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कैटी भाभी से चुपके चुपके शादी करली? दगाबाज कहीं के!

अभी परसों की बात है. मैं बैठा अपना काम निपटा रहा था कि तीन चार युवक आगये और ताऊ हाय हाय के नारे लगाने लगे. मैं माजरा कुछ भांप नही पाया...अब अंजान माजरा..अंजान युवक...और वो भी आजकल के ..जो पता नही क्या से क्या कर दें...सो मैने अपने अपने लठ्ठ को तो मेज के नीचे खिसका दिया और उनको बडे प्रेम से बैठने का निवेदन किया.


उनमे से एक नटखट से दिखने वाले युवक ने आंखे दिखाते हुये कहा - ताऊ तुम्हारी ये हिम्मत कैसे हुई? क्या समझूं मैं इसको?

अब मुझे यकीन हो गया कि ये मोर्चा सीधा मेरे ही खिलाफ़ है क्योंकि सीधे ताऊ से संबोधन किया गया था.

मैने माजरा भांपते हुये पूछा - यार आप लोग शांति से बात चीत करो..और ये बताओ कि तुम कौन हो? और कहां से आये हो?

अब वही तेवर वाला बच्चा बोला - हम सलमान खान मित्र मंडल के सदस्य हैं.

तब मैने कहा कि भाई वो तो बहुत ही बढिया एक्टर है और हमको भी उसकी फ़िल्मों का बडा चस्का है, कौन सी फ़िल्म लगने वाली है उसकी आजकल?

बस हमारा इतना पूछना था कि वे युवक तो आंखे लाल लाल करके तरेरने लगे. हम डर गये. और कुछ पूछते उसके पहले ही उनके नेता से लगने वाले युवक ने कहा - ताऊ, ज्यादा भोले मत बनो? ऐसा काम करते हुये तुमको शर्म नही आई?

अब हमको भी अपना हनुमान रुप याद आगया . हमने कहा - देख बच्चे, इतनी देर से हम तुमको झेले जारहे हैं. अब सीधे से बता तेरे पेट मे दर्द क्या है? वर्ना अब बहुत हो चुका है. बहुत देर से झेल रिया हूं तेरे को.


तब वो बोला - अच्छा हमको आंखे दिखा रहे हो? अरे तुमने कैटी भाभी से चुपके चुपके शादी करली?

मैने पूछा : अब ये कैटी कौन आगई?

तब वो बोला - ज्यादा बनो मत ताऊ. एकदम गुपचुप में... सलमान भिया को खबर भी नही लगने दी? दगाबाज कहीं के? सलमान हमारे शहर के भिया हैं. कटरीना इस शहर के सभी युवकों की होने वाली भाभी थी. अब सलमान भिया का क्या होगा?

हमने सोचा कि ये बालक फ़ुरसतियाजी के भेजे हुये दिखते हैं जो उन्होने हमारी मौज लेने के लिये ही भेजे होंगे...काहे से कि पिछली बार उन्होनें सार्वजनिक रुप से रामप्यारी की पोल खोल दी थी, सो इस बार सोचा होगा की हजारवीं पोस्ट मे मौज लेने के बजाये इन तीखे बालकों द्वारा ही मौज ली जाये?

सो हमने भी मौज लेने के लहजे मे कहा कि यार इसमे क्या दिक्कत है? अब हम भी कौन से रोहतकी रह गये भिया? हम भी तुम्हारे शहर के ही हैं अब तो? वो अब भी रहेगी तो तुम्हारे शहर की बहु ही? हां फ़र्क सिर्फ़ इतना पडेगा कि अब तुम उसको भाभी की जगह ताई कह लेना.

बस हमारा इतना कहना था कि एक काला सा चश्मा लगाये बालक ने आगे आकर हमारा गिरेबान पकडने की कोशीश करते हुये कहा - ताऊ ज्यादा बातें मत बनाओ ..तुमको इसकी सजा भुगतनी पडेगी...और ताऊ हाय हाय..ताऊ हाय .. हाय..के नारे बुलंद करने लगा. उसकी देखा देखी बाकी बालक भी शुरु होगये.

अब हम थोडा गंभीर हुये और कहा की ओये हीरो...ताऊ की बेइज्जती की बेइज्जत्ती करने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई? शर्म नही आवै के तन्नै ? ताऊ जैसे शरीफ़ इंसान पर इस तरह के अनैतिक और अमौलिक आरोप लगाते हुये? अरे कुछ तो सार्थकता की बाते करो कभी?

अब वो गुस्से में आकर बोला - ओये ताऊ...ले ये देख तेरी और कटरीना की शादी का मैरीज सर्टीफ़िकेट...कल से टी.वी. पर देख देख के खून जला रहे थे...अब जाकर ये सबूत हाथ आया है... और उसने उस मैरिज सर्टीफ़िकेट की फ़ोटोकापी हमारे मुंह पर दे मारी.

सही बताते हैं..हमारी तो उपर की सांस नीचे और नीचे की सांस ऊपर चढ गई जबकि लोगों की सांस वहीं अटक जाती है. और आप यकीन मानिये हमारी हालत ऐसी होगई कि ये धरती माता बस फ़टे नही वरना हमको खाम्खाह इसमें समाना पडेगा.

हमने मेरिज सर्टीफ़िकेट देखा...और अब हाथ कंगन को आरसी क्या और पढे लिखे को फ़ारसी क्या?

इतनी ही देर मे एक और युवक बोला - लो देखो इस चाचा राहुल गांधी ने भी हमारे ही शहर की लडकी कलाबाई से चुपचाप शादी करली. किसी को बताया नही. और ताऊ हाय..हाय...के नारे बुलंद होने लगे.


इतने मे एक और ७/८ बालकों का झुंड हाथों मे बैनर लिये आगया ...बैनरों पर लिखा था ताऊ - चाचा मुर्दाबाद..मुर्दाबाद... उनको देखकर इस चश्माधारी की और हिम्मत बढी..और जोर से नारा लगाया..ताऊ - चाचा मुर्दाबाद...

हमने जैसे ही ताऊ के साथ चच्चा का नाम सुना..हमारे कान खडे होगये. हमने उस चश्माधारी से कहा - देख बे चश्में.. तू ताऊ को चाहे जितनी गालियां देले..तेरे सब गुनाह माफ़ हैं..पर मेरे बाप..तू मुझे बख्श...क्यों इस चच्चा नाम की बला को मेरे गले डलवा रहा है? ये ताऊ तो बावलीबूच है..तुम्हारी गालियां खाकर भी अंजान बना हुआ है. पर तेरे हाथ जोडूं..मेरे को इस चचा से दूर रख...ये तेरा चाचा है..इसे तू अपने घर ही रख और बैनर से या तो चाचा का नाम हटा या ताऊ का नाम हटा.

इतनी देर मे एक और जत्था हाय हाय करता आगया...

असली खबर यहां पढ लिजिये..

क्या जमाना आगया? हे धरती माता तू फ़ट जाये और मैं उसमे ना समाऊं.

इब खूंटे पै पढो :-

इट्स वैरी सिंपल ..यू..नो..?



उपरोक्त खबर का ताऊ के स्वास्थ्य पर बडा विपरीत असर पडा. ताऊ बीमार पड गया. ब्लाग पोस्ट लिखनी पहले ही कम हो चुकी थी अब वो भी बंद होने की नौबत आगई. लोग बाग हाल पूछने आने लगे. राज भाटिया जी, रतनसिंह शेखावत जी भी समझा गये पर ताऊ की हालत सुधरने की बजाये गिरती गई.

कल अरविंद मिश्राजी ने भी फ़ोन करके हाल चाल पूछे और समझाया कि ताऊ ये सब तो ताऊगिरी याने नेतागिरी में चलता ही रहता है. काहे बात को दिल पर लेते हो?

इतने दिनों से गायब आशीष खंडेलवाल जी को खबर लगी तो वो भी आगये. और उन्होने जो हालचाल देखे तो तुरंत उडनतश्तरी को फ़ोन किया कि ताऊ की हालत बहुत खराब है. अगर अंतिम दर्शन करने हों तो तुरंत आजाईये.

अगले ही दिन आने के पहले ही समीर जी का फ़ोन आगया और बोले - ताऊ हिम्मत मत हारो. मैं जल्दी ही आरहा हूं. डाँ. झटका मेरा दोस्त है. उससे बात होगई है. उसको दिखाकर दवा लेलो. तुरंत ठीक हो जावोगे.

समीर जी की बात ताऊ टालता नही है सो डाँ. झटका के अस्पताल मे पहुंच गया. वहां डाँ. झटका ने ताऊ को एक्जामिन किया और दो सफ़ेद पुडिया पकडाते हुये कहा कि ताऊ रात को सोते समय यह दोनों पुडिया गर्म पानी से लेलेना सुबह तक एकदम झन्नाट हो जावोगे.

ताऊ बोला - वो ठीक है डाक्टर साहब, पर एक समस्या और है कि मेरे घर पर चूहे बहुत होरहे हैं और उनकी खटपट से मुझे ठीक से नींद भी नही आती.

तो डाँ. झटका ने वैसी ही दो सफ़ेद पुडिया ताऊ को और पकडा दी कि इनको एक कटोरे पानी मे घोलकर कमरे मे
रख देना सुबह तक सब चूहे साफ़ हो जायेंगे. ताऊ ने पहली वाली दो पुडियों के साथ ही इनको भी रख लिया और घर आगया.

रात को सोते समय पुडिया लेने की बात याद आई तो समस्या खडी होगई कि अब कौन सी पुडिया खुद लेनी है और कौन सी पुडिया चूहों के लिये है. पुडिया चारों एक जैसी थी. ताऊ ने डाँ. झटका को फ़ोन लगाया और पूछा कि - डागदर साहब..ये चारों पुडिया एक जैसी हैं..मुझे कौन सी लेनी है? और चूहों को कौन सी देनी है?

डाँ. झटका बोला - अरे ताऊ, इसमे पूछने वाली क्या बात है? कोई सी भी दो पुडिया ले लिजिये.

ताऊ को अब किम्मै छोह (गुस्सा) सा आगया और बोला - अरे बावलीबूच डागदर...तू के मन्नै मारने की सोच राखी सै ? सीधी तरियां बता कि मेरी पुडिया कौण सी सै?

डाँ. झटका - अरे ताऊ तैं भी नाराज होण लागरया सै? नू कर..कोई सी भी दो पुडिया खाले..सबेरे यदि तैं जिंदा बच ज्यावै तो समझ लिये की, बाकी की बची दो पुडिया चूहों के लिये है. इट्स वैरी सिंपल ..यू..नो..?