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पति-पत्नी

pati-patni2एक गोष्ठी और
ताऊ प्रधान वक्ता
भाषण का समय
पति पत्नी का विषय
कुछ ऐसे प्रस्तुत किए
ताऊ ने अपने सदविचार ....

"दाल भात मे
नमक हो ज्यादा
चुपचाप खाएगा

पत्नि रुठ कर
कोपभवन जा बैठीpati-patni1
पति जा मनायेगा
पति रुठा तो
बेचारा उम्र भर
रुठा ही रह जायेगा

पत्नी मौज मनायेगी
पति की जेब पर
ऐश उडाएगी

पति ने डांटा तो
पीहर चली जायेगी

सास अगर कुछ कह बैठी
बाघिन सी गुर्रायेगी
पति हो भ्रष्ट अफ़सर

छोटे भाई के नाम से
बंगला और कोठी बनवाएगी ....."


(इस रचना के दुरूस्तीकरण के लिये सुश्री सीमा गुप्ता का हार्दिक आभार!)