ताऊ पहेली - 70

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 70 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.

विनम्र विवेदन

कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें कि चित्र मे दिखाई गई जगह का नाम क्या है? कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है. अब नीचे के चित्र को देखकर बताईये कि यह कौन सी जगह है? और किस शहर या राज्य में है?

यह कौन सी इमारत है? और कहां है?

ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे

अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.
जरुरी सूचना:-

टिप्पणी मॉडरेशन लागू है इसलिए समय सीमा से पूर्व केवल अधूरे और ग़लत जवाब ही प्रकाशित किए जाएँगे.
सही जवाबों को पहेली की रोचकता बनाए रखने हेतु समय सीमा से पूर्व अक्सर प्रकाशित नहीं किया जाता . अत: आपका जवाब आपको तुरंत यहां नही दिखे तो कृपया परेशान ना हों.

इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा


नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग ताऊजी डाट काम

टंकी अवरोहण का भंडाफोड़ : "ताऊ टीवी फ़ोड के न्यूज" द्वारा

दर्शकों को रमलू सियार का नमस्कार. ताऊ टीवी के खास खबरिया चैनल "टीवी फ़ोडके न्यूज चैनल" में मैं आपका स्वागत करता हूं और आज की गर्मागर्म स्टोरी पेश करता हूं. आज की ताजा खबर और उसके पीछे का सच...सिर्फ़ टीवी फ़ोडके न्यूज चैनल पर देखिये....

आखिर क्यों ललित शर्मा को टंकी पर चढना पडा?
क्या है हकीकत?
क्या है सच्चाई?
दोस्तो अनगिनत सवाल उठ खडे हुये हैं...

आप तो जानते हैं कि ताऊ टीवी के उपक्रम "टीवी फ़ोड के न्यूज चैनल" का काम ही है सच्चाई को बाहर लाना....वो बात अलग है कि अगर हमारा मतलब सिद्ध हो जाये तो कुछ और भी बाहर आ सकता है...खैर छोडिये..इन बातों को..आप तो आज जानिये...असली सच...क्या है "टंकी के पीछे का असली सच"? कौन सी ताकतें थी इस घटना के पीछे? क्या कोई अंतर्राष्ट्रिय षडयंत्र था? कौन था इसका सरगना...?

हम अभी हाजिर होते हैं एक छोटे से ब्रेक के बाद...गर्मागर्म खबर के साथ......

ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक......



हां तो दोस्तो....मैं रमलू सियार फ़िर से हाजिर हूं...आपकी सेवा में...टंकी के पीछे का असली सच लेकर....अब मैं आपको सीधे उस टंकी के पास लिये...चलता हूं जहां यह टंकी आरोहण हुआ...वहां हमारी खास संवाद दातामिस.समीरा टेड्डी आपको बता रही हैं.."टंकी के पीछे का असली सच"....हम हाजिर होते हैं एक छोटे से ब्रेक के बाद..कहीं जाना हो तो कल तक के मुल्तवी कर दिजिये...कल शाम तक हम "टंकी के पीछे का असली सच" का पर्दा फ़ाश कर ही देंगे...

ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक......



ब्रेक के बाद आपका फ़िर से स्वागत है...अब मैं सीधे घटना स्थल पर मौजूद हमारी संवाद दाता मिस समीरा टेढी के पास लिये चलता हू...हैल्लो मिस. समीरा...हैल्लो...मिस टेढी...हैल्लो हैल्लो..मिस उल्टी सीधी...हैल्लो...मिस आडी- टेढी...हैल्लो क्या आप तक मेरी आवाज पहुंच रही है?...अगर हां तो हमारे दर्शकों को जल्दी बताईये..."टंकी के पीछे का असली सच" .... चलिये...मिस. टेढी से संपर्क स्थापित होगया है....अब मैं आपको मिस. समीरा उल्टी सीधी...ओह...सारी...मिस. टेढी के हवाले करता हूं....

हाय दर्शकों ...मैं मिस समीरा टेढी...कैमरामैन रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" के साथ "ताऊ टीवी फ़ोड के न्यूज" चैनल के खास कार्यक्रम "टंकी के पीछे का असली सच" में आपका स्वागत करती हूं......क्या है "टंकी के पीछे का असली सच"...? कुछ है भी या सिर्फ़ कहानी है?

कई सवाल हैं...क्या ललित शर्मा टंकी पर चढे भी?
क्या किसी ने उनको टंकी पर चढते देखा?
क्या ऐसा शख्स ...जो एक दिन मे चार चार पांच पांच पोस्ट लिखता हो? वो टंकी पर चढने की भी सोच सकता है? तो क्या है फ़िर "टंकी के पीछे का असली सच".....
अनगिनत सवाल खडे हो गये हैं...
ऐसे सवाल ...जिन सवालों ने पूरे ब्लाग जगत को थर्रा दिया है....
दिल थाम के बैठिये...
हम आपको बतायेंगे...
"टंकी के पीछे का असली सच" की कहानी...

एक ऐसी गुत्थी ....
जिसका जवाब सिर्फ़ और सिर्फ़ "ताऊ टीवी फ़ोडके न्यूज" चैनल के पास है....
घबराईये नही सिर्फ़ एक ब्रेक दूर है वो खास खबर....जिसका आपको इंतजार है....
हम अभी जाते हैं और आपके भागने से पहले ही लौट के आते है....
ये झेलिये....एक एक छोटा सा ब्रेक......

ताऊ कद वर्धक तेल के इस्तेमाल के पहले और बाद मे रामप्यारी!


ये ब्रेक खत्म और हम आपके भागने के पहले ही लौट आये हैं...तो दोस्तो...देखिये "टंकी के पीछे का असली सच"....
अब हम बताते हैं कि क्या हुआ?
और क्या नही हुआ?
और क्या होना चाहिये था?
और क्या होगया?

मिस. समीरा टेढी, उस टंकी से रिपोर्टिंग करती हुई, जिस पर ललित शर्मा को चढा हुआ बताया गया था.

हां तो दर्शकों आप...सामने एक टंकी देख पा रहे होंगे...."प्यारे" जी जरा कैमरे को जूम करके हमारे दर्शकों को वो टंकी पास से दिखाईये...हां अब ठीक है....तो दर्शकों अब आप यह टंकी देख पा रहे होंगे...कितनी जीर्ण शीर्ण टंकी....और जरा मेरे पीछे देखिये...रेल्वे लाईन की पटरियां....तो क्या है इन पटरियों का सच? कैसे जुडती हैं कडियां... टंकी के पीछे का असली सच से?....

घटना क्रम शुरु होता है 9 अप्रेल 2010 से....एक पोस्ट आती है.. अलविदा ब्लोगिंग........हैप्पी ब्लोगिंग.....मेरी अंतिम पोस्ट........ललित शर्मा .सब हतप्रभ...भौंचक..किसी को कुछ समझ नही आया...ज्यादातर लोगों ने समझा...यह भी कोई हरयाणवी ड्रामा है....पर नही शाम होते होते...और अगले दिन तक तो खबर जंगल मे बरसात की बाढ की तरह फ़ैल गई....

लेकिन...हमको यह खबर गले नही उतरी...हमने इस खबर का तफ़्सील से निरीक्षण किया...और पाया कि इसमे तो लोचा है...और फ़िर हमने इसकी जो जांच पडताल की...और उसमे जो सच सामने आया उसने हमारे भी रोंगटे खडे कर दिये...आप भी कलेजा थाम के बैठिये इस सनसनी खेज सच को सुनने के लिये...लेकिन उसके पहले एक छोटा सा...नन्हा सा...प्यारा प्यारा सा ब्रेक.....

प्रत्येक शीशी की कीमत रु. 2500/= चारों शीशी एक साथ लेने पर 15 % का स्पेशल डिस्काऊंट! आज ही खरीदें!


ब्रेक के बाद मैं मिस.समीरा टेढी आपका एक बार फ़िर स्वागत करती हूं...हमारे आज के होटेस्ट कार्यक्रम में..."टंकी के पीछे का असली सच" में...

आपने ऊपर जो टंकी देखी....संदेह की वजह यही टंकी है...क्या इतनी बडी बडी मूंछों वाले शेर का वजन यह जीर्ण शीर्ण टंकी ऊठा सकती है? और वो भी लगातार तीन दिन तक? नही कदापि नही....

हमारे मन में शंका क्यों आई? उसका कारण भी है...क्योंकि इस षडयंत्र मे एक और हरयाणवी भी शामिल है...और आप तो अच्छी तरह जानते हैं कि हरयाणवी लालों के लाल होते हैं...कहां बोलते हैं? और कहां निकलते हैं? आप क्या ...ये पता लगाना ब्रह्मा जी के पिताजी के वश का भी नही है...ये तो सिर्फ़ और सिर्फ़ "ताऊ टीवी फ़ोडके न्यूज चैनल का ही कमाल है जो इस खबर की तह तक पहुंचा...और इसका भी कारण है....वो हम आपको बाद में बतायेंगे..

फ़िलहाल तो "टंकी के पीछे का असली सच" यह है कि जो कहानी बताई जारही है वो संदेह के घेरे में आगई है. मैने हर एंगल से इस कहानी का राज जानने की कोशीश की है और जो सवाल उठे हैं...क्या उनका जवाब इन दोनों हरयाणवियों मे से कोई देगा?

सवाल न. १ - क्या इतनी कमजोर और जंग खाई हुई टंकी तीन तक इतनी बडी बडी मूंछों वाले शेर का वजन सहन कर सकती थी?

सवाल न. २ - यह टंकी और रेल लाईन ललित शर्मा के घर के पिछवाडे ही है. और हुआ यह होगा कि उन्होने रात मे टंकी से उतर कर घर जाकर आराम किया होगा और दिन मे लोगों को दिखाने के लिये टंकी पर चढे होंगे. और यह टंकी पर चढने के नियमों का सरासर उल्लंघन है.

सवाल न. ३ - संदेह का एक कारण और यह है कि जिस समय इनका टंकी से उतरना बताया गया है ठीक उसी समय वहां टंकी के पास एक मालगाडी डी-रेल हुई थी...और दूसरे हरयाणवी श्री बी.एस.पाबला ने ललित शर्मा की टांग खींचकर टंकी से उतारना बताया है. जो कि कतई ..किसी भी हालत मे संभव नही है...क्योंकि उस समय मालगाडी के डिब्बे वहां इधर उधर लुढके हुये थे..सो टांग खींचकर उतारने की जगह ही नही बच रही थी..

पहले आप नीचे का चित्र देखिये....उसके बाद हम बताते हैं... "टंकी के पीछे का असली सच"..क्या है?

टंकी पर से उतारने के लिये इशारे करते हुये


अब मैं आपको बताती हूं कि हुआ क्या था? हुआ यह कि 11 अप्रेल 2010 को हमारे खास जासूस ने खबर दी..दोनों हरयाणवियों में बात हुई और तय हुआ कि आज टंकी से उतारने का ऐलान करना है...मैं आता हूं..तुम दिन उगने से पहले ही घर से निकल कर टंकी पर चढ जाना

पाबला जी अपने ठीये से निकल कर ७० किलोमीटर की दूरी तय करते है. रास्ते मे ट्रेफ़िक ज्यादा होने से देर होती है...उधर ललित शर्मा अपने घर से निकल टंकी पर चढ चुके हैं और उस दिन तेज धूप थी सो टंकी पर चढकर इंतजार करते हैं...जैसे ही पाबला जी टंकी तलाशने के लिये गलत दिशा मे गाडी मोडते हैं...तुरंत ललित शर्मा ने इशारा किया कि इधर आजावो...बहुत देर करदी..मरवा दिया आज धूप में...और ऊपर का चित्र उसी समय का है....

अब इस दूध का पानी करने के लिये आप एक और नीचे का चित्र देखिये और सारा सच आपके सामने आ जायेगा...

सबूत के लिये टंकी के पास गले मिलकर फ़ोटो खिंचवाते हुये.


अब आपको समझ आया कि यह क्या हुआ? मैं बताती हूं...दर्शकों ये निखालिश दो हरयाणवियों की नूरा कुश्ती थी. इतनी ऊंची टंकी से टांग खींचने का कहना ही संदेह उत्पन्न करता है. क्योंकि...

इतनी ऊंची टंकी से टांग खींचना असंभव है.
अगर ये मान भी लिया जाये कि टांग खींची गई है तो इतनी ऊंची टंकी से गिरकर हाथ पैर टूटना निश्चित था.और हाथ पैर टूटने का कोई लक्षण दिखाई नही देरहा है. क्योंकि दोनों हरयाणवी बडे मजे से गले मिलकर मुस्करा रहे हैं. और यही हमारे संदेह को सच साबित करता है.

अगर हमारी कहानी मे कुछ गलत विश्लेषण किया गया है तो दोनों हरयाणवी हमारे द्वारा ऊपर जो सवाल उठाये गये हैं उनका जवाब दें. वर्ना हम तो इसे दो हरयाणवियों के बीच की नूरा कुश्ती ही कहेंगे.

अब मैं मिस समीरा टेढी आपको वापस स्टूडियो लिये चलती हूं...आज इतनी धूप मे रिपोर्टिंग करते करते मेरी आंखे भी कितनी बडी बडी होगई?

ताऊ पहेली - 69 ( महानिर्वाण मंदिर और स्तूप,कुशीनगर ,उत्तर प्रदेश) विजेता : श्री प्रकाश गोविंद

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 69 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है महानिर्वाण मंदिर और स्तूप,कुशीनगर ,उत्तर प्रदेश

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भीत जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.


गोरखपुर
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उत्तर प्रदेश राज्य पूर्वांचल में गोरखपुर जिले को बाबा गोरखनाथ का धाम कहा जाता है . मुंशी प्रेमचन्द की कर्मस्थली व फिराक गोरखपुरी की जन्मस्थली के रुप मे भी प्रसिद्धि प्राप्त है.अनेकानेक पुरातात्विक, अध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों की धरती को अमर शहीद पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, बन्धु सिंह व चौरीचौरा आन्दोलन के शहीदों की शहादत स्थली के रूप में भी याद किया जाता है.

वैदिक काल में यह स्थान भगवान राम के कौशल राज्य का एक हिस्सा बताया गया है.बारहवीं शताब्दी में मोहम्मद गौरी के राज में प्रसिद्ध तांत्रिक और तपस्वी बाबा गोरखनाथ हुए थे, उन के नाथ सम्प्रदाय का प्रभाव हिन्दू धर्म के सभी वर्गो में दिखाई पड़ता है.उनकी समाधी देखने भी बहुत से पर्यटक आते हैं. ' मगहर ' यहाँ से लगभग २० किलोमीटर पर है जहाँ संत कबीर की समाधी स्थल है.

‘टैराकोटा’ के लिए प्रसिद्ध व आधुनिक गोरखपुर का वर्तमान स्वरुप बेशक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है .
अधिक जानकारी अधिकारिक साईट से लें-
http://gorakhpur.nic.in/

इसी गोरखपुर के कुशीनगर में हम आप को ले कर आये हैं,पहेली में हमने महापरिनिर्वाण मंदिर और उस के पीछे बने स्तूप का चित्र दिखाया था.



आज का कुशीनगर ,प्राचीनकाल के सोलह महाजनपदों में से एक ‘कुशीनारा’ है . रामायण काल में भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी 'कुशावती 'को 483 ईसा पूर्व बुद्ध ने अपने अंतिम विश्राम के लिए चुना था.लुंबनी, बोधगया और सारनाथ के साथ ही कुशीनगर का भी बौद्ध अनुयायियों के लिए बहुत महत्व है.इस कुशीनगर का महत्व यहाँ स्थित महानिर्वाण मंदिर के कारण अधिक है.



महापरिनिर्वाण मंदिर -

इस का स्‍थापत्‍य अजंता की गुफाओं से प्रेरित बताया जाता है.मंदिर के आसपास अशोक काल के कई विहार और चैत्‍य भग्‍नावशेष मौजूद हैं.



इस मंदिर में भगवान बुद्ध की लेटी हुई (भू-स्‍पर्श मुद्रा) 6 मीटर लंबी मूर्ति है, जो की एक ही पत्थर[लाल बलुई] से बनी है.सम्राट अशोक ने बनवाया था.इसे करीब 2500 वर्ष पुरानी बताया गया है.




यह मूर्ति अजंता के भगवान बुद्ध की महापरिनिवार्ण मूर्ति की प्रतिकृति है.जहाँ से यह मूर्ति निकाली गई थी उसी स्थान पर यह मंदिर बनाया गया है.

जिस स्थान पर भगवान बुद्ध का अंतिम संस्‍कार किया गया था वह स्तूप इसी मंदिर के पूर्व में बना है.
महापरिनिर्वाण मंदिर से पहले बीच तालाब में बना भगवान बुद्ध का मंदिर और इसके सामने बना विशाल पैगोडा है.जल मंदिर तक जाने के लिए तालाब के ऊपर पुल बना है.
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इस के अतिरिक्त यहाँ मुख्य पर्यटक स्थल-

माथा कुँवर मंदिर,रामाभार स्‍तूप,जापानी मंदिर और संग्रहालय ,वाट थाई मंदिर[ मंदिर के शीर्ष पर सोने की परत विशेष आकर्षण है], चीनी मंदिर,भगवान शिव को समर्पित बिरला मंदिर आदि .

कैसे जाएँ-

कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय विमान पत्तन बनाए की योजना है.
१-नजदीकी रेलवे स्‍टेशन गोरखपुर रेलवे स्टेशन.
२-वायु सेवा-गोरखपुर से दिल्‍ली, मुंबई और कोलकाता के लिए सुविधाहै.
३-सड़क मार्ग-गोरखपुर से टेक्सी और बसें कुशीनगर के लिए नियमित चलती हैं.

ठहरने के लिए उत्‍तरप्रदेश पर्यटन विकास निगम की ओर से पथिक निवास,प्राइवेट होटल ,बिरला धर्मशाला , बुद्ध धर्मशाला एवम अन्य धर्मशालाएं भी हैं.
अधिकारिक साईट-http://kushinagar.nic.in/
अभी के लिये इतना ही. अगले शनिवार एक नई पहेली मे आपसे फ़िर मुलाकात होगी.


आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.

 

 

tpw69

श्री प्रकाश गोविंद   अंक 101

डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक, अंक 100

सुश्री बबली अंक 99

seema-gupta-2

सुश्री सीमा गुप्ता  अंक 98

श्री विवेक रस्तोगी अंक 97


श्री Chandra Prakash अंक 96


श्री भारतीय नागरिक - Indian Citizen अंक 95

सुश्री रेखा प्रहलाद अंक 94

प. श्री.  डी. के. शर्मा “वत्स” अंक 93


सुश्री Nitikasha अंक 92

 


श्री दिगम्बर नासवा अंक 91

श्री संजय बेंगाणी अंक  90

डा  . मनोज मिश्र अंक 89

nirbhay1

 श्री Nirbhay Jain अंक 88

श्री उडनतश्तरी अंक 87

श्री रतनसिंह शेखावत अंक 86


श्री मो सम कौन? अंक 85

श्री अभिषेक ओझा अंक 84

श्री रंजन अंक 83


अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री पी.सी.गोदियाल,
सुश्री Kshama
श्री सुशील कुमार छौंक्कर
श्री दिनेशराय द्विवेदी
डा. महेश सिन्हा
श्री नरेश सिंह राठौड
सुश्री वंदना
श्री अविनाश वाचस्पति
श्री सैय्यद
अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.

ताऊ पहेली - 69

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 69 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.

विनम्र विवेदन

कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें कि चित्र मे दिखाई गई जगह का नाम क्या है? कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है. अब नीचे के चित्र को देखकर बताईये कि यह कौन सी जगह है? और किस शहर या राज्य में है?

यह कौन सी इमारत है और किस शहर या राज्य में है?

ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे

अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.
जरुरी सूचना:-

टिप्पणी मॉडरेशन लागू है इसलिए समय सीमा से पूर्व केवल अधूरे और ग़लत जवाब ही प्रकाशित किए जाएँगे.
सही जवाबों को पहेली की रोचकता बनाए रखने हेतु समय सीमा से पूर्व अक्सर प्रकाशित नहीं किया जाता . अत: आपका जवाब आपको तुरंत यहां नही दिखे तो कृपया परेशान ना हों.

इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा


नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
ताऊजी डाट काम

एक्स्ट्रा मेरीटल अफ़ेयर का भंडाफ़ोड : ताऊ टीवी

कल अदा जी द्वारा लिखी ब्लागर्स मीट की रिपोर्टिंग समीर लाल...सचमुच .... ठंडी हवा का झोंका....हाँ नहीं तो...!!!पढी, तो हम कहां कह रहे हैं कि नही हैं. बल्कि वो तो सनसनाती हुई ताजा हवा का झौंका है. कोई आश्चर्य नही हुआ.

अब हमको ब्लागर्स मीट की कवरेज का बडा शौक है. या यूं कहलें कि ताऊ टी.वी तो अपने गधा सम्मेलनों और ब्लागर्स मीट के कवरेज के लिये ही पहचाना जाता है. और इस क्षेत्र में एक जाना माना ब्रांड नेम बन चुका है... और खोजी रिपोर्टिंग करना तो ताऊ टीवी चैनल का उद्देश्य ही है. अदा जी की रिपोर्टिंग को हमने बार बार ध्यान से पढा.. .कि कहीं कोई खोजी खबर मिले जिसका हम पंचनामा कर सकें?

और दोस्तों आखिर मे हमको वो खबर मिल ही गई जिसको अदा जी ने जारी तो किया पर अफ़्सोस...वो चूक गई..या उनको जानबूझकर भरमाया गया? क्योंकि जिसे महज गिलहरी बता कर उनसे परिचय करवाया गया वो कोई गिलहरी नही थी बल्कि वो थी प्रसिद्ध माडल...मिस. गिलहरियावेस्की....

और इस तरह असली अफ़ेयर की बात ठंडी हवा दबवाने मे कामयाब रही.... शायद अदा जी ने उस बात पर ज्यादा ध्यान नही दिया...पर हम तो ठहरे खबर की खाल निकालने वाले....अब नीचे उनकी रिपोर्टिंग के शब्दों पर ध्यान दिजियेगा.........

लगे हाथों समीर जी के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेर की बात भी खुल कर सामने आ गयी...हम दांतों तले ऊँगली दबाने ही लगे थे ...कि वो खुशनसीब छम से सामने ही आ गयी....देखा तो श्याम वरण, चपल-चंचल, बड़ी-बड़ी आँखों वाली गिलहरी थी जिससे समीर जी रोज आँख मटका किया करते हैं...

बस दोस्तो, हमको इस एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर वाली बात ने झकझोर दिया और हमने तुरंत हमारे मुख्य खोजी संवाद दाता रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" को इस अफ़ेयर का भंडा फ़ोड करने के लिये नियुक्त कर दिया.

रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" ने २४ घंटो से भी कम समय में इसका भंडाफ़ोड कर दिया. जिस बात को बडी ही खूबसूरती से छुपाया गया उसकी तस्वीरे हम जारी कर रहे हैं....

ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....

हां तो दोस्तो...दिल थाम के बैठिये और सिर्फ़ एक छोटे से ब्रेक के बाद देखिये...इस एक्स्ट्रा मेरीटल अफ़ेयर की सन सनी खेज तस्वीरें...जो कि सिर्फ़ ताऊ टीवी के पास हैं.......

ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....

हां तो दोस्तो...दिल थाम के बैठिये और सिर्फ़ एक छोटे से ब्रेक के बाद देखिये...इस एक्स्ट्रा मेरीटल अफ़ेयर की सन सनी खेज तस्वीरें...जो कि सिर्फ़ ताऊ टीवी के पास हैं.......

ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....

हां तो दोस्तो...दिल थाम के बैठिये और सिर्फ़ एक छोटे से ब्रेक के बाद देखिये...इस एक्स्ट्रा मेरीटल अफ़ेयर की सन सनी खेज तस्वीरें...जो कि सिर्फ़ ताऊ टीवी के पास हैं.......

तो जनाब देखिये.....पार्क में लेटे हुये प्रेमी युगल को...ये गिलहरी नही...जैसा कि अदा जी को बताया गया था....ये हैं प्रसिद्ध माडल... मिस. गिलहरियावेस्की ...और साथ में कौन हैं? बताने की जरुरत है क्या?

प्रसिद्ध माडल... मिस. गिलहरियावेस्की ...और साथ में कौन हैं? बताने की जरुरत है क्या?


लिजिये ये एक और तस्वीर देखिये....जैसे ही इस प्रेमी युगल को पता लगा कि कोई जासूस इनका पीछा कर रहा है तो इन्होने एक हाथ में जूते उठाये और दुसरे हाथ से मिस. गिलहरियावेस्की का हाथ पकड कर दरिया किनारे से उडन छू होने लगे...पर इन्हें क्या पता कि रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" असली जेम्स बांड 007 का अवतार है...इतनी सारी फ़ोटो रामप्यारे ने हमको भिजवाई हैं कि आप दंग रह जायेगें...

बस ये तस्वीर एक छोटे से ब्रेक के बाद...कहीं जाईयेगा नही...हम अभी गये और कल आयेंगे...तब तक ये छोटा सा
विज्ञापन झेलिये...

ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....ब्रेक के बाद.....

हां तो दोस्तो...दिल थाम के बैठिये और सिर्फ़ एक छोटे से ब्रेक के बाद देखिये...इस एक्स्ट्रा मेरीटल अफ़ेयर की सन सनी खेज तस्वीरें...जो कि सिर्फ़ ताऊ टीवी के पास हैं.......

तो जनाब देखिये..... मिस. गिलहरियावेस्की ...के साथ दरिया किनारे सैर करते हुये....?

मिस. गिलहरियावेस्की ...के साथ दरिया किनारे सैर करके उडनछू होते हुये....?


कहीं जाईयेगा नही...हम भी हाजिर होते हैं एक छोटे से ब्रेक के बाद...इस सनसनीखेज एक्स्ट्रा मेरिटल अफ़ेयरकी और एक से बढकर एक तस्वीरे लेकर...याद रखिये..ये तस्वीरे सिर्फ़ ताऊ टीवी के पास हैं...और कहीं नही हैं...तो हम फ़टाफ़ट कल तक आते हैं... तब तक ये छोटा सा विज्ञापन झेलते रहिये.........................

हम जल्द लौट रहे हैं............

ताऊ पहेली - 68 (St. Francis Church Cochin) विजेता : उडनतश्तरी

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 68 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है St. Francis Church Cochin.

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भीत जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.

देवताओं के अपने देश कहे जाने वाले 'केरल 'राज्य के बारे में हम आप को पहले की पोस्ट में बता ही चुके हैं.
आज बात करते हैं यहाँ के राज्य कोच्ची के बारे में .केरल तीन भौगोलिक व सांस्कृतिक इकाईयों में बंटा हुआ है, उत्तर में मलाबार, मध्य में कोचीन और दक्षिण में त्रावणकोर. कोचीन इस प्रदेश का सबसे अधिक विविधवर्णी और सब से बड़ा नगर है.

कोचीन में भारतीय नौसेना एक केंद्र है और एक नौसैनिक संग्रहालय भी है.यह ऐतिहासिक नगर बंदरगाह के कारण एक वाणिज्यिक नगरी के रूप में भी मशहूर है.

Cochin Synagogue


कोच्ची शहर के नीचे की तरफ कोचीनफोर्ट है.भारत में यहूदियों की सबसे पुरानी बस्ती इसी कोचीनफोर्ट में है .१५६८ में बना यहूदियों का मंदिर याने सिनेगॉग भी यहीं है.अब यहाँ बहुत ही कम यहूदी परिवार बचे हैं.[२०-३०?]अधिकतर यहाँ से पलायन कर गए हैं.

वेलिंग्टन द्वीप बीच में है.ऊपर की तरफ अर्नाकुलम नगर बाद में बना और विकसित हुआ है.

कोचिंफोर्ट से लगा हुआ है कोचीन के राजा का १७ वीं शताब्दी में बना पुराना महल .इसे डच पेलेस कहते हैं .
इस काष्ठप्रासाद के मूल शिल्पी पुर्तगाली थे लेकिन सौ साल बाद डच कारीगरों ने उसका पुनर्निर्माण किया.
इस महल में रामायण और महाभारत की कथाओं पर आधारित अनेक सुंदर भित्तिचित्र यहां का प्रमुख आकर्षण हैं.

ST. FRANCIS CSI CHURCH Cochin


कोचीन के अन्य मुख्य आकर्षण हैं .

१-सेंट फ्रांसिस चर्च [१५०३]संभवत: दक्षिण भारत का सबसे पुराना चर्च माना जाता है.

२- सांताक्रूज बासिल्का[1505 ईस्वी]यहाँ ईसा मसीह को सूली दिए जाने के प्रसंग के तेरह चित्र प्रदर्शित हैं.पुनर्निर्माण १९०५ में किया गया है.

पुराने शहर कि तंग गालियों से गुजरते हुए आप पुर्तगाली शैली में बने मकान देख सकते हैं.

३-कोचीन से लगभग पैंतालीस किलोमीटर की दूरी पर उत्तरपूर्व में एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है ,वह है--'कालडी' याने आदि शंकराचार्य का जन्मस्थान!कालडी में पेरियार नदी के किनारे एक आधुनिक मंदिर,८ मंजिला शंकराचार्य कीर्ति स्तंभ और एक संस्कृत विश्वविद्यालय भी है.

यही पास में ही कोचीन का नया अंतर्राष्ट्रीय विमानतल भी बना हुआ है.

१९३३ में बना मानव निर्मित द्वीप ' Willingdon island ' है.

इसके अतिरिक्त कोच्ची फोर्ट बीच,वास्को हाउस,बोल्घात्टी पेलेस ,हिल पेलेस ,पल्लिपोर्ट पेलेस ,मंगलावानाम बर्ड अभ्यारण , केरल museum ,नेहरु स्टेडियम आदि.

यहाँ आप नौका विहार का आनन्द लिजीये और इंडिया foundation में हर शाम 'आर्ट केरला' द्वारा आयोजित पारंपरिक कथकली नृत्य भी देखे जा सकते हैं.

कोचीन पहुँच ही गए हैं तो लक्षद्वीप भी जा सकते हैं जो यहाँ तट से २२० -४४० km दूर स्थिति है .

कोचीन जाने के लिए सभी राज्यों से सड़क,वायु,और रेल मार्ग सुविधाएँ हैं.

अब पहेली में पूछे गए स्थान के बारे में जानते हैं -:

सेंट फ्रांसिस चर्च ,कोच्चि (कोचीन)
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वास्को डी गामा १४९८ में समुद्र के रास्ते यूरोप से [कालीकट]भारत आये थे.उन्हीं का अनुसरण करते हुए दो पुर्तगाली यहाँ पहुंचे और कोचीन के राजा की अनुमति से उन्होंने यहाँ एक काष्ठ का किला बनाया और उसमें एक चर्च भी बनाया. एक पुर्तगाली ने १५०६ में इस लकड़ी के महल और चर्च को पत्थर से पुनर्निर्मित करवाया गया.१५१६ पुनर्निर्माण का कार्य संपन्न हुआ और इसे सेंट अन्थोनी[पुर्तगाली] को समर्पित किया गया.

ST. FRANCIS CSI CHURCH inside.


१६६३ में डच लोगों ने इस स्थान पर कब्ज़ा किया वे protestant ईसाई थे उन्होंने सभी चर्चों को नष्ट करा दिया सिर्फ इस एक को छोड़ दिया और इस का पुनर्निर्माण करा कर इसे सरकारी चर्च बना दिया.१८०४ में यह चर्च अन्ग्लिकान्स के आधीन आ गया उन्होंने इस का नाम बदल कर सेंट फ्रांसिस रख दिया.[ज्ञात हो कि पुर्तगाली रोमन केथोलिक ईसाई थे. ]

सन् १५२४ में वास्को डी गामा तीसरी बार कोचीन आये थे,उस समय उनकी मृत्यु यहीं हो गयी थी.उनका शव का इसी चर्च में अंतिम संस्कार किया गया था.१४ साल बाद उनके शव को पुर्तगाली यहाँ से निकाल कर लिस्बन ले गए थे.उनकी कब्रगाह का पत्थर आज भी यहाँ देखा जा सकता है.

Original Grave Of Vasco da Gama


सन् १९२३ में इस चर्च को पुरातत्व विभाग के अंतर्गत संरक्षित इमारत घोषित किया गया.पर्यटक बुधवार के अलावा सभी दिन यहाँ जा सकते हैं.

अंतर्जाल पर इस चर्च से संबधित यह सारी जानकारी हिंदी में पहली बार लिखी गयी है.

अगली पहेली हम उत्तर भारत से पूछेंगे.अगली पहेली के लिए इस तरह क्लू देना जानबूझकर नियमित नहीं रखा गया है.

अभी के लिये इतना ही. अगले शनिवार एक नई पहेली मे आपसे फ़िर मुलाकात होगी.


आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.

 

tpw68

श्री उडनतश्तरी  अंक 101

सुश्री रेखा प्रहलाद अंक 100

Himanshu1

श्री हिमांशु । Himanshu  अंक 99

ravikantpande

श्री रविकांत पांडे अंक 98

श्री दिनेशराय द्विवेदी अंक 97

श्री प्रकाश गोविंद   अंक 96

सुश्री बबली अंक 95

  श्री संजय बेंगाणी अंक 94


श्री Chandra Prakash अंक 93

श्री अंतरसोहिल अंक 92

श्री पी.सी.गोदियाल, अंक 91

श्री रंजन अंक 90


डा. श्री महेश सिन्हा अंक 89

श्री सैयद | Syed  अंक 88

masharma

सुश्री M A Sharma “सेहर” अंक 87

seema-gupta-2

सुश्री सीमा गुप्ता  अंक 86

kkyadav1

श्री के के यादव अंक 85

श्री विवेक रस्तोगी अंक 84

रज-भतिअ

श्री राज भाटिया अंक 83

akanshaji

सुश्री आकांक्षा अंक  82

श्री रजनीश परिहार अंक 81

   प. श्री.  डी. के. शर्मा “वत्स” अंक 80

naresh=rathod

श्री नरेश सिंह राठोड 79

 

 



अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री अशोक पांडे
श्री रतनसिंह शेखावत
श्री सुशील कुमार छौंक्कर
श्री अनिल पूसदकर
श्री अविनाश वाचस्पति
श्री Shastri JC Philip
श्री आशीष खंडेलवाल
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
श्री संजय भास्कर
श्री रामकृष्ण गौतम
सुश्री वंदना
डा. मनोज मिश्र
श्री भारतीय नागरिक - Indian Citizen
अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.