आईये अब आज के विजेताओं से आपको मिलवाते हैं.
आईये अब हमारे आज के बाकी के विजेताओं से आपको मिलवाते हैं.
बधाई सभी विजेताओं को
इसके अलावा निम्न महानुभावों ने भी इस पहेली अंक मे शामिल होकर हमारा उत्साह बढाया. जिसके लिये हम उनके हृदय से आभारी हैं. डा. रुपचंद्र शाश्त्री, श्री रतन सिंह शेखावत, M A Sharma "सेहर", श्री श्रीश पाठक प्रखर, श्री मिश्रा पंकज, श्री संजय बैंगाणी, श्री दिगंबर नासवा, श्री जितेंद्र, श्री दर्पण शाह "दर्शन" और श्री नीरज जाट जी. बहुत आभार आपका. |
हाय…गुड मोर्निंग एवरी बडी…आई एम राम..की प्यारी… रामप्यारी. हां तो अब जिन्होने सही जवाब दिये उन सबको दिये गये हैं ३० नम्बर…अगर भूल चूक हो तो खबर कर दिजियेगा..सही कर दिये जायेंगे. मेरे कल के सवाल का सही जवाब है विकर्ण. जैसा कि कई लोगों ने लिखा है युयुत्सु...तो मैं आपको बतादूं कि युयुत्सु धृतराष्ट्र का पुत्र था जो कि दासी से उत्पन्न माना गया है. परंतु युयुत्सु ने द्रौपदी चीरहरण का विरोध नही किया था. युयुत्सु तो इसलिये जाना जाता है कि जब भीष्म पितामह द्वारा युद्ध शुरु होने के ठीक पूर्व यह घोषणा की गई कि " जो भी योद्धा चाहे अब अपना पाला बदल सकता है कि वो किसके पक्ष मे युद्ध करेगा. तब युयुत्सु डंका बजाते हुये कौरव सेना छोडकर पांडव सेना मे शामिल होगया था. और यही एकमात्र धृतराष्ट्र पुत्र था जो महाभारत युद्ध मे जीवित बचा था और जिसके वंशज आज भी मौजूद हैं. आज पहला सही जवाब आया मुरारी अंकल का, फ़िर सीमा आंटी का, फ़िर अंतर सोहिल अंकल, वंदना आंटी, इंद्र अंकल, विवेक रस्तोगी अंकल, पंडितजी यानि डी. के. शर्मा "वत्स" अंकल, अभिषेक ओझा अंकल, अजय झा अंकल..वही जो मुझे बिल्लन बोलते हैं..किसी रोज गलत जावाब देना झा अंकल..फ़िर देखना स्कूळ दायरी मे नोट लगाकर घर भेजूंगी...तब देखना आंटी क्या हाल करेगी आपका? आपका सबसे आखिरी मे सही जवाब दिया ज्योति सीम्ह आंटी ने. आप सबके खाते में तीस तीस नम्बर मैने जमा करवा दिये हैं. समीर अंकल, प्रेमलता आंटी, संजय तिवारी " संजू" अंकल, रुपचंद्र शाश्त्री अंकल संजय बेंगाणी अंकल और दिलिप कवठेकर अंकल..आप सबकी डायरी मे नोट लगाया जाता है. आप लोगों ने ना केवल गलत जवाब दिये बल्कि नकल भी गलत की. बहुत खराब बात है. पेरेंट्स ध्यान देवें. अगली बार पूरा होमवर्क करके आये. अब रामप्यारी की तरफ़ से रामराम…अगले शनीवार फ़िर से यही मिलेंगें. वैसे आजकल शाम ६ बजे मैं ताऊजी डाट काम पर रोज ही मिल जाती हूं. ..और हां आपका आज से शुरु होने वाला सप्ताह शुभ हो. |
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अरे हीरू भिया..अंई आवो..ई देखो काजल अंकल कंई के रिया हे? ला दिखा तो म्हारे जरा….
हां भिया ..पर आज मजौ नी आयो इन टिप्पनी होण में…पण पंडीतजी ने अच्छौ बतई दियो विकर्ण का बारा में. हा और कंई….चलो अबे घरां ने… |
अच्छा अब नमस्ते.सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. ताऊ पहेली – 45 का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.





