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ताऊ पहेली - 45 के विजेता स्मार्ट इंडियन

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 45 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है वृंदावन गार्डन जो कि मैसूर (कर्नाटक) राज्य में है.


आईये अब आज के विजेताओं से आपको मिलवाते हैं.

"आज के विजेता गण"

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प्रथम विजेता
Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

बधाई अंक १०१


द्वितीय विजेता
शुभम आर्य


बधाई अंक १००

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Varun Kumar Jaiswal

तृतीय विजेता

बधाई अंक ९९



आईये अब हमारे आज के बाकी के विजेताओं से आपको मिलवाते हैं.

 

 

बधाई सभी विजेताओं को

 Murari Pareek  अंक ९८


दिनेशराय द्विवेदी अंक ९७
 काजल कुमार  अंक ९६


Vivek Rastogi अंक ९५
 पं.डी.के.शर्मा"वत्स"  अंक ९४


अविनाश वाचस्पति अंक ९३
  seema gupta अंक ९२

नीरज गोस्वामी
अंक ९१

inder  अंक ९०


प्रेमलता पांडे  अंक ८९
 P.N. Subramanian अंक ८८
MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर
अंक ८७

garima अंक ८६


Udan Tashtari
अंक ८५
 संजय तिवारी ’संजू’  अंक ८४

अभिषेक ओझा
अंक ८३
 सैयद | Syed अंक ८२

दिलीप कवठेकर
  अंक ८१

इसके अलावा निम्न महानुभावों ने भी इस पहेली अंक मे शामिल होकर हमारा उत्साह बढाया. जिसके लिये हम उनके हृदय से आभारी हैं.



डा. रुपचंद्र शाश्त्री, श्री रतन सिंह शेखावत, M A Sharma "सेहर", श्री श्रीश पाठक प्रखर, श्री मिश्रा पंकज,
श्री संजय बैंगाणी, श्री दिगंबर नासवा, श्री जितेंद्र, श्री दर्पण शाह "दर्शन" और श्री नीरज जाट जी.

बहुत आभार आपका.


रामप्यारी के सवाल के विजेताओं से यहा मिलिये.

"रामप्यारी के ३० नंबर के सवाल का जवाब"


हाय…गुड मोर्निंग एवरी बडी…आई एम राम..की प्यारी… रामप्यारी.
हां तो अब जिन्होने सही जवाब दिये उन सबको दिये गये हैं ३० नम्बर…अगर भूल चूक हो तो खबर कर दिजियेगा..सही कर दिये जायेंगे.

मेरे कल के सवाल का सही जवाब है विकर्ण. जैसा कि कई लोगों ने लिखा है युयुत्सु...तो मैं आपको बतादूं कि युयुत्सु धृतराष्ट्र का पुत्र था जो कि दासी से उत्पन्न माना गया है. परंतु युयुत्सु ने द्रौपदी चीरहरण का विरोध नही किया था. युयुत्सु तो इसलिये जाना जाता है कि जब भीष्म पितामह द्वारा युद्ध शुरु होने के ठीक पूर्व यह घोषणा की गई कि " जो भी योद्धा चाहे अब अपना पाला बदल सकता है कि वो किसके पक्ष मे युद्ध करेगा. तब युयुत्सु डंका बजाते हुये कौरव सेना छोडकर पांडव सेना मे शामिल होगया था. और यही एकमात्र धृतराष्ट्र पुत्र था जो महाभारत युद्ध मे जीवित बचा था और जिसके वंशज आज भी मौजूद हैं.

आज पहला सही जवाब आया मुरारी अंकल का, फ़िर सीमा आंटी का, फ़िर अंतर सोहिल अंकल, वंदना आंटी, इंद्र अंकल, विवेक रस्तोगी अंकल, पंडितजी यानि डी. के. शर्मा "वत्स" अंकल, अभिषेक ओझा अंकल, अजय झा अंकल..वही जो मुझे बिल्लन बोलते हैं..किसी रोज गलत जावाब देना झा अंकल..फ़िर देखना स्कूळ दायरी मे नोट लगाकर घर भेजूंगी...तब देखना आंटी क्या हाल करेगी आपका? आपका सबसे आखिरी मे सही जवाब दिया ज्योति सीम्ह आंटी ने.

आप सबके खाते में तीस तीस नम्बर मैने जमा करवा दिये हैं.

समीर अंकल, प्रेमलता आंटी, संजय तिवारी " संजू" अंकल, रुपचंद्र शाश्त्री अंकल संजय बेंगाणी अंकल और दिलिप कवठेकर अंकल..आप सबकी डायरी मे नोट लगाया जाता है. आप लोगों ने ना केवल गलत जवाब दिये बल्कि नकल भी गलत की. बहुत खराब बात है. पेरेंट्स ध्यान देवें. अगली बार पूरा होमवर्क करके आये.


अब रामप्यारी की तरफ़ से रामराम…अगले शनीवार फ़िर से यही मिलेंगें. वैसे आजकल शाम ६ बजे मैं ताऊजी डाट काम पर रोज ही मिल जाती हूं. ..और हां आपका आज से शुरु होने वाला सप्ताह शुभ हो.



हीरू और पीरू यानि हीरामन और पीटर की मनोरंजक टिपणियां यहां पढिये.

"आपकी सेवा में हीरू और पीरु"


 

अरे हीरू भिया..अंई आवो..ई देखो काजल अंकल कंई के रिया हे?

ला दिखा तो म्हारे जरा….

काजल कुमार Kajal Kumar said...

हे रामप्यारी, द्रौपदी चीरहरण के समय जिय कौरव ने चीरहरण का विरोध किया था उसका नाम ज़रूर 'जनता' रहा होगा...आज भारत को ही देख लो...नेता लोग कौरव-कौरव खेल रहे है और जनता है कि अंधे धृतराष्ट्री कौरव सी पांडू बनी बैठी है।

October 24, 2009 3:12 PM

 अजय कुमार झा said...

अरे एक ठो डाकू भी था जी यहीं का...का कहते हैं.....कायरप्प्न....अरे नहीं नहीं..ससुर वीरप्प्न था जी..

October 24, 2009 10:42 PM

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

रामप्यारी कौरवों में सिर्फ एक ऎसा व्यक्ति था जिसने कि भरी सभा में हो रहे द्रौपदी के अपमान के विरोध में वहाँ उपस्थित भीष्म तथा द्रोणाचार्य सहित समस्त सभासदों को धिक्कारा...ओर प्रत्यक्ष रूप से पाँडवों का पक्ष लेते हुए दुर्योधन तथा दु:शासन को युद्ध तक के लिए ललकार दिया था.......वो शख्स था धृ्तराष्ट्र पुत्र एवं दुर्योधन का सगा भाई "विकर्ण"
महाभारत के "सभापर्व" में इसका विस्तार से वर्णन किया गया है......

October 24, 2009 5:51 PM

 

हां भिया ..पर आज मजौ नी आयो इन टिप्पनी होण में…पण पंडीतजी ने अच्छौ बतई दियो  विकर्ण का बारा में.

हा और कंई….चलो अबे घरां ने…



अच्छा अब नमस्ते.सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. ताऊ पहेली – 45 का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.