माननिय भाईयों , बहणों, भतीजो और भतीजियों आप सबका हार्दिक स्वागत और आज बल्टियान दिवस यानि की वेलेंटाईन बाबा दिवस की बधाई और शुभकामनाएं.
कृपया आज की बात को ध्यान से पढें.
जैसा कि आपको शुरु मे बताया गया था. हम इस ताऊ पहेली प्रतियोगिता को मेगा फ़ायनल तक ले जायेंगे. और इसीलिये हम आप सबको शुरु से निवेदन करते आ रहे हैं कि आप इसमे किसी भी अंक से दाखिल हों, कृपया भाग अवश्य लेवें.
कई लोग ऐसा सोचते हैं कि वो बहुत पिछड गये हैं और अब क्या भाग लेंगे? तो आप गलत सोच रहे हैं. यह राऊंड वाली पहेली प्रतियोगिता है. अब हम जो यह प्रथम राऊंड चल रहा है. इसके दस अंक पूरे करके अपने वादे के मुताबिक ११ लोगो की मेरिट लिस्ट घोषित कर देंगे.
इस प्रथम राऊंड का दसवां अंक पूरा होते ही हम राऊंड दो शुरु करेंगे. दुसरे राऊंड में सभी के अंक और मेरिट नये सिरे से तैयार होगी. तो अब फ़िर से सब लोगों को इस राऊंड मे जीतने का नये सिरे से मौका मिलेगा. तो अब मत चूकियेगा.
और सारे राऊंड पुरे होने के बाद मेगा फ़ायनल होगा.
जो लोग भी प्रथम राऊंड के ११ की मेरिट लिस्ट मे हैं वो यह ना सोचे कि हम अब क्युं भाग लें? हम तो राऊंड जीत ही चुके हैं. तो ऐसी गल्ती मत करियेगा.
आपको हम पहले ही बता देते हैं कि हमारे सारे राऊंड पुर्ण होने के बाद एक सर्वाधिक अंक प्राप्त करने का एक्स्ट्रा अवार्ड भी दिया जाना है. और अन्य कई अवार्ड्स भी हैं. उसमे सभी अंकों और राऊंड्स के नम्बर ही आपको सफ़लता तक पहुंचायेंगे.
और जब मेगा फ़ायनल होगा तब आपका जिस राऊंड का भी सर्वाधिक स्कोर होगा वही काऊंट किया जायेगा. अत: आपसे निवेदन है कि पहेली मे भाग लेना जारी रखें. क्योंकी मेगा फ़ायनल में एक एक अंक का घमासान हो सकता है.
अत: सावधानी पुर्वक भाग लेना जारी रखें.
एक अवार्ड ताऊ पहेली मे नियमित भाग लेने वालों का भी है. अत: हार जीत का उन पर फ़र्क नही पडेगा. यह देखा जायेगा कि किसने सर्वाधिक अंको मे भाग लिया. विविध प्रकार के अवार्ड्स रखे गये हैं. सबसे मनोरंजक टीपणी का भी अवार्ड है.
यानि आप जो सोचेंगे वही मिलेगा. अत: भाग अवश्य लेवें.
जैसा कि आप जानते ही हैं कि ताऊ साप्ताहिक पत्रिका में पर्यटन स्थल की जानकारी हमारी माननिय सलाह्कार संपादक सुश्री अल्पना वर्मा "मेरा पन्ना" स्तम्भ के अंतर्गत देती हैं.
जैसा कि आप जानते हैं हमने इसी माह सुश्री सीमा गुप्ता का साक्षात्कार लिया था. उस साक्षात्कार के पहले तक आप हम उन्हे एक कवियत्री/शायरा के रुप मे ही जानते थे. पर साक्षात्कार के बाद उनका एक और रुप "प्रबंधन विशेषज्ञ" का हमारे सामने आया.
जैसा कि आप जानते ही हैं कि प्रबंधन सिर्फ़ व्यापार का ही नही होता, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र मे प्रबंधन अति आवश्यक है.
हमने उनसे अनुरोध किया था कि वो अपने इस ज्ञान का लाभ हमारे पाठकों तक भी पहुंचायें. और हमारी बात मानते हुये उन्होने ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के आगामी अंक से हर सप्ताह अपना एक आर्टीकल देने का वादा किया है जो आगामी सोमवार से आप पढ पायेंगें. यह आर्टिकल आप "मेरी कलम से" स्तम्भ मे पढ पायेंगे.
अब आईये आज की पहेली की तरफ़ बढते हैं!!!
ताऊ पहेली न. ९ ये रही !!!
ये नीचे देखिये और पहचानिये ये कौन सी जगह है ? तो जरा फ़टाफ़ट जवाब दिजिये और जीत लिजिये ये पहेली प्रतियोगिता, जिससे हम आपका इंटर्व्यु लेने तुरन्त आपके पास पहुंच सकें.
इस जगह को पहचानिये !
एक दम सीधी सी पहेली पूछी है हमने अबकी बार. सारे नियम कायदे सब पहले की तरह ही हैं. बस आप तो फ़टाफ़ट जवाब देते जाईये. चाहे जितने जवाब दें, कोई प्रतिबंध नही है. ध्यान रखिये आपका आखिरी जवाब पिछले जवाब को स्वत: ही केन्सिल कर देगा.
सोमवार सूबह ४.४४ बजे इसके रिजल्ट घोषित किये जायेंगें. और पहेली विजेताओं का साक्षात्कार गुरुवार सूबह ४.४४ बजे प्रकाशित किया जायेगा. जिसमे अबकी बार हम दो बार के विजेता श्री शुभम आर्य का साक्षात्कार आपसे करवायेंगे.
विशेष बोनस सवाल : - हम आपसे एक सवाल पूछ रहे हैं. इसका जवाब बिल्कुल अलग टिपणी मे देवे. और इसके जवाब के लिये आप मुख्य पहेली का जवाब नही रोके. क्योंकि
इस सवाल के जवाब से आपके मुख्य पहेली पर कुछ असर नही पडेगा.
इस सवाल के लिये सिर्फ़ १० अंक मिलेंगे जो कि आपके अकाऊंट में जोड दिये जायेंगे. यह १० अंक सिर्फ़ आपकी मेरिट को उपर नीचे कर सकते हैं. अत: हमारी सलाह है कि आप इस सवाल का जवाब आराम से सोच कर देवें. कोई जल्दी नही है. पर मुख्य पहेली के जवाब साथ नही देकर अलग से एक टीपणी मे देवें.
लिजीये यह रहा सवाल :- ताऊ की बिल्ली रामप्यारी एक चिकने खम्बे पर उछल कर चढने की कोशीश करती है. वो एक बार मे ६ फ़ुट चढती है तो तीन फ़ुट वापस आ जाती है. इस तरह रामप्यारी कुल ४ बार चढती है. अब बताईये उस खम्बे की कुल उंचाई कितनी है?
| इब खूंटे पै पढो :- आप तो जानते ही हैं कि भाटिया जी ताऊ से कुछ रुपये मांगते थे. पर ताऊ दे नही पा रहा था. सो भाटिया जी ने ताऊ पर मुकदमा लगा दिया. ताऊ के पास नोटिस आया तो ताऊ द्विवेदी जी के पास पहुंच गया और अपना केस उनको सौंप दिया. द्विवेदी जी बोले - देखो ताऊजी, मैं आपकी ज्यादा मदद इस केस मे नही कर पाऊंगा. क्योंकि सारा ब्लागीवूड जानता है कि आपने और गोटू सुनार ने मिल कर भाटिया जी के १५ लाख डकारे हैं. इस ताऊ बोला - वकील साहब केस तो आपको लडना ही पडेगा. बाकी मैं संभाल लूंगा. द्विवेदी जी बोले - ठीक है ताऊजी. अब आप कह रहे हो तो ये भी मंजूर. पर मेरे को मालूम है कि मुकदमा आप हारोगे ही और मेरा भी नाम खराब करवाओगे. इब ताऊ किम्मै नाराज होता हुआ बोल्या - वकीळ साहब. आपका नाम क्युंकर खराब होगा? ये समझाओ. द्विवेदी जी बोले - देखो ताऊजी, मैने आज तक कोई मुकदमा नही हारा है. पर आपका तो हारना ही पडेगा. ताऊ बोला - आपने आज तक किसी ताऊ का मुकदमा लडा क्या? अब द्विवेदी जी ने सोचा - कि ये कहां से हरयाणवीं आफ़त पीछे पड गई? सो पिंड छुडाने को कह दिया नही. इब ताऊ बोल्या - इब एक बार किसी ताऊ का मुकदमा लड कर देखो आप . मुकदमा चलने लगा. बीच मे दिपावली आई. ताऊ वकील साहब के घर मिठ्ठाई लेकर पहुंचा और उनसे पूछा कि - द्विवेदी जी, आप कहो तो जज साहब के घर भी एक दो डब्बे मीठ्ठाई के दिपावली के नाम पर भिजवा दूं? द्विवेदी जी बोले - अरे ताऊजी, आप हमेशा ही उल्टी बुद्धि के काम क्यों करते हैं? ऐसा बिल्कुल भी मत करना वर्ना मैने इतनी मेहनत करके जो थोडा बहुत आपका मुकदमा सुधारा है, वो भी उम्मीद खत्म समझना. ये जज साहब बहुत कडक आदमी है.आप पक्के मे केस हार जायेंगे. आप ये मिठाई भेजने का काम बिल्कुल भी मत करना. अब कुछ समय बाद मुकदमा ताऊ जीत गया और खुशी खुशी मिठ्ठाई लेकर ताऊ पहुंच गया द्विवेदी जी के पास. और बोला - वाह द्विवेदी जी वाह. आपकी सलाह काम कर गई. मिठ्ठाई के डब्बे ने मेरा काम बना दिया. द्विवेदी जी आश्चर्य से बोले - मेरी सलाह? पर मैने तो मिठ्ठाई का डब्बा नही भेजने की सलाह दी थी आपको? ताऊ - हां आपने तो बिल्कुल यही सलाह दी थी. द्विवेदी जी - फ़िर तुमने मिठ्ठाई का डब्बा क्यों भेजा? जज नाराज नही हुआ क्या? ताउ - हुआ. बिल्कुल नाराज हुआ. और तभी तो मैं केस जीता वकील साहब. द्विवेदी जी - ताऊ सीधी तरह बताओ कि ये क्या चमत्कार किया तुमने? ताऊ - बस वकील साहब, मैने ज्यादा कुछ चमत्कार नही किया. मीठ्ठाई के टोकरे पर लिखवा दिया - आदर्णिय जज साहब को राज भाटिया की तरफ़ से सादर तुच्छ सी भेंट. और जज साहब के बंगले पर भिजवा दिया. |