माननिय भाईयों, बहणों और बेटियो सबनै ताऊ की तरफ़ तैं रविवार सबेरे की रामराम ! आज कल आप लोग नये साल के जोश मे डूबे हुये होंगे , और उसी जोश खरोश से आपने इस पहेली मे भाग लिया है उससे हमारा उत्साह वर्धन हुआ है !
आज छुट्टी के दिन आराम करो और घूमो फ़िरो यानी मजे करो पर उसतैं पहलम यो शनीचरी पहेली - २ के रिजल्ट देखल्यो !
स्मार्ट ईन्डियन वाले अनुराग शर्मा जी आज सुबह सुबह गलत जवाब दे गये वर्ना तीसरी पहेली मे उनकी हेट्रिक का चांस बन रहा था ! देखते हैं कि कौन सबसे पहले बनाता है हेट्रिक ? तो आईये रिजल्ट की तरफ़ बढते हैं ! :
आज का पहला सही जवाब अंक १०१ के साथ हैं : शुभम आर्य |यह सूर्य मन्दिर ही है कोणार्क का
दुसरे पर हैं अंक १०० के साथ : varun jaiswal यह उड़ीसा के पुरी जिले में कोणार्क तहसील में स्थित है | काले ग्रेनाइट से बने इस मन्दिर को नरसिंहवर्मन द्वितीय ने बनवाया था |
तीसरे पर हैं अंक ९९ के साथ : विनय
कोणार्क सूर्य मन्दिर!
और चौथे स्थान पर हैं अंक ९८ के साथ सुश्री : अल्पना वर्माजिन्होनें इस स्मारक के बारे मे लाजवाब जानकारी मुहैया करवाई ! देखिये उन्ही के शब्दों मे !
--यह कोणार्क का सूर्य मंदिर है.
कोणार्क, पुरी के उत्तर में लगभग 33 कि.मी. और भुवनेश्वर से 64 कि.मी. दूर समुद्र-तट के किनारे स्थित है।
-कोणार्क का सूर्य मंदिर-1200 कामगारों का कौशल और निपुणता, सोलह वर्ष का लंबा समय, और पत्थरों पर उकेरी गई कविता है , मंदिर का आकार चौबीस पहियों वाले रथ का है, जिसे सात घोड़े खींच रहे हैं। यह मंदिर एक चार मीटर ऊंचे प्लेटफार्म पर बना है, जिसके दोनों ओर बड़े-बड़े पहिये बने हैं। कुछ कहते हैं कि ये चौबीस पहिये एक दिन में चौबीस घंटों के प्रतीक हैं, अन्य कहते हैं कि ये 12 महीनों के प्रतीक हैं, जबकि कहा जाता है कि सात घोड़े सप्ताह में सात दिनों के प्रतीक हैं। सच चाहे जो भी हो, इस बात में कोई विवाद नहीं है कि यह मंदिर विश्व में शानदार वास्तुकला का सबसे अनूठा उदाहरण है। इस मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में उड़ीसा के राजा नरसिंहदेव-I ने करवाया था। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण के बारह वर्षों से लकवाग्रस्त पुत्र संबा को सूर्य देव ने ठीक किया था। इस कारण उन्होंने सूर्य देव को समर्पित इस मंदिर का निर्माण किया था।
अब पांचवें पर हैं अंक ९७ के साथ : नितिन व्यास
ताऊजी, जे तो मन्ने कोणार्क का सूर्य मंदिर दिखै है। जवाब सई होये तो आर्शीवाद और गुड की डल्ली और ना होये तो पूरा गन्ना!
( ताऊ - भाई डल्ली के , थारे को तो पूरी गुड की भेली ही दे रया सूं , गन्ने का के करैगा सर्दी म्ह ? खाम्खाह पीठ
लाल हो ज्येगी ! :) गुड खा सर्दी म्ह, ताता रहगा ! :)
और छठें स्थान पर हैं अंक ९६ के साथ Arvind Mishra
ताऊ यह कोणार्क सूर्य मन्दिर समूह का एक मंदिर है ।
और सातवें स्थान को अंक ९५ के साथ ग्रहण कर रहे हैं हमारे मस्त मौलाविवेक सिंह
ताऊ यह उडीसा में पुरी का सूर्य मन्दिर है
और आठवें पर हैं अंक ९४ के साथ हमारे पल्टु जी रंजन ताऊ, ये तो कोणार्क का सुर्य मंदिर ही है!! जीयो मेरे पल्टूराम ! बधाई !
और नौवें पर हैं अंक ९३ के साथ अन्न्दाता अशोक पाण्डेयताऊ, ये कोणार्क का सूर्य मंदिर ही है।
mera inaam taau?? :D
और ग्यारहवें पर आगये हैं अंक ९१ के साथ भ्राता दिनेशराय द्विवेदी
यह उड़ीसा स्थित सूर्य मंदिर कोणार्क ही है जी। बस आप ने तस्वीर जिस ऐंगल से ली है वह थोड़ा अनोखा है इस कारण लोग भ्रम में पड़े हैं।
१२ वें पर अंक ९० के साथ मुसाफिर जाट ताऊ रामराम,
ताऊ आज का इनाम तो मेरा पक्का. अगर तन्ने मेरी एक शर्त नी मानी तो फेर तेरी खैर कोनी. शर्त है अक टॉप ग्यारह की लिस्ट में टॉप पर रहने की. ये है कोणार्क का सूर्य मंदिर. इसे ब्लैक पैगोडा भी कहते हैं.
( इब एक नम्बर से ही पीछे किया है भाई ! क्यूं धमका कै बेईमानी करवाण लाग रया सै ? चल राजी हो ज्या इब !:)
१३ वें पर अंक ८९ के साथ हैं dhiru singh {धीरू सिंह}कोणार्क का सूर्य मन्दिर 100%
मान गए जी ताऊ की उस्तादी. हम तो इस बार द्विवेदी जी की शरण में हैं - इन्टरनेट पे बहुत से फोटो देखकर कन्फर्म कर लिया है - यह कोणार्क का सूर्य मन्दिर ही है. पहला इनाम दे दो जी शुभाम् आर्य को!
( आपका हुक्म सर आंखों पर, लो जी शुभम आर्य को आज का विजेता बना दिया और मेरिट लिस्ट मे भी २०१ अंक के साथ नम्बर -१ हो गया जी आपकी मेहरवानी से ! बालक नै शेर पछाड दिये आज तो ! :)
१५ वें पर अंक ८७ के साथ दिवाकर प्रताप सिंह
१६ वें पर अंक ८६ के साथ सुशील कुमार छौक्कर
१७ वें पर अंक ८५ के साथ Anonymous
१८ वें पर अंक ८४ के साथ पा.ना. सुब्रमणियन
१९ वें पर अंक ८३ के साथ दिगम्बर नासवा
२० वें पर अंक ८२ के साथ राज भाटिय़ा
२१ वें पर अंक ८१ के साथ रंजना [रंजू भाटिया]
२२ वें पर अंक ८० के साथ Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"
२३ वें पर अंक ७९ के साथ मोहन वशिष्ठ
२४ वें पर अंक ७८ के साथ seema gupta
२५ वें पर अंक ७७ के साथ प्रकाश गोविन्द
२६ वें पर अंक ७६ के साथ सुनीता शानू
२७ वें पर अंक ७५ के साथ pintu
२८ वें पर अंक ७४ के साथ प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर
२९ वें पर अंक ७३ के साथ नीरज गोस्वामी
और रात को १२ बजे आ रहे हैं ३० वें नम्बर पर अंक ७२ के साथ सतीश पंचम
( क्यों नही बचा जी ? देखिये पूरे के पूरे ७२ नम्बर दे रहा है ताऊ आपको ! किसी को बताना मत ! :)
अन्य महानुभाव जिन्होने भाग लिया उन सबका का अतिशय आभार ! उन के नाम इस प्रकार हैं :-
अजित वडनेरकर, Ratan Singh Shekhawat , rukka , दीपक "तिवारी साहब" ,
makrand , Anil Pusadkar, mehek, डॉ .अनुराग , cmpershad , संजय बेंगाणी ,
| अब कुछ टिपणियां :
भतीजे , आप कुछ जवाब तो दो ! फ़िर लठ्ठ से जितवा देंगे ! :)
भाई थोडा सो कर जल्दी ऊठा करो ! :)
mera comment kahan gaya taau??
भाई ताऊ डकैती लूटमार जरुर करता है पर बेईमानी और वो भी ब्लागर्स से ? ना भाई कभी नही ! :)
भाई आपका जवाब अभी खाना खाने गया है ! :)
ना जी , ऐसे गलत काम थोडे ही करेंगे ? ताऊ आखिर महा शरीफ़ आदमी है ! :) भाई क्युं ताऊ के हाड्ड कुटवाण का विचार कर राख्या सै के ? :) धन्यवाद सर जी !
सब कोनार्क के पीछे पड़े है तो हमें दुसरा सुझ नहीं रहा अतः हिटलर को चोट खाया देख मजा लिया और अब खिसक रहें है.
सर जी, आप तो सीधे हिटलर की ही मौज लेने लग रहे हो ? थोडी इधर भी खिसका देना जी ! :)
यह है कोणार्क का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर. इसे ईसवीं 13वीं शताब्दी में राजा नरसिंहदेव ने बनवाया था. अपने स्थापत्य और शिल्प के लिए यह मंदिर दुनियाभर में जाना जाता है. इसे मध्यकाल के स्थापत्य की अद्वितीय वास्तुकला का उदाहरण माना जाता है.
जो नकल नही करे वो नकली हरयाणवी नही ! आप और हम तो असली हैं तो नकल मे काहे की शर्म ? :)
पूरी भीड़ एक ही तरफ जा रही है तो हम
भाई मन्नै थारा के बिगाड राख्या सै ? जो थम ताई नै मास्टरनी बताण लाग रे हो ? भाई यो मास्टरनी जी ना सै ! यो लठ्ठ आली ताई सै !
आपका ये जवाब बिल्कुल गलत है ! ये मेरे बीबी बच्चे हैं !
सारे के सारे बहुत चलाक हैं ताऊ विकिपिडीया पर देख क आ गये किधर न पंहिये लाग रहे सं और यो सूर्य मंदिर स...सब फ़र्रे बणा क परीक्षा मै बैठ गये इब तेरी मर्जी इनाम किस नै देगा...
थम सही कह रे हो जी ! पर आप जाणो कि फ़र्रे बणाण म्ह भी मेहनत लाग्या करै सै ! सो सबकॊ पास कर दिया जी ! और आपको भी पास कर दिया !
और उस सुसरे हिटलर नै तो म्हारा फ़टुरे ऐसा खराब करया कि मेरे को वहीं सिनेमा हाल म्ह ही गोली मार दी जी ! सो मैं वहां मर कर सीधा हरयाणे म्ह आकर जनम्या था जी ! इब सुसरा हिटलर यहां मेरा के कर लेगा ? इब तो लठ्ठ और भैंस दोनो सैं जी म्हारै धौरै ! :)
हरयाणवी आपकी घणी सुथरी सै जी आपकी !
पहेलियां बूझने में सदा फिसड्डीपना ही अपने हिस्से आता रहा है। इस बार सही उत्तर जाना तो सूर्यदेव ही वाम हो गये। ईब इत्ते सारे बाहूबलियों ने सही-सही पहले ही बता दिया।
सर जी, आप जवाब तो लिखते ! यहां पोईन्ट मिलते हैं हर सही जवाब पर ! आपने शायद पुरे नियम नही पढे ? ! आज आपको भाग लेने पर एक पोईन्ट मिला है ! जबकी आपके बाद जिन्होने सही जवाब दिया है उनको ७५ पोईन्ट मिले हैं ! अत: आपसे निवेदन है कि जवाब अवश्य देवें !
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यह है कोणार्क का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर. इसे ईसवीं 13वीं शताब्दी में राजा नरसिंहदेव ने बनवाया था. अपने स्थापत्य और शिल्प के लिए यह मंदिर दुनियाभर में जाना जाता है. इसे मध्यकाल के स्थापत्य की अद्वितीय वास्तुकला का उदाहरण माना जाता है.
नीरज जी, टीपने के आपको पूरे नम्बर दिये ! आखिर ताऊ लोगो को बिगाडने के लिये ही तो अवत्रैत हुआ है ! हमने पहले ही अपने परिचय मे लिख रखा है ! आपका नाम विजेताओं की सुची मे शामिल है ! यह पोस्ट कम्पलीट कर ली गई थी ! पर आपके लिये अलग से यह कालम डाला है !
आपने जो अंत मे नकल मारी है वो बिल्कुल गलत नकल मारी है ! मैं किसी मालती मिश्रा को नही जानता ! जो लाल साडी मे है वो मेरी खुद की बीबी है यानि ताई है ! और वो बच्ची गुडिया नही है ! वो मेरी बेटी है !
अत: आपसे निवेदन है कि जवाब सुधारा जाये ! :) वर्ना मेड इन जर्मन लठ्ठ चलने की सम्भावना प्रबल दिखाई दे रही हैं !:) और ताऊ पर आपको रहम करना चाहिये ! :)
अगले शनिवार शनीचरी पहेली न.३ मे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये रामराम !
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