और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.
बिहार राज्य के बारे में विस्तार से आप पहले की पोस्ट में पढ़ चुके हैं.आज इसी राज्य के राजगीर लिए चलते हैं.यह क्षेत्र नालंदा जिले में स्थित है और इस का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है.यह मगध की राजधानी थी और उस समय इस का नाम राजगृह था. यहीं पर भीम ने जरासंध का वध किया था.यहाँ के मकर और मलमास मेले भी बहुत प्रसिद्ध हैं.अग्नि पुराण एवं वायु पुराण आदि के अनुसार इस मलमास अवधि में सभी देवी देवता यहां आकर वास करते हैं.
सोन भण्डार ,राजगीर [बिहार]
मुख्य पहेली के चित्र में सोन भण्डार गुफा दिखाई गयी थी.किसी समय यह भिक्षुओं के रहने का उत्कृष्ट और भव्य स्थान हुआ करता था.इस गुफा का ऐतिहासिक और पुरातत्व महत्व है.यह बिहार आने वाले पर्यटकों में लोकप्रिय है.
निर्माण काल [तीसरी या चौथी सदी?] निश्चित नहीं है.
वैभव गिरी पहाड़ी के दक्षिण में बनी इस गुफा में दो कमरे हैं,एक मत अनुसार ये दो गुफाएं हैं.हम इन्हें एक गुफा के दो कमरे समझते हुए विवरण दे रहे हैं.ये दोनों कमरे पत्थर की एक चट्टान से बंद हैं.पहला कमरा सुरक्षा कर्मियों /गार्ड का कमरा माना जाता है.दूसरे कमरे में स्वर्ण भडार है जो की कुछ लोगों द्वारा राजा बिम्बसार का खजाना बताया जाता है.अजातशत्रु के पिता बिम्बिसार की जेल के अवशेष पास ही मिले हैं जिससे इस मत को अधिक पुष्टि मिली है. जबकि कुछ अन्य लोगों का विश्वास है कि यह खजाना जरासंध का है.
इस खजाने का दरवाजा आज तक कोई खोल नहीं पाया है ,गुफा की एक दीवार पर 'शंख लिपि में लिखा सीक्रेट कोड इस का पासवर्ड है. खजाने के रहस्यमयी दरवाजे के ऊपर काला निशान दिखाई देगा जो कि तोप के गोले का है ,यह ब्रितानी हुकूमत में अंग्रेजी सरकार द्वारा इसे तोड़ने के प्रयास का एक प्रमाण है.
पूर्वी गुफा कुछ नष्ट हो चुकी है.आगे का हिस्सा टूट चुका है.दक्षिणी दीवार पर ६ जैन तीर्थंकरों के चित्र भी खुदे हुए हैं.जो गुफा पूरी निर्मित होने के बाद अंकित किये गए माने जाते हैं.
राजगीर बौद्ध धर्म का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है ही,हिन्दू और जैन धर्म के कई मंदिर भी हैं.ज्ञात हो कि राजगीर के आस-पास की पहाडियों पर 26 जैन मंदिर बने हुए हैं.जहाँ पहुंचना आसान नहीं है.
सोन गुफा के अतिरिक्त आप यहां पर गृद्धकूट पहाड़ी, अजातशत्रु का किला-,पिप्पली गुफा[इसी गुफा में बौद्ध गुरु महाकश्यप कई बार ठहरे थे], वेणुवन, जीवककरम मठ, तपोधर्म, सप्तपर्णी गुफा, जरासंध का अखाड़ा, बिंबिसार का जेल, शांतिस्तूप,वैभव पहाड़ी के किनारे गर्म पानी का झरना आदि देख सकते हैं.
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श्री प्रकाश गोविंद अंक 101 |
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श्री पी.एन.सुब्रमनियन अंक 100 |
| सुश्री सीमा गुप्ता अंक 99 |
| श्री Chandra Prakash अंक 98 |
| श्री उडनतश्तरी अंक 97 |
प. श्री. डी. के. शर्मा “वत्स” अंक 96 |
| Dr.Ajmal Khan अंक 95 |
| श्री Darshan Lal Baweja अंक 94 |
![]() डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक, श्री M VERMA सुश्री सीमा गुप्ता श्री प्रकाश गोविंद Dr.Ajmal Khan श्री सुज्ञ श्री गगन शर्मा श्री मनोज कुमार अभिषेक ओझा, इसके अलावा श्री दर्शनलाल बावेजा का भी सही जवाब आया जो कि त्रुटीवश छूट गया था. आपको भी २० अंक दिये गये हैं. यह सुधार इस पोस्ट मे तारीख १२ जुलाई २०१० को रात्रि ९:०५ मिनट पर किया गया.अब अगले शनिवार को फ़िर यहीं मिलेंगे. तब तक जयराम जी की! |
अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.
सुश्री निर्मला कपिला
jandunia
श्री राम त्यागी
श्री ललित शर्मा
श्री तारकेश्वर गिरी
सुश्री अंजना
श्री नीरज गोस्वामी
सुश्री अर्चना
श्री रतनसिंह शेखावत
श्री नरेश सिंह राठौड
श्री राज भाटिया
श्री काजलकुमार,
श्री अजय कुमार झा
श्री दिगम्बर नासवा
श्री महेंद्र मिश्र
अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!
आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !
ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.
