प्रिय भाईयो, बहणों और बेटियो, सबनै ताऊ की तरफ़ तैं घणी रामराम. आज की ये पोस्ट ताऊ पहेली के बारे मे है.
आप लोगो ने इस पहेली प्रतियोगिता को काफ़ी पसंद किया है और हम आपके प्रेम से अभिभूत हैं. इस आयोजन को हम उत्कृष्ट आयोजन बनाना चाहते हैं हर दृष्टि से.
जब ये पहेली का आयोजन प्रथम बार हमने किया था तब सिर्फ़ एक प्रयोग ही था और उस सफ़ल आयोजन ने ही हमको यह हिम्मत दी कि इसको एक व्यवस्थित रुप दिया जाये.
प्रथम बार के टेस्ट आयोजन के बाद हम कुल ५ पहेलियां आयोजित कर चुके हैं. उनका सम्पुर्ण विवरण हमारे साथ उपलब्ध है कि किस किसने भाग लिया, कौन से न्म्बर पर आकर जवाब दिया, और कितने मार्क्स प्राप्त किये?
आप सबके प्रेम, आशिर्वाद और सहयोग से हम इस आयोजन को सर्व श्रेष्ठ बना देना चाहते हैं और आशा करते हैं कि जल्दी ही कोई इस पहेली का विजेता बने. हम फ़िर कह रहे हैं कि आप सही जवाब के साथ भाग अवश्य लिजिये. बाद मे ये अंक आपके बहुत काम आने वाले हैं.
इस पहेली कि एक और विशेषता हो गई है कि अगर आपने एक भी गलत जवाब दिया या अनुपस्थित रहे तो आपके पीछे वाला आपसे उपर आ जायेगा. आप इसको महसूस करते ही होंगे, बस रेग्युलर जवाब दिजिये.
अभी तक की मजेदार स्थिति देखिये :- प्रथम तीन स्थानो पर क्रमश: शुभम आर्य (४९६), सु अल्पना वर्मा (४७८) और श्री विवेक सिंह (४७८) पर चल रहे हैं. इनमे से किसी का भी गलत जवाब या अनुपस्थिति अब नीचे वाले की जिन्दगी है. यानि सिनेमा वाला खेल हो गया. इनको हर हाल मे अपनी स्थिति बनाये रखने के लिये सही जवाब के साथ, और जल्दी से जल्दी नियमित इस पहेली का जवाब देना है.
शुभम के पास अभी अगली पहेली मे २०वें नम्बर तक का कुशन है पर सु.अल्पना वर्माजी और विवेकसिंह जी मे बडा कशमकश का मुकाबला हो गया है. अगर पहेली नम्बर ६ मे सु. अल्पना जी सही जवाब मे विवेकसिंह जी से ४ नम्बर बाद आई तो वो तीसरे स्थान पर होंगी और विवेक जी दुसरे पर.
यही स्थिति दुसरे ग्रुप बनते जा रहे श्री रंजन (३८४), स्मार्ट इंडियन (३८१) , प्रकाश गोविंद (३५७), pt.डी.के.शर्मा "वत्स" (३५७), और प्रवीण त्रिवेदी जी (३३४) के बीच बन गई है.
और तीसरा ग्रुप कुछ युं उभर रहा है, वरुण जयसवाल (२९१), ऊडनतश्तरी (२८०), P.N.Subramanian (277), दिपक तिवारी साहब ( 273 ), और सु. सीमा गुप्ता (२७०) इनमे कांटे की टक्कर चल रही है.
ताऊ पहेली नम्बर ६ का प्रकाशन शनीवार २४ जनवरी को सुबह ७ बजे होगा. कृपया ध्यान रखिये.
एक सुझाव आया था कि पहेली के उपर आई टीपणियां रिजल्ट डिक्लेयर करने के साथ ही प्रकाशित की जायें. आपकी इस बारे मे क्या राय है?
हमारी नजर मे इससे पहेली की रोचकता समाप्त होगी क्योंकि कई ब्लागर्स यहां टीपणीयों की रोचकता के लिये ही आते हैं और उनकी रोचक टीपणियां सबको आनन्द देती हैं.
इस बारे मे आपके विचार जानना बहुत जरुरी है. अगर आपके विचार नही मिले तो एक सदस्यीय निरणायक मण्डल को जो उचित लगेगा वही किया जायेगा.
और अब अंत मे आपको बता दे कि निम्न लोगों ने अब तक प्रथम स्थान पर इन पहेलियो मे विजय प्राप्त की है.
ताऊ पहेली न.१ के विजेता श्री. स्मार्ट ईंडियन
ताऊ पहेली न.२ के विजेता श्री. शुभम आर्य
ताऊ पहेली न.३ के विजेता श्री विवेक सिंह
ताऊ पहेली न.४ के विजेता श्री उडनतश्तरी
ताऊ पहेली न. ५ के विजेता श्री शुभम आर्य
और याद रखिये कि सर्वोच्च अंको का इनाम तो एक लाजवाब प्रमाण-पत्र है जो सबसे आखिर मे दिया जायेगा, इसके पहले अगर कोई प्रतियोगी हेट्रिक कर लेता है तो उसे भी एक शानदार ताऊ पहेली विजेता का प्रमाण पत्र दिया जायेगा. अथवा किसी भी क्रम पर ५ बार प्रथम स्थान के विजेता को यह सम्मान प्रदान किया जायेगा.
आपके कीमती सुझावों का हम स्वागत करते हैं.
| इब खूंटे पै पढो :- राज भाटिया साहब ने ताऊ को कहा - ताऊ तेरे से कोई भी काम ठीक ढंग से नही होता. धन्धा व्यापार करना तेरे बस का नही. नौकरी करने लायक तू पढा लिखा नही है सो एक काम कर तू लोगो को भविष्य बताने का काम शुरु कर दे. ताऊ : लो बोलो, मुझे मेरा भविष्य नही मालुम? लोगो को क्या बताऊंगा? राज भाटिया जी : अरे बावलीबूच ताऊ. तू समझता कोनी? भविष्य तो तोता बतायेगा, बस तू तो कहीं से एक ट्रेंड तोता खरीद के ले आ और रोड किनारे लेकर बैठ जाना, शाम तक अच्छी कमाई हो जायेगी. इब ताऊ को किसी ने बताया कि दिल्ली मे अच्छे तोते मिलते हैं, सारे भारत से आकर वहां संसद मे इकठ्ठे होते हैं, सो ताऊ ने सु.सीमाजी को फ़ोन लगाया कि सीमा जी मन्नै एक तोता खरीद के भिजवा दो. सीमाजी ने पूछा कि ताऊ तोते का क्या करोगे? अब ये नया कौन सा धन्धा शुरु करने का विचार है? ताऊ : जी, सीमा जी, अब मैं भविष्य बताने का धंधा शुरु करुंगा. और भाटिया जी वाली पूरी बात बताई. इस पर सीमा जी ने सलाह दी की ताऊ ये संसद वाले तोते तो सारा माल खुद ही जीम जायेंगे, आपको क्या मिलेगा? आप तो इस काम के लिये पानीपत से तोता खरीद लो. योगिंद्र मोदगिलजी आजकल तोते बेचने का साईड बिजनैस भी करते हैं. इब ताऊ सीधे योगिंद्र मोदगिलजी के पास पहुंच गया और मोदगिल जी तोते बेचने वाली दुकान पर ही बैठे थे. उन्होने अनेक तरह के तोते दिखाये, कार्ड निकालू तोता, आशिर्वाद देने वाला तोता ..आदि आदि... पर ताऊ को उनमे सबमें कमी नजर आई. मोदगिल जी : देख ताऊ तू असली बात बता. ज्योतिषी लोगो के ट्रेंड तोते जितने थे मेरे पास मे, वो सब तेरे को दिखा चुका हूं. ताऊ : अरे भाई नाराज मत हो कविराज, सही बात ये है कि मुझे ज्योतिष की पूंछडी भी आवै कोनी और यो भाटिया जी मन्नै कहवै कि तोते से ज्योतिष पढवा और मेरे पिस्से कमा कर वापस कर. सो मन्नै कोई ऐसा तोता बता दे जो खुद ही भविष्य बता दे और खुद ही उपाय भी बतादे. और नोट गिनने का काम मैं करता रहूं. योगिन्द्र जी : अरे तो ताऊ पहले बताना था ना. मेरे पास तो इस काम के एक्सपर्ट तोते हैं. देख ये एक तोता है. सबसे उम्दा किस्म का, ये लेजा. ताऊ : पर भाइ इससे मैं भविष्य पढवाऊंगा कैसे? मोदगिलजी : देख ताऊ, इस तोते की दोनो टांगों मे ना दिखाई देने धागे बांध रखें हैं. और इसको मैने फ़ुल ट्रेनिंग दे रखी है कि जब तुम इसकी दाहिनी टांग का धागा खींचोगे तो यह सामने बैठे आदमी का भविष्य अपने आप पढ कर सुनायेगा और जब तुम इसकी बांयी टांग का धागा खींचोगे तो ये उसको उपाय बतायेगा और तुमको २१०० रुपये की दक्षिणा दिलवायेगा. अब पिस्से काढ और इसको ले जा फ़टा फ़ट. इब ताऊ तो ठहरा ठेठ ताऊ सो उसने पूछा : भाई अगर गलती से मैने इसकी दोनो टांगो के धागे एक साथ खींच दिये तब यह क्या करेगा? इस पर वो तोता बोला - अबे उल्लू के पठ्ठे, अगर दोनो धागे एक साथ खींच देगा तो मैं गिर नही जाऊंगा? |