आप सबनै शनीचर की राम राम. इस शनीचरी पहेली न.६ मे आपका स्वागत है . नीचै ध्यान तैं देख कै जवाब देणा है बिल्कुल ही आसान पहेली है . यह कौन सी प्रसिद्ध जगह, कहां पर है. तो जरा सा दिमाग पर जोर डालिये. और पहेली जीत कर अपनी मेरिट को उपर कर लिजिये.
आपसे गुजारिश है कि जवाब बिल्कुल सुस्पष्ट देवे, यह कौन सी जगह है? इसका नाम लिखें, और फ़टाफ़ट अपना जवाब दे दे. विवरण के लिये दुसरी टीपणि करें, जिससे आपके पहले कोई दुसरा जवाब देकर आपसे अधिक अंक नही ले जाये.
अगर आपको यह पहेली आयोजन पसंद आया है तो यहां दाहिने तरफ़ पसंद पर भी एक चटका लगाने की कृपा करें. इससे हमारा उत्साह वर्धन होता है.
यह कौन सी प्रसिद्ध जगह है.
आप विषय से संबंधित जितनी सही जानकारी देंगे वो सभी के ज्ञानवर्धन के लिये ज्यादा अच्छा रहेगा . और आपकी टिपणी भी प्रकाशित की जायेगी .
इसका जवाब परसों सोमवार को मिल जायेगा . यानि ठीक ४८ घन्टे बाद.
सर्दी का मौसम होने से इस शनीचरी पहेली के प्रकाशन का समय अब हर शनीवार सूबह ७.०० AM कर दिया गया है. और रिजल्ट सोमवार को सुबह ७.०० AM पर प्रकाशित कर दिये जायेंगे.
तो है ना छुट्टी के दिनो का भरपूर मजा घर बैठे.
इस ब्लाग के दाहिंने तरफ़ आप आपकी मेरिट की स्थिति देख सकते हैं. सोमवार को इस अंक के रिजल्ट के साथ ही यह अपग्रेड कर दी जायेगी.
पहेली के नियम कायदे पहेली न.१ के रिजल्ट के साथ साथ बता दिये गये थे. जो यहां चटका लगा कर भी देखे जा सकते हैं.
आपके सुझावो का हमेशा ही स्वागत है.
एक विशेष सूचना हम अवश्य देना चाहेंगे कि आप चाहे जितनी देर से आयें आपको अगर सही जवाब मालूम है तो जवाब अवश्य देवें .
यहां पर आपको हर सही जवाब के साथ मार्क्स दिये जाते हैं जो इकठ्ठे होकर कभी भी भविष्य मे आपको बहुत काम आयेंगे. और हर भाग लेने वाले प्रतिभागी को एक अंक दिया जाता है.
आपने अगर जवाब दे दिया हो तो आप इन्तजार करें. हो सकता है आप का जवाब जान बुझकर रोका गया हो. हम पहले ही बता देते हैं कि निरणायक गण आपको भ्रम मे डालने के लिये और पहेली की मनोरंजकता बढाने के लिये पहले जो टिपणियां प्रकाशित करते हैं वो गलत भी हो सकती हैं और सही भी. दोनो ही बाते हैं. अत: अपने विवेक से उत्तर देवें.
और आपसे एक निवेदन है कि किसी भी हालत में जवाब मे लिंक नही देवें. अगर आपका जवाब सही है तो हम उसे गलत नही करेंगे, पर आपके Link देने से आपके बाद आने वालों के लिये कोई चार्म नही बचता.
अत: प्लीज..प्लीज..Link कतई नही देवें. वर्ना आपकी टीपणी प्रकाशित नही की जावेगी.
| इब खूंटे पै पढो :- राज भाटिया जी ने अपने पैसों की वसूली का तगादा घणा तेज कर दिया. ताऊ बिल्कुल बेरोजगार था. अब ताऊ के पास एक ही अंतर्राष्ट्रिय ख्याति का सलाह कार था, सैम बहादुर. सैम ने ताऊ को सलाह दी कि ताऊ आजकल खेती मे बहुत तगडी कमाई है और तू हर्बल खेती शुरु कर दे, बस तेरे वारे न्यारे जल्दी ही हो जायेंगे. ताऊ ने दिन रात मेहनत करके खेतों मे अपनी जी जान लगा दी. उसने धोली मूसली, अश्वगंधा और पता नही कौन कौन सी औषधियों को खेतों मे उगा लिया. समय पर खाद बीज पानी देने का काम ताऊ का और रखवाली का काम सैम का. अब सैम को तो आपने देख ही लिया है. उसके रहते चोरी चकोरी का क्या काम? एक दिन ताऊ खेत मे पानी देण लाग रया था कि एक उडता हुआ बाज पक्षी आकर गिरा, ताऊ ने उस घायल बाज को ऊठा लिया. उसको किसी शिकारी ने घायल किया था. इतनी देर किम्मै घणा ही पढ्या लिख्या शहरी सा आदमी दौडता हुआ खेत म्ह घुस गया. ताऊ ने उससे पूछा कि भाई तैं क्युं मेरे खेत रौंदण लाग रया सै? बात के सै? वो बोला : ताऊ सुण, मैने एक उडते हुये बाज का शिकार किया था और वो आकर यहीं कहीं तेरे खेत मे गिरा है. मैं उसे ढुंढ रहा हूं. ताऊ बोला - सुण बे भले आदमी. पक्षियों का शिकार करना जुर्म है. तेरे को तो मैं पुलिस म्ह पकडवाऊंगा. ताऊ के इतना कहते ही उस "अ"हटाकर टाईप शिकारी ने अपनी रिवाल्वर निकाल ली और बोला - सुण बे गंवार ताऊ. ये कानून भी हम ही बनाते हैं. तू ज्यादा बकबास करेगा तो मैं तेरा भी शिकार कर डालूंगा. अब उसके इतना बोलते ही ताऊ की बेटरी जल ऊठी. ताऊ ने देखा कि वो शिकारी बिल्कुल महाबली खली के आकार का था. और ताऊ उसके सामने बिल्कुल छटंकी. फ़िर उसके हाथ मे रिवाल्वर. ताऊ की तो सिट्टी पिट्टी गुम हो गई. इतनी देर म्ह सैम बहादुर वहां पहुंच गया, ताऊ की जान मे जान आई. सैम ने सारा नजारा देखा और तुरंत ताऊ के कान मे जाकर चुपके से बोला - ताऊ. ये बहुत ऊंची पहुंच वाला, बिगडा हुआ, पुराने रईस की औलाद है. बाज का शिकार तो छोड, अगर ये तेरा और मेरा शिकार भी करदे तो कोई इस बात की गवाही देने वाला भी नही मिलेगा. ताऊ : अरे तो बावली बूच. पहले क्युं नही बताया? मैं तो इसको पुलिस की धमकी भी दे चुका हूं. सैम : ताऊ, अब सिर्फ़ एक ही उपाय है कि अब तुम अपना फ़ार्मुला वन टू का फ़ोर लगाओ फ़टाफ़ट वर्ना आज मारे गये. अब ताऊ ने उस फ़ुफ़कारते हुये रईस से कहा - अरे शिकारी साहब. देखो जी, बाज का शिकार आपने किया तो इसमे पुलिस क्या करेगी? भाई जो मेहनत करेगा वो खायेगा. शिकारी ने ताऊ के इतने मीठे वचनो को सुनकर कहा कि ताऊ , ला फ़िर मेरा शिकार दे दे मुझे. ताऊ बोला - जी वो तो आप ढूंढ लेना खेत में. पर उसके पहले न्याय की बात ये है कि शिकार आपने किया और गिरा मेरे खेत मे. तो इस पर हक आपका है या मेरा? इसका फ़ैसला तो करवाणा पडैगा. शिकारी बोला - इसका फ़ैसला कैसे होगा? ताऊ : जी, इसका फ़ैसला हम तो हमारे गांव मे फ़ाइव किक रुल से करते हैं. शिकारी बोला - ये फ़ाईव किक रुल क्या होता है ताऊ : जी, शिकारी साहब, जब भी कोई ऐसा वाकया होता है तो हम गांव वाले तो जैसे फ़ुटबाल मे कई बार फ़ैसला पेनाल्टी किक से किया जाता है, उसी तरह से हम पांच किक बारी बारी मारते हैं. उसमे जो जीत जाता है, फ़ैसला उसी के हक मे दे देते हैं. अब शिकारी को हंसी आई कि इस ताऊ को मैं एक फ़ूंक मे ऊडा सकता हूं और ये किक की बात कर रहा है. सो वो बोला - ले ताऊ , पहले तू किक मार ले, तू भी क्या याद करेगा? फ़िर उसके बाद मैं तेरे को किक मारूंगा. बस शिकारी तो सैम और ताऊ के जाल मे खुद ही फ़ंस गया, वर्ना वो तो इस चिन्ता मे थे कि कहीं ये पहले किक मारने की जिद्द नही पकड ले. अब ताऊ ने उछल कर पहली लात ही उसके नाजुक अंगो पर जमाई. शिकारी गिर गया.दुसरी.. सीधी उसके नाक पर...नाक मे खून...तीसई उसके पेट मे जमाई..और वो जोर जोर से चिल्लाने लगा.... अब ताऊ ने उसका रिवाल्वर कब्जे मे किया. और सैम उसकी छाती पर चढ गया. वो रोता चिल्लाता रहा. अब ताऊ ने फ़टा फ़ट पुलिस बुलवा कर उसको गिरफ़्तार करवा दिया. ताऊ ने सैम को धन्यवाद दिया. और सैम को बेचने के लिये कल विज्ञापन दिया था उसके लिये सैम से क्षमा मांगी. सैम ने भी मुस्कराते हुये ताऊ को क्षमा कर दिया. |