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ताऊ की शनीचरी पहेली-४

आप सबनै शनीचर की राम राम. इस शनीचरी पहेली न.४ मे आपका स्वागत है . नीचै ध्यान तैं देख कै जवाब देणा है बिल्कुल ही आसान पहेली है . यह कौन सी प्रसिद्ध जगह, कहां पर है. तो जरा सा दिमाग पर जोर डालिये. और पहेली जीत कर अपनी मेरिट को उपर कर लिजिये.


आपसे गुजारिश है कि जवाब बिल्कुल सुस्पष्ट देवे, यह कौन सी जगह है? इसकानाम लिखें, और फ़टाफ़ट अपना जवाब दे दे. विवरण के लिये दुसरी टीपणि करें, जिससे आपके पहले कोई दुसरा जवाब देकर आपसे अधिक अंक नही ले जाये.


shanichari-paheli-4

यह कौन सी प्रसिद्ध जगह है.

आप विषय से संबंधित जितनी सही जानकारी देंगे वो सभी के ज्ञानवर्धन के लिये ज्यादा अच्छा रहेगा . और आपकी टिपणी भी प्रकाशित की जायेगी .


इसका जवाब आपके जागने से पहले परसों सोमवार को मिल जायेगा . यानि ठीक ४८ घन्टे बाद.


ये है सबसे आसान पहेली. हम चाहते हैं कि सभी जवाब देने वालों का नाम विजेताओ मे शामिल हो. यह शनीचरी पहेली हर शनीवार सुबह ४.४४ AM प्रकाशित होगी और सोमवार को सुबह ४.४४ AM जवाब दे दिये जायेंगे. तो है ना छुट्टी के दिनो का भरपूर मजा घर बैठे.


इस ब्लाग के दाहिंने तरफ़ आप आपकी मेरिट की स्थिति देख सकते हैं. सोमवार को इस अंक के रिजल्ट के साथ ही यह अपग्रेड कर दी जायेगी. पहेली के नियम कायदे पहेली न.१ के रिजल्ट के साथ साथ बता दिये गये थे. जो यहां चटका लगा कर भी देखे जा सकते हैं.


आपके सुझावो का हमेशा ही स्वागत है.


एक विशेष सूचना हम अवश्य देना चाहेंगे कि आप चाहे जितनी देर से आयें आपको अगर सही जवाब मालूम है तो जवाब अवश्य देवें . यहां पर आपको हर सही जवाब के साथ मार्क्स दिये जाते हैं जो इकठ्ठे होकर कभी भी भविष्य मे आपको बहुत काम आयेंगे. और हर भाग लेने वाले प्रतिभागी को एक अंक दिया जाता है.


आपने अगर जवाब दे दिया हो तो आप इन्तजार करें. हो सकता है आप का जवाब जान बुझकर रोका गया हो. हम पहले ही बता देते हैं कि निरणायक गण आपको भ्रम मे डालने के लिये और पहेली की मनोरंजकता बढाने के लिये पहले जो टिपणियां प्रकाशित करते हैं वो गलत भी हो सकती हैं और सही भी. दोनो ही बाते हैं. अत: अपने विवेक से उत्तर देवें.


और आपसे एक निवेदन है कि किसी भी हालत में जवाब मे लिंक नही देवें. अगर आपका जवाब सही है तो हम उसे गलत नही करेंगे, पर आपके Link देने से आपके बाद आने वालों के लिये कोई चार्म नही बचता.

अत: प्लीज..प्लीज..Link कतई नही देवें. वर्ना आपकी टीपणी प्रकाशित नही की जावेगी.


एक प्रश्न समीर लाल जी का आया था. सभी नये प्रतिभागियों के लिये महत्वपुर्ण है .अत: उस प्रश्न और उसके उत्तर को देख लेते हैं.



Udan Tashtari said...

ताऊ
ये गलत बात है कि मैं कुछ दिन छुट्टी पर क्या रहा, आपने तो पाईन्ट सिस्टम और न जाने क्या क्या शुरु कर दिया. अब मैं तो पिछड़ गया न??


क्या अब से जबाब देने लगूँ तो वो मार्क्स अनुपस्थित क्लास में एवरेज लगा दोगे (पहचान भी तो है-मैं तो पूछता भी नहीं कि ’ताऊ कौन’??)
बताईए?


प्रश्न का उत्तर :-


आदर्णिय गुरुजी, इस पहेली की आडिट आपको ही करनी है. इसके हर भाग लेने वाले का पूरा रिकार्ड हमारा लेखा विभाग रखता है. प्रत्येक सही जवाब को वरियता के क्रम से हम १०० से घटते आर्डर मे अंक देते जाते हैं. और एक अंक हर भाग लेने वाले को बाई डिफ़ाल्ट एक्स्ट्रा. इस तरह सबसे पहले सही जवाब को अधिकतम १०१ अंक दिये जाते हैं.

ये पहेली लंबी चलती रहेगी और मेरिट भी चलती रहेगी. जब भी इस सिरीज के फ़ायनल होंगे उसके पहले सेमी-फ़ायनल करवाये जायेंगे.

बीच बीच मे कभी कोई हेट्रिक हो गई या किसी भी क्रम में ५ बार के प्रथम विजेता को सम्मान सर्टिफ़िकेट दिया जायेगा.

अब आपका अहम सवाल कि जो पिछड गये उनका क्या होगा? सवाल सही है, पर
देखिये इस प्रतियोगिता मे नियमित और सही जवाब अगर कोई देता है तो मेरा मानना है कि वो खरगोश और कछुये की तरह जीत सकता है.

अब ब्लाग के दाहिनी और मेरिट लिस्ट देखिये- इसमे सुश्री अल्पना वर्मा ४ थे नम्बर पर हैं. अब अगर इनके उपर के ३ लोग अनुपस्थित हो जाते हैं या गलत जवाब दे जाते हैं तो ये टोप पर पहुंच जायेंगी. यह किसी भी स्तर से हो सकता है. हम पिछला पूरा रिकार्ड रख के चल रहे हैं कि किस प्रतिभागी के कितने अंक हो चुके हैं.

अभी हमारे लेखा विभाग ने बताया कि "उडनतश्तरी" ने पहेली नम्बर-१ मे सही जवाब देकर ८५ अंक अर्जित किये हुये हैं. अब आपके वो अंक भी हमेशा जुडते रहेंगे. आप पहेली न.१ के जवाब वाली पोस्ट देख लिजिये.

यह उदाहरण सभी के लिये है, अत: सही जवाब के साथ भाग लेते रहिये, जीतने की
सम्भावना हमेशा ही बनी रहेगी.

आपके सुझाव हमारे लिये अमूल्य हैं.

इब खूंटे पै पढो :-

ताऊ के स्कूल के दिनों की बात है. जैसा कि आप जानते ही हैं कि ताऊ को उसके पिताजी "इनिशियल एडवांटेज" बात बे बात देते ही रहते थे. तो ताऊ ने एक दिन अपने बाबू के अच्छे मूड को भांप कर पूछा-

बाबू , थारा बाबू भी थमनै पीट्य़ा करता था के ?
बाबू बोल्या - हां बिल्कुल. ये तो हमारी खानदानी परिपाटी है.
ताऊ :- और उनके बाबू उनको भी पीट्य़ा करते होंगे?
बाबू : हां भई, इसमे पूछने वाली कौन सी बात है. ये तो बच्चों को "इनिशियल एडवांटेज" देने वाली बात है जिसका पालन हमारे खानदान मे होता आया है.

अब ताऊ बोला - पिताजी अगर आप सहयोग दें तो हम इस खानदानी जंगलीपने
की रस्म को खत्म कर सकते हैं.

इब ताऊ के बाबू ने ताऊ को दो कान के नीचे बजाये और बोल्या - अरे सुसरी कुबद की जड, तैं म्हारै खानदान की रस्म तुडवाकै, म्हारै खानदान की नाक कटवावैगा के ?