ताऊ पहेली अंक 24 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं.
अगले सप्ताह से ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के साथ वरिष्ठ संपादक के रुप मे जुड रहे हैं श्री समीरलाल “समीर” उडनतश्तरी. उनके स्तम्भ “सलाह उडनतश्तरी की” आप प्रत्येक सोमवार पढ पायेंगे. परसों सोमवार को पढना ना भूलियेगा. समीर जी बता रहे हैं ब्लॉग सफल बनाने के पहले उपाय के बारे में.
हमारी अगली ताऊ पहेली अंक – २५ होगी सिल्वर जुबली पहेली. और बहणों और भाईयों, इस मौके पर ताऊ पहेली – २५ के विजेता को ताऊश्री सिल्वर जुबिली विजेता के सम्मान से नवाजा जायेगा. तो यह मौका मत चुकियेगा. और ताऊ पहेली –२५ को जीतकर हासिल कर लिजिये ताऊश्री सम्मान. एक शानदार मौका जो इसके बाद गोल्डन जुबिली पर ही मिलेगा.
यहां बार बार नियमों का उल्लेख ना करते हुये हम अब सीधे पहेली की तरफ़ चलते हैं. जो प्रतिभागी नये हैं वो पुरानी ताऊ पहेली – २१ की पोस्ट पढ कर नियमों की विस्तृत जानकारी ले सकते हैं.
तो आईये अब आज की पहेली की तरफ़ चलते हैं.
अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये
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आज बिल्कुल सीधा सा सवाल. पर मैं तो आदत मुताबिक भूल गई. अब बेचारी रामप्यारी भी क्या करे? आप लोग तो रामप्यारी से मिलते ही उसको गप हांकने मे लगा लेते हो? मग्गा बाबा ने मुझे अकबर बादशाह के नौरत्नों के नाम बताये थे. पर मैं तो भूल गई. अब याद करने बैठी तो मुझे ये आठ नाम याद आये हैं. अगर आप नौवां नाम मुझे बता सके तो फ़िर मग्गा बाबा मुझे और भी कहानियां सुनायेंगे. और मैं आपको दिलवाऊंगी पूरे ३० नम्बर. सवाल ध्यान से पढिये :- अकबर के दरबार मे नौरत्न थे. उनमें से आठ के नाम इस प्रकार थे. आपको एक बाकी बचे नौवें रत्न का नाम बताना है. १. अबुल फ़ज़ल २. मुल्ला दो प्याजा ३. फ़ैज़ी ४. फ़कीर अज़ियाउद्दिन ५. तानसेन ६. अब्दुल रहीम खानखाना ७. बीरबल ८. मानसिंह बताओ अंकल आंटियों और दीदीयो,
फ़टाफ़ट इस नौवें रत्न का नाम बताओ. और सीधे ३० नम्बर पाओ.
अब आप मेरे ब्लाग पर पहली हिंट की पोस्ट पढ सकते हैं ११:३० बजे और दुसरी २:३० बजे. |
इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा
नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों और ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के संपादक मंडल का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा.
