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ताऊ की चिट्ठी भोलेनाथ के नाम

taaU ki anarkali आज कल ताऊ कै धौरै घणी कडकी चाल री सै ! ताऊ का दुध का धन्धा भी किम्मै चालै कोनी ! कारण कि ताऊ धौरै दो भैंसे थी ! उनमै तैं चम्पाकली नै चांद पै गये घणे दिन हो लिये पर वो आई कोनी इब्बी तक ! के बेरा यमराज कै झौठे धौरै ब्याह रचा लिया या क्या किया ?

 

दुसरी अनारकली ने हिरोईन बनने के लिये प्लास्टिक सर्जरी करवा ली और  ताऊ को उसतैं भी घणा बडा झटका दे गई ! इब्बी कुछ दिन पहले ही ताऊ का घर यह कह कै छोड  गई कि मै फ़िल्मा म्ह काम करण वास्तै ब्लागीवुड जा री सूं ! ताऊ थम मेरी फ़िक्र मत करियो ! मैं फ़िल्मां की हिरोइन बणकै थमनै  भी बुलवा ल्युन्गी ! इब मैं दुध देती देती घणी थक गई सूं !

 

इसतैं पहले ताऊ बाजीगिरी का धन्धा करया करता पर ताऊ का बन्दर रामलाल भी ताऊ नै छोड्कै पहले ही भाज लिया था ! और सैम नेतागिरी करण लाग गया था सो उसतैं तो कोई उम्मीद हि ताऊ कोनी करै था ! इस बार वर्षा हुई नही थी सो खेती बाडी पहले ही चोपट थी !

 

लूटपाट, ठगी, चोरी, डकैती के धन्धो से  ताऊ नै तौबा कर राखी थी ! सो इब घर किस तरियां चलैगा ? ताऊ आज कल सुधर गया था और पूजा पाठ म्ह मन लगा लिया था !

 

एक दिन ताऊ को अचानक विचार आया कि भोलेनाथ तो सबकी सुनते हैं ! शायद मेरी भी सुन ले सो ताऊ ने शिवजी महाराज कै नाम एक चिट्ठी लिख कर पता करकै पोस्ट आफ़िस आले लाल डब्बे म्ह डाल दी ! ताऊ ने लिखा :-

 

हे शिवजी बाबा,

घणी राम राम

 

मैं तेरा सांचा भक्त ताऊ सूं ! बाकी तो थारै सब नकली भक्त सैं ! असली तो मैं ही सूं ! मन्नै आज कल चोरी, डकैती और ठगी लूटपाट सहित सारे असामाजिक धन्धे बन्द कर दिये सैं ! कहण की सीधी बात यो सै कि मैं सुधर गया सूं ! और मैं सुधरा ही रहू इसकै वास्तै मन्नै एक लाख रपिये ( रुपये) की घणी दरकार सै ! सो तावला ( जल्दी ) सा फ़टाफ़ट मनी आर्डर कर दे !

 

आदर सहित

थारा ताऊ

 

इब के चिट्ठी शिवजी धौरै पहुंचण आली थी  ? ताऊ तो ठहरा बावलीबूच ! पोस्ट आफ़िस आले सोचण लागे कि भाई यो चिट्ठी लिखणियां ताऊ  किम्मै शरीफ़ आदमी दिखै सै ! सो उनहोने वो चिट्ठी प्रधान मन्त्री कै साऊथ ब्लाक आफ़िस म्ह भेज दी !

 

चिट्ठी इब पहुन्ची सरदार साहब धौरै ! सरदार जी नै सोच्या कि भाई यो ताऊ किम्मै भला माणस भी दिखै सै और सामने लोक सभा का चुनाव भी आवै सै ! सो पब्लिक रिलेशन बणाण का मौका हाथ तैं नही जाण देणा चाहिये ! एक लाख तो ज्यादा होता है ! उन्होने दस हजार मन्जूर कर दिये !

 

सो उन्होने फ़ाईल पै लिख्या कि इस ताऊ को रपिये ( रुपये) दस हजार का मनिआर्डर तुरन्त भेज दिया जाये ! सो प्रधान मन्त्री आफ़िस तैं  फ़टाफ़ट दस हजार का मनी आर्डर ताऊ धौरै दुसरे ही दिन आगया !

 

इब ताऊ नै घणा छोह आया भोले नाथ  पै ! तुरन्त कागज पैन ऊठा कै ताऊ नै शिवजी भोले नाथ को एक लैटर लिख्या -

 

हे भोले नाथ जी,

परणाम !

 

मन्नै बेरा सै कि मै पहले लूट्पाट और डकैती के काम करया करै था ! इसी वास्ते आपने मुझ पर विश्वास नही करके एक लाख रुपये प्रधान मन्त्री के आफ़िस के थ्रू भिजवाए ! और इब नतीजा आपने देख लिया कि आपके भेजे एक लाख मे से मुझ तक सिर्फ़ दस हजार ही पहुंचे हैं बाकी का सब कमीशन खोरी मे चला  गया होगा !

 

इब आप मुझको फ़िर से सीधे एक लाख का मनी आर्डर करो नही तो मजबूर होकै मुझे अपने पुराने लूटपाट के धन्धे शुरु करनै पडेंगे ! फ़िर मुझे दोष मत देना, अगर तेरे भक्तो को भी परेशानी हो तो !

 

आदर सहित

इब तक शरीफ़

थारा ताऊ 

 

 

इब खुन्टे पै पढो :-  SMILEY-TONGUE7


एक बार ताऊ नै एक सेठ धौरै ५० हजार रुपये उधार ले लिये ! इब सेठ म्याद पूरी होण कै बाद रोज तगादा लगावण लाग गया ! ताऊ धौरै के पिस्से धरे थे जो सेठ को वापस चुका देता ?

ईब तन्ग होकै सेठ नै अदालत म्ह मुकदमा मांड दिया ! ताऊ को अदालत का नोटिस आया तो ताऊ  वकील साहब धौरै पहुन्च गया !
वकील साहब बोले - भाई ताऊ तेरा पीछा तो इस सेठ तैं मैं छुडवा दुन्गा पर फ़ीस के रुपये दस हजार लगेन्गे पूरे !
ताऊ बोला - जी वकील साहब,  मुकदमा जितवा दो !  दे दुंगा पूरे दस हजार !

इब पेशी गवाही वाले दिन वकील साहब ने ताऊ को समझा दिया की सेठ का वकील और जज साहब जो भी पूछे उसके जवाब मे  सिर्फ़ फ़ुर्र..फ़ुर्र.. बोलना और कुछ मत बोलना !
ताऊ बोला -ठीक सै वकील साहब !

इब पेशी शुरु हुई ! सेठ का वकील और जज साहब जो भी पूछते - ताऊ का एक ही जवाब होता - फ़ुर्र..फ़ुर्र.. !
आखिर जज साहब थक गये और झुन्झला कर बोले - अरे ये तो कोई पागल दिखता है इसने क्या तो रुपये लिये होंगे और क्या सेठ ने दिये होंगे ? ये मुकदमा खारीज !
ताऊ बडी खुशी खुशी नाचता हुआ बाहर आ गया !

बाहर आकर ताऊ के वकील साहब ने कहा - ताऊ मेरी फ़ीस काढ ( निकालो) !
इब ताऊ बोला - वकील साहब इब तो आपकी फ़ीस भी फ़ुर्र..फ़ुर्र....

ताऊ ने चाँद पर कालोनी काटी : बुकिंग शुरू

ताऊ को जब से यमराज जी ने चाँद वरदान में दिया तब से सभी ब्लागर्स की अनंत शुभकामनाएं और बधाईयाँ आई है ! सभी खुश हैं ! आईये उस पोस्ट पर किसने क्या कहा ? संक्षिप्त में देखते हैं ! भाई कुश ने चिंता दिखाई की चाँद पर अब भाटिया जी के ठेले का क्या होगा ? डॉ .अनुराग जी की जिज्ञासा है की  वहाँ पर प्लाट कब काटे जायेंगे ? PALLAVI TRIVEDI जी को चाँद पर घुमने की सहूलियत मिलने से खुशी थी !

 

आ.GYAN DUTT PANDEY जी यमराज के हाईटेक ना होने से ताऊ की जान बचने से खुश थे ! दिनेशराय द्विवेदी DINESHRAI DWIVED जी को चम्पाकली के ना लौटने का दुःख था की अब उनको चम्पाकली का दूध कैसे मिलेगा   ? मान.लावण्यम्` ~ अन्तर्मन् जी को ब्लागर्स के लिए मांगे गए वरदान और चांद पर कब्जे की खशी थी  ! गौतम राजरिशी जी को चांद पर चम्पाकली का तबेला देखने की इच्छा थी ! अशोक पाण्डेय जी और RATAN SINGH SHEKHAWAT जी  शेखावत ताऊ के बचने की खुशी में प्रशन्न थे !

 

अल्पना वर्माजी को अब भी भरोसा  नही की चाँद को ताऊ पूरा का पूरा डकार गया ! वो लिखती हैं चाँद ताऊ का है -Breaking news hai. ! अल्पना जी यकीन करिए यह ब्रेकिंग न्यूज नही है बल्कि हकीकत है !

 

लवली कुमारी / LOVELY KUMAR जी को चम्पाकली के बिछुड़ जाने का मलाल था ! रंजना [रंजू भाटिया]  जी को वरदान और चाँद पर कब्जे की  खुशी थी ! PN SUBRAMANIAN जी को पुरे प्रकरण में ही आनंद आया ! PT. D.K.SHARMA "VATSA" जी को ताऊ के ख़िलाफ़ देवताओं की  साजिश की ख़बर लग चुकी थी वो उसका ईलाज करने की तैयारी कर रहे थे ! ABHISHEK जी को ताऊ के शेयर ब्रोकर होने की खुशी थी !

 

 POEMSNPUJA  को वरदान की खुशी और चाँद पर कब्जे की इतनी खुशी थी की  खुशी का पारावार नही था ! जैसे बच्चे ने चाँद को मुठ्ठी में बंद कर लिया हो ! देखिये उन्ही के शब्दों में - ये आपने बहुत अच्छा किया ताऊ जो चाँद मांग लिया, अब मैं लिखूंगी और कोई मुझे चाँद को नीला पीला करने को कहेगा तो बोल दूंगी मेरे ताऊ का चाँद है, मेरा जैसा मन रंगुंगी...कोई आपका थोड़े है, सो ठंढ रखो. 

 

 कुछ दिन पहले पूजा जी को कोई चाँद को काला पीला ना करने की सीख  दे गया था ! अब करलो जिसको जो  करना हो ! अब पूरा चाँद ही उनके ताऊ का है तो जाहिर है उनका ही  है !  अब कोई झंझट ही नही बचा  ! 

ताऊ ब्लागरो  के लिए चाँद तो क्या सूरज को भी हथिया लेगा ! खबरदार सीख देने वालो ! अब सूरज से दुश्मनी मत निकालना !   विष्णु बैरागी  जी चंद्र यात्रा और यमराज संवाद सुनकर बिल्कुल फ्रेश हो गए  थे !

 

SEEMA GUPTA जी को डर था की कही ताऊ ने, नटवर लाल ने जैसे ताजमहल  बेच खाया था उस तरह का कोई कारनामा नही कर दिया हो पर वरदान की बात पढ़ कर तसल्ली हो गई ! और चांद पर जाने की सुविधा मिल जाने से बड़ी खुश थी !

 

ZAKIR ALI 'RAJNEESH' साहब ताऊ को पटा कर रखने की जोगाड़ में थे ! जाकिर साहब, ताऊ को  ज़रा खांटी चिलम कानपुरिया चाहिए पटने के लिए, वैसे लखनवी तम्बाकू भी चलेगी ! :)  CMPERSHAD भी आश्चर्यचकित थे ! यमराज के चक्कर में आने से जीवन सफ़र भी बहुत खुश !

 

 मोहन वशिष्‍ठ जी ने बड़ी काम की बात कही पर भाई आप थोडा लेट हो गए ! आप  अगर ये हमेशा तीन वरदान मांगने की सलाह पहले दे देते तो हम सब ब्लागरिए हमेशा के लिए सुखी हो जाते ! अबकी बार चंगुल में चढ़ने दो यमराज को ! बस यही वरदान मान्गुगा !

 

अभिषेक ओझा जी तो प्रशन्नता वश ताऊ के शिष्य भी बनने को राजी और कोचिंग भी लेने को तैयार ! धन्यवाद भाई ओझा साहब ! आप भी बैंकर हैं ! अत: आप तो ट्रेंड ही हैं !  हम जल्दी ही चाँद पर एक अन्तर ब्रहमान्डिय  मेनेजमेंट ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने वाले हैं ! आप अमेरिकन असाईन्मैन्ट पूरा करके वहाँ का काम संभालिये ! अभी वहाँ पर चम्पाकली अकेली है ! सब रिक्रुट्मैन्ट आपको ही देखना है !

 

कविता वाचक्नवी जी तो बहुत ही खुश हैं ! उन्ही के शब्दों में - ईब आपणै वरदाण म्हारी खात्तिर भी माँग्या ही होगा कि चंगू-मंगू तै .... बचै रह्वैं, सो म्हणै भी थैन्क्यू क्हैण का मौका देणा बणै आपका!
थारे धोरे टोकरा-भर थैन्क्यू देणा बणता है जी म्हारा। स्वीकारो।

बहुत शुक्रिया कविता जी ! योगेन्द्र मौदगिल  जी ने तो यमराज की ऎसी तैसी करके चार बार ताऊ की जय बोल दी !

 
 मेरे प्यारे ब्लागियों
म्हारे होते होये ताऊ की कोए पूंझड़ बी नी पाड़ सकता
यमराज की के बिसात सै
प्रेम से बोलो
ताऊ जिंदाबाद

नीरज गोस्वामी  जी कहते हैं :- 

मोदगिल भाई के साथ मैं भी ताऊ की जय बोल रहा हूँ लेकिन मुहं नीचा कर के...क्या पता कब ताऊ की भैंस चाँद पे पोठा (गोबर) गिरा दे जो सीधा मुहं पे आ गिरे...रे ताऊ अब तो चाँद को ताकने काबिल भी न रहे रे...

नीरज जी आप नाहक चिंता कर रहे हैं ! चम्पाकली निहायत ही जहीन और खानदानी और विद्वान् भैंस है ! उसका ताल्लुक राजा भोज के दरबार से है ! जिनको पता नही हो उनकी जानकारी के लिए बता देते हैं की ये भैंस ताऊ को राजा भोज ने दी थी ! श्री योगीन्द्र मोदगिल अच्छी तरह परिचित हैं इससे ! और ये काव्य की भी बड़ी गहरी पकड़ रखती है ! आप आराम से चाँद को ताकिये ! 

 

राज भाटिय़ा  जी भी बड़े खुश हैं ताऊ की जान बचने से ! भाटिया जी आपको कहीं जाने की जरुरत नही है ! आपका ठेला वहीं रखिये ! मार्स पर यमराज का झौठा और चम्पाकली कब्जे की जुगत भिडा रहे हैं!

 

अनुपम अग्रवाल जी को ताऊ के लौटने की खुशी है पर उनको ये डर भी सता रहा है की अगर ताऊ चाँद पर शिफ्ट हो गए तो यहाँ ब्लागारियों को बिगाड़ने का काम कौन करेगा ? अनुपम जी आप चिंता मत करिए ! हम वहाँ का काम शुरू करने के लिए यहाँ का काम अधूरा नही छोडेंगे !

 

अनूप शुक्ल  जी क्या शान जमाई ताऊ की। वाह। ताऊ हो तो ऐसा चाहे एक ही हो।

शुक्ल जी भी बड़े प्रशन्नचित  है ! NITISH RAJ जी को फिक्र है की ताई ने आपको पीटा क्यों नही ? लो बोलो - ताऊ अच्छा करे या बुरा ! ताऊ नही मन्दिर का घंटा होगया जो आप सुबह शाम ताई से बजवाते रहो ! JAYAKA  जी बड़ी प्रशन्न हैं ताऊ के लौटने से ! अब हंसाने का सुखा नही पडेगा ! MUSAFIR JAT जी ने कहा की नरक का राज ही मांग लेते जिससे स्वर्ग के बजाये हम हमेशा नरक मांगते और हमेशा के लिये मौज हो जाती ! भई चिंता मत करो ! ताऊ जहां भी रहेगा , अपने लिये नर्क का निर्माण स्वयम कर लेगा !

 

MAKRAND और दीपक "तिवारी साहब"  जी भी प्लाट काटने जैसी बात करते हैं !

फ़न्डेबाज   और DR. NAZAR MAHMOOD साहब  बधाई देते हैं !

 

 PREETI BARTHWAL  भी खुश होकर  कहती हैं कि ताऊ की अक्ल के आगे यमराज क्या चीज है !


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कुल मिलाकर सारे ब्लागर्स इतने खुश थे की जैसे चाँद उनको ही मिल गया हो ! सही है जब ताऊ ही आपका है तो चाँद तो आपका है ही ! चाँद पर एक ताऊ शाला का निर्माण करवा दिया गया है ! इसमे ७ स्टार से भी बेहतरीन ठहरने की व्यवस्था है ! वहाँ आप ब्लागर्स का खाने पीने का इंतजाम भाटिया जी के ७ स्टार ठेले से होगा ! ये सब सुविधाए आपके लिए बिल्कुल मुफ्त हैं ! ताऊ के खेमे वालो के अतिथि भी फ्री में इन सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे ! बाकी लोगो को नोमिनल चार्जेस देने पड़ेंगे ! ट्रांसपोर्टेशन के लिए समीर जी से आप लोग सीधे बात कर ले !  

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आईये अब हम इस विषय में कुछ जरुरी घोषणाए कर देते हैं ! चाँद पर हमने बहुत तेजी से एक कालोनी का काम शुरू कर दिया है ! चम्पाकली द्वारा वहाँ पर  एक मीठे पानी की झील खोज ली गई है उसी झील के पास यह कालोनी बसाई जा रही है  ! यह सर्वसुविधायुक्त कालोनी होगी  !    इसके निर्माण के पैमाने इन्टर्गेलिक्टिक होंगे ! इतनी उन्नत प्रोद्योगिकी इस्तेमाल की जारही है की आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे ! आपकी कल्पना से बाहर होगा इसका निर्माण !

 

जितने भी ब्लॉगर भाई और बहने हैं उन सबको ताऊ की तरफ़ से एक एक प्लाट, जिसकी साईज एक लाख स्कवेयर फीट है, वह रजिस्ट्री सहित फ्री दिए जायेंगे ! यानी आपको कोई पैसा नही देना पडेगा ! और एक बात जो ब्लॉगर ताऊ के खेमे के हैं उनको एक एक प्लाट इसी साईज का और फ्री ! अब खेमा ताऊ को भी नही मालुम ! आप इसे शास्त्री जी से प्रमाणित करवा ले  और   अपना खेमाकरण करवा ले ! आपसे निवेदन है की अपने अपने  प्लाट वगैरह के कागज़ आप शास्त्री जी से यथासम्भव शीघ्रता से प्राप्त कर ले ! आपको इसके अलावा प्लाट चाहिए तो उसकी आप बुकिंग  करवाले !

 

इस कालोनी की विशेषता है की इस में पेंटिंग के लिए १० स्कवेयर मील का एरिया छोडा गया है जहाँ आप अपनी मन मर्जी से पेंटिंग कर सकते हैं ! अर्थात चाँद को आप अपनी मनमर्जी के रंग से पेंट  कर सकते हैं ! इस जोन में चाँद आपको मना नही करेगा ! 


दूसरा एक जोन १०० स्कवेयर मील का  कवियो और शायरों के लिए है ! इस जोन में नदी , पहाड़ , झरने , बगीचे और पशु पक्षी यानि पूरा प्राकृतिक वातावरण है ! इस जोन में घुसते ही कविताए अपने आप फूट पड़ेगी !  


और भी बहुत से फायदे हैं ! मसलन इस  कालोनी में ज्यादातर पृथ्वी ग्रह के वासियों को जगह दी गई है अन्यथा सभी अन्य ग्रह वासियों  की भी कालोनिया काटी जा रही हैं ! एक कालोनी एलियंस  के लिए भी काटी जा रही है अगर आपको उसमे चाहिए तो हम आपको उसमे भी प्लाट दे सकते हैं ! ज़रा जल्दी करे ! 

 

और एक जरुरी सूचना :- चाँद पर जाने और आने  के लिए आप समीर जी से बात करले ! पृथ्वी से चाँद तक उनकी सर्व सुविधायुक्त Intergalactic Udantashtari Service उपलब्ध है ! एक मात्र यही उड़नतश्तरी सर्विस है जिसमे मुफ्त भारतीय खाने का शानदार प्रबंध है !  और वो आजकल सुना है भारत में ही आए हुए हैं इसी  की बुकिंग को लेकर ! सो आप अपना आने जाने का ईयरली पास बनवा ले ! काफी फायदे में रहेंगे !

 

 

इब खूंटे पै पढो :-

 

योगीन्द्र मोदगिल साहब  - मेरे परदादा गुजरे तब आठ मकान, ४ बैल, १० झौठी और ५० किले जमीन छोड़ कर गए थे !

 

राज भाटिया साहब - अरे ये तो कुछ भी नही ! मेरे परदादा गए तब ४ मकान, २५ दूकान,  ८ फेक्ट्री और ७० किलो सोना छोड़ कर गए थे !

 

ताऊ - अरे भाई पूछो ही मत ! ये तो कुछ भी नही था ! न्यू समझ ल्यो की मेरे परदादा तो सारी की सारी दुनिया ही छोड़ कर गए थे !

 

 

  

यमराज ने ताऊ को सजा के बदले दिए वरदान

जैसा की आप जानते ही हैं की चम्पाकली यानि राजा भोज द्वारा ताऊ को दी गई विद्वान् भैंस, योजनानुसार यमराज जी के भैंसे को लेकर चंपत हो गई तो सबके लिए मुश्किल खड़ी हो गई ! बिना झौठे के  यमराज जी वहाँ चाँद से कैसे जाए ? और सबसे बड़ी समस्या तो यह की इस ताऊ का क्या किया जाए ! चाँद पर इन सब बातो को लेकर घमासान मचा हुआ था !

 

यमराज ने जलते नेत्रों से ताऊ की तरफ़ देखते हुए कहा - मुझे तुम्हारी साजिश दिखाई दे रही है  इसमे ! मेरा इतना सीधा सच्चा भैंसा ऐसे कैसे गायब हो सकता है ?

 

ताऊ : यमराज जी महाराज ! इब या तो थम ही जाण सको हो !

 

यमराज : तुम क्या सोच रहे हो ? इस तरह तुम मरने से बच जाओगे !

 

ताऊ : यमराज जी , हम तो पैदायशी मरे हुए हैं ! अब क्या दुबारा मारोगे ?

 

यमराज जी ने नाराज होते हुए कहा : अरे मुर्ख ताऊ ! ज्यादा ज्ञान मत बघार ! अभी तुझको खोलते तेल के कडाव में डलवाउन्गा तब मालुम पडेगा तुझे !

 

इतनी देर में चित्रगुप्त का फोन आता है यमराज जी के पास, और वो बताता है की -

 

आपके भैंसे को ताऊ की चम्पाकली नाम की झौठ्डी के पीछे पीछे  मंगल ग्रह की तरफ़ जाते देखा गया है ! और यह सुनकर तो यमराज आग बबूला हो गए ! और उन्होंने चित्रगुप्त से कहा की उस चम्पाकली की खाल खिंचवा ली जाए !

 

अब ताऊ बोला - यमराज जी , ये कोई अनारकली नही है जो आप उसकी खाल खिंचवा लेंगे ! वो चम्पाकली है , उसका आप कुछ नही बिगाड़ सकते !

 

यमराज ने दहकते अंगारों जैसी आँख से ताऊ को देखा ! तभी उनका मोबाईल घनघना उठा !

 

उधर से चित्रगुप्त ने बताया की - महाराज   मरे हुए लोग आ आकर लाइन लगा कर खड़े हैं और उनको सजा देने में देर हो रही है ! आप जल्दी आए !

 

यमराज - अब हम आए कैसे ? पता नही वो महिषराज कहाँ मुंह काला पीला करते फ़िर रहे हैं ! हम अब इसको हमारे विश्वस्त वाहन स्वरूप नही रक्खेंगे ! हमारे लिए  किसी दूसरी गाडी या वाहन का प्रबंध किया जाए !

 

चित्रगुप्त ने बताया की - महाराज ये आपके और मेरे वश में नही है ! ये वाहन  तो आपको  अलोकेट किया हुआ है शुरू से ही ! आप इसमे कुछ रद्दोबदल नही कर सकते !

 

यमराज - तभी चित्रगुप्त ! अब मेरे समझ में आया की हमारे झौठे ने क्यों हमसे बगावत करने का साहस किया ! शायद वो भी ये बात जानता है ! इसलिए उसकी मण्डी आजकल बहुत तेज है ! खैर अब क्या किया जाए ? इतनी देर में ताऊ बोल पडा बीच में --

 

ताऊ - महाराज आप कहे तो आपके लिए एक उड़नतश्तरी का इंतजाम करवा दूँ ? समीर जी की Intergalactic Udantashtari Service से चार्टर उड़नतश्तरी का कह देते हैं ! और अभी वो भारत पहुंचे ही  हैं ! आपके ये चंगू मंगू (यमदूत) हमें यहाँ पकड़ लाये हैं , इसी चक्कर में गुरुदेव हमारी खोज ख़बर करने भारत आए हैं !

 

महाराज आपको यमलोक छोड़ कर हम भी उसी उड़नतश्तरी से लौट जायेंगे ! हमें भी अपने गुरु का स्वागत करने जाना चाहिए की नही ?

 

यमराज अब गुर्राए - अरे मूर्ख ताऊ ! तू  मौत के मुंह में खडा है और हमको होशियारी दिखा रहा है ?

 

इतनी देर में चित्रगुप्त का फोन आगया ! उसने बताया की महाराज आपके लिए आज की कोर्ट लगाने का इंतजाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चाँद पर ही करवा दिया है ! छोटे मोटे केस में तो यहाँ पर  मैं ही सजा सूना दूंगा ! एक बड़ा केस आया है किसी बाबा का ! बड़े सिद्ध बता रहे हैं अपने आपको और कह रहे हैं की हम खड़े खड़े इंतजार नही कर सकते ! हम बहुत पुण्यात्मा है ! हमने बहुत प्रभु भक्ति की है सो हमें तुंरत स्वर्ग का वीसा दिया जाए !  कुछ और है ! और एक ये ताऊ का केस भी आप वहीं से निपटा दीजियेगा ! सुना है ये बड़ा जंगली लंगूर ताऊ है !

 

yamaraj चाँद पर यमराज जी के लिए टेंट हाउस में शानदार दरबार का इंतजाम कर दिया गया ! और  अब वीडियो कांफ्रेंसिंग शुरू होती है और एक बड़े जटाजूट धारी बाबा स्क्रीन पर दिखाई देने लगते हैं !

 

यमराज ने उनसे सब सवाल जवाब किए और यमदूतों को तुंरत उन्हें नर्क में डालने का आदेश सुना दिया , वो भी बामशक्कत ! बाबा बड़े हैरान हुए ! उन्होंने जिरह की,  की उनको शायद गलत समझा जा रहा है ! इतने लोगो को प्रभुभक्ति सिखलाने का यही इनाम दिया जा रहा है ? 

 

यमराज बोले - अरे मुर्ख ! तू क्या प्रभुभक्ति सिखलाएगा ? वहाँ प्रभु का प्रतिनिधि बन कर तू ख़ुद ही प्रभु बन गया ? मेरे नाम से  सबसे ख़ुद के  पाँव पकडवाता रहा  ! और  सारा माल दक्षिणा मेरे नाम पे लेके ऐश करता रहा ? मेरे तक किसी एक को भी नही आने दिया ! और मैं यहाँ भक्तो के लिए तरसता रह गया ?   चल जल्दी नर्क में  जा ! नही तो उससे भी बड़ी सजा तेरे को दे देंगे ! यमदूत ले गए उसे नर्क में !

 

अब यमराज ताऊ की तरफ़ मुखातिब हुए यह सोचते हुए की इस ताऊ को तो सीधे खोलते हुए गर्म तेल में डालने की सजा सुनाऊंगा !

 

ताऊ का सारा प्रोफाईल ऊपर से चित्रगुप्त सुनाता रहा ! और यमराज नोट लगाते रहे बीच बीच में सजा के हिसाब से ! फ़िर उधर से चित्रगुप्त ने  बताया की ताऊ का मुख्य काम लोगो को  बिगाड़ने का है ! तो यमराज के माथे पर बल पड़ गए ! उसको लगा की ये तो बच जायेगा ! फ़िर जब चित्रगुप्त ने बताया की ताऊ तो शेयर ब्रोकर है ! बस यमराज तो तुंरत उठे और आकर ताऊ को गले लगा लिया !

 

यमराज बोले - ताऊ , पहले बताना था ना की तुम शेयर ब्रोकर हो ? अरे तुम तो पृथ्वी लोक में हमारे सच्चे सेवक और प्रतिनिधी हो ! तुम वहाँ लोगो को इतना दारुण दुःख देते हो की लोग सीधे हमको ही याद करते हैं ! तुम्हारे द्वारा दिए गए कष्टों  की वजह से वो सीधे  राम नाम पुकारने लगते हैं ! यानि लुट पीटकर मेरी शरण आ जाते हैं ! तुम मेरे सच्चे भक्त हो ताऊ ! आजकल पृथ्वी लोक में सिर्फ़ तुम्हारी वजह से ही लोग हमको याद करते हैं वरना तो ये बाबा लोग ख़ुद ही भगवान् बन बैठे हैं ! वहा किसी को हमारी जरुरत ही नही रह गई लगती है !

 

अगर तुम उनको दुःख ना दो तो वो हमको याद ही नही करे ! तुम्हारी वजह से ही हमारी दूकान दारी चल रही है ! नही तो आजकल ये बाबा लोग ख़ुद ही भगवान् बन कर लोगो को हम तक आने से रोक लेते हैं ! तुम तो सीधे स्वर्ग के अधिकारी हो ! और तुमसे तो हम बहुत प्रशन्न हुए ! मांग लो तीन वरदान तुम तो ताऊ ! तुम भी क्या याद करोगे की किसी यमराज से मुलाक़ात हुई थी !

 

और ताऊ ने - पहला वरदान माँगा  , मेरे लिए ब्लागीवूड ही स्वर्ग है ! जब तक मेरी इच्छा हो मुझे वहीं रहने दिया जाए !


यमराज - तथास्तु !

 
दूसरा वरदान ताऊ ने माँगा - मेरे संगी साथी ब्लागरो पर आपके ये चंगूमंगू (यमदूत) , बिना उनकी मर्जी के नजर नही डाले !

 
यमराज - तथास्तु !


ताऊ - और तीसरा वरदान दीजिये की मेरी चम्पाकली और अनारकली की  आप ना तो खाल खिंचवायेंगे और ना उनको जिंदा दीवार में चुन्वायेंगे ! और अगर आपका भैंसा उनको पसंद आ गया तो उनकी शादी में आप रोडा नही अटकाएंगे !

 

यमराज - ताऊ ये ज़रा मुश्किल काम है ! फ़िर हम पैदल हो जायेंगे !

 

ताऊ ने कहा - महाराज आप की सेवा में महिष राज हमेशा प्रस्तुत रहेंगे ! आप चिंता मत कीजिये !

 

यमराज - वाह ताऊ वाह मैं तुमसे बहुत प्रशन्न हूँ ! एक वरदान और मांग लो !

 

ताऊ ने सोचा - इसको बड़ी वरदान देने की चढी है ! ताऊ की एक बार तो इच्छा हुई की इनको कहे - आप नर्क का राज्य मेरे को दो और आप संन्यास लेके निकल लो ! पर फ़िर कुछ सोच कर चुप रह गया ! 

 

फ़िर ताऊ बोला - महाराज आप इतना आग्रहपूर्वक कह रहे हैं तो और एक मांग लेता हूँ ! मेरे बाप का क्या बिगड़ने वाला है ? ये चाँद का पट्टा मेरे नाम करवा दीजिये !

मेरी भैंसों को यहाँ चाँद पर रखूंगा ! एक तो पृथ्वी पर प्रदुषण बहुत ज्यादा है ! इस वजह से मेरी नाजुक भैंसे बहुत जल्दी सर्दिया और जुखामियाँ जाती है !


यमराज - तथास्तु !

 

इतनी देर में गुरुदेव की उड़नतश्तरी आ गई और यमराज को नर्क के दरवाजे तक छोड़ कर ताऊ उसी उड़नतश्तरी से पृथ्वी लोक लौट आया ! अब चूंकी चाँद ताऊ का है सो चम्पाकली वहा रहे या यहाँ !  क्या फर्क पङता है ? दोनों ही उसके घर हैं !

 

इब खूंटे पै पढो :-                                                                                 

 

ताऊ के हाथ पैर जगह जगह से सूजे हुए थे !  कहीं  से पिट कर आया था !
सहानुभूति जताते हुए भाटिया साहब और  मोदगिल साहब  आए और बोले - अरे ताऊ , तेरे को किस कमीने ने मारा ? अरे कीडे  पड़े उस मारने वाले दुष्ट को ! सत्यानाश हो उस हरामी का ! अरे उस बदमाश....

 

अब ताऊ बीच में ही बोल पडा - बस बस भाटिया साहब ! ताई के लिए अब मैं और ज्यादा गालियाँ नही सहन कर सकता !



ताऊ की अकबरी साम्राज्य हड़पने की साजिश नाकाम !

ताऊ की उटपटांग हरकतों और फालतू की बकवास को देखते हुए एक नया साथी,  ताऊ तैं बुझण लाग गया  की ताऊ तुम ये भैंस क्यो साथ में लिए फिरते हो ? आख़िर इससे इतना प्रेम क्यूँ हैं ? ठीक है लट्ठ हाथ में रखते हो वहाँ तक तो ठीक है पर छोडो ये भैंस वैन्स को अब ! अब तुम शरीफ लोगो में बैठने लग गए हो ! तो शरीफों जैसी बात करो और शरीफों की तरह रहो ! और ये लट्ठ और भैंस की बातें करके तुम समाज का कुछ भला नही कर सकते ! कुछ ढंग का काम करो ! जिससे दुसरे का भी भला हो !

 

ताऊ को ये बात सुनकर बड़ी तकलीफ हुई !

 

ताऊ किम्मै छोह म्ह आकै  बोला - अरे बावलीबूच ! तेरे को ये कोई साधारण भैंस दिखै सै के ? तू  इब्बी नया सै , इस वास्ते तेरे को मालूम कोनी !  ये भैंस तो ताऊ को राजा भोज ने दी थी ! और इतने विद्वान् राजा द्बारा दी गई भैंस कोई कम विद्वान्  होगी  क्या ? ये बड़ी चमत्कारी भैंस सै ! लोक - परलोक का ऐसा  कोई काम नही जो ये नही कर सकती हो ?  आजकल ये राजा भोज द्वारा प्रदत चम्पाकली नाम की भैंस  चाँद पर ताऊ की जान बचाने में लगी हुई है !

 

वो बोला - ताऊ ग़लती होगई ! आप नाराज मत हो ! आप तो ये बताओ की अब आपका आगे का क्या प्रोग्राम है ? आप तो मर कर यमदूतो के साथ चले गए थे फ़िर यहाँ कैसे आप रोज पोस्ट लिख रहे हो ? उसने टान्ट  करते  हुए कहा !

 

ताऊ - अरे बावलीबूच जैसी बात ना करया कर ! ये सब उस चमत्कारी अनारकली की वजह से है !

 

वो  बोला - अब ये अनारकली  कौन है और कहाँ से आगई  ? अभी तो आप उसका नाम चम्पाकली बता रहे थे !

anarkali ताऊ : अरे बेकूफ , तन्नै इतना भी ना  बेरा के ? अरे यो अनारकली ताऊ की उस भैंस का नाम सै जो बादशाह अकबर ने ताऊ को दी थी ! मालूम वालूम कुछ सै कोनी ! और चला आया ताऊ को अक्ल देने ? अरे अक्ल देने का जिम्मा ताऊ का सै ! तेरे को ताऊ से अक्ल लेनी हो तो ले नही तो अपनी राधा को खिला ! और ताऊ नै अपने लट्ठ की तरफ़ देखा !

 

अब उस नए नए दोस्त ने माथा पीट लिया की इस उत ताऊ से कैसे पीछा छुड़वाए ?  फ़िर लट्ठ की तरफ़ देखते ताऊ की तरफ़ देखा ! और सोचने लगा की अगर मजाक में भी एक टिक गया खौपडिया पर तो मैं  जिंदा नही बचूंगा  ! 

 

वो समझ रहा था की ताऊ के पास एक ही भैंस होगी ! और वो गई हुई है चंद्र यात्रा पर ! सो कोई खतरा नही होगा !   अब यहाँ दूसरी भी विराज रही है ! अब कुछ उलटा सीधा बोले तो लट्ठ पास ही रक्खा था ! और लट्ठ की जरुरत ही नही ! ताऊ का इशारा पाते ही उसकी ये चमत्कारी भैंस पूंछ को सुदर्शन चक्र की तरह घुमा कर गला काट डाले ! गोबर वोबर करना तो बांये हाथ का खेल है ! 

 

अब वो ताऊ का नया दोस्त भी  कोई कम घाघ नही था ! उसने सोचा की ताऊ की अक्ल तो घुटने में होती है सो इसके घुटनों की प्रसंशा करके ही यहाँ से राजी खुशी निकल पाउँगा ! तो चापलूसी करते हुए बोला - ताऊ इस अनारकली वाला किस्सा भी सुनाओ ना ! आपकी अनारकली तो बिल्कुल हीरोईन की तरह सुंदर और खूबसूरत लगती है !

 

ताऊ भड़क गया ! बोला - मन्नै बेरा सै ! तू मेरे को चने के पेड़ पै चढाण लाग रया सै ! चल निकल ले इब ! घणी बार होगई सै इब ! और इधर म्हारे धौरै घणा ही ज्ञान भरया पडया सै ! ताऊ नै बेरा सै की उसको  के करना सै और के नही करना सै ? इब थम लोग तय करोगे की ताऊ भैंस पाले या डकैती डाले और ताऊ नै अपना लट्ठ उठा लिया ! 

 

और वो बेचारा डर के मारे बोला - नही ताऊ आपसे अक्लमंद तो कोई दुनिया में है ही नही ! आपतो साक्षात बुद्धि के अवतार हैं कलयुग में !  पोने दो तो आप ही हो बल्कि पोने दो भी कम ही पडेगा,  आप तो एक सेर और चौदह छटांक हो ! बाकी पूरी दुनिया दो छटांक में है !

 

और ताऊ की अक्ल सही में घुटने में ही होती है ! उस आदमी की बातो में आगया ताऊ ! सही है ताऊ को अपने वश में करना हो तो बडाई करो ! झगडा करोगे तो आख़िर तक नही हार मानेगा ! और आपके पीछे लग लेगा !

 

ताऊ की अक्ल सिर्फ़ उसकी शरीर की  ताकत होती है !  बुद्धि से कोई लेना देना नही होता ! ताऊ की ताकत से बुद्धि ही जीत सकती है वरना बात और लात दोनों में ताऊ ही भारी पड़ेंगे ! आप अगर बुद्धि का इस्तेमाल कर सकते हो तो ताऊ से घर की गोबर बुहारी भी करवा लो और उल्टे पैसे भी लेलो !

 

अब ताऊ के उस घाघ दोस्त ने ताऊ को उचकाया तो ताऊ बताने लगा की उन दिनों बादशाह अकबर का राज था ! और वो दुष्ट बीरबल उसका मंत्री हुआ करता था ! अगर बीरबल नही होता तो मैं आज सिर्फ़ भैंस और लट्ठ के साथ  नही होता बल्कि पूरा अकबरी साम्राज्य ताऊ का होता ! ताऊ ने बड़ी पीडा पूर्वक बताया !

 

अब उस दोस्त के चौकने की बारी थी ! उसने कंधे उचका कर पूछा - ताऊ बताओ , की ये अकबरी साम्राज्य फ़िर आपका होने से कैसे रह गया ?

 

hanuman today ताऊ बोला - भाई सुन ! उस समय में ताऊ पहलवानी किया करै था ! और आगे पीछे भी कोई था नही ! कोई चिंता फ़िक्र नही ! जंगल के रास्ते में एक हनुमान मन्दिर था ! बस वही पडा रहता और दंड पेला करता था ! अकबरी राज का कोई भी पहलवान ऐसा नही था जो मुझे जीत सकता हो !

 

तब बादशाह अकबर ने खुश होकर ये अनारकली नाम की झौठडी मेरे को इनाम में  दे दी ! और इसका सीधा सम्बन्ध शाही खान दान से हैं ! इसी की बहनों और भतीजियों के दूध  ने आगे ओरंगजेब तक के सारे मुग़ल बादशाहों को पाल पोस कर बड़ा किया था !  और इसी अनारकली का दूध पी पी के मैं इतना ताकत वर हो गया की दुसरे राज्यों के पहलवानों को भी हराने  लग गया ! बस मैं और अनारकली तब से उसी मन्दिर पर रहते थे !

 

अब धीरे धीरे मेरे अन्दर इतना बल आगया की मैं अगर हाथी की पूंछ पकड़ कर खडा हो जाऊं तो हाथी आगे नही बढ़ सकता था ! बड़े २ सेठ साहूकारों को  भी मैं उनके हाथी घोडो की पूंछ पकड़ कर रोक लिया करता और मजाक उडाता था ! और एक दिन तो हद ही हो गई जब मैंने बादशाह अकबर का  सेनापति  जब  हाथी पर निकल रहा था तब उसके हाथी की पूंछ पकड़ कर खडा  हो गया  ! उसने बहुत हाथ पैर मारे ! पर हमारे सामने सब बेकार ! 

 

उसने जाकर शिकायत करदी बादशाह सलामत से ! जिल्ल्लै इलाही   को भरोषा नही आया तो वो स्वयं देखने आगये ! अब हमारी तो आदत थी सो हमने उनके हाथी की भी  पूंछ पकड़ ली और हाथी बिचारा हवा में लटकता रह गया ! बादशाह सलामत तो मारे शर्म के जमीन में गड़ क्या गए बल्कि धंस ही गए !

 

akbar birbal अब बादशाह सलामत या कोई भी उधर से डर के मारे नही निकलता था ! और हमसे छुटकारा पाने के उपाय सब किया करते थे !

 

प्रत्यक्ष में जनता हमारे साथ थी सो जिल्ले इल्लाही सीधा हुक्म भी राज्य छोड़ने का नही दे पाये ! अब बीरबल से मंत्रणा करने लगे !

 

एक दिन बहुत  विचार के बाद बीरबल ने कहा की महाराज मैंने इस ताऊ का बहुत बारीकी से अध्ययन किया है ! इसकी सफलता है सिर्फ़ बेफिक्री ! जब तक ये बेफिक्र रहेगा इसको कोई नही हरा पायेगा ! और ऐसे ही बेफिक्र रहा तो ये आपका राज्य भी  जीम जायेगा !

 

और भाई ये सलाह अगर बीरबल नही देता तो उसका क्या बिगड़ जाता ? हमारे  साथ दुश्मनी निकाल ली उसने !

 

हमने बीरबल को कहा भी था की बीरबल तुमको यह बात हमें पहले बतानी चाहिए थी ! अरे हम तुम्हे उसमे से आधा राज्य दे देते ! ये बादशाह तुमको क्या ख़ाक देगा ? ज्यादा से ज्यादा २ या ५ सौ स्वर्ण मुद्राए ! बीरबल कुछ नही बोला !

 

इसी से लगता है की ताकतवर होने के साथ बुद्धिमान भी होना चाहिए ! नही तो बादशाहों की तरह एक बीरबल भी रख लो ! अगर हमने ये सोच लिया होता तो आज आप मुगलिया सल्तनत के इतिहास की बजाये ज्ञानदत्त जी द्वारा रिकमंड की हुई "ताऊलॉजिकल स्टडीज़"  पढ़ रहे होते ! और हमारी इस छोटी सी भूल की वजह से हमारी वर्तमान पीढी हमको आज तक ताने मारती है ! और हम ख़ुद जिल्लेइलाही की बजाये ताऊ बने घूम रहे हैं ! अगर हमने झूँठी ताकत के अंहकार में बुद्धि की अवहेलना ना की होती तो आज इतिहास ही कुछ और होता !

 

खैर आगे की कहानी सुनो !

 

बीरबल के ऐसा कहने पर घबराकर बादशाह बोले - की बीरबल उपाय बताओ !

 

बीरबल बोले - उपाय महँगा है !

 

बादशाह : हमारे राज्य से तो महँगा नही ?

 

बीरबल  - नही जहाँपनाह ! मेरे रहते आपके राज्य पर किसी की नजर नही पड़ सकती !बस आप तो खजाने का मुंह खोलकर रखिये ! बाक़ी सब मेरे ऊपर छोडिये ! आख़िर इन्ही लोगो की अक्ल और लालच  की बदौलत तो ये शहंशाह बन के टिके हुए थे ! और ताउओ को ठीकाने लगाने का काम भी इन्ही के जिम्मे था ! वरना जिल्ले इलाही तो हिंद के गली कूचे भी नही जानते थे !

 

elephant-tail-psd अब बीरबल मेरे पास आए और बोले - ताऊ बादशाह सलामत को ज्योतिषी ने बताया है की उनके राज्य पर खतरा है ! उपाय स्वरुप इस मन्दिर में दिया जलाना है !  यहाँ के पुजारी जी छुट्टी जा रहे हैं ! सो उनके आने तक यह काम तुम कर देना ! और बदले में एक सोने की मोहर तुमको रोज मिलेगी ! और दिया ठीक शाम और सुबह  ६ बजे जल जाना चाहिए ! समय का विशेष ध्यान रखना ! ठीक ६ बजे यानी ६ बजे !

 

ये कौनसा मुश्किल काम था ! मैं उस सोने की  मोहर  की फिराक मे ये काम करने लगा और बीरबल रोज मुझे एक सोने की मोहर देने लगे !

 

धीरे २ मैं इसके बंधन में हो गया ! कभी मैं चौंक कर जल्दी उठ जाता दिया जलाने के चक्कर में ! कभी बाहर से शाम को जल्दी लौटता शाम के ६ बजे के चक्कर में ! मेरी बेफिक्री जाती रही ! अनमना सा रहने लगा ! एक गुलामी सी हो गई समय की !

 

काफी समय हो गया ! मैं काफी अस्त व्यस्त हो चुका था ! वो मस्ती जा चुकी थी ! एक दिन बीरबल के साथ बादशाह सलामत भी आए ! और मुझे नियमानुसार सोने की मोहर दी !

 

जहाँ पहले मुझे सिर्फ़ पहलवानी के सपने आते थे अब सोने की मोहर के आने लग गए ! पहले मैं अबलाओं की बला से बचा हुआ   था ! अब उन अबलाओं के माता - पिता   भी उनको मेरे गले बाँधने की फिराक में रहने लगे ! क्योंकि उनको ख़बर लग चुकी थी की मैं रोज एक सोने की मोहर कमाता हूँ ! रोज अपनी सुंदर २ कन्याओं विवाह प्रस्ताव लेकर पधारने लगे ! 

 

और बीरबल बोले - सुनो ताऊ , अब  जहाँपनाह का राज बच गया है ! कल से तुम दिया मत जलाना ! अब उसकी जरुरत नही रही ! और बादशाह बोले - ताऊ तुम हमारे हाथी की पूंछ पकड़ कर रोक के दिखाओ ! अगर रोक पाये तो सारा राज्य तुम्हारा ! हमने कोशीश की ! पर बेकार ! नही रुका हाथी तो ! बल्की हमें कागज़ के पूतले की तरह घसीट ले गया ! हमारी बड़ी जग हसाई हुई ! पर क्या कर  सकते हैं ? किसी भी तरह का बंधन या चिंता  आदमी को दीमक की तरह खा  जाती है !

 

 

इब खूंटे पर पढो :-

 

एक बार ताऊ अपने पड़ोसी के बच्चे के साथ बाजार चला गया !  वहाँ रास्ते में एक मोटे पेट का अनजान  आदमी दिख गया !

पड़ोसी के बच्चे ने पूछा - ताऊ ये कौन है ? ताऊ ख़ुद बावलीबूच ! क्या जवाब दे ?
बार २  बच्चे के जिद्द करने पर सोचकर  ताऊ बोला - बेटे , ये है उद्योगपति !

 

थोड़ी देर बाद एक  पूरे समय की गर्भवती बीरबानी ( औरत ) देख कर उस बच्चे ने फ़िर वही सवाल दोहराया  !

अब ताऊ क्या जवाब दे ?  अब ताऊ उसको जितना ही टालने की कोशीश करता वो उतना ही ज्यादा पूछने लगा ! ताऊ ने सोचा की ये आज पिटवा कर ही छोडेगा ! 

 

आख़िर थक हार कर ताऊ बोला - बेटे ये पति उद्योग है !