ताऊ पहेली - 79

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 79 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.

विनम्र विवेदन

कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें कि चित्र मे दिखाई गई जगह का नाम क्या है? कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है. अब नीचे के चित्र को देखकर बताईये कि यह कौन सी जगह है? और किस शहर या राज्य में है?


ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे.

अब रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर का. यानि जो भी प्रतिभागी रामप्यारी के सवाल का सही जवाब देगा उसे 20 नंबर अलग से दिये जायेंगे. तो आईये अब आपको रामप्यारी के पास लिये चलते हैं.


"रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर के लिये"



हाय...आंटीज एंड अंकल्स...दीदीज एंड भैया लोग...गुडमार्निंग..मी राम की प्यारी रामप्यारी.....अब आपसे पूरे 20 नंबर का सवाल पूछ रही हूं. सवाल सीधा साधा है. बस मुख्य पहेली से अलग एक टिप्पणी करके जवाब देना है. और 20 नंबर आपके खाते में जमा हो जायेंगे. है ना बढिया काम...तो अब नीचे का चित्र देखिये और बताईये की यह कौन से फ़ल का पेड है? हिंट के लिये बतादूं कि आजकल यह फ़ल बहुतायत से आरहा है और मुझे बहुत ही पसंद है. इस चित्र के फ़ल छुपा दिये गये हैं अगर ध्यान से देखेंगे तो शायद दिख भी जायेंगे.



इस सवाल का जवाब अलग टिप्पणी मे ही देना है. अब अभी के लिये नमस्ते. मेरे ब्लाग पर अब से दो घंटे बाद यानि 10 बजे आज की मुख्य पहेली के हिंट के साथ आपसे फ़िर मुलाकात होगी तब तक के लिये नमस्ते.

अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.
जरुरी सूचना:-

टिप्पणी मॉडरेशन लागू है इसलिए समय सीमा से पूर्व केवल अधूरे और ग़लत जवाब ही प्रकाशित किए जाएँगे.
सही जवाबों को पहेली की रोचकता बनाए रखने हेतु समय सीमा से पूर्व अक्सर प्रकाशित नहीं किया जाता . अत: आपका जवाब आपको तुरंत यहां नही दिखे तो कृपया परेशान ना हों.

इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु. अल्पना वर्मा

नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
ताऊजी डाट काम

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता का रिजल्ट काऊंट डाऊन शुरु

प्रिय ब्लागर मित्रगणों,
हमने वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता के आयोजन की घोषणा 16 मार्च 2010 को की थी. तब से इस में शामिल की गई रचनाओं का प्रकाशन ताऊजी डाट काम पर निरंतर जारी था.

इस प्रतियोगिता मे हमें आशातीत रचनाएं प्राप्त हुई. इस प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागियों का हम आभार प्रकट करते हैं. आप सभी ने जिस उत्साह और उमंग से इस प्रतियोगिता को सफ़ल बनाया है उससे हमारा उत्साह बढा है जो आगे के वर्षों में इसकी निरंतरता को बनाये रखने में सहायक होगा.

इस प्रतियोगिता के निर्णायक बनना स्वीकार कर श्री संजय झाला जी ने इस प्रतियोगिता का ना सिर्फ़ मान बढाया है बल्कि अंतर्जाल पर मातृभाषा में स्वस्थ सुंदर हास्य व्यंग लेखन को प्रोत्साहित करने का पुण्य कर्म भी किया है . इस हेतु वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता कमेटी आपकी बहुत आभारी है.

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता के निर्णायक श्री संजय झाला


श्री संजय झाला के तीन व्यंग्य संग्रह "सूर्पनखा की नाक", "भ्रष्ट सत्यम् जगत मिथ्या" (राधा कृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली) व "तू डाल-डाल, मैं पात-पात" (डायमंड बुक्स, नई दिल्ली) द्वारा प्रकाशित हो चुके हैं. व हास्य-व्यंग्य उपन्यास "हम नहीं सुधरेंगे" अभी प्रकाशनाधीन है.

आप अभी तक लगभग 1000 काव्य यात्राओं सहित मस्कट, हांगकांग, थाईलैंड में भी काव्य पाठ कर चुके हैं.भारत के प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं यथा हंस, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका में निरंतर व्यंग्य लेखन व इसके साथ ही राजस्थान सरकार की उपभोक्ता विषयक पत्रिका "उपभोक्ता मंगल" का संपादन व अनेक लघु पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर लेखन जारी है.

आप हास्य-व्यंग्य पर स्वतंत्र शोध व कविता में नाट्य प्रयोग के लिए विशेष चर्चित हैं. आपको अनेकों सम्मानों द्वारा अभी तक नवाजा जा चुका है जिनमें मुख्य सम्मान हैं :

* महामहिम प्रतिभा पाटिल द्वारा सम्मानित
* अखिल भारतीय टेपा सम्मान (36वां)
* अखिल भारतीय रंग-तरंग सम्मान (अक्षर विश्व, मध्यप्रदेश)
* राजस्थान गौरव 2009 (राजस्थान)
* अट्टहास युवा रचनाकार सम्मान 2009 (उत्तर प्रदेश)
* अखिल भारतीय टेपा सम्मान (40वां)


40वाँ अखिल भारतीय टेपा सम्मान प्राप्त करते हुये श्री संजय झाला
हास्य-व्यंग्य का सर्वाधिक चर्चित, लोकप्रिय पुरस्कार पिछले चालीस वर्षों से राष्ट्रीय ख्याति के व्यंग्यकारों, साहित्यकारों व हास्य-अभिनेताओं/अभिनेत्रियों को दिया जाता है। इसी क्रम में राजस्थान के हास्य कवि संजय झाला को कालीदास अकादमी, उज्जैन में 36वाँ तथा 40वाँ अखिल भारतीय टेपा सम्मान क्रमशः 1 अप्रैल, 2006 और 1 अप्रैल, 2010 को प्रदान किया गया। आपको कालीदास अकादमी उज्जैन द्वारा दिया जाने वाला अखिल भारतीय टेपा सम्मान दो बार प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है.


रचनाओं के प्रिंट श्री संजय झाला जी को निर्णय हेतु प्रेषित किये गये. श्री झाला ने अपना अमूल्य समय देते हुये रचनाओं पर निर्णयांक देकर हमें वापस भिजवा दी हैं. अब रिजल्ट का कार्य फ़ायनल दौर में चल रहा है. बहुत ही शीघ्र हम प्रतियोगिता के रिजल्ट लेकर आपकी सेवा में उपस्थित होंगे.

पुन: आप सभी का आभार!

ताऊ पहेली - 78 (Hazarduari Palace Museum, Murshidabad ) विजेता श्री Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 78 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है Hazarduari Palace Museum, Murshidabad (West Bengal)

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भीत जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.


मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल का एक ऐसा शहर है जिसने ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटक स्थलों के लिए पूरे विश्व में पहचान बनाई है.

पहेली में पूछा गया चित्र 'हज़ारद्वारी महल' का था .यह कोलकाता से 219 किलोमीटर की दूरी पर बना मुर्शिदाबाद का प्रमुख पर्यटक स्थल है.

Hazarduari Palace


भागीरथी नदी के किनारे बने इस तीन मज़िले भवन में ,११४ कमरे और ९०० वास्तविक दरवाज़े हैं और बाकि आभासी[हूबहू दिखते मगर पत्थर के बने हैं ] .इसलिए इसे १००० द्वारी कहा जाता है.प्रसिद्ध वास्‍तुकार मैकलिओड डंकन द्वारा ग्रीक (डोरिक) शैली का अनुसरण करते हुए मीर जाफर के उत्तराधिकारी नवाब नाज़िम हुमायूँ जहाँ (1824-1838 ई.) के शासन काल में इसका निर्माण हुआ.यह लगभग 41 एकड़ में फैला हुआ एक खूबसूरत महल है.नवाब यहाँ अपना दरबार लगाते थे.और अंग्रेजों के शासन काल में यहाँ प्रशासकीय कार्य किये जाते थे.यह महल कभी भी आवास के लिए नहीं इस्तमाल किया गया.

Hazarduari Palace History Murshidabad


यहाँ भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण का सबसे बड़ा स्‍थल संग्रहालय भी है इसलिए इसे हजारद्वारी महल संग्रहालय भी कहा जाता है.

1985 में इस महल के बेहतर परिरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण को सौंप दिया गया. यह संग्रहालय भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण का सबसे बड़ा स्‍थल संग्रहालय माना जाता है और इसमें बीस दीर्घाएं प्रदर्शित हैं जिनमें 4742 पुरावस्‍तुएं मौजूद हैं जिनमें से जनता के लिए 1034 पुरावस्‍तुएं प्रदर्शित की गई हैं।

पुरावस्‍तुओ के संग्रह में विभिन्‍न प्रकार के हथियार, डच, फ्रांसिसी और इतालवी कलाकारों द्वारा बनाए गए तैल चित्र, संगमरमर की मूर्तियॉं, धातु की वस्‍तुएं, चीनी मिट्टी और गचकारी की मूर्तियॉं, फरमान, विरल पुस्‍तकें, पुराने मानचित्र, पाण्‍डुलिपियाँ, भू-राजस्‍व के रिकार्ड, पालकी शामिल हैं जिनमें से अधिकतर 18वीं और 19वीं शताब्‍दियों से सम्‍बंधित हैं.इस संग्राहलय में पर्यटक 2700 से अधिक हथियारों को देख सकते हैं। इन हथियारों में नवाब अलीवर्दी खान, सिराजुद्दौला और उनके दादाजी की तलवारें प्रमुख हैं। यहां घूमने के बाद पर्यटक विन्टेज कारों का अदभूत संग्रह भी देख सकते हैं। इन कारों का प्रयोग शाही घराने के सदस्य किया करते थे। संग्राहलय और पैलेस देखने के बाद पर्यटक यहां पर बने पुस्तकालय में भी घूमने जा सकते हैं। पुस्तकालय में घूमने के लिए पर्यटकों को पहले विशेष अनुमति लेनी पड़ती है।अकबरनामा की मूल प्रति भी यहीं रखी हुई है.

Imambara and Clock Tower hazardwari


इस प्रासाद के परिसर में घडी घर ,मदीना मस्जिद ,इमामबाड़ा और बच्चावाली तोप भी देखी जा सकती हैं . १२-१४ शताब्दी में बनी इस १६ फीट की तोप में लगभग १८ किलो बारूद इस्तमाल किया जा सकता था.कहते हैं कि इसे सिर्फ एक ही बार इस्तमाल किया गया है..और उस समय धमाका इतना बड़ा और तीव्र हुआ था कि कई गर्भवती महिलाओं ने समय से पूर्व बच्चे जन्म दिए थे.इसलिए इसे बच्चावाली तोप कहते हैं.

Bacchawali Tope Cannon Murshidabad


इस महल को देखने के लिए प्रवेश शुल्क निर्धारित है.शुक्रवार को यह बंद रहता है.

[यह जानकारी भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग की अधिकारिक साईट , विकिपीडिया था अंतर्जाल पर अन्य स्त्रोतों से ली गयी है.]

बच्चावाली तोप और सूचना बोर्ड की तस्वीरों के लिए श्री अनिल पी. का आभार.



आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.



सभी विजेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं.


 

smartindian

श्री स्मार्ट इंडियन  अंक 101

darshan-baweja

श्री Darshan Lal Baweja  अंक 100

indu

सुश्री INDU अंक 99

seema-gupta-2

सुश्री सीमा गुप्ता अंक 98

CP Mittal

श्री Chandra Prakash अंक 97

श्री रंजन अंक 96


आईये अब रामप्यारी मैम की कक्षा में





हाय गुड मार्निंग एवरीबड्डी... मेरे सवाल का सही जवाब है : यह महिला प्याज के खेत में है और हरे प्याज उखाड रही है. निम्न सभी प्रतिभागियों को सवाल का सही जवाब देने के लिये 20 नंबर दिये हैं सभी कॊ बधाई.





श्री काजलकुमार,
सुश्री सीमा गुप्ता
प. डी.के. शर्मा "वत्स",
श्री Darshan Lal Baweja
श्री उडनतश्तरी

अब अगले शनिवार को फ़िर यहीं मिलेंगे. तब तक जयराम जी की!

अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री रतनसिंह शेखावत
श्री अविनाश वाचस्पति
श्री युगल मेहरा
श्री तारकेश्वर गिरी
श्री अंतर सोहिल
श्री पी.एन.सुब्रमनियन
श्री राम त्यागी
डा. महेश सिन्हा
श्री संजय भास्कर
श्री आशीष मिश्रा
श्री दिगम्बर नासवा
भारतीय नागरिक - Indian Citizen
सुश्री वंदना
डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक,

अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.

ताऊ पहेली - 78

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 78 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.

विनम्र विवेदन

कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें कि चित्र मे दिखाई गई जगह का नाम क्या है? कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है. अब नीचे के चित्र को देखकर बताईये कि यह कौन सी जगह है? और किस शहर या राज्य में है?


ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे.

अब रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर का. यानि जो भी प्रतिभागी रामप्यारी के सवाल का सही जवाब देगा उसे 20 नंबर अलग से दिये जायेंगे. तो आईये अब आपको रामप्यारी के पास लिये चलते हैं.


"रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर के लिये"



हाय...आंटीज एंड अंकल्स...दीदीज एंड भैया लोग...गुडमार्निंग..मी राम की प्यारी रामप्यारी.....अब आपसे पूरे 20 नंबर का सवाल पूछ रही हूं. सवाल सीधा साधा है. बस मुख्य पहेली से अलग एक टिप्पणी करके जवाब देना है. और 20 नंबर आपके खाते में जमा हो जायेंगे. है ना बढिया काम...तो अब नीचे का चित्र देखिये और बताईये की यह महिला किस चीज के खेत मे है?



इस सवाल का जवाब अलग टिप्पणी मे ही देना है. अब अभी के लिये नमस्ते. मेरे ब्लाग पर अब से दो घंटे बाद यानि 10 बजे आज की मुख्य पहेली के हिंट के साथ आपसे फ़िर मुलाकात होगी तब तक के लिये नमस्ते.

अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.
जरुरी सूचना:-

टिप्पणी मॉडरेशन लागू है इसलिए समय सीमा से पूर्व केवल अधूरे और ग़लत जवाब ही प्रकाशित किए जाएँगे.
सही जवाबों को पहेली की रोचकता बनाए रखने हेतु समय सीमा से पूर्व अक्सर प्रकाशित नहीं किया जाता . अत: आपका जवाब आपको तुरंत यहां नही दिखे तो कृपया परेशान ना हों.

इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु. अल्पना वर्मा

नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
ताऊजी डाट काम

चेतावनी : इस पोस्ट को कृपया ब्लागर गण ना पढें.

आदरणीय ब्लागर गणों, आज मैं आप सभी को यहीं से चेता देना चाहता हूं कि प्लिज...प्लिज...आप यह पोस्ट यहां से आगे मत पढिये. तो आप पूछेंगे "प्यारे जी" जब आपने ब्लाग पोस्ट लिखी है तो हम क्यूं नही पढेंगे? तो मैं आपको स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह पोस्ट ब्लागर्स के परिजनों और शुभचिंतकों की सेवा के लिये लिखी गई है. अत: अगर आप ब्लागर हैं तो यहीं से उल्टे पांव लौट जाईये और अगर आपका कोई परिजन या मित्र ब्लागरत्व प्राप्ति की और अग्रसर है तो आप आगे पढिये.

आप जानते हैं कि आजकल तंबाकू, शराब के नशे छुडवाने के लिये कितने प्रकार के लुभावने विज्ञापन छपते हैं कि बिना बताये चुपचाप नशा छुडवाईये. और आजकल तो उडनतश्तरी से सुना है कि सिगरेट छुडवाने के लिये बेलन रूपी मशीन भी आगई है. क्या किया जा सकता है? जो बेचारा तकलीफ़ में है वो तो अवश्य खरीदेगा. और बेलन रूपी मशीन खरीदने की क्या आवश्यकता है? वो तो हर भारतीय घर मे मौजूद है ही. बस मशीन चलाने वाले आपरेटर की दया पर निर्भर है कि वो कब चलायेगी?

पर दोस्तो मैं मजाक नही कर रहा हूं. क्या आप जानते हैं कि आजकल असली नशा कौन सा है? जिससे हर परिजन त्रस्त हो चुका है? जी हां आप ठीक समझे हैं...आजकल सबसे खतरनाक नशा है ब्लागिंग का. और आज तक इससे मुक्ति दिलवाने की कोई दवाई गोली, केप्सूल या मशीन इजाद नही हुई है. पर अब आप चिंता मत किजिये. ताऊ प्रोडक्ट्स ने अनेक दिनों की अथक मेहनत और खोज द्वारा ब्लागिंग नशे से मुक्त करने के लिये शर्तिया और अचूक नुस्खें ढूंढ लिये हैं. अब आप इस खतरनाक नशे से बिना बताये आपके ब्लागिंग करने वाले परिजन की ब्लागिंग की लत छुडवा सकते हैं.



इस के लिये हमने अलग अलग पेकैज तैयार किये हैं. यानि नशा जिस स्तर का है उसी के हिसाब से कोर्स दिया जायेगा. यह कोर्स टेस्टेड हैं जिनका परीक्षण ताऊ पर किया गया है. अत: आप बेफ़िक्र होजायें और निम्न स्थितियों वाले ब्लागिंग के नशे की लत छुडवाने के लिये तुरंत संपर्क करें.

आपका परिजन निम्न में से किसी भी श्रेणी की लत का आदि हो सकता है. हमने ब्लागिंग के नशे के संपूर्ण लक्षण लिख दिये हैं और कोर्स लेने का तरीका और कीमत भी सामने ही लिख दी है. तुरंत संपूर्ण एडवांस के साथ आर्डर भेजे. VPP से कोई माल नही भेजा जायेगा.

पहली स्थिति का लतियल :

लक्षण : इस हालत में ब्लागर को सपने में भी ब्लाग पोस्ट दिखाई देने लगती हैं. और वो खुद इसी बारे मे सोचता रहता है कि ब्लाग पोस्ट कैसे लिखी जाये?

दूसरी स्थिति का लतियल :

लक्षण : इस स्थिति का लतियल ब्लागर दिन रात पोस्ट लिखता और मिटाता रहता है. किसी तरह संतुष्ट होकर एक दो पोस्ट ठेलने में कामयाब हो ही जाता है. पुरानी मेगजिन्स और अखबारों की कतरनें बैग मे भरे रहता है कि उनसे ही पोस्ट निकल आयेगी.

तीसरी स्थिति का लतियल :

लक्षण : इस तरह का ब्लागर दिन रात टिप्पणीयों का इंतजार करता है और इसी की उम्मीद मे इधर उधर टिप्पणीयां फ़ेंका करता है. कुछ कुछ खोया खोया सा रहने लगता है और घर वाले समझते हैं कि इस बेचारे पर आफ़िस के काम का बोझ ज्यादा है जो ये घर से लेपटोप पर आफ़िस का काम करता रहता है जबकि वास्तव में वो ब्लागिंग मे उलझा रहता है.

उपरोक्त पहली, दूसरी और तीसरी हालत के लतियलों की लत छुडवाने हेतु दवा का कोर्स : ब्लागगुटिका वटी की दो दो गोली सुबह शाम देवें. सोते समय ब्लागनिषेध पाऊडर की धूणी देवें. दो कोर्स में पूरा फ़ायदा मिलेगा.

कीमत : रुपया ३७५०/ मात्र प्रति कोर्स

चौथी स्थिति का लतियल :

लक्षण : चौथी स्थिति तक पहुंचते पहुंचते सुबह उठते ही जैसे तैसे आदमी नित्य कर्म से निपट कर कंप्यूटर की तरफ़ लपकने लगता है. सीधे ब्लाग खोलकर अपनी टिप्पणी बाक्स चेक करने बैठ जाता है. जाहिर है कि टिप्पणीयां नही मिलने पर झल्लाता है और सारी झल्लाहट घरवालों पर निकालता है और बिना नाश्ता किये ही आफ़िस के लिये रवाना होजाता है .

पांचवी स्थिति का लतियल :

लक्षण : इस हालत मे आदमी ज्यादा से ज्यादा टिप्पणीय़ां करता है और बदले में टिप्पणीय़ां मांगने लगता है. तबियत गिरी गिरी सी रहने लगती है. सिवाय ब्लागिंग के कुछ याद नही रहता. सुबह का घूमना फ़िरना छूट जाता है. उठते बैठते सिर्फ़ ब्लागिंग ही याद रहती है.

छठी स्थिति का लतियल :

लक्षण : छठी स्थिति में आदमी किसी तरह पोस्ट ठेलकर बाकी सभी ब्लागर्स को इमेल भेजकर टिप्पणीयां मांगना शुरु कर देता है. किसी के मना करने पर भी नही मानता. और अपने आपको साहित्यकार समझने लगता है. चोबीसो घंटे कैमरा जेब मे लिये घूमता है.

उपरोक्त चौथी, पांचवीं और छठी हालत के लतियलों की लत छुडवाने हेतु दवा का कोर्स : इन स्थितियों वाले ब्लागरत्व की और अग्रसर लोगो कों ब्लागबेलन प्रहार वटी की तीन तीन गोली की खुराक प्रत्येक छह छह घंटे से नियमित देवे. रात्रि में सोते समय ब्लागमोह भंग चूर्ण की एक पुडिया करेले के रस में घोल कर नियमित पिलायें. तीन कोर्स में फ़ायदा नही मिले तो दो कोर्स और मंगवा कर देवें. अवश्य फ़ायदा मिलेग

कीमत : रुपया ७२५०/ प्रति कोर्स

सातवीं स्थिति का लतियल :

लक्षण : इस स्थिति मे आदमी नींद में बडबडाने लगता है तब जाकर घरवालों पर यह राज खुलता है कि ये लेपटोप पर आफ़िस का काम नही बल्कि ब्लागिंग ब्लागिंग खेल रहा होता है. अब घरवालों से झगडे रोज की बात हो जाती है. और यह स्थिति ज्यादा खतरनाक होती है. क्योंकि आदमी समाज और मित्रों से तो पहले ही कट चुका होता है अब घरवाले भी उसको जलीकटी सुनाने मे पीछे नही रहते. अगर आपका परिजन इस स्थिति तक पहुंच चुका है तो आपको सलाह दी जाती है कि तुरंत ताऊ प्रोडक्ट्स का शाही कोर्स लेकर इलाज करवायें अन्यथा स्थितियां और भी बिगड कर काबू से बाहर हो सकती हैं.

आठवीं स्थिति का लतियल :

लक्षण : इस स्थिति का ब्लागर अपने आपको चेंपियन समझने लगता है. जैसे कुछ अपने आपको टेक्निकल ब्लागर समझने लगते हैं और दूसरों को ज्ञान बांटने लगते हैं. चाहे खुद को कुछ नही आता हो पर दूसरों को ज्ञान जरूर देता है. और खुद को परिजनों के बीच भी सेलेब्रिटी समझने लगता है.

नवीं स्थिति का लतियल :

लक्षण : इस स्थिति का ब्लागर अपने आपको महान चर्चाकार समझने लगता है और अपनी मंडली को बढाता जाता है. और इसी नवीं स्थिति के ब्लागरों में यह पाया गया है कि वो दिन रात टोप चालीस में पहूंचने की कवायद में लगा रहता है. यानि बहुत ही खतरनाक स्थिति को प्राप्त हो चुका होता है.

उपरोक्त सातवीं, आठवीं और नवीं हालत के लतियलों की लत छुडवाने हेतु दवा का शाही कोर्स : यह बहुत ही गंभीर स्थितियां हैं,. इनसे छुटकारा सिर्फ़ शाही कोर्स से ही प्राप्त हो सकता है. शाही जूतमपैजार वटी की चार चार गोलियां दिन में चार बार देवें. ब्लाग निचोडरस की दो दो चम्मच सुबह शाम देवें. बेनामी चूर्ण की दो पुडिया रात सोते समय देवें. इस शाही कोर्स की चार खुराकों में संपुर्ण फ़ायदा मिलेगा.

कीमत : रुपया ११००१/ मात्र प्रति कोर्स

ऊपर वर्णित नौ प्रकार के लतियलों के अलावा दसवीं ग्यारहवीं और बारहवीं स्थितियों के लतियल अक्सर बेकाबू पाये गये हैं जिनके लक्षण और कोर्स नीचे बताये गये हैं. इन तीनों तरह के लतियलों को सुपर स्पेशल शाही दवा का कोर्स दिया जायेगा और जरुरत पडने पर ताऊ अस्पताल मे एडमिट भी होना पड सकता है.

दसवीं स्थिति का लतियल : इस स्तर तक लतियल होने पर अतिशय मौज लेने की आदत पड जाती है. एक ही चीज को बार बार दोहराने के खतरनाक लक्षण स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं. ऐसा लतियल आदमी अपने मन की करने लगता है. ब्लाग पर पहेली पूछने का चस्का लग जाता है. मौज लेने के चक्कर मे खुद को ज्ञानी समझने लगता है. जब देखो ब्लागर सम्मेलन करवाने के लिये उतावला रहता है. कुल मिलाकर दसवीं स्थिति दस नंबरीकी तरह चरितार्थ होने लगती है.

लत छुडवाने हेतु दवा का कोर्स : यह बहुत ही खतरनाक स्थिती को प्राप्त हुआ ब्लागर होता है.
वैसे तो इसका इलाज स्वयं ब्रह्माजी के पास भी नही है पर हमने निरंतर खोज और अनुसंधान द्वारा इसका उपाय खोज लिया है. इस श्रेणी के लतियलों को सुपर स्पेशल शाही दवा के सात कोर्स लेने पडेंगे.

पूरा इलाज इस प्रकार चलेगा : शाही जूतमपैजार वटी की चार चार गोलॊ सुबह शाम, शाही बेनामी गुटिकाकी तीन तीन गोलॊ दिन में तीन में बार, महा ब्लाग मोह भंग वटी की चार चार गोली सुबह शाम.

हर कोर्स में तीसरे दिन एक इलेक्ट्रिक शाक दिया जायेगा.

कीमत : रुपया ३१०००/ प्रति कोर्स एवम इलेक्ट्रिक शाक मुफ़्त दिया जायेगा. अगर एक सप्ताह में दूसरा शाक देना पडा तो उसका नियमानुसार चार्ज लिया जायेगा.

ग्यारहवीं स्थिति का लतियल : ऐसे लतियलों के हाथ की अंगुलियों में झुनझनी और कंपकपी आना शुरु हो जाती है. पीठ मे दर्द रहना शुरु हो जाता है. वजन तेज गति से बढता है. दिल दिमाग काम नही करता. नींद कम हो जाती है. जब भी नींद टुटती है तब ब्लाग खोलकर बैठ जाते हैं. आफ़िस में भी ब्लागिंग करने की लत लग जाती है. पूछने पर मना करते हैं यानि झूंठ बोलने की बीमारी भी घेर लेती है. ब्लागजगत और घर में भी पंगे लेने की आदत पड जाती है.

लत छुडवाने हेतु दवा का कोर्स : इन्हें सुपर स्पेशल शाही दवा के ग्यारह कोर्स लेने की सलाह दी जाती है. अगर फ़ायदा नही होतो एक बार फ़िर से रिपीट करें. पूरा इलाज इस प्रकार चलेगा :

ब्लाग सटक वटी की असली तीन तीन गोलियां - दिन में चार बार, ब्लाग मोह भंग चूर्ण रात को सोते समय. ऐसे लोगों पर दवाईयों का असर ज्यादा नही होता. इन्हें ग्यारह सप्ताह तक एक दिन छोडकर एक दिन इलेक्ट्रिक शाकदिये जायेंगे. इनको कंप्यूटर पर बैठने का मौका नही दिया जाना चाहिये. घर गृहस्थी के कामों में उल्झाकर रखें. खाली दिमाग शैतान का घर समझकर इनसे कडाई से काम लें और घर के कामों में मशगूल रखें जिससे इनको ब्लागिंग की तरफ़ झांकने का मौका ही नही मिले. अगर ज्यादा ही चिडचिडाहट दिखाये तो जूतमपैजार वटी और बेलनगुटिका वटी की चार चार गोलियों का SOS सेवन करवाये, तुरंत काबू में आजायेंगे.

कीमत : रुपया ३८५००/ मात्र प्रति कोर्स ( इनको इलेक्ट्रिक शाक आधे फ़्री दिये जायेंगे)

बारहवीं स्थिति का लतियल : इस स्थिति का ब्लागर चंद्रयान की तरह समस्त कक्षाओं को पार कर चुका होता है. इनका इलाज अत्यंत ही दुष्कर कार्य है. ऐसे लोग दिन में अंधाधुंध टिप्पणीयां करने के शौकीन होते हैं. इन्हें खुद की पोस्ट पर भी सौ से कम टिप्पणीयां आयें तो बेचेनी रहती है. ये चाहे जमीन पर चले, रेल मे चले या हवाईजहाज में चले, इनको ब्लागिंग का भूत चौबीसों घंटे सवार रहता है. लेखन की हर विधा में दखल रखते हैं. वजन अनियंत्रित हो जाता है. मधुमेह की शिकायत घेरने लगती है. पीठ में दर्द होने लगता है.

लत छुडवाने हेतु दवा का कोर्स : इनको २१ डबलराजा शाही कोर्स की खुराक देने की सलाह दी जाती है. पूरा इलाज इस प्रकार चलेगा.

मनशांत गुटिका की तीन तीन गोली दिन में चार बार, ब्लागमोह भंग वटी की ४ - ४ गोली की तीन खुराक,टिप्पणी मोह भंग रस की चार चार चम्मच दिन मे तीन बार, और इलेक्ट्रिक शाक शुरु के दो सप्ताह नित्य प्रति सुबह शाम, अगले दो सप्ताह दिन में सिर्फ़ एक बार, फ़िर एक दिन छोडकर दिया जायेगा. इनको सख्ती से घर गृहस्थी और खासकर रसोई के कामों में उलझाकर रखा जाये. अनियंत्रित होने पर जूतमपैजार वटी और बेलनगुटिका वटी की चार चार गोलियों का SOS सेवन करवाये, तुरंत फ़ायदा होगा.

कीमत : रुपया ५१०००/ मात्र प्रति कोर्स

उपरोक्त कीमत के अलावा डाक खर्च और पैकिंग का चार्ज अलग लगेगा. हमारी कोई ब्रांच नही है. डायरेक्ट हमसे संपर्क करें. हर ब्लाग रोग का शर्तिया इलाज उपलब्ध है. एक बार आजमाकर देखें, बार बार आजमायेंगे. ऊपर लिखे गये लक्षणो को ध्यान से पढे और आपका मरीज जिस केटेगरी का हो उसी केटेगरी की दवा का आर्डर करें.

ताऊ पहेली - 77 (शहीद स्मारक मेरठ) : विजेता : भारतीय नागरिक - Indian Citizen

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 77 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है Shaheed Smarak [1857 Memorial] Meerut,Uttar Pradesh

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भीत जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.


शहीद स्मारक [ मेरठ ]

मई का महिना गुज़र गया.जून शुरू हो गया है.मई माह में एक महत्वपूर्ण तारीख आती है जिस के बारे मैंने अभी तक कोई उल्लेखनीय पोस्ट नहीं देखी. हो सकता है आई भी हो मगर मेरी नज़र से ना गुज़री हो.जो भूल गए हैं तो याद दिला देती हूँ कि १० मई प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वर्षगाँठ थी.

1857 Martyrs Memorial , Meerut


१८५७ में इस दिन दिन क्रांति की चिंगारी सुलगी थी . मेरठ छावनी में तैनात तीसरी कैवेलरी के 85 सैनिकों ने चर्बी लगे कारतूसों के प्रयोग के आदेश को न मान कर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया जिसे १८५७ की क्रांति के नाम से जाना गया.इतिहासकार इसे मात्र सैनिक विद्रोह भी मानते रहे परन्तु सत्य यही है कि स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत यहीं से हुई थी.

Sadar bazar where common man attacked the Britishers


मेरठ कालेज में इतिहास के सीनियर रीडर डा. के.डी. शर्मा जिन्होंने 1857 की क्रांति पर गहन शोध किया है बताते हैं कि 15 अगस्त 1947 को लाल किले पर भारतीय स्वाधीनता के जिस झण्डे को फहराया गया था, वह कार्य 11 मई 1857 को मेरठ से दिल्ली पहुंचने वाले क्रांतिकारियों ने कर दिखाया था.उनके अनुसार यह सब अचानक नहीं हुआ ग़दर से पूर्व रेजिमेंटों के बीच चपातियाँ वितरण इस तैयारी का एक संकेत माना जाता है .मेरठ में विस्फोट के मात्र 12 घण्टों बाद ही दिल्ली में विप्लव हो गया था.जो देखते ही देखते पूरे उत्तरी भारत में छा गया और अंग्रेजों को स्पष्ट संदेश मिल गया कि अब भारत पर राज्य करना आसान नहीं है .

नाना धोंधू पंत, अजीमुल्ला, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई के दाएं हाथ पंडित लक्ष्मण राव, मौलवी फैजाब, बेगम हजरत तथा उनके सलाहकार मौलवी लियाकत अली आदि कई प्रमुख क्रांतिकारी नेताओं ने 1857 की क्रांति के प्रस्फुटन से ठीक पहले तक लगभग पूरे देश में भ्रमण करके राजनीतिक स्वतंत्रता के उपदेश दिए थे.

Mangal Pandey at museum


२९ मार्च सन १८५७ को अंग्रेज अफसरों पर आक्रमण करने के आरोप में ,उसी वर्ष ८ अप्रैल को फांसी पर चढा दिए जाने वाले क्रांतिकारी शहीद मंगल पांडे को सन १८५७ के भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम के प्रथम नायक के रूप में जाना जाता है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला इस 1857 की क्रान्ति एवं स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन का हृदय स्थल रहा है.

मेरठ स्थित शहीद स्मारक को हमने पहेली चित्र में दिखाया गया था.

इस स्तम्भ का निर्माण सन 1957 में 1857 की क्रांति की 100वीं सालगिरह पर कराया गया था.यह भैंसाली मैदान के पास टैक्सी स्टैण्ड तथा आयकर कार्यालय के बीच पार्क में स्थित है .यहाँ स्थित शिलालेख पर 85 सिपाहियों के नाम भी देखे जा सकते हैं.

Meerut Memorial.


इसी शहीद स्मारक परिसर में स्थित है - 'राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय' जहाँ स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी सामग्रियां और अभिलेख संकलित एवं संरक्षित किये गए हैं. इस का औपचारिक लोकापर्ण प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के 150वीं वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर 10 मई, 2007 को किया गया था.

मेरठ में इस स्मारक के अलावा देखने के लिए रेस कोर्स,सेन्ट जोन्स चर्च,सूरज कुण्ड के चारों ओर बने प्राचीन मंदिर,प्राचीन गुरूद्वारा ,शाहपीर मकबरा,आबू मकबरा,विक्टोरिया पार्क,सरधना चर्च,कालीपलटन मंदिर, कुतुबुददीन ऐबक द्वारा निर्मित जामा मस्जिद , पंजाब रेजिमेन्ट गुरूद्वारा आदि.
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आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.



सभी विजेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं.


 


आईये अब रामप्यारी मैम की कक्षा में





हाय गुड मार्निंग एवरीबड्डी... मेरे सवाल का सही जवाब है : Aung San Suu Kyi (Burma) इनके बारे में विस्तृत जानकारी यहां से भी प्राप्त कर सकते हैं. आंग सान सू ची को 19 जून को आने वाले उनके 65 वें जन्म दिवस की हार्दिक बधाईयां और इस संबंध मे मैं यहां स्मार्ट इंडियन अंकल की आई यह टिप्पणी यहां प्रकाशित करना चाहूंगी.


Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...
राम प्यारी,
यह म्यांमार की सैन्य सरकार द्वारा नज़रबंद जनप्रिय नेता आंग सान सू ची हैं जो इस १९ जून को अपना पैंसठवां जन्मदिन मनाएंगी. लोकतंत्र के लिए अपना सर्वस्वा न्योछावर करने वाले ऐसे वीर धन्य हैं.

Saturday, June 05, 2010 9:05:00 AM


इस सवाल में रोचकता के लिये अबकी बार मैने कुछ सही जवाब पहले प्रकाशित कर दिये थे. शायद इसीलिये अबकी बार रिजल्ट बहुत शानदार रहा. लगता है सभी ने काफ़ी मेहनत की है. निम्न सभी प्रतिभागियों को सवाल का सही जवाब देने के लिये 20 नंबर दिये हैं सभी कॊ बधाई.





श्री युगल मेहरा
सुश्री रेखा प्रहलाद
श्री रतनसिंह शेखावत
श्री उडनतश्तरी
श्री स्मार्ट इंडियन
सुश्री सीमा गुप्ता
श्री संजय बेंगाणी
श्री चंद्रप्रकाश
सुश्री अर्चना
सुश्री सोनल रस्तोगी
भारतीय नागरिक - Indian Citizen
श्री दिगम्बर नासवा
सुश्री M.A.Sharma "सेहर"
श्री अविनाश वाचस्पति
डा. महेश सिन्हा
श्री ashishindia03
श्री anil
श्री Satya.... a vagrant
श्री राम त्यागी

अब अगले शनिवार को फ़िर यहीं मिलेंगे. तब तक जयराम जी की!

अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री दिनेशराय द्विवेदी
श्री M VERMA
श्री पी.सी.गोदियाल
श्री अंतर सोहिल
श्री Anurag Geete
डा.रुपचंद्र शाश्त्री "मयंक,
श्री काजलकुमार,
सुश्री वंदना
श्री संजय भास्कर
प.श्री डी.के. शर्मा "वत्स",

अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.

ताऊ पहेली - 77

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 77 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.

विनम्र विवेदन

कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें कि चित्र मे दिखाई गई जगह का नाम क्या है? कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है. अब नीचे के चित्र को देखकर बताईये कि यह कौन सी जगह है? और किस शहर या राज्य में है?



ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे.

अब रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर का. यानि जो भी प्रतिभागी रामप्यारी के सवाल का सही जवाब देगा उसे 20 नंबर अलग से दिये जायेंगे. तो आईये अब आपको रामप्यारी के पास लिये चलते हैं.


"रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर के लिये"



हाय...आंटीज एंड अंकल्स...दीदीज एंड भैया लोग...गुडमार्निंग..मी राम की प्यारी रामप्यारी.....अब आपसे पूरे 20 नंबर का सवाल पूछ रही हूं. सवाल सीधा साधा है. बस मुख्य पहेली से अलग एक टिप्पणी करके जवाब देना है. और 20 नंबर आपके खाते में जमा हो जायेंगे. है ना बढिया काम...तो अब नीचे का चित्र देखिये और बताईये की यह चित्र किसका है?



इस सवाल का जवाब अलग टिप्पणी मे ही देना है. अब अभी के लिये नमस्ते. मेरे ब्लाग पर अब से दो घंटे बाद यानि 10 बजे आज की मुख्य पहेली के हिंट के साथ आपसे फ़िर मुलाकात होगी तब तक के लिये नमस्ते.

अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.
जरुरी सूचना:-

टिप्पणी मॉडरेशन लागू है इसलिए समय सीमा से पूर्व केवल अधूरे और ग़लत जवाब ही प्रकाशित किए जाएँगे.
सही जवाबों को पहेली की रोचकता बनाए रखने हेतु समय सीमा से पूर्व अक्सर प्रकाशित नहीं किया जाता . अत: आपका जवाब आपको तुरंत यहां नही दिखे तो कृपया परेशान ना हों.

इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु. अल्पना वर्मा

नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
ताऊजी डाट काम

सुपर स्टार के झटके, बेचारे रामप्यारे लटके

जैसा कि आप जानते हैं कि मिस. समीरा टेढी एक प्रख्यात माडल के अलावा फ़िल्मी दुनियां की भी नंबर एक अदाकारा हैं. उन्होनें ताऊ प्रोडक्ट्स की मोडलिंग से अपना कैरियर शुरु किया और फ़िर सफ़लता के नित नये पायदान छूती चली गई.

ताऊ टीवी के खास खबरी पत्रकार रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" ने मिस.टेढी के इंटर्व्यु के लिये बहुत चक्कर लगाये पर मिस समीरा टेढी ने "प्यारे" को कभी घास नही डाली. पर थक जाये वो "प्यारे" ही क्या?

फ़िल्म "झटके खाये ब्लागिंग में" एक सीन मे


एक रोज ताऊ स्टूडियो मे फ़िल्म "झटके खाये ब्लागिंग में" की शूटींग के समय मिस. समीरा टेढी "प्यारे" को इंटर्व्यु देने को राजी हो ही गई.

तो आईये, आपको मिस. समीरा टेढी का वो धमाकेदार इंटर्व्यु दिखाते हैं जो पहली ही बार खास ताऊ टीवी ने आपके लिये अरेंज किया है.

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फ़िल्म "तेरी मूंछे मेरी जुल्फ़ें" के एक सीन की बुलबुल से रिहर्सल करवाते हुये मिस. टेढी. यानि निर्देशन में भी पूरा दखल रखती हैं मिस. समीरा. बुलबुल द्वारा यह शाट ओके होने के बाद मिस. समीरा टेढी ने बिना किसी रिटेक के एक बार मे यह शाट ओके करवा दिया!

"प्यारे" - हां तो मिस. टेढी मैं अपने पाठको की तरफ़ से आपका धन्यवाद अदा करता हूं कि आपने इतना कीमती समय उनके लिये निकाला.

मिस.समीरा टेढी - मि. प्यारे, मैने कोई समय वमय नही निकाला, मैं जहां भी जाती हूं आप जबरन मेरे पीछे लगे रहते हो. आपसे पीछा छुडवाने के लिये मैने आपको सिर्फ़ दस मिनट दिये हैं. जिसमे से आपने दो मिनट इस धन्यवाद के लेन देन में खत्म कर दिये हैं. बचे आठ मिनट...फ़टाफ़ट पूछिये आपको क्या पूछना है? मुझे अगले शाट की रिहर्सल करनी है...यू नो....?

"प्यारे" - मिस. टेढी...आप तो खामख्वाह नाराज हो रही हैं...सबसे पहले तो ये बताईये कि आप माडलिंग की दुनिया की महारानी के साथ साथ फ़िल्मी दुनियां की भी महारानी नंबर वन बन गई हैं. कैसा लगता है?

मिस. समीरा टेढी - ओह...थंक्स मि. प्यारे...यू नो...सफ़लता किसे नही अच्छी लगती? मैं बहुत खुश हूं...आज मेरे चारों तरफ़ प्रोड्युसर्स और डायरेक्टर्स की लाईन लगी है...मेरी हर फ़िल्म (ब्लाग पोस्ट) लगने के पहले ही हिट हो जाती है...यू नो...ये सब मुझे बहुत अच्छा लगता है.

फ़िल्म ’मत छेड़ मुझे, बालमा’ की आऊटडोर शूटिंग करते हुये


"प्यारे" - मिस. टेढी, आपकी फ़िल्म (ब्लाग पोस्ट) थियेटर तक पहूंचने के पहले ही सौ प्रतिशत (सौ टिप्पणीयां) हाऊस फ़ुल का बोर्ड टांग लेती हैं, जबकि दूसरे अच्छे अच्छे स्टारों की फ़िल्मे (ब्लाग पोस्ट्स) दस बारह टिप्पणियों को तरसती देखी जाती हैं. और लोग यह भी कहते हैं कि आपकी फ़िल्मों की कहानी में कोई दम नही होता. आप क्या कहना चाहेगीं?

मिस. समीरा टेढी - देखिये मि. प्यारे, ये सब तो मेरे आडियंस की मुहब्बत है जो मुझ नाचीज को सर माथे पर बिठाकर रखती है. रहा सवाल मेरी फ़िल्मों की कहानियों मे दम नही होने का तो इसका फ़ैसला तो जनता ही अच्छी तरह से करती है. मैं ज्यादा क्या कहूं? कहने वालों को भी कोई ऐसी फ़िल्म (पोस्ट) बनानी चाहिये जिस पर हाऊस फ़ुल (सौ टिप्पणीयां) का बोर्ड लग सकें तो मुझे बहुत खुशी होगी.

"प्यारे" - मिस. टेढी, इसके अलावा भी कुछ हाऊसफ़ुल करवाने के पीछे कारण होंगे?

मिस. टेढी - मि. प्यारे, आप पत्रकारों मे यही आदत बहुत गंदी होती है. हर बात के पीछे कारण ढूंढने लगते हो? हाऊसफ़ुल अपने आप होती हैं मेरी पिक्चरें...मैं नही करवाती...हां मेरी मेहनत जरूर होती है...मुझे उडनतश्तरी की तरह इधर से उधर हमेशा घूमते रहकर मेहनत करनी पडती है...माहोल भांपना पडता है तब कोई फ़िल्म मैं हाथ में लेती हूं...यही कारण है हाऊसफ़ुल होने का...

फ़िल्म हिलाके रख दूंगी "द सनसनी" में एक डांस सीन करते हुये मिस. समीरा


"प्यारे" - अच्छा मिस. टेढी, अब आप ये बताईये कि आप लडकी ही क्यूं होना चाहती थी?

मिस. टेढी - मैने ऐसा कब कहा?

"प्यारे" - मिस. टेढी, आप याद किजिये वो "अगले जन्म मोहे बेटवा ना कीजो" वाली फ़िल्म....

मिस. समीरा टेढी - ओह मि. प्यारे....यू नो... सही बात ये है कि ये सब मैने मेरी एक कलिग को जलाने के वास्ते बोला था...अब वो जल गई तो मैं क्या करूं?

"प्यारे" - मिस टेढी, इसका मतलब कि आप लडका होना चाहती हैं? यानि आप भी स्त्री विरोधी हैं? यानि सास बनते ही बहू की चोटी खींचने वाली?

मिस. समीरा टेढी - मि. प्यारे, आप बात को तोडमरोड रहे हैं...इसीलिये मैं ईंटर्व्यु नही देती....योर टाइम इस समाप्त नाऊ..नो मोर पर्सनल क्वेश्चन प्लीज...

"प्यारे" - ओह आय एम सारी मिस. टेढी....मेरा इरादा आपको दुख पहूंचाने का नही था...वो तो क्या है कि आदत के अनुसार उल्टे सीधे सवाल जबान पर आ ही जाते हैं....अच्छा अब आप ये बताईये कि अभी आप कौन कौन सी
फ़िल्मों में काम कर रही हैं?

मिस. टेढी - गुड क्वेश्चन....यू नो...कि अभी मैं तकरीबन 38 फ़िल्मों में काम कर रही हूं....नाम ...ओह नाम तो उनके प्रोड्युसर ही बता पायेंगे...यू नो..अब इतने नाम अकिसे याद रह सकते हैं?

फ़िल्म ’ब्लागरवा बैरी भये हमार’ के एक सीन में


"प्यारे" - अच्छा तो आप हमे इस महिने आपकी प्रदर्षित होने वाली फ़िल्मों के नाम ही बता दिजिये.

मिस. समीरा टेढी - हां मेरी इस महिने जो फ़िल्में बनकर तैयार हैं उनमें..."हाथ जले ब्लागिंग में", " नही चली चव्वनी हमार" और "ब्लागरवा बैरी भये हमार" एकदम रेडी हैं. बस सेंसर होने के लिये रुकी हैं.

"प्यारे" - इस सप्ताह आपकी कौन सी फ़िल्म रीलीज हो रही है?

मिस. समीरा टेढी - इस सप्ताह ’तेरी मूंछें मेरी जुल्फ़े " द कंपीटिशन" रिलीज हो रही है. और यू नो...इसके पूरे 740 प्रिंट एक साथ लग रहे हैं...बिग धमाका पिक्चर...यू नो..

"प्यारे" - मिस. टेढी - इस पिक्चर के बारे में कुछ बतायें प्लिज...

मिस. टेढी - मि. प्यारे, आप इसी से अंदाजा लगा लिजिये कि इसमें मैं ट्रिपल रोल कर रही हूं और मेरे अपोजिट इसमे राज कुमार भाटिया, अजय कुमार और ललित कुमार जैसे सुपर स्टार काम कर रहे हैं और मैने इन तीनों के ही छक्के छुडा दिये हैं इस फ़िल्म में...

फ़िल्म "तेरी मूंछें मेरी जुल्फ़े द कंपीटिशन" के एक सीन में अजय कुमार, राज कुमार भाटिया और ललित कुमार के साथ मिस. समीरा टेढी


"प्यारे" - अरे वाह वाह...यह तो जबरदस्त हिट फ़िल्म होगी मिस टेढी. वैसे इस फ़िल्म के डायरेक्टर प्रोड्युसर कौन है?

मिस. समीरा टेढी - ये फ़िल्म रामप्यारी फ़िल्म्स के बैनर तले बन रही है. प्रोड्यूसर ताऊ राव हैं और डायरेक्टर भी वही हैं और संगीत दिया है दिलीप कवठेकर ने...

"प्यारे" - मिस. टेढी - हां ऐसी फ़िल्में बनाना ताऊराव के ही बस की बात है मिस टेढी....अब इसकी कहानी के बारे में भी कुछ बताईये प्लिज...?

मिस. समीरा टेढी - मि. प्यारे, ज्यादा स्याणपत्ती करने का नईं...सीधा जाके तीन सौ रुपया वाला टिकट खरीदने का और जाकर टाकीज मे पिक्चर देखकर कहानी समझने का....जब भाई लोग बलते हैं कि मिस टेढी की पिक्चर में कहानी नईं होती तो काहे कू पूछ रयेला है तुम? अबी तुम्हारा टाईम खत्म हो गयेला है....नो मोर क्वेश्चन्स प्लीज.....

"प्यारे" - मिस. टेढी....बस एक सवाल...आखिरी....सिर्फ़ एक सवाल.... मिस. टेढी, आप हरदम काला चश्मा
क्युं चढायें रखती हैं? क्या कोई गहरा राज है इसमें?

मिस. समीरा टेढी - मि. "प्यारे"....आय थिंक यू आर रियल्ली रामप्यारे द डंकी मैन....जैसे लोहा लोहे को काटता है, जहर जहर को उतारता है, वैसे ही लोगों को काली करतूतों को ठीक से भाँपने के लिए काला चश्मा पहनना पड़ता है, बस, और क्या!! सो सिंपल.....

"प्यारे" - मिस.टेढी, हमने सुना है कि आप डायरेक्टर ताऊराव की एक और फ़िल्म कर रही हैं ’मत छेड़ मुझे, बालमा’!! जिसकी आऊटडोर लोकेशन पर आप युनिट के साथ तिंछाफ़ाल के भयानक जंगलों में भी शूटिंग करने गई थी? आपको वहां डर नही लगा? कुछ उसके बारे में बताइये?

मिस. समीरा टेढी - मैं फ़िल्म की गुणवतता के लिये तिंछाफ़ाल के जंगलों में तो क्या बल्कि दंतेवाडा के नक्सल प्रभावित जंगलों में भी जा सकती हूं.

"प्यारे" - वाह मिस टेढी, लगता है आपको देखकर ही नक्सली हथियार डाल कर मुख्य धारा में आजायेंगे. आप एक बार वहां वैसे ही घूमने चले जाईये. खैर ये बताईये कि आप शादी कब कर रही हैं?

मिस. टेढी - ओह...नो शादी वादी की बात प्लिज. अभी तो मेरा पूरा ध्यान कैरियर पर लगा है. आने वाले पांच साल तो मैं इसके बारे में सोचना भी नही चाहती... यू नो... कितनी मुश्किल और मेहनत से मैने नंबर वन का ताज पाया है...इतनी जल्दी मैं इसे खोना नही चाहती.

"प्यारे" - तो मिस .टेढी...वो अपने आपको सुपर स्टार मानने वाले मटकेंद्र कुमार के साथ आपके अफ़ेयर के किस्से....?

मिस. टेढी - मि. प्यारे, मैने पहले ही कहा था कि निजी सवाल जवाब नही होंगे...पर आप पत्रकार लोगों को पता नही क्या मजा आता है हमारी अंदरूनी लाईफ़ में झांकने से...मैं आपको बता दूं कि उन सुपर स्टार से मेरा कोई नाता ना पहले था और ना अब है. ये सब मिडिया की और फ़िल्म को प्रचार दिलाने के लिये की गई साजिश होती हैं...एंड नाऊ नो मोर क्वेश्चन....

और मिस. समीरा टेढी उठकर अगला शाट देने चली गई.