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ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता -२०११ में श्री दिलीप कवठेकर

ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता -2011 में आपका हार्दिक स्वागत है. जैसा कि आपको बताया गया था कि इस प्रतियोगिता का स्विमिंग शूट टेस्ट रामप्यारे ने ताऊ सिटी बीच पर किया था. हमने उससे इस टेस्ट की विडियो रिपोर्टिंग मांगी तो उसने कहा कि वो विडियो सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नही किया जा सकता.

सभी भौजियों ने बिकिनी टेस्ट में जरूरत से ज्यादा अडल्टाना प्रदर्शन किया, खासकर समीरा टेढी, सतीशा भौजी और रजिया भौजी ने अडल्टाना प्रदर्शन के सारे रिकार्ड तोड डाले. सभी भौजियों को यह लग गया था कि बिकिनी टेस्ट के सहारे ही यह ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता जीती जा सकती है सो खरबूजे को देखकर बाकी की खरबूजा भौजियों ने भी रंग बदलते हुये बहुत ही अडल्टाना व्यवहार और प्रदर्शन किया जिसे हम सार्वजनिक नही कर सकते.

अगर किसी को इस बिकिनी टेस्ट के रशेज देखने हों तो वो अपना वयस्क होने का प्रमाण पत्र भेजकर निजी रूप से यह विडियो प्राप्त कर सकता है.

अब ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता में अगला चरण भौजियों की सुंदरता परखने के बाद उनकी कला को परखने का है, इसमे आज आपको दिलीपा भौजी का गायन सुनवा रहे हैं. हम आपको बतादें की अभी दिलीपा भौजी जरूरी काम से मिश्र (Egypt) में हैं तो उनका अभी बिकिनी टेस्ट होना भी बाकी है परंतु आन लाईन गायन टेस्ट उन्होने इजिप्ट से दे दिया है. तो आईये दिलीपा भौजी, अपना गायन सुनाईये.



प्यारे यानि कि रामप्यारे जी, प्यारे प्यारे देवरों और देवरानियों, आप सबको मेरा यानि दिलीपा भौजी का इजिप्ट से सीधे नमस्कार, एक होली गीत वर्तमान संदर्भ में पेश कर रही हूं, आशा है आप पसंद करेंगे और मेरे लिये ताऊ को ज्यादा से ज्यादा एस एम एस भेजकर मुझे ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता जीतने का मौका प्रदान करेंगे.




धन बरसे मैली चदरिया रे धन बरसे
धन बरसे मैली चदरिया रे धन बरसे

अरे कितने करे घोटाले
अरे कितने करे घोटाले तोहरे राज में राजा
अरे हंसना रे कलमडिया...

अरे और भी बहुत है भाई...
धन बरसे मैली चदरिया रे धन बरसे
धन बरसे मैली चदरिया रे धन बरसे

एशियन गेम्स का बीडा उठाया
अरे एशियन गेम्स का बीडा उठाया

अरे एशियन खेलों का भैया...

एशियन गेम्स का बीडा उठाया
अरे एशियन गेम्स का बीडा उठाया
चाबे करोडों कल्माडी पी.एम. तरसे धन बरसे..
धन बरसे मैली चदरिया रे धन बरसे

ओ धन बरसे...
एशियन गेम्स का बीडा उठाया
अरे एशियन गेम्स का बीडा उठाया

स्पेक्ट्रम घोटाले का सेज बिछाया
अरे स्पेक्ट्रम घोटाले का
स्पेक्ट्रम घोटाले का सेज बिछाया
सोये मिनिस्टर राजा पी.एम. तरसे, धन बरसे
ओ धन बरसे... पी.एम. तरसे धन बरसे..
धन बरसे मैली चदरिया रे धन बरसे

होली है भैया...अरे होली है भैया.

दिलीप कवठेकर (इजिप्ट से)

ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता - 2011 शुरू

होली साल में एक बार ही आती है. इसके जाते ही "फ़िर वही रामदयाल और वही गधेडी" बचा रह जाता है. हमारे कहने का मतलब है कि होली पर्व भी जीवन का एक चक्र है. हमारे शास्त्रों में ध्यान की जो प्रक्रियाएं बताई गई है उसमे स्व से मिलन की एक प्रक्रिया स्थूल से सुक्ष्म की तरफ़ लौटना भी है. और अगर किसी ने इसका अभ्यास किया हो तो यह बडे काम की चीज है. शायद इस तथ्य को श्री राकेश कुमार जी ज्यादा अच्छे तरीके से समझा सकेंगे.

इसी प्रक्रिया के तहत अगर हम होली को साल के एक मास की बजाये मास में एक दिन पर ले आयें, फ़िर एक दिन यानि चौबीस घंटे में से एक घंटे पर ले आयें तो चमत्कार घटित हो सकता है. और रोज होली मनाई जा सकती है. जीवन की इतनी भागदौड और आपाधापी में हम तो एक दिन में ये एक घंटा आराम से निकाल लेते हैं और रोज होलियाना मूड में रहते हैं. भले ही इसकी कीमत हमें दो चार लठ्ठ खाकर चुकाना पडती है. और यूं भी श्री प्रवीण पाण्डेय ने घोषित कर ही दिया है कि पिटना भी भाग्य बढ़ाता है सो भाईयो आप भी राज भाटिया से लठ्ठ मंगाकर भौजाईयों को यानि अपनी अपनी लुगाईयों को पकडा दिजिये और रोज होली मना कर, उनसे पिट कर अपना भाग्य बढवाते रहिये. इसमें हर्ज भी क्या है? आपका भाग्य बढेगा, भौजाईयों का अहम संतुष्ट होगा कि सदियों से उन पर होते आये अत्याचार का बदला चुक रहा है और घर में शांति भी बनी रहेगी.

वैसे ये होली (हास्य) के किटाणु सभी के अंदर चौबीसों घंटे ही मौजूद रहते है पर कुछ सज्जन या दुर्जन लोग जबरदस्ती मुंह फ़ुलाकर ऊपर से गंभीरता का मुल्लम्मा चढा लेते हैं जैसे सारे दुनियां जहान को उन्हीं को चलाना है. हमारे बारे में भी लोग यहां वहां कहते फ़िरते हैं कि जब देखो...हा..हा..ठी..ठी..करता रहता है. जानवरों के साथ रहते रहते, ताई के लठ्ठों से पिट पिट कर, भाग्य बढवा कर ताऊ भी जानवर जैसा ही हो गया है. उसे शर्म भी नही आती.

पर भाईयों और भौजाईयो...कसम खुदा कि..हम इतने जंगली नही हैं. ये अलग बात है कि सुबह शाम लठ्ठ से पिट पिट कर हमारी बुद्धि कुछ कुंद और निर्मल जरूर हो गई है. होली की भांग कुछ ज्यादा चढ गई थी. ताई के लठ्ठों से भी नही उतरी. आराम से घर में पडे थे. पर रिश्तेदारी की एक उम्रदराज अम्मा जी काफ़ी लंबी बीमारी के बाद देवलोक गमन कर गई और उनकी शवयात्रा में जाना जरूरी था. सो चले गये. आप जानते ही हैं कि श्मसान में श्मसान वैराज्ञ तो हर किसी को व्यापत होता है फ़िर ताऊ क्या चीज है.

दाह संस्कार से वापसी में लौटते हुये :-

मेरे आगे आगे एक टिरिक का बच्चा (आटो) जा रिया था
पीछे पीछे मैं वैराज्ञ में डूबा श्मसान से वापस आ रिया था

ट्रक के बच्चे के पीछे लिखा था :-

कीचड से खेलोगे तो धोना भी पडेगा
करोगे अगर शादी तो रोना भी पडेगा

धतूरे के पेड़ से धतूरा ही मिलेगा
आम खाने को आम बोना भी पड़ेगा.

जो ढूंढते विकास परमाणुओं के खेल में
उन्हें जिन्दगी के नाम को खोना भी पडेगा

जो तानते रहें हैं जंगल कांक्रिट के उनको
भूकंप और सुनामी के साये में सोना भी पड़ेगा

समझायें चलो आज इन सिरफिरे आकाओं को
करनी का असर हर हाल में ढोना भी पड़ेगा

घर पहुंचते २ मन उदास होगया, मन में आया कि पता नही कब हमारा देश भी जापान हो जाये, क्योंकि हमने भी पूरा इंतजाम विनाश का कर रखा है सो क्यों ना इस क्षण भंगुर संसार में जब तक अपना जीवन है उसमे होली मनाते रहे?

भैस के केडे को कंघा चोटी करके स्कूल भेजने के लिये तैयार करती ताई

इधर होली बीती थी कि ताई थोडी होलियाना मूड से बाहर निकली, घर बार की सुध आई, भैंसों को चारा पानी भी ठीक से नही दिया गया था सो उसने भैंसो को चारा पानी दिया. इधर हमारी भैंस (जिसने भागकर यमराज के झौठे से शादी करली थी) का केडा (भैंस का बच्चा) भी पूरी तरह होली के मूड मे था. अभी तक स्कूल की छुट्टियां थी और आज स्कूल भी खुल गये थे पर वो स्कूल जाने को तैयार नही हो रहा था. ताई ने उसको जैसे तैसे नहला धुलाकर स्कूल के लिये तैयार किया तो पसर गया कि स्कूल नही जाऊंगा. पर ताई के आगे उसकी एक नही चली, आखिर उसकी कंघा चोटी करके उसको स्कूल बस में बैठा ही दिया.

"ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता" के लिये "ताऊ सीटी" पहूंच चुकी ब्लाग भौजियों का एक ग्रुप फ़ोटो

हमने नहा धोकर खा पीकर कुछ विश्राम किया और हल्की सी नींद लगी ही थी कि रामप्यारे आकर धमक गया और बोला - ताऊ, वो ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता के लिये बहुत सी उम्मीदवार ताऊ सीटी बीच पर पहुंच चुकी हैं और बिकनी व स्विंमिग शूट टेस्ट मैने ले कर नंबर दे दिये है. आगे अब रैंप पर परेड आप देख लो और नंबर दे दो फ़िर इस साल की ब्लाग भौजी सुंदरी - 2011 के नाम की घोषणा कर देते हैं. आप चलकर तैयारी भी देख लिजिये. सो हम रामप्यारे के साथ ताऊ सीटी में पहूंचे और सभी ब्लाग भौजियों से परिचय प्राप्त किया, उनमें राजीवा भौजी तो इतनी लंबी थी कि कैमरे के फ़्रेम में भी नही आरही थी. किसी तरह एडजस्ट करके रामप्यारे ने एक यादगार फ़ोटो लिया.

दराल भौजी, सतीशा भौजी और रजिया भौजी किसी षडयंत्र की जुगाड में

वहां ब्लाग भौजियों से परिचय प्राप्त करने के बाद हम लौटने लगे तो हमने एक कोने में दराल भौजी, सतीशा भौजी और रजिया भौजी को कुछ गुफ़्तगू करते पाया, हमें लगता है कि ये तीनों मिलकर ब्लाग भौजी सुंदरी एवार्ड - 2011 जीतने के लिये कुछ षडयंत्र कर रही हैं. अब आगे क्या हुआ? और कौन कौन सी ब्लाग भौजियां आई? रैंप पर किसका पल्लू खिसका? और मुद्दे की बात यह कि किसने जीता ब्लाग भौजी सुंदरी एवार्ड - 2011... ये सब अगले अंक में पढिये.