तो अब रामप्यारी क्लास लेना शुरु कर रही है.
प्यारे बच्चों , आज मैं तुमको सबसे पहले मैथ्स के सवाल सिखाऊंगी. क्योंकि ये बहुत ही घटिया और नम्बर काटू होते हैं. फ़िर मैं तुमको इतिहास पढाऊंगी. क्योंकि इतिहास मे ये ताऊ लोग तो मर खप गये, पर इनकी जन्म मरण की तिथियां याद करते करते आपकी और हमारी ऐसी तैसी हो जाती है.
हां तो बेटा आदि..येस ..आदि ..तुम्हारा ध्यान किधर है? नो शरारत आफ़ द डे.
आदि : वो मैं..मैं..ना..मैं ना...जरा प्याज खाने की सोच रहा था....आंसू आकर आंखे चकाचक हो जाती है.....
मैडम रामप्यारी : प्याज छोडो..जरा बताओ.. टू टूजा कितने होते हैं?
आदि - टू टूजा ...बाईस मैडम..वैरी सिंपल...जस्ट टवंटी टू...
मैडम रामप्यारी - वैरी गुड..वैरी स्मार्ट ब्वाय..तुमको सौ मे से एक सौ दस नम्बर दिये जाते हैं.
आदि - थैंक्यु मैम..पर ११० ही क्युं? सौ मे से कमसे कम दौ सौ तो मिलने ही चाहिये ना?
मैडम रामप्यारी - डोंट बी सिली आदि...यु नो? दिस इस योर फ़र्स्ट डे..आज सौ मे से ११० नम्बर काफ़ी है.
हां तो लवि...अब तुम बताओ...थ्री फ़ोरजा कितने होते हैं?
लवि - मैम ये तो पक्षपात है. मुझे इतना कठिन सवाल क्यों?
मैडम रामप्यारी - व्हाट डू यू मीन लवि...तुम मुझको ब्लेम कर रही हो?
लवि - नो मैम..ब्लेम नही..बल्कि आप मुझे ज्यादा नम्बर का सवाल पूछ रही हैं तो मुझे मार्क्स भी ज्यादा मिलेंगे ना?
मैडम रामप्यारी - व्हाई नोट...व्हाई नोट? अब जल्दी से जवाब दो सवाल का.
लवि - मैंम.. बिल्कुल सिम्पल है थ्री फ़ोरजा ३४..हुये..
मैडम रामप्यारी - ओह लवि यू आर जिनियस..हाऊ..हाऊ..यू सोल्वेड दिस क्वेश्चन? ये सवाल तो बडे बडे गणितज्ञों के लिये भी बहुत मुश्किल था?
लवि - वो मैने मेरे घर पर जो टीवी का रिमोट तोडा था ना..बस उसमे से ही यह उत्तर निकला था.
मैडम रामप्यारी - वैरी स्मार्ट...आज घर जाकर एक रिमोट और तोडना..होम वर्क उसमे से साल्व होकर निकल आयेगा. तुमको मिलते हैं पूरे सौ मे से एक सौ बीस.
इतनी देर मे पीरीयड खत्म होने की घंटी बज गई है..
अगला पिरियड इतिहास का :-
इतिहास की क्लास मे रामप्यारी आती है. क्लास के बच्चे शोरगुल कर रहे हैं. जैसे ही रामप्यारी क्लास मे आती है.. बच्चे चुप हो जाते हैं और एक स्वर मे..गुड आफ़्टर नून मैम कहते हैं.
रामप्यारी मैम : सिट डाऊन प्लिज..हां तो बच्चों आज मैं तुमको ताऊ सिकंदर और ताऊ पोरस की कहानी सुनाती हूं. जैसा कि तुमको मालुम होगा कि जब सिकंदर जीत गया..और पोरस हार गया तो......
बीच मे ही आदि ने हाथ उपर कर दिया और खडा होगया. और बोला - मैम हमको कैसे मालुम होगा कि सिकंदर जीत गया? हमे ये तो बताया ही नही था तो मालुम कैसे होगा?
रामप्यारी - अरे बस समझ लो..कि तुमको मालुम है. ये तो बोलने के लिये बोला जाता है कि जैसा कि तुमको मालुम ही होगा....हां तो मैं क्या कह रही थी?
लवि - मैम आप वो कुछ ताऊ वाऊ कुछ बोल रही थी.
मैम : ओह..मैं भी कितनी भुल्ल्कड हो गई तो मैं कह रही थी कि ताऊ सिकंदर ने ताऊ पोरस को हरा दिया और बंदी बनाकर पोरस को ताऊ सिकंदर के सामने पेश किया गया.
पोरस बिल्कुल ताऊ वाली शान मे ही अकड कर खडा था. ताऊ सिकंदर ने पूछा कि बाताओ ताऊ पोरस, अब तुम्हारे साथ क्या सलूक किया जाये?
ताऊ पोरस बोला - ये ठीक है कि हम इस बार खेत रहे हैं पर आगे उल्टा भी हो सकता है. अत: हमारे साथ वही सलूक किया जाना चाहिये जो एक हारी हुई सरकार के प्रमुख से जीती हुई सरकार का प्रमुख करता है.
ताऊ सिकंदर को समझ आगया कि ये ताऊ पोरस टेढी खीर है. उसने कहा - ठीक है ताऊ पोरस, आपकी पहले की तरह जैड प्लस सुविधा जारी रहेगी. आपके स्विस बैंक अकाऊंट्स की तार्फ़ कोई नजर नही डालेगा...आपके खिलाफ़ जो भी पुराने घोटाले के मामले हैं उनको वापस लेलिया जायेगा और इतना ही नही..नये घोटाले के मामले नही दर्ज किये जायेंगे...और सरकारी निवास जहां आप विराजते हैं वहां आप विराजते रहिये.
ताऊ पोरस बोले - हे नृप श्रेष्ठ, आपके फ़ैसले का शुक्रिया. और बदले मे मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आप पांच साल तक बेफ़िक्र होकर राज करिये, हम आपकी सरकार गिराने की कोई चेष्टा नही करेंगे.
पर भाग्य कि बात कि कुछ समय पश्चात ताऊ सिकंदर को उसकी पार्टी की अंदरुनी कलह की वजह से ही भारत छोड कर जाना पडा और वो अपने वतन भी नही पहुंच सका. रास्ते मे ही मर गया..और डायजनिज उसका इंतजार करता ही रह गया.
सारे बच्चे एक साथ बोले - मैम ये डायजनिज कौन था?
रामप्यारी मैंम - अरे बावलीबूचों..एक साथ सारा इतिहास पढ लोगे तो पागल हो जाओगे. यह बात फ़िर कभी बताऊंगी.
अब तुम्हारी छुट्टी..और होमवर्क मे यह सवाल करके लाना. अकबर ने बीरबल को चांटा मारा तो बीरबल ने क्या किया? ओके..अब अगले सप्ताह मिलेंगे. और हां कल ताऊ की पहेली मे सुबह आठ बजे आना मत भुलियेगा.