आपको यह बताते हुये हमे हार्दिक प्रशन्नता हो रही है कि ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के संपादक मंडल मे कल सोमवार से एक नये सदस्य का आगमन हो रहा है. कौन?
इस बात को आज सस्पेंस ही रहने देते हैं. कल की पत्रिका मे आप स्वयम ही उनसे मिल लिजियेगा. हां एक बात बता देते हैं कि ये महाशय हैं बडे विदुषक किस्म के. अब ये क्या गुल खिलायेंगे यह हमको भी फ़िल्हाल तो नही मालूंम. तो इनका कल तक इन्तजार करते हैं.
एक जरुरी बात यह है कि कल के रामप्यारी के लिये हमे सवाल भेजा था श्री आशीष खंडेलवाल ने. इसी लिये उन्होने रामप्यारी के सवाल का जवाब नही दिया.
अगर आप भी रामप्यारी के लिये कोई सवाल भेजना चाहते हैं तो रामप्यारी की अक्ल के हिसाब से कोई अटपटा- चटपटा सा सवाल भेज सकते हैं. जो रामप्यारी को जंच गया तो वो अवश्य शामिल करेगी. पर आप जानते ही हैं कि रामप्यारी बहुत इमानदार है सो आपका सवाल अगर शामिल हुआ तो उस अंक मे आप रामप्यारी के सवाल का जवाब नही दे पायेंगे.
जिन भाईयों बहणों ने रामप्यारी के सवाल भेजे हैं उनके सवाल भी समय आने पर अवश्य प्रकाशित किये जायेंगे.
अब आपको और इन्तजार नही करवाते हुये हम आज का रिजल्ट जानने के लिये आपको बीनू फ़िरंगी के पास लिय चलते हैं.
ताऊ रामपुरिया की तरफ़ से आपको बहुत घणी रामराम.
आदर्णीय देवियों और सज्जनों, ताऊ के भाइयो, बहणों, भतीजियों और भतीजो, समस्त संपादक मंडल के सदस्य गणों, आप सबको बीनू फ़िरंगी का सादर प्रणाम.
और मिस रामप्यारी को विशेष रामराम.
ताऊ पहेली राऊंड –२ के पांचवें अंक का रिजल्ट घोषित करते हुये मुझे अपार हर्ष हो रहा है. और मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका आज फ़िर मिला. और जब तक ताऊ चाहेगा आगे भी मिलता रहेगा.
मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मैं बिना किसी ईमान और इमानदारी के यानि बेइमानी पुर्वक रिजल्ट घोषित करता आ रहा हूं पर आपने आज तक कभी ध्यान ही नही दिया और शायद आगे भी नही देंगे तब तक करता रहूंगा.
यह बात मैं जबसे रिजल्ट घोषित कर रहा हूं तब से लिख रहा हूं अब देखता हूं कि इस बात पर आप लोगों का ध्यान कब तक जाता है? वैसे मुझे आशा है आप मेरे द्वारा तैयार रिजल्ट से संतुष्ट हो ही रहे होंगे? नही तो अब तक ताऊ से शिकायत कर चुके होते.
तो आईये अब चलते हैं रिजल्ट की तरफ़ :- हमारी इस पहेली का सही जवाब है टोड-राक माऊंट आबू . जो कि नक्की झील के किनारे पर स्थित है. इस विषय पर विस्तृत जानकारी कल के अंक मे पत्रिका की विशेष संपादक सु.अल्पना वर्मा दे रही हैं.
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सर्वाधिक अंक प्रात किये १०१ घणी बधाई प्रथम स्थान के लिये. .श्री रतन सिंह शेखावत
तालियां..... तालियां..... तालियां..... जोरदार …. तालियां
विशेष बधाई….
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आईये अब अन्य माननिय विजेताओं के बारे में क्रमश: जानते हैं. सभी को हार्दिक बधाई.
| poemsnpuja अंक ९८
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| संजय बेंगाणी अंक ९७ |
| jitendra अंक ९६ |
| आशीष खण्डेलवाल अंक ९५ |
नीरज गोस्वामी अंक ९४ |
| HEY PRABHU YEH TERA PATH अंक ९३ |
| अन्तर सोहिल अंक ९२ |
Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" अंक ९१ |
| सतीश चंद्र सत्यार्थी अंक ९० |
| नरेश सिह राठौङ अंक ८९ |
| आलोक सिंह अंक ८८ |
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अंक ८७ |
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अंक ८६ |
| हिमांशु । Himanshu अंक ८५ |
| दिलीप कवठेकर अंक८४ |
| makrand अंक ८३ |
| Syed Akbar अंक ८२ |
| प्रकाश गोविन्द अंक ८१ |
Rajeev (राजीव) अंक ७९ |
इसके अलावा निम्न महानुभाओं ने भी इस पहेली अंक मे शामिल होकर हमारा उत्साह बढाया. जिसके लिये हम उनके हृदय से आभारी हैं.
श्री मा पलायनम, श्री ज्ञानदत्त पांडेय, श्री अशोक पांडेय, श्री योगिंद्र मौदगिल, सुश्री पारुल,
श्री अरविंद मिश्रा, श्री महामंत्री तस्लीम, सुश्री रचना, श्री डा. रुपचन्द्र शाश्त्री “ मयंक”,
सुश्री रंजना [रंजू भाटिया], श्री शाश्त्री जी, श्री PD, श्री शुभम आर्य, श्री राज भाटिया, और श्री पंगेबाज.
आप सबका बहुत बहुत आभार..
अब आईये रामप्यारी की क्लास में:-
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आप सबको रामप्यारी की नमस्ते. अब क्या बताऊं आपको? ताऊ ने जानबूझकर मेरे साथ गडबड करदी. पहले तो मुझे समझ ही नही आया कि ये कैसे हो गया? जब आप लोगों ने बताया तो मुझे समझ आगया. मैने ताऊ से पूछा कि आपने ऐसा क्यों किया? तब ताऊ ने पूछा कि मैने क्या किया? तब मैने बताया कि आपने जानबूझकर गलत रिपोर्ट लिखवा दी. तब ताऊ बोला – मैने कब रिपोर्ट लिखवाई? मैने कहा कि वो मर्डर की तफ़्तीस रिपोर्ट? तो ताऊ बोला – रामप्यारी तू तो बडी बेवकूफ़ है. मैं तो “पेरी मेशन” का नावल पढ रहा था और तूने उसको सच मान कर रिपोर्ट लिख ली तो मैं क्या करुं? तो मेरी ये नौकरी तो पक्के से छुट ही जायेगी. अब चार्जशीट का जवाब भी क्या दूं? पर आपने तो मुझको मेरी गल्तियां बता ही दी हैं तो आप सब के खाते मे मैने तीस तीस नम्बर जमा करवा दिये हैं. सबसे पहले आये रतन सिंह शेखावत अंकल, उसके बाद आई सीमा आंटी, फ़िर आये तरुण अंकल, और सबसे बडी गल्ती की तरफ़ सबसे पहले ध्यान दिलाया आर. सी. मिश्रा अंकल ने. स्मार्ट ईंडियन अंकल, नितिन अंकल, पर्काश गोविंद अंकल और फ़िर आई हरकीरत आंटी. सुशील कुमार छोक्कर अंकल, हे प्रभु ये तेरा पथ वाले अंकल, अंतर सोहिल अंकल, आलोक अंकल, और उसके बाद आये सतीश चन्द्र सत्यर्थी अंकल, और आज तो शाश्त्री अंकल ने भी रामप्यारी की गलती निकाल ही आखिर. हैल्लो अंकल कैसे हैं आप? फ़िर PD अंकल..हाय अंकल ..कहां कहां…घूमे इतने दिनो तक? उसके बाद आये नरेश राथौड अंकल, सैयद अकबर अंकल…हैल्लो अंकल लविजा कैसी है?… फ़िर रंजन अंकल..हाय अंकल..पल्टू के क्या हाल चाल हैं? और उसके बाद आये हिमांशू अंकल…हैल्लो अंकल आप्ने मेरा जवाब ताऊ के जवाब के साथ घुसेड दिया था. अगली बार जरा ध्यान रखना ना…मुझे जवाब बनाने मे दिक्कत होती है..क्योंकि मैं कम पढी लिखी हूं ना.. फ़िर दिलिप कवठेकर अंकल, दीपक तिवारी साहब अंकल, फ़िर मकरंद अंकल, अविनाश वाचस्पति अंकल और फ़िर अपने फ़ौजी अंकल..अरे वही गौतम राजरिशी अंकल..हाय अंकल..कैसी लगी आपकी नई जगह? मुझे जरुर बताना. मैं वहां आऊंगी. और फ़िर प्रकाश गोविंद अंकल और सबसे आखिर मे आये राजीव अंकल. आप सबको मैने इमानदारी से तीस तीस नम्बर दे दिये हैं. अबकी बार कोई भी दीदी नही आई मुझे मेरी गल्ती बताने. वो डा. पूजा दीदी भी आकर ताऊ के सवाल का जवाब दे कर चली गई. हैलू दीदी..आप का क्लिनिक वापस कब चालू हो रहा है? कब आऊं कैट स्केन करने? बस अब आज रामप्यारी ज्यादा बाते नहीं करेगी. मेरे को नौकरी की पडी है. देखती हूं कि कोई ताऊ की सिफ़ारिश से काम चल जाये. वैसे आप चिंता मत करना. सिफ़ारिश से यहां बडे बडे काम हो जाते हैं ये तो एक रामप्यारी की छोटी सी नौकरी बचाने का सवाल है. |
छपते छपते :
अच्छा अब नमस्ते. कल सोमवार को ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे सिर्फ़ रिजल्ट वाला हिस्सा
छोडकर बाकी सब स्तम्भ यथावत प्रकाशित होंगे.
सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. इस दुसरे राऊंड की पांचवीं पहेली का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया.
संपादक मंडल :-
मुख्य संपादक : ताऊ रामपुरिया
विशेष संपादक : अल्पना वर्मा
संपादक (प्रबंधन) : seema gupta
संपादक (तकनीकी) : आशीष खण्डेलवाल
सहायक संपादक : बीनू फ़िरंगी एवम मिस. रामप्यारी




