ताऊ पहेली - २५ के इस सिल्वर जुबिली अंक को हम अपने सेना के वीर जवानों को समर्पित कर रहे हैं जिन्होने मातृभुमी की रक्षा करते हुये अपनी जान निछावर करदी. हम उनको सलाम करते हैं और उनको याद करने की यह हमारी तुच्छ सी कोशिश है.
अब मैं आपसे विदा लेता हूं और सु. अल्पना जी को धन्यवाद देता हूं जिनकी प्रेरणा और सुझाव से हम इस अंक को हमारे बहादुर वीर जवानों को समपित कर पाये. जिनके अथक प्रयास से यह पहेली अंक इस रुप मे तैयार हुआ. मैं सु. अल्पना वर्मा से अनुरोध करता हूं कि वो इस मौके पर आपसे दो शब्द कहें.
-ताऊ रामपुरिया
ताऊ पहेली के इस सिल्वर जुबिली मौके पर आपसे बात करते हुये मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है. जैसा कि आप जानते हैं कि ताऊ पहेली नाम मात्र की पहेली नही है बल्कि ये एक हमारी छोटी सी कोशिश है अपने अतीत और अपनी धरोहरों को जानने की.
इन पहेलियों के विषय खोजते हुये एक बार ताऊजी ने अरुणाचल प्रदेश की अपनी यात्राओं के कुछ अनुभव बताये थे. अरुणाचल प्रदेश के बारे मे पढते हुये, इस सिल्वर जुबिली अंक के लिये, मैने १९६२ के युद्ध के बारे मे विस्तार से जाना. और हमने तय किया कि ताऊ सिल्वर जुबली पहेली को आयोजकों और प्रतिभागिओं की ओर से हम भारतीय सेना के वीर जवानों को समर्पित करें. आशा है हमारा यह छोटा सा प्रयास आपको पसंद आया होगा.
इस सिल्वर जुबली पहेली के लिए जो चित्र हमने आप को दिखाया था.वह है-'तवांग वार मेमोरियल'.जो तवांग. अरुणाचल प्रदेश में है. मुझे यकींन है कि बहुत से भारतीय [ख़ास कर नयी पीढी ] इस जगह से परिचित नहीं होंगे. हमें गर्व है अपनी सेना पर जो देश की इन सीमाओं पर दिन रात विपरीत परिस्थितिओं में चोकसी करती रहती है.
४० फीट ऊँचा, तवांग घाटी की ओर देखता हुआ स्मारक सन १९६२ में भारत -चीन की लड़ाई में शहीद हुए वीर जवानों की याद में १९९९ में बनवाया गया है. [विस्तृत जानकारी साप्ताहिक पत्रिका में पढीये]
पूर्वी कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एच.आर.एस.कलकत ने यह स्मारक ,देश को समर्पित करते हुए कहा १९६२ में २४२० भारतीय जांबाज़ सैनिकों ने ३१ दिन तक इस स्थान पर चीनी सैनिकों के हमलों का जवाब देते हुये, देश की रक्षा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया. उन्होंने बताया -विपरीत परिस्थितियों में जीरो से नीचे तापमान में सूती यूनीफोर्म और सिर्फ ५० राउंड की पुरानी बंदूकों के साथ ही इन जवानों ने यह लडाई लड़ी.
जहाँ एक आम इंसान के लिए इतनी ठण्ड में सूती कपडों में रहने की सोचना भी मुश्किल है!
गढ़वाल राइफल के बहादुर जवान जसवंत सिंह रावत, १०,००० फीट पर, अकेले ३ दिन तक, चीनी सेना को जवाब देते रहे थे. उन्हीं के नाम से यहीं पास में एक कस्बे का जसवंत गढ़ नाम रखा है. उनकी वीरता से चीनी कमांडर इतना प्रभवित हुआ था की उनके कटे सर को ब्रास के तमगे के साथ ससम्मान भारत लौटा दिया था. कहते हैं आज भी जसवंत सिंह की आत्मा वहां रहती है, सालों से रोजाना उनके लिए सेना के जवान खाना बनाते हैं, यूनीफोर्म इस्त्री कर के रखे जाते हैं. उन सभी शहीदों को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि.
तवांग वार स्मारक के आधार में लिखा है-'How can man die better than facing fearful odds, for the ashes of his father and the temples of his Gods."
आपके सहयोग के लिये मैं आपका आभार प्रकट करते हुये हमारे वरिष्ठ संपादक और सभी के चहेते श्री समीरलाल जी “ समीर” से आग्रह करुंगी की वे आयें और आज के ताऊश्री सम्मान के विजेता की घोषणा के साथ साथ ही अन्य विजेताओं के नामों की भी घोषणा करें.
आज ताऊ पहेली के इस सिल्वर जुबिली अंक के परिणामों और ताऊ श्री की घोषणा करते हुये मैं बहुत आनन्द महसूस कर रहा हूं. लेकिन सबसे पहले मैं ताऊ और अल्पनाजी को धन्यवाद देना चाहुंगा कि एक पहेली जैसे खेल से इतना सकारात्मक और शिक्षादायक माहोल बना दिया है कि इसकी मिसाल मिलना भी मुश्किल है.
सिल्वर जुबिली अंक मे जिस तरह चीन युद्ध (१९६२) के अमर शहीदों को श्रद्धांजली दी है और आज की पीढी को उस समय की याद दिलाई है वो प्रसंशनिय है. मैं आपसे अनुरोध करुंगा कि इस पहेली आयोजन मे आप भी बढ चढ कर भाग ले और अपना योगदान देते रहें.
आज की पहेली वाकई बहुत ही मुश्किल थी. क्योंकि उस समय के बारे मे आज की पीढी जानती नही है या कहें कि कम जानती है. इसलिये आज के सभी विजेता ही ताऊश्री के हकदार हैं. क्योंकि इस पहेली के सही जवाबों की टिपणीयां इस पोस्ट के प्रकाशित होने के बाद ही पब्लिश की गई हैं. इस लिये यहां किसी नकल की गुंजाईश नही है.
कुछ लोगों को रात दस बजे बाद जवाब देने की वजह से ५० अंक ही मिलेंगे . पर इससे कोई फ़र्क नही पडता .. खेल के अपने नियम है पर जज्बा अपनी जगह है. अब आईये आपको परिणामों की तरफ़ ले चलूं.
१. सिल्वर जुबिली ताऊश्री प्रथम विजेता : -
मुबारक हो….ताऊश्री बनने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भविष्य मे महाताऊश्री बनने की तरफ़ कदम बढाने के लिये.
प्रथम विजेता श्री प्रकाश गोविंद को. बधाई पूरे १०१ अंक बहुत बहुत मुबारक हो.
२. आज के दुसरे विजेता हैं :- श्री अभिषेक ओझा
बधाई पुरे १०० अंक के साथ बहुत शानदार प्रयास..बहुत बधाई. और ताऊ के साथ कलेवा करने का निमंत्रण आपको अलग से भेजा जा रहा है.
३. और आज के तृतिय विजेता हैं. श्री नितिन व्यास
बधाई पुरे ९९ अंक के साथ…लाजवाब प्रयास….बहुत बधाई.
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योगेश समदर्शी बधाई अंक ९७ |
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तो ये थे सिल्वर जुबिली पहेली अंक के विजेता. सभी को विशेष बधाई, इस मायने मे कि वाकई बहुत मेहनत की जीत है ये. सभी से पुन: अनुरोध है कि इसी तरह भाग लेते रहे और यह शिक्षादायक आयोजन युं ही उन्नतिपथ पर अग्रसर रहे. इस शुभकामना के साथ आपसे विदा लेता हूं. कल ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे आपसे फ़िर मुलाकात होगी.
और हां अब मैं रामप्यारी जी से अनुरोध करुंगा कि वे आयें और आकर ताऊ के खरबुजों का हिसाब बतायें.
इसके अलावा आज श्री रंजन, श्री दीपक तिवारी साहब. डा.रुपचंद्र शाश्त्री, श्री अरविंद मिश्रा, वोयादें,
श्री स्मार्ट इंडियन, श्री नीरज गोस्वामी, सु. अन्न्पुर्णा, श्री आशीष, सु. पूजा उपाध्याय, श्री अंतरसोहिल,
प.डी.के.शर्मा “वत्स”, श्री रीडर्स कैफ़े, श्री जीतेंद्र, श्री संजय बैंगाणी, श्री पी.एन. सुब्रमनियन, श्री हिमांशु,
सु. विनिता यशश्वी, श्री राज भाटिया, श्री काजलकुमार, श्री पंकज सुबीर, श्री दिलिप कवठेकर, श्री मकरंद,
श्री भानाराम जाट, श्री जीतेंद्र भगत, श्री दिगम्बर नासवा, सु. अल्का राय, डा. मनोज मिश्रा,
श्री अजय कुमार झा, श्री रतन सिंह शेखावत, श्री शाश्त्री, श्री पंकज उपाध्याय, श्री नरेश सिंह राथौड
और श्री सुशील कुमार छोंक्कर ने हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का आभार.
अच्छा अब नमस्ते. कल सोमवार को ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे आपसे पुन: भेंट होगी.
सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. ताऊ पहेली – २५ का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया.
संपादक मंडल :-
मुख्य संपादक : ताऊ रामपुरिया
वरिष्ठ संपादक : समीर लाल "समीर"
विशेष संपादक : अल्पना वर्मा
संपादक (तकनीकी) : आशीष खण्डेलवाल
संपादक (प्रबंधन) : Seema Gupta
संस्कृति संपादक : विनीता यशश्वी
सहायक संपादक : मिस. रामप्यारी, बीनू फ़िरंगी एवम हीरामन




![रंजना [रंजू भाटिया]](https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEgjuT1w5_FKNmklv0nVEzv2Di8Q_3SLwGgTWm3UDmAODk_n8t5Kv-bJxOy7fEocwjAZy9ZieHBJ4hJUB-Qj5YHurywqIyV8xMVjF7Oywl1LxTjnbw2k2sNKxwxvMmd7giQgJDpGOeIy5m6b/s220/kerHSSw_-3_kkPlI-U4lMaZFGJ_ZmKWaGRg7oiEO__qm-oArXQpiBh9pkellIe3_.jpeg)


