ताऊ पहेली अंक 29 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. यहां बार बार नियमों का उल्लेख ना करते हुये हम अब सीधे पहेली की तरफ़ चलते हैं. जो प्रतिभागी नये हैं वे यह पोस्ट पढ कर नियमों की विस्तृत जानकारी ले सकते हैं. क्ल्यु हमेशा की तरह रामप्यारी के ब्लाग से मिलेंगे. रामप्यारी के ब्लाग पर पहला क्ल्यु 11:30 बजे और दुसरा 2:30 बजे मिलेगा. रामप्यारी का जवाब अलग टिपणी में देवें. तो आईये अब आज की पहेली की तरफ़ चलते हैं.
अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये
| लिजिये सवाल ध्यान से सुनिये: ताऊ को आजकल पहेलियों मे बात करने की लत लग गई है. अभी पिछले ग्रुरुवार को भाटिया अंकल का फ़ोन आया था. पता नही उनको क्या काम था कि उन्होने ताऊ से पूछा कि ताऊ तेरी उम्र कितनी है? ताऊ बोला – तीन साल बाद की मेरी उम्र के तिगुने मे से तीन साल पहले की मेरी उम्र का तिगुना घटा लिजिये. बस वही मेरी उम्र हैं अब भाटिया अंकल तब से ही हिसाब किताब करने मे लगे हुये हैं. आप कृपया अंकल की मदद कर दिजिये ना. विनम्र निवेदन : - कृपया मेरे सवाल का जवाब अलग टीपणी मे देवें. बडी मेहरवानी होगी. एक ही टिपणी मे दोनो जवाब मे से एक सही होने पर प्रकाशित नही की जा सकती और इससे आप कन्फ़्युजिया सकते हैं कि आपकी टिपणी रुकी हुई है. तो सही होगी? बस होगया सवाल. है ना सीधा सा सवाल? अब कन्फ़्युजियाईयेगा नही और इस सीधे से सवाल के मिलेंगे पूरे तीस नम्बर. और कुछ कन्फ़्युजिया जायें तो रामप्यारी से पूछने मे मत शर्माना कि पहली फ़ेल रामप्यारी से क्या पूछेंगें? अब आप मेरे ब्लाग पर पहली हिंट की पोस्ट पढ सकते हैं 11:30 बजे और दुसरी 2:30 बजे |
इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा
नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं.किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों और ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के संपादक मंडल का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा.
नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं.किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों और ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के संपादक मंडल का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा.