्रतिशत सच बोल रहा हूं, प्रभु श्रीराम का भक्त हूं, बिल्कुल रामराज्य जैसा शासन चला रहा हूं. मुझे यह बताईये कि जब विकास दर 9/10 प्रतिशत थी तब क्या सबको रोटी, कपडा, मकान, बिजली पानी और सडक मिली थी? मुझे यह स्वीकारने में कोई हिचक नही है कि देश की अधिकतर जनता तब भी भूखी थी और आज पांच प्रतिशत विकास दर में भी भूखी है.
पुरातन काल में जब दस फ़ीसदी के आसपास विकास दर थी तब बडी बडी गगनचुंबी इमारते, महंगी कारें, ऐशोआराम के कीमती सामान आ गये. पर उस समय भी मजदूर और काम वाली बाईयां आज के ही हालात में थी. यानि उनकी जो हालत दस फ़ीसदी विकास दर में थी वही आज पांच फ़ीसदी में भी है तो फ़िर यह हल्ला क्यों?
मेरी प्यारी जनता, आप यह समझ लें कि यह हस्तिनापुर अमीरों के लिये अमीर ही चलाते हैं. आप जानते हैं कि हमने विकास दर बढाने के लिये आपकी जमीने कब्जे में लेकर एयरपोर्ट और सडकें मुहैया करवायी जिनके चलते विकास दर बढी थी. मुझे यह स्वीकार करने में खुशी हो रही है कि हमने उच्च विकास दर हासिल करने के लिये पुल, सडके, ऐशो आराम की हर चीज आपको उपलब्ध करवायी है. यह अलग बात है कि इस उच्च विकास दर की वजह से प्याज सिर्फ़ चालीस पचास रूपये किलो और आलू पच्चीस तीस रूपये किलो ही हुआ है. नकली दूध की समस्या को दूर करने के लिये हमने मिल्क पाऊडर उपलब्ध करवाया है. इस मिल्क पाऊडर ने भी विकास दर बढाने में काफ़ी मदद की है, यह अलग बात है कि गरीब बच्चों के मुंह से दूध का घूंट छिन गया है. पर उच्च विकास दर प्राप्त करने के लिये देश के बच्चों को इतनी सी कुर्बानी तो देनी ही पडेगी.
प्यारी जनता, हमें मालूम है कि नक्सल वाद या अन्य क्राईम में बढोतरी हुई है और इसका मूल कारण खेती बाडी का खात्मा करके आलीशान इमारते सडकों का निर्माण कर पाई गई उच्च विकास दर ही थी.
प्यारी जनता आप चिंता नही करें, ये विकास दर के आंकडे मात्र छलावा हैं, इन्हें जब चाहे, जैसे चाहे, लोगों को बरगलाने के लिये किया जाता है. यदि थोडे समय के लिये ये आंकडे यहीं पडे रहें तो भी आपकी सेहत पर कोई असर पडने वाला नही है.
प्यारे प्रजा जनों, इस विकास दर से गम या खुशी मनाने का कोई कारण नही है यह तो सिर्फ़ लोगों को बेवकूफ़ बनाने का एक तरीका मात्र है. इससे डरने या मातम मनाने की कोई आवश्यकता नही है.
प्यारे प्रजा जनों, आपकी जो स्थिति महान लेखक प्रेमचंद के पात्रों होरी धनिया व भीकू की थी, मैं आपकी वही स्थिति हमेशा बरकरार रखूंगा, यह मैं आपसे वादा करता हूं, आप निश्चिंत रहें और हस्तिनापुर निर्माण के अपने अपने कार्य में लग जायें, यानि जो चोरी करता है वो चोरी करे, डकैत ड्कैती डालें, भ्रष्टाचारी भ्रष्टाचार करें, सट्टे वाले सट्टा करें, ट्क्स चोर कर की चोरी करें, रिश्वत खोर जम कर रिश्वत खोरी करें....पर सब काम बिल्कुल इमानदारी से करें जिससे हमारे प्यारे हस्तिनापुर का नाम इस दुनियां में रोशन हो जाये और सब हमारी मिसाल देतें रहें.
जय हस्तिनापुर...जय ताऊ महाराज.
