अनेक बाहरी दवाब भी इस एवार्ड को प्राप्त करने के लिये आये, खुद ताऊ महाराज ही इस प्रतिष्ठित एवार्ड को झटकने के चक्कर में थे परंतु नीर-क्षीर निर्णायक मंडल और मिस टेढी की दूरदर्शिता के रहते ताऊ की ये इच्छा पूर्ण नही हो पाई. तथा सभी दबावों को दूर हटाते हुये अंतत: सर्वानुमति से यह प्रतिष्ठित एवार्ड स्वनाम धन्य श्री काजल कुमार को दिया जाता है
श्री काजल कुमार से ज्यादा जूतमपैजारियता किसी भी आदमी ने नही की होगी, ब्लागर्स को तो जाने दिजिये अगर उनके साथ जूतमपैजारियता होती है तो वो क्षम्य है क्युंकि ब्लागर तो अपनी प्रजाति और भाईचारे का आदमी है. पर इस इंसान ने राजनीति, खेल- खिलाडी, सामाजिक, आर्थिक नीति के झंडाबरदारो, रहनुमाओं और ताऊओं के साथ भी अपने कार्टूनों द्वारा जूतमपैजारियता करने में कोई कौर कसर बाकी नही छोड रखी है.
नित्य सुबह उठते ही किसी नये और इज्जतदार आदमी से पंगा लेना और उसको जूते मारना इस इंसान का प्रिय शगल हो गया है. चारों तरफ़ नजर दौडाने के बाद भी श्री काजल कुमार से बडा जूतमपैजार करने वाला आदमी दूर दूर तक भी इस ब्लाग जगत में कहीं नही दिखाई देता अत: यह "ब्लेक बूट एवार्ड ट्राफ़ी" आफ़ ब्लागर जूतमपैजारियता - 2011 उनको ससम्मान प्रदान किया जाता है. और साथ ही उन्हें यह ताकीद भी की जाती है कि अगले साल भी इस जूतमपैजारियता की धार बनाये रखें और इस ट्राफ़ी वाले जूते को इन समाज के दुश्मनों के सर पर रोज मारते रहें.
आज्ञा से
त्रि-सदस्यीय कमेटी फ़ार
"ब्लेकबूट एवार्ड ट्राफ़ी आफ़ ब्लागर जूतमपैजारियता - 2011
एवम
मिस समीरा टेढी