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नार्थ कोरिया अमेरिका सुलह वार्ता में पंच ताऊ

कल दुनियां के शेयर बाजारों में मंदी की बहार छाई रही। हड़कम्पियाने पर कारण पता चला कि ट्रम्प चच्चा ने सूमो पहलवान भतीजे जिसे दुनियां मोटू पहलवान या किम जोंग-उन के नाम से जानती है,  को झन्नाट चेतावनी जारी कर दी कि अब सुधर जाओ वरना तेरे घर में घुसकर तेरी ऐसी तैसी कर दूंगा।

अब भतीजा भी कोई कम नही है, पक्का ठस पहलवान ठहरा सो बोला - ओए चच्चा, अपनी औकात में रह वरना तू तो मेरे घर क्या खाके आएगा बल्कि मैं घर में बैठे बैठे ही तुझ पर परमाणु मिसाईल डाल दूँगा फिर तू रोने लायक भी नही बचेगा।

बात कुछ ज्यादा ही बढ़ गई तो जैसा कि सब युद्धों से पूर्व होता आया है, पहले शांति वार्ता अवश्य करवाई जाती है जैसा कि राम रावण युद्ध या महाभारत युद्ध के पहले करवाई गई थी। नियम मुताबिक किसी शांति दूत की तलाश की जाने लगी।

एक प्रस्ताव इस कार्य के लिए चीन का आया की मोटू पहलवान चीन का दोस्त है उसे वही समझा सकता है जिसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नार्थ कोरिया और पाकिस्तान तो चीन के ही बिगाड़े हुए हैं। चीन ने मोटू को कह रखा है कि तू अमेरिका को चमकाता रह और पाकिस्तान को भारत को चमकाने का जिम्मा दे रखा है अतः कोई तटस्थ को ढूंढा जाए।

सारी दुनिया पर नजर डालने के बाद आखिर पंचों की सहमति ताऊ के नाम पर बन गई। इन दोनों के मध्य सुलह करवाने के लिए ताऊ ने अथक प्रयत्न  करके ट्रम्प और किम मोटे को शांति वार्ता के लिए एक टेबल पर अपने दाएं बाएं बैठा लिया।

बहुत मशक्कत के बाद भी दोनों में से कोई टस से मस होने को तैयार नही हुआ। ट्रम्प ऐसे आंखे मिच मिचा रहा था जैसे आंखों से ही लेजर बम,  पहलवान पर डालकर उसे खत्म कर देगा और उधर किम पहलवान किसी घुटे हुए व्यंगकार के पंचों जैसा ताल ठोक कर चुनौती देरहा था। ताऊ परेशान होकर सोचने लगा कि ये दोनों तो मानने वाले हैं नही और अब दुनियां की तबाही पक्की समझो।

दोनों पक्ष पहलवानों की तरह अखाड़े में डटे थे, इधर ताऊ की बुद्धि तेजी से सोचने का काम कर रही थी। अचानक  उन दोनों को ताल ठोकते देखकर ताऊ के दिमाग में आइडिया कौंधा और ताऊ बोला - देखो भाई पहलवानों, तुम अपनी झक और दादागिरी जमाने के चक्कर में क्यों इस दुनिया को मिटाने पर तुले हो? तुम एक काम करो कि आपस में फ्री स्टाइल कुश्ती लडलो, जो कुश्ती जीत जाएगा, यह दुनियां उसी की दादागिरी स्वीकार कर लेगी और परमाणु तबाही से भी बच जाएगी।

ताऊ का प्रस्ताव दोनों ने मान लिया और दोनों अखाड़े में कूद पड़े। कुश्ती शुरू करने के लिए...रेफरी ताऊ ने व्हिसल बजाई....दोनों अखाड़े में ऐसे गोल गोल घूमने लगे जैसे कुत्तों की पूंछ के नीचे पेट्रोल लगा फाया रख दिया गया हो....तभी किम ने फुंफकारते हुए ट्रम्प की तरफ किसी सधे हुए व्यंगकार के जैसा पंच मारने के लिए दौड़ लगादी, ऐसा लगा कि इस पंच से अब ट्रम्प का बचना मुश्किल ही नही नामुमकिन है....तभी पुराने चावल ट्रम्प ने ना केवल पंच बचाया बल्कि मोटू के सीने पर एक घुटे हुए व्यंगकार के पंच जैसा मुक्का जमा दिया…........ ये लो...ये क्या क्या हुआ? हमारी नींद ताई के लठ्ठ से खुली जो लठ मारते हुए बोले जा रही थी कि सबेरे के साढ़े आठ बज गए....आफिस कौन जाएगा?

ये ताई का लठ्ठ भी हमारे उन सपनों को चकनाचूर कर देता है जिनमें हम कोई अंतरराष्ट्रीय महत्व का काम करके नोबल शांति पुरस्कार पाने का जुगाड़  कर रहे होते हैं।

#हिन्दी_ब्लागिंग