इस प्रतियोगिता की दूसरी सेमी फ़ाईनलिस्ट चुनी गई हैं....मिस दराला...बधाईयां...बहुत बहुत बधाईयां....आपने "नाच मेरी बुलबुल" प्रतियोगिता के प्राथमिक मुकाबले में हरियाणा का मशहूर "ठेका नृत्य" प्रस्तुत किया था....और संगत कर रहे थे...ब्लागिस्तान के मशहूर ठेका नृत्य सम्राट श्री सतीश महाराज और बोतल तोड नृत्य सम्राट श्री समीर महाराज...
आज के सेमी फ़ाईनल राऊंड में मिस. दराला...हारमोनियम पर अंगुलियां चटकाते हुये हरियाणा की एक प्रसिद्ध रागिनी प्रस्तुत करेंगी, जिसमे उनके साथ ढोलक पर लठ्ठ पीटेंगी...लठ्ठ एक्सपर्ट... सुश्री ताई रामपुरिया, सारंगी को बिना रंग करेंगी.......सुश्री सतीशा देवी और खंजरी पर खंजर राग खडकायेंगी .....मिस समीरा लाल....तो आईये मिस. दराला एंड पार्टी.
"वाह
वाह ताऊ क्या लात है?" मे रागिनी गाती मिस. दराला, साथ में संगत कर रही
हैं..बायें से ढोलक पर लठ्ठ मारती सुश्री ताई रामपुरिया, सारंगी को बिना
रंग करती सुश्री सतीशा देवी और खंजरी पर खंजर राग खडकाती मिस समीरा लाल
ताऊ टीवी के प्यारे दर्शकों, मैं आपकी बहुत आभारी हूं कि आपने वोट देकर मुझे सेमी फ़ाईनल में पहुंचाया आपको आज मैं एक हरियाणा की एक रागिनी सुना रही हुं....रागिनी हरियाणा की अति लोकप्रिय गायन शैली है...इसमे ताऊ और ताई के संवाद रागिनी गायन शैली में हैं....सुनिये और दाद दिजीये...और हां वोट देना मत भूलियेगा.....
ताऊ ताई का होली युगल गीत :
ताई :
ताऊ मैं खेलूंगी होली
ताऊ मैं खेलूंगी होली,
भीगै मेरा दामण चाहे
ईब भीगै मेरी चोली,
ओ ताऊ मन्नै----- जाण दे।
ताऊ :
ताई तू मतना खेलै होली
ताई तू मतना खेलै होली,
खेलैं सें मूरख लोग
लगा दें कोए रोग ,
रै ताई ------ रहान दे।
ताई :
अगड़ पड़ोसन सारी जा ली
मन्नै भी दे जाण पिया।
घर में पड़े पड़े दिन सारे
हलक में आवै सै जिया।
फागण में तन भीगे बिन
क्यूँकर आवै ठण्ड पिया।
ताऊ :
इस उम्र में खेलै होली
सहम चोट खा बैठेगी।
कितके लगावै रंग गुलाल ,
अपनी आँख फुडवा बैठेगी।
हो ज्या लीरम लीर चीर
तू टांग भी तुडवा बैठेगी।
ताई :
घने बालकां नै तंग कर दी,
होली खेल कै आउंगी।
रामदेव का रंग लगा कै ,
रंग बिरंगी बन जाउंगी।
चूल्हा चौका कर कै थक गी,
ईब तै मौज उडाऊंगी।
ताऊ :
या तै बात घणी मामूली,
तडकै एल टी सी पै चालाँगे।
हवाई ज़हाज़ में बैठ डार्लिंग
अंडमान का चक्कर काटांगे।
जींस टॉप पहन कै दोनों ,
दूजा हनीमून मना ल्यांगे।
ताई :
ओ के, मैं ना खेलूं होली ,
ताऊ, मैं ना खेलूं होली।
बस साथ मेरे तू रहियो
बन कै सदा हमजोली।
फिर हर महीना फागण,
और हर दिन होगी होली।
ताऊ:
ताई , मज़ा ना होली में ,
ताई , मज़ा ना होली में।
रै ताई, -------रहान दे।
ताई :
ताऊ, मैं ना जां होली में ।
ताऊ, मैं ना जां होली में ।
ओ ताऊ , ------जाण दे।
ताऊ, मैं ना जां होली में ।
ताऊ, मैं ना जां होली में ।
ओ ताऊ , ------जाण दे।
इसी के साथ मैं होली की शुभकामनाएं देती हुई आपसे विदा चाहुंगी...और मुझे वोट करना ना भूलियेगा.
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अब दिल थाम के देखिये मिस. दराला का प्रसिद्ध हरियाणवी लूर नृत्य........जिसमें उनके साथ संगत कर रही हैं सुश्री लठ्ठ भारती - ताई रामपुरिया......
"नाच मेरी बुलबुल" लूर नृत्य करते हुये मिस. दराला, संगत कर रही हैं सुश्री ताई रामपुरिया
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ये था नाच मेरी बुलबुल प्रतियोगिता का दूसरा सेमी फ़ाईनल.....कुछ प्राथमिक दौर के प्रतिभागी अभी भी बाकी बचे हुये हैं.... इस वजह से यह प्रतियोगिता रंग पंचमी तक चलेगी...नई प्रविष्ठियां बंद कर दी गई हैं.....
इंतजार करते रहिये..... आगे के मुकाबले और भी रोचक और मनोरंजन से परिपूर्ण होंगे.....

