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गधा सम्मेलन - 2013 के आयोजन की सूचना

जैसे दुनियां में शुरू से ही,  एक ही जाति में दो वर्ग होने का फ़ैशन रहा है वैसे ही ब्लाग जगत तो क्या बल्कि कोई भी जीव समाज इससे कभी   अछूता नही रहा.  देखा जाये तो गधे और घोडे भी  शायद एक ही प्रजाति के जीव हैं पर घोडों को अपने ऊपर विशेष गर्व है. घोडा कहलाना फ़ख्र की बात है और गधा कहलाना अपमान की, जबकि  दोनों ही बिना सींग के हैं और दोनों ही लीद करते हैं. दोनों मे कुछ भी फ़र्क नही है. एक राज की बात आपको और बता देते हैं कि ये तथाकथित घोडे भी कभी गधे ही थे पर चालाकी,  मौका परस्ती और चापलूसी से अपने आपको स्वयंभू  घोडा घोषित कर लिया. इस वजह से  जो भी मान सम्मान, पुरस्कार, सुविधाएं होती हैं वो सब घोडों के हक में आ गयी और गधे बेचारे निरीह बन कर रह गये.  

एक दिन कुछ गणमान्य गधों का डेलीगेशन ताऊ महाराज धृतराष्ट्र के पास आया और उन्होंने अपना दुखडा रोया. अब ताऊ महाराज धृतराष्ट्र  से किसी का दुख देखा नही जाता सो उसी दिन से ताऊ महाराज धृतराष्ट्र  ने गधा सम्मेलन करवाना शुरू कर दिया. इस मौके पर सभी गणमान्य गधों को उचित मूल्य पर  विशेष पुरस्कार और सम्मान दिया जाने लगा. लेकिन घोडों को यह भी बर्दाश्त नही हुआ, उन्होंने उल्टे सवाल उठा  दिये कि गधों को सम्मेलन करवाने का हक ही नही है. यह सिर्फ़ और सिर्फ़ घोडों का एकाधिकार है जिस तरह समुद्र मंथन से निकले  अमृत पर देवताओं का एकाधिकार था.   

इस तरह महाराज धृतराष्ट्र द्वारा आहूत गधा सम्मेलन अस्तित्व में आया. पिछले वर्ष यह गधा सम्मेलन इस लिये नही हो पाया कि पिछला साल गधों और घोडों के बीच शीत युद्ध का रहा. असली युद्ध तो इराक, मिश्र, सीरिया और अफ़गानिस्तान में चल रहा था सो दोनों ही पक्ष उलझे हुये थे. इस साल एक दिन गधों और घोडों के मध्य जमकर बहस हो गई. दोनों ही सर्वश्रेष्ठता का दावा कर रहे थे. 

घोडों के लीडर ने कहा - अबे गधों अपनी औकात में रहो, हम तो तुमको हमारे सम्मेलन में आमंत्रित ही नही करते...तुम गधे हो और हम घोडे हैं. तुम कभी घोडे नही बन सकते....और ना ही हमारे सम्मेलन में शामिल हो सकते हो और ना ही कोई सम्मान पा सकते हो.

इस बार गधों का लीडर था रामप्यारे जो कि महाराज धृतराष्ट्र की संगत में रहकर आरपार हो चुका था. रामप्यारे ने घोडों के लीडर से कहा - घोडों के लीडर जी.. ये सही है कि हम गधे कभी घोडे नही बन सकते पर क्या तुममें से कोई एक भी गधा बन कर दिखा सकता है?

अब तो घोडों के अस्तबल में खामोशी पसर गई...सब हैरान परेशान...ऐसे घोडे क्या काम के? जो कभी वापस गधे  ही नही बन सकें? घोडों ने गधा बनने के लिये तुरंत अपनी इमरजेंसी मीटिंग आहुत कर ली है जो शीघ्र ही होने वाली है.

इधर गधों के लीडर रामप्यारे की जय जय कार होने लगी....और इस जीत के शुभ अवसर पर गधों ने भी एक प्रीतिभोज का आयोजन कर डाला जिसमे खूब गुलाब जामुन, रसमलाई और समोसे  खाये गये. 



इसके बाद विचार विमर्श शुरू हुआ गधा सम्मेलन की तारीख,  समय और स्थान तय करने का.

आप दिल थाम के बैठिये....गधा सम्मेलन की तारीख, समय और स्थान शीघ्र ही घोषित किये जाने वाले हैं. जिन्हें भी गधा सम्मेलन में हिस्सा लेना हो वो तुरंत संपर्क करें. 

विशेष नोट : - सिर्फ़ आमंत्रित अथितियों के ही आने जाने, ठहरने व खाने पीने की व्यव्स्था मुफ़्त रहेगी बाकी के सभी लोग अपनी अपनी व्यवस्था से आयें और सम्मेलन स्थल का पास अग्रिम प्राप्त कर लें. गधा सम्मेलन में कोई जातिगत भेद भाव नही किया जाता यानि अपने आपको घोडा समझने वाला भी समिल्लित हो सकता है.

विशेष सम्मान प्राप्त करने के लिये  अपना आफ़र आप सील बंद लिफ़ाफ़े में रखकर  एडवांस में भी भिजवा सकते हैं पर आखिरी निर्णय  बोलियां लगवा कर  सम्मेलन स्थल पर ही लिया जायेगा. सम्मान और पुरस्कार हर श्रेणी और वर्ग में दिया जायेगा.

पुराने गधा सम्मेलनों की झलकियां निम्न पोस्टों में पढ सकते हैं.

रोमांचक खेल "दो और दो पांच" में वंदना गुप्ता

रामप्यारी ने आजकल ताऊ टीवी का काम संभालना शुरू कर दिया है. उसी की पहल पर ब्लाग सेलेब्रीटीज से "दो और दो पांच" खेलने का यह प्रोग्राम शुरू किया गया है. दो और दो पांच में, ब्लॉग सेलिब्रिटीज  से निवेदन है कि वे सवाल के जवाब कुछ चटपटे रखें ताकि ब्लोगर साथियों का मनोरंजन भी हो , इस प्रोग्राम का मकसद  सिर्फ़  हंसना हंसाना सीखना है. प्रतिभागियों  द्वारा दिये गये जवाबों का  गंभीर या वास्तविक  अर्थ निकालने की कोशिश न करे और हलके फुल्के मजाक का आनंद लें !   इस एपिसोड में  रामप्यारे का  "हां या ना " कालम जोडा गया है सिर्फ़   मनोरंजन के लिये, 

ब्लाग सेलेब्रीटीज को रूबरू पकडना बहुत ही मुश्किल होता है, नेट पर तो जब चाहे तब पकड लिजीये.....पर रामप्यारी भी कोई कम नही है.  रामप्यारी अब तक  2 + 2 = 5 के  खेल में शामिल कर चुकी है  सतीश सक्सेना ,  हरकीरत ’हीर’ ,  काजल कुमार ,   संगीता स्वरूप  (गीत) और दबंग हीरो अरविंद मिश्र. को.   और आज तो रामप्यारी  वंदना गुप्ता के साथ ही दाखिल हुई स्टूडियो में..........बस तो फ़िर क्या था....हो गया गेम शुरू..  फ़िलहाल आप  बिना ब्रेक देखिये अटपटे सवालों के चटपटे जवाब... सीधे...ताऊ,  रामप्यारी और रामप्यारे की वंदना गुप्ता से "दो और दो पांच"......आईये जोरदार तालियों से स्वागत कीजिये......


ताऊ और रामप्यारी के साथ "दो और दो पांच खेलते" वंदना गुप्ता 
 (कैमरामैन - रामप्यारे)


सवाल ताऊ के जवाब वंदना गुप्ता के यानि 2 + 2 = 5


ताऊ : सबसे ज्यादा दुखी कौन है?
जवाब : ताऊ

ताऊ: आप आखिरी बार कब रोई थी?
जवाब : जब पैदा हुयी थी. :)

ताऊ : पैदा होते समय रोना आपको सच मे याद है या सुनी सुनाई बात कह रही हैं?
जवाब : मुझे तो पिछला जन्म भी याद है..कहो तो तुम्हारे पिछले जन्म की पोल भी खोल दूं ताऊ?

ताऊ : कल रात आपने कौन सी सब्जी खायी थी?
जवाब : जो आज तक दुनिया में बनी ही नहीं.:)

ताऊ : आपकी किस आदत से आपके पति ज्यादा परेशान है?
जवाब : सारा दिन की ब्लोगिंग से.:)

ताऊ. : कौन सा ट्रेफ़िक रुल आप सबसे ज्यादा तोडती हैं?
जवाब : यहाँ तो ट्रैफ़िक ही नहीं है तो रुल कहाँ से तोडें?

ताऊ. : अगले जन्म मे आप क्या बनना चाहेंगी?
जवाब : ताऊ की टीम मैम्बर ………फ़ुल टू मस्ती रामप्यारे और रामप्यारी के साथ

ताऊ : एक चुटकला सुनाइये.
जवाब : सबसे मुश्किल काम यही है

ताऊ : सवा छ: और पोने दस कितने होते हैं?
जवाब : बस सरदारों के बारह नहीं होते.:)

ताऊ : सास से आखिरी बार डांट कब खायी थी?
जवाब : साँस आये तो ना,  यहाँ तो साँस आती ही नहीं फिर भी ज़िन्दा हैं हम

ताऊ : कौन से कलर के सैंडल फ़ोकट मे भी नही पहनना चाहेंगी?
जवाब : जो रंग आज तक बना ही नहीं

ताऊ : लिपस्टिक का कौन सा कलर आपको आकर्षित करता है?
जवाब :  नेताओं के खून वाली या फिर काली जिसे देख हर किसी को लगे साक्षात् काली माई ही प्रगट हो गयी है बच के रहना कोई गलती से छेड़ न देना वर्ना अपने हश्र को खुद तैयार रहना

ताऊ : खुद आप की एक खराब आदत कौन सी है?
जवाब : अपनी बुराई आप कैसे करूँ ?

ताऊ : अपने मुंह मियामिठ्ठू बनिये
जवाब : हमसे अच्छा कौन है.:)

ताऊ : .ऐसा ब्लागर जिससे आपको जलन होती हो और क्यों?
जवाब : सबसे ही होती है सब आगे भाग रहे हैं और हम पीछे की तरफ़ दौड लगा रहे हैं.

ताऊ : ऐसा कोई गीत, जिसकी हीरोईन आप अपने आपको समझने लगती हों?
जवाब : आज तक जितने गीत बने या गाये गये हैं हर गीत की हिरोइन मैं ही तो हूँ.

ताऊ : ऐसा एक शब्द जिससे आपको  चिढ आ जाती हो ?
जवाब : चिढ

ताऊ : पसंदीदा फ़िल्म अभिनेता और अभिनेत्री?
जवाब : कोई नहीं

ताऊ : पसंदीदा ब्लागर?
जवाब : सिर्फ़ मैं अब अपने से ज्यादा पसंदीदा भी क्या कोई हो सकता है ताऊ ………? प्रश्न तो सोच कर करना चाहिये था ना.:)

ताऊ : फ़ेवरिट गायक ?
जवाब : जो या तो होठों पर मुस्कान ला दे या आँख में आँसू

ताऊ: पसंदीदा लेखक
जवाब : जिसके लेखन में खुद की तस्वीर देख लूँ बस वो ही

ताऊ : ब्लागर ताऊ की इमेज आपके दिमाग में क्या है?
जवाब : ब्लोगर ताऊ, लठैत ताऊ, सम्माननीय ताऊ, आग लगाऊ ताऊ , झगडा करवाउ ताऊ , निर्देशक बनता ताऊ , रौब गाँठता ताऊ , हंसमुख ताऊ , ताई से पिटता ताऊ , गधा सम्मेलन कराता ताऊ ………असल में तो आल इन वन ताऊ.:)

ताऊ - चलते चलते ब्लागर्स के लिये कोई मेसेज देना चाहेंगी?
जवाब : बिलकुल ताऊ मेसेज देना तो  बहुत जरूरी है। ब्लोगिंग करो , सब की ऐसी तैसी करो और जब अपना नंबर आये तो बुक्का फाड़ के रोने लगो......

ताऊ : इसके अलावा भी मेसेज में कुछ कहना चाहेंगी?
जवाब : अभी बात पूरी कहां हुई है ताऊ? अभी तो सुनते जाईये...हां तो मैं क्या कह रही थी?....

ताऊ : अब ये तो आप ही जानो....
जवाब : हां तो मैं ब्लागर्स को मेसेज दे रही थी....बुक्का फ़ाडकर रोने के बाद..... टंकी आरोहण करो और जब सब मनाने लगें.....  वाद विवाद इतना बढ़ जाए की दो गुट बन जाएँ तो दबे पाँव किनारा कर लो और कह दो मैंने तो ऐसा कुछ किया ही नहीं था और तब भी कोई न माने तो ताऊ और रामप्यारी को बुला लो.... सारा झूठ का सफ़ेद कर देंगे..... और जो ना माने तो ताऊ के डंडे को तेल पिलाकर तैयार रखो जब भी पड़ेगा बे आवाज़ ही पड़ेगा और दबा कर पड़ेगा। ……तो ब्लोगर हो जाओ तैयार ताऊ स्टाइल की ब्लोगिंग के लिए

ताऊ : तो धन्यवाद  वंदना जी ..अब फ़टाफ़ट राऊंड के लिये तैयार हो जाईये. रामप्यारी तैयार है अपने सवाल दागने के लिये..... ठीक है?

 अब रामप्यारी का फ़टाफ़ट राऊंड शुरु होता है. 


रामप्यारी : हां तो वंदना आंटी...आप तैयार हैं फ़टाफ़ट खेलने के लिये?
वंदना गुप्ता - अरे रामप्यारी एक मिनट...कितनी गर्मी हो रही है तुम्हारे स्टूडियो में? आज एसी नही चल रहा क्या?......जरा सांस तो लेने दे.......हां अब बोल...


रामप्यारी का फ़टाफ़ट वंदना गुप्ता  के साथ 

रामप्यारी : हां तो वंदना  आंटी...आप तैयार हैं फ़टाफ़ट खेलने के लिये? तो बताईये कि आपको क्या पसंद है? – क्लीन शेव्ड या मूंछ वाला?
जवाब : दोनो में से कोई नहीं रामप्यारी... नई जाति पैदा करो.

रामप्यारी - हिल स्टेशन या समुद्र तट?
जवाब : हिल स्टेशन चलो मेरे साथ दौड लगायेंगे दोनो

रामप्यारी - ट्रेन का सफ़र, बस का सफ़र या हवाईजहाज का?
जवाब : ट्रेन तक की ही औकात है अभी तो

रामप्यारी - पुस्तक पढना या फ़िल्म देखना?
जवाब : जो मज़ा पुस्तक में है वो फ़िल्म में कहाँ

रामप्यारी - सलमान खान या आमिर खान?
जवाब : आमिर

रामप्यारी - कैटरीना कैफ़ या करीना कपूर?
जवाब : करीना

रामप्यारी - कारों में हैचबैक या सेडोन?
जवाब : है ही नहीं कोई भी तो पता भी नहीं

रामप्यारी - साडी या जीन्स?
जवाब : भारतीय नारी की जो है पहचान उसे साडी कहते हैं मेरी जान.:)

रामप्यारी - मिरिंडा, पेप्सी या रूहफ़्जा?
जवाब : जो भी कोई प्यार से पिला दे फिर ज़हर दे या मिरिंडा , पेप्सी या रूह अफ़ज़ा

रामप्यारी - गांव या शहर?
जवाब : शहर

रामप्यारी - लैंड लाईन या मोबाईल
जवाब : जो भी वक्त पर साथ दे फिर लैंड हो या मोबाइल

रामप्यारी - स्प्लिट एसी या विंडो एसी
जवाब : स्प्लिट की तो बात ही और है शोर नहीं करता तभी तो जवाब दे रही हूँ रामप्यारी

रामप्यारी - लेप टोप या डेस्कटोप
जवाब : नया नौ दिन पुराना सौ दिन रामप्यारी,  तो डेस्कटाप से बेहतर क्या होगा?

रामप्यारी – ब्लेक एंड व्हाईट फ़ोटो या कलर फ़ोटो
जवाब : जिसमें मैं तुमसे ज्यादा सुन्दर लगूँ बस वो ही फ़ोटो

रामप्यारी - ज्वाईंट फ़मिली या न्युक्लियर फ़ेमेली?
जवाब : जो मुझे आराम से ब्लोगिंग , सर्फ़िंग करने दे

रामप्यारी - कांच की चूडियां या मेटल की?
जवाब : जिनके खनकने से पिया जी का दिल हिंडोले लेने लगे

रामप्यारी - शिफ़ोन की साडी या काटन की?
जवाब : जिसे पहन कर ऐश्वर्या सी लगने लगूँ.:)

रामप्यारी - चश्मा या कांटेक्ट लैंस?
जवाब : कांटेक्ट करने के लिये तो कांटेक्ट लैंस ही जरूरी हैं ना इतना भी नही समझती रामप्यारी ……हाँ नहीं तो ………आँखें चार चश्मे से कहाँ होती हैं?

रामप्यारी - नौकरी या हाऊस वाईफ़?
जवाब : कोई भी बस मेरी स्वतंत्रता मेरी ही रहे

रामप्यारी - प्यार शादी के पहले या बाद?
जवाब : अबे राम प्यारी.... प्यार भी कभी शादी के बाद होता है ………?  प्यार तो पहले होता है और जो शादी के बाद होता है वो समझौता

रामप्यारी - ताऊ की बकबक या रामप्यारी की चकचक?
जवाब : अरे छोडो रामप्यारी ये बताओ मेरी चकल्लस कैसी लगी?:)

रामप्यारी - वाह वंदना आंटी....आपने तो सच में ही बहुत ही चटपटे जवाब दिये.....मुझे तो बस मजा ही आ गया.....अब आपको स्पेशल राऊंड के लिये रामप्यारे के पास लिये चलती हूं....
वंदना गुप्ता : ओह...तो अभी रामप्यारे का स्पेशल राऊंड भी बाकी है? खैर चलो...उससे भी निपटते हैं.....

स्पेशल राऊंड विद रामप्यारे


रामप्यारे - नमस्कार वंदना जी...कैसी हैं आप?
वंदना गुप्ता - मैं अच्छी हूं रामप्यारे...पर आजकल तुम कैमरामैन के अलावा  इंटर्व्यू भी लेने लगे...क्या बात है डबल डबल काम?

रामप्यारे - क्या करूं वंदना जी...मुझे भी कैमरे के सामने आकर प्रसिद्ध होना है तो यह सब करना ही पडेगा...अब मैं आपसे कुछ सवाल करूंगा....आप चाहें तो मुझे रामप्यारे के बजाय प्यारे के नाम से भी पुकार सकती हैं....
वंदना गुप्ता -  प्यारे के नाम से और तुमको? अपने दांत देखे हैं कभी? चल सवाल पूछ फ़टाफ़ट...

सवाल -  सपने  में कभी कोई हीरो दिखा?
जवाब - पहले तो हीरो की परिभाषा बता रामप्यारे.... किसे कहते हैं हीरो तब ना बताऊँगी?

सवाल - कभी भूत से सामना हुआ?
जवाब - कभी क्या रामप्यारे.... मेरे यहाँ तो भूत रोज सलाम ठोंकने आते हैं, आते ही नमस्ते करते हैं फ़िर पूछते हैं  बताओ आज किसकी खाट खडी करनी है जो तुम्हें तंग करे उस  ब्लोगर का  बस एक बार नाम बता देना फिर हमारा काम ।


सवाल -  प्यार से पति को क्या कह कर बुलाती है ?
जवाब - ले रामप्यारे.... अब तू  घर में भी सेंध लगाने की सोचने लगा?  ये तो गलत बात है...अगला सवाल पूछ ।

सवाल - पति से सबसे अधिक झगडा कब हुआ  )
जवाब - झगडा करेगा तो निकाल के घर से बाहर  नहीं फ़ेंक दूँग़ी... और ताई की तरह लट्ठ भी भांजूँगी।

सवाल -  शीशे के सामने अपने से  क्या सवाल करती हैं?
जवाब - अरे रामप्यारे... शीशा तो खुद मुझे देख पानी भरने लगता है...उफ़्फ़  ब्रह्माँड सुन्दरी मेरे आगे... और यही सोचते सोचते  बेचारा बेहोश होकर गिर पडता है ।

सवाल - फ़िर तो आपका रोज का नुक्सान होता होगा?
जवाब - रामप्यारे...वो कौनसा मेरी जेब से जाता है...उसके लिये पतिदेव हैं ना....

सवाल - राह चलते कभी  किसी शोहदे ने बदतमीजी की?
जवाब - अरे रामप्यारे...तू वाकई निरा गधा ही लगता है मुझको....बेवकूफ़,  अगर शोहदे जुमले ना कसें तो मुझे  कैसे पता चलेगा कि  अभी तो मैं जवान हूँ :)।

सवाल - सपने में कभी भगवान दिखे?
जवाब - अरे रामप्यारे.... सपने में क्या वो तो रोज मेरे साथ चौपड खेलने आते हैं और तुम सपने की बात करते हो? थोडी देर रुको वो आते ही होंगे...

"म्याऊँ म्याऊँ बोले कौन" टीवी धारावाहिक में वंदना गुप्ता

सवाल - क्या किसी शोप ओपेरा (टीवी सीरियल) की नियमित दर्शक हैं? यदि हां तो क्या उससे प्रभावित होती हैं?
जवाब - रामप्यारे... लगता है अब बताना ही पडेगा कि  सोप ओपेरा की दर्शक क्या मैं तो खुद उसमें लीड रोल कर रही हूँ.

सवाल - वो कौनसा सीरियल है?
जवाब -  रामप्यारी प्रोडक्शन का "म्याऊँ म्याऊँ  बोले कौन"  में ।

सवाल -  कोई  ऐसी घटना जिसका आपको आज भी  दर्द हो?
जवाब - रामप्यारे..... दर्द की क्या मज़ाल जो यहाँ फ़टके भी,  उसे पता है लट्ठ लेकर पिल पडेगी उसी पर इसलिये दूर से ही राम राम करके निकल जाता है।

सवाल - घर में सुरक्षा के लिये बेलन को उपयोगी मानती हैं?
जवाब - घर में तो मेरी बोली ही काफ़ी है मुझे बेलन आदि की जरूरत नहीं पडती,  एक आँख दिखाकर ही सबको  भीगी बिल्ली बना देती हूँ।

सवाल - साक्षात भगवान आकर आपसे कोई एक वरदान मांगने को पूछें तो क्या मांगेगी?
जवाब - भगवान को कहूँगी तू मुझसे व्ररदान माँग आज तो,  पहले सब तुझसे माँगते रहते हैं और कोई तेरे को कुछ देता नहीँ तो आज जो चाहे माँग ले...

सवाल - ओह क्या क्या दे सकती हैं भगवान को वरदान में?
जवाब - रामप्यारी प्रोडक्शन में काम करती हूँ.... ताऊ समेत सबको मुहैया करवा दूँगी और भगवान के अकेलेपन को दूर करवा दूँगी.... जब रामप्यारी नाचेगी और रामप्यारे  वहां  झाडू लगायेगा।

सवाल - सबसे ज्यादा खुशी कब मिलती है?
जवाब - मैं तो हमेशा ही खुश रहती हूँ....हां ये अलग बात है कि   जब ताऊ की खिंचाई और पिटाई  ताई करती है ना..... तब जो खुशी मुझे मिलती है उसको शब्दों में बयान नही कर सकती...असली और सच्ची खुशी तभी मिलती है.

तो दोस्तों यह थी ताऊ, रामप्यारी और रामप्यारे  के साथ वंदना गुप्ता ’ की "दो और दो पांच"....अगली बार हम किसी और ब्लाग सेलेब्रीटी के साथ खेलेंगे दो और दो पांच....तब तक मस्त रहिये.

ताऊ कालेज आफ़ लेटेस्ट फ़ंडा कोर्सेस...प्रवेश शुरू!

प्रिय पालक गण, जैसा की आप जानते हैं ताऊ कालेज हमेशा ही अपने छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा कोर्सेस उपलब्ध करवाता आया है. हमारे यहां से पास आऊट छात्रों ने जीवन में इतनी अधिक उन्नति की है कि वो आज शिखर पर हैं. हमारे पुरातन छात्र इतना माल बटोर चुके है कि उनके स्विस अकाऊंट भी फ़ुल हो चुके हैं. ताऊ कालेज का TMBC यानि  "ताऊ माल बटोरो कोर्स"  अत्यंत ही सफ़ल रहा है.

हमारी कालेज के छात्रों को इस तरह शिक्षा दी जाती है कि उनमें से अधिकतर छात्र अपने जीवन के उतरार्ध में  हायर एजूकेशन के लिये  प्रसिद्ध  तिहाड कालेज में एडमिशन लेते रहे हैं. तिहाड कालेज जाना अपने आप में बहुत ही गौरव मय क्षण होता है. सीना गर्व से तन जाता है.  आप भी यदि हमारे कालेज के इन कोर्सेस में  बच्चों को ट्रेंड करवाते हैं तो आपको यह ग्यारंटी दी जाती है कि भविष्य में वो तिहाड कालेज में  अवश्य एडमिशन लेंगे. ऊपर से मुनाफ़ा यह कि आपको भी उनसे मिलने के लिये तिहाड कालेज जाना पडेगा तो आपकी भी तिहाड कालेज घूमने की व्यवस्था मुफ़्त हो जायेगी. यानि आम के आम और गुठलियों के दाम.  

हमारे छात्रों की इस उन्नति के लिये हमारे कालेज के आजीवन अध्यक्ष बाबाश्री ताऊ महाराज तो हमारे लिये प्रेरणा श्रोत रहे ही हैं परंतु छात्रों को ट्रेंड करने में हमारे कालेज के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर रामप्यारे ने अपना महती योगदान दिया है. 


आज का फ़ाईनेंशियल मार्केट काफ़ी रिस्की हो गया है, सोने का भाव गिरता जा रहा है, शेयर मार्केट से जनता इस तरह दूर हो गयी है जैसे आजकल कौव्वे शहरों से गायब हो गये हैं. पालक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अति चिंतित हो रहे हैं. परंतु हमारे दयालू बाबाश्री ताऊ महाराज से पालकों की यह परेशानी नही देखी जाती.

हम बाबाश्री के मार्गदर्शन में 100 प्रतिशत मुनाफ़े और ग्यारंटेड रोजगार के निम्न तीन कोर्सेस शुरू करने जा रहे हैं. यह कोर्सेस प्रोफ़ेसर रामप्यारे की   देखरेख में चलेंगे. इन कोर्सेज में एडमिशन के लिये कालेज समय में आप कालेज के डायरेक्टर प्रो. रामप्यारे से संपर्क कर सकते हैं. इन कोर्सेस की सीमित सीटे ही बची हैं क्योंकि बडे नेताओ, अफ़सरों, अध्यक्षों  की मांग पर उनके बच्चों को एडमिशन प्राथमिकता से दिया गया है.  

Course No. 1 --  How to bat (2 year), 
                   (Fees Rs. 15 lakh only, full course) 

Course No. 2  -- How to ball (2 year),
                  (Fees Rs. 15 lakh only, full course)

Course No. 3 --  How to fix (5 year),
                  (Fees Rs. 25 lakh only, full course)

होनहार और टेलेंटेड बच्चों के लिये  यदि वो चाहें तो आधी फ़ीस माफ़ की जा सकती है.  जो बालक  आधी फ़ीस माफ़ करवाना चाहते हों उन्हें  अपनी कमाई से जीवन भर 25 प्रतिशत रकम बाबाश्री ताऊ महाराज निजार्थिक ट्रस्ट में देना होगी. इस स्कीम में प्रवेश लेने के इच्छुक प्रार्थी इंटर्व्यू देने हेतु डायरेक्ट बाबाश्री ताऊ महाराज से संपर्क करें.
   
पालक गण कृपया ध्यान देवे :-  
1. हमारे कालेज में क्रिकेट खेलना नही सिखाया जाता. 
2. क्रिकेट के शौकीन कहीं और एडमिशन लेवें. 
3. यह शुद्ध रूप से प्रोफ़ेशनल कोर्सेस हैं.
4. फ़ुल कोर्स की फ़ीस एक साथ देनी होगी.
5. आर्थिक रूप से सक्षम पालक गण ही संपर्क करें. 
6. मिलते जुलते नाम के दूसरी कालेजों के कोर्सेस से भ्रमित ना हों, क्योंकि बाबाश्री ताऊ महाराज की असली      और पुरातन दुकान यही है.