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ताऊ पहेली - 47 : विजेता श्री शुभम आर्य

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 47 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है लोटस टेंपल दिल्ली.


लोटस टेंपल दिल्ली




आईये अब आज के विजेताओं से आपको मिलवाते हैं.

"आज के विजेता गण"


 

 

  
प्रथम विजेता शुभम आर्य बधाई अंक १०१

 

द्वितीय विजेता वरुण जयसवाल बधाई अंक १००



तृतीय विजेता मुरारी पारीक बधाई अंक ९९

 

हमारे आज के अन्य सम्माननिय विजेता इस प्रकार हैं.

 

 Blogger अविनाश वाचस्पति अंक ९८


Blogger Ratan Singh Shekhawat

अंक ९७

Blogger                 
 दिनेशराय द्विवेदी  अंक
  अंक ९६


Blogger M.A.Sharma "सेहर"

अंक ९५

 Smart Indian - स्मार्ट इंडियन
  अंक ९४

काजल कुमार Kajal Kumar
 
अंक ९३

Blogger सुशील कुमार छौक्कर

अंक ९२

Blogger प्रकाश गोविन्द

  अंक ९१

Blogger

  Dhiraj Shah  अंक ९०


Blogger नीरज गोस्वामी  अंक ८९

Blogger 

 Anil Pusadkar  अंक ८८

Blogger पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

  अंक ८७

Blogger

  पवन *चंदन*  अंक ८६

Blogger संजय बेंगाणी  अंक ८५

 

Blogger अन्तर सोहिल  अंक ८४


  दिगम्बर नासवा  अंक ८३

Blogger   Pandit Kishore Ji

  अंक ८२

Blogger

 वन्दना  अंक ८१

 Blogger सैयद | Syed

  अंक ८०

Blogger अजय कुमार झा   अंक ७९

 

 Blogger प्रेमलता पांडे  अंक ७८


SELECTION & COLLECT
 
  अंक ७७

Blogger

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयं अंक ७६

 

Blogger Ashok Pandey  अंक ७५

Blogger प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVED

   अंक ७४

Blogger अभिषेक ओझा

  अंक ७३

Blogger   दिलीप कवठेकर

    अंक ७२


Udan Tashtari

  अंक ७१

  Blogger Dipak 'Mashal' 

    अंक ७०

 

seema gupta

  अंक ६९

Blogger Vivek Rastogi

   अंक ६८

 

आप सभी को बहुत बधाई

इसके अलावा श्री गौतम राजरिशी और श्री राज भाटिया ने भी हमारा उत्साह वर्धन किया. आपका हार्दिक आभार.



छपते छपते श्री हिमांशु ने भी सही जवाब दिया. आपको दिये जाते हैं ५० अंक. बधाई!



रामप्यारी के सवाल के विजेताओं से यहा मिलिये.

"रामप्यारी के ३० नंबर के सवाल का जवाब"


हाय…गुड मोर्निंग एवरी बडी…आई एम राम..की प्यारी… रामप्यारी.
हां तो अब जिन्होने सही जवाब दिये उन सबको दिये गये हैं ३० नम्बर…अगर भूल चूक हो तो खबर कर दिजियेगा..सही कर दिये जायेंगे.

मेरे कल के सवाल का सही उत्तर था द्रौपदी. जी हां कृष्ण ने उसको अपनी बहन माना था और दोनों के बीच एक परम पवित्र और रुहानी दोस्ती का रिश्ता था. जिस कारण इनको आपस मे सखी या सखा भी संबोधित किया गया है.

द्रौपदी राजा द्रुपद की पुत्री थी और पांडवों कि भार्या थी.

सबसे पहले मुरारी अंकल, फ़िर दिनेशराय द्विवेदी अंकल, और आज फ़टाफ़ट जवाब दिया M.A.Sharma "सेहर"आंटी ने और इसके बाद आये स्मार्ट इंडियन वाले अनुराग अंकल, फ़िर आये प. डी.के.शर्मा "वत्स" अंकल, फ़िर प्रकाश गोविंद अंकल, और फ़िर आई हरकीरत आंटी.

इसके बाद संजय बेंगाणी अंकल...आजकल बेंगाणी अंकल बहुत ज्यादा पढाई मे ध्यान देने लग गये हैं...बहुत अच्छे नम्बर प्राप्त कर रहे हैं आजकल...

फ़िर अंतर सोहिल अंकल, दिगंबर नासवा अंकल, वंदना आंटी, सैय्यद अंकल, प्रेमलता पांडॆ आंटी, सुनीता शानू आंटी दिलिप कवठेकर अंकल और सबसे आखिरी में सही जवाब दिया उडनतश्तरी अंकल ने. और छपते छपते हिमांशु अंकल का भी बिल्कुल सही जवाब आया.


आप सबके खाते में तीस तीस नम्बर मैने जमा करवा दिये हैं.

अब रामप्यारी की तरफ़ से रामराम…अगले शनीवार फ़िर से यही मिलेंगें. वैसे आजकल शाम ६ बजे मैं ताऊजी डाट काम पर रोज ही मिल जाती हूं. ..और हां आपका आज से शुरु होने वाला सप्ताह शुभ हो.



हीरू और पीरू यानि हीरामन और पीटर की मनोरंजक टिपणियां यहां पढिये.

"आपकी सेवा में हीरू और पीरु"


अरे हीरु भिया..अंई देखो ई काजल अंकल कंई के रिया हे?

ला दिखा म्हारे जरा....


काजल कुमार Kajal Kumar said...
रामप्यारी तुम्हें अंग्रेज़ी पढ़ते ज़माना हो गया... लेकिन तुम्हें इतना भी नहीं पता कि महाभारत के समय भी अंग्रेज़ी वाले लोग कृष्ण को ही स्टाइल से कृष्णा कहा करते थे ! देख लो, हम भी आज योग को योगा कहते हैं न?... इसलिए मेरी मान लो कि कृष्ण और कृष्णा, दोनों एक ही थे...

November 7, 2009 10:22 AM



राज भाटिय़ा said...
अरी राम प्यारी केसी है री तुं, बहुत सयानी होती जा रही है, लेकिन यह ताऊ तो बुढापे मे कुछ भुलकड सा होता जा रहा है, अरी राम प्यारी ताऊ सवाल के संग संग जबाब भी तो दे रहा है... चाहाता तो सब से पहले जबाब दे देता, लेकिन मुझे तो पास होने से एलर्गी है ना आज तक कभी पास नही हुया,

अरे हां तु सोच रही होगी कि जबाब कहा दिया ताऊ ने? तो सुन ताऊ की पहेली का चित्र ध्यान से देख, देख देख ओर उस के नीचे यह छपा है 28°33'12.60" N 77°15'32.55" E है ना, तो बस इसे गुगल मेप मे दे कर कलिक कर , ओर राम प्यारी जबाब तेरे समाने है:)अरी जल्दी कर के देख ना

November 7, 2009 3:30 PM



अजय कुमार झा said...
ये हमरे गाम के दलान की फ़ोटू है ..अमरीका वालों ने नासा से कह के खिंचवाई थी ..यहीं पर पहला एतिहासिक ..अखिल ब्लोगीय चपडगंजू सम्मेलन ..आयोजित किया गया था ..
अगले का आयोजन भी किया जाने वाला है जल्दी ही ..

बिल्लन तेरा जवाब मैं ढूंढ के देता हूं ..वैसे नितिश अरे वही जो महाभारत में किशन भगवान का रोल किया था को फ़ोनिया के पूछता हूं ..

हिंट दे फ़टाफ़ट..तभी क्लोर मिंट की बत्ती जलेगी ..

November 7, 2009 11:11 AM



Harkirat Haqeer said...
द्रोपदी विनय
बिन काज आज महाराज लाज गई मेरी, लाज गई मेरी, दुख हरो द्वारकानाथ शरण में तेरी....॥ टेर ॥

दुःशासन वंश कठोर महा दुख दाई, महा दुख दाई,

कर पकरत मेरो चीर लाज नहीं आई 2,

अब भयो धर्म को नास पाप रहा छाई, पाप रहा छाई,

लखि अधम सभा की और नार बिलखाई 2,

शकुनि, दुर्योधन, कर्ण खडे सब घेरी, खडे सब घेरी,

दुख हरो द्वारीकानाथ शरण में तेरी ॥ 1 ॥

तुम संतन को सुख देत देवकीनन्दन,

हैं महिमा अगम अपार भक्त उर चन्दन,

तुम किया सिया दुख दूर, शंभु धनु खंडन, शंभु धनु खंडन,

ए तारण मदन गोपाल मुनि मन रंजन,

हे करुणा निधान भगवान करो क्यू देरी, करो क्यू देरी,

दुख हरो द्वारीकानाथ शरण में तेरी ॥ 2 ॥

बैठे यहाँ राज समाज नीति सब खोई, नीति सब खोई,

नहीं कहत धर्म की बात सभा में कोई,

पाँचो पति बैठे मौन, कौन गति होई, कौन गति होई,

ले नन्द नन्दन को नाम द्रोपदी रोई,

कर-कर विलाप, संताप, सभा में टेरी, सभा में टेरी,

दुख हरो द्वारकानाथ शरण में तेरी ॥ 3 ॥

November 7, 2009 12:12 PM



अविनाश वाचस्पति said...
गुड मार्निंग फ्रॉम अविनाश वाचस्‍पति टू रामप्‍यारी

ये सुबह सुबह क्‍या रिश्‍ते ढूंढने चल दी
कृष्‍ण कौन
कृष्‍णा कौन

महाभारत क्‍या
रामचरित मानस क्‍या

नाते रिश्‍ते ढूंढने की आज सुबह सुबह क्‍या है वजह
वैसे पुत्री तो मां की ही होगी
होगी तो पिता की भी
पुत्री है तो सभी की होगी
जो मानेंगे उसे पुत्री
जिनकी होगी, उनकी तो होगी ही
बाकी की होगी मानस पुत्री।

रिश्‍ता तलाशो नंबर पाओ
पहेली बतलाओ नंबर पाओ
टिप्‍पणी जतलाओ नंबर पाओ
पसंद चटकाने पर कब मिलेंगे नंबर
यह भी तो हमका बतलाओ।

November 7, 2009 8:16 AM


अरे पीरू भिया..चलो अब तो घणी देर हुईगी...ने घरे भी जाणों हे...हां हां..चलो भिया....अगले हफ़्ते हूं अर तम फ़िर हाजिर हुई जावांगा और कंई?

तो अब हीरू जी और पीरूजी की रामराम.



अच्छा अब नमस्ते.सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. ताऊ पहेली – 47 का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.