ताऊ पहेली - 111

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनिवार सबेरे की घणी राम राम.

ताऊ पहेली के अंक 111 में आपका हार्दिक स्वागत है. नीचे दिखाये गये चित्र को ध्यान से देखिये और फ़टाफ़ट बताईये कि यह कौन सी जगह का चित्र हैं? हमेशा की तरह पहेली के जवाब की पोस्ट मंगलवार सुबह 4:44 AM पर प्रकाशित की जायेगी.



ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार 1:00 AM से 11:00 PM के मध्य कभी भी किया जा सकता है. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार शाम 6:00 PM तक या अधिकतम कमेंट सुविधा बंद करने तक है.


जरुरी सूचना:-
टिप्पणी मॉडरेशन लागू है. समय सीमा से पूर्व ग़लत या सही दोनों ही तरह के जवाब प्रकाशित किए जा सकते हैं. जरूरी नही कि प्रकाशित किये गये जवाब गलत ही हैं. और रोचकता बनाये रखने के लिये गलत जवाब भी रोके जा सकते हैं. अत: अपना जवाब सोच समझकर देवें.

नोट : किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
ताऊजी डाट काम
रामप्यारे ट्वीट्स

Comments

  1. Shilong lag raha hai Taaoo ...
    Raam Raam kaise hain aap ...

    ReplyDelete
  2. अरे ताऊ मै पहचान गया इस जगह को इस ताई महल के पीछे ही तो वो वाला पेट्रोल पम्प हे, जहां कल आप पेट्रोल डलवा रहे थे

    ReplyDelete
  3. कहीं भी हो पर छतों की ढाल बताती है कि यह ज़रूरी कोई पहाड़ी क्षेत्र है

    ReplyDelete
  4. अरे ताऊ, यह क्या कमेन्ट आने शुरू हो गये.. मैंने जब देखा तो डिस-एबल्ड थे... क्या बात है, क्यों नाराज हैं...

    ReplyDelete
  5. ताऊ, भारतीय नागरिक जी के ब्लॉग पर तो किम्मै और ही देख कर आये हैं, आड़े तो ठीक सा दीखे सै सब।
    सुभकामनायें।
    रामराम।

    ReplyDelete
  6. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल स्थित पी सी गोदियाल का पुस्तैनी घर है ताऊ !

    ReplyDelete
  7. BTW:सुबह आपकी बंद क्यों थी , मेरा मतलब टिपण्णी बॉक्स :) अपने इन्डियन सिटिजन भाई ने तो पैनिक खडा कर दिया था !

    ReplyDelete
  8. @गोदियाल साहब-ताऊ की गैरहाजिरी अच्छी नहीं लगती.. ऊपर से एक बार पहले भी हैक हो चुका है ताऊ का एकाउन्ट... फिर आज टिप्पणी बक्सा बन्द.. सुबह-सुबह... डर तो लागना ही था...

    ReplyDelete
  9. यो जी म्हारे पड़ोसी की ससुराड़ सै।
    जड़े अटल बिहारी जी छुट्टी मनाया करते।

    ReplyDelete
  10. अरे ताऊ जी भारतीय नागरिक-Indian Citizen जी ने तो हमारा दिल ही निकाल लिया था, बोले ताऊ हाई जेक हो गया? कोई बोले ताऊ को छोटी घोडी पसंद नही आई,भई ऎसी बात हे तो बोलो दुसरा फ़ोटू चिपका दूं आप की पसंद वाला, राम राम

    ReplyDelete
  11. यह अरुणाचल प्रदे्श स्थित तवांग बौद्ध मठ है। यहाँ हम लोग 2005 में गए थे। बड़ा ही मनोरम दृश्य है प्रकृति का।
    यह समुद्र की सतह से 10 हजार फुट की ऊंचाई पर बसे इस मठ को 1680-81 में मेराक लामा लोद्रे ग्यात्सो ने बनाया था और इसमें 570 से ज्यादा भिक्षु रहते हैं।
    तवांग, बौद्ध धर्म के अनुयायिओं के लिए ऐतिहासिक महत्व का शहर है और अपने चार सौ साल पुराने तवांग गोम्पा के लिए प्रसिद्ध है. करीब 400 वर्ष पुराना यह मठ छठे दलाई लामा का जन्म स्थान है. तिब्बत की राजधानी ल्हासा में बने मठ के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा मठ है. इस मठ के परिसर में 65 भवन हैं. वर्तमान दलाई लामा ने तवांग के रास्ते ही भारत में शरण ली थी.
    यहां महात्मा बुद्ध की 8 मीटर ऊंची प्रतिमा देखने लायक है।

    ReplyDelete
  12. राम-राम जी ,यह भी समझ में न आयो.

    ReplyDelete
  13. ताऊ ये तो तवांग अरुणाचल प्रदेश स्थित बोद्ध मठ है

    ReplyDelete
  14. बोद्ध मठ ,तवांग(अरुणाचल प्रदेश)

    ReplyDelete
  15. बादल और चढाई देखते हुते हुये ये तवांग अरूणाचल दिखाई दे रहा है ताऊ।
    बाकी और कुछ नही हो सकता

    ReplyDelete
  16. पता नहीं संजय बैंगाणी जी कहाँ खो गये. बहुत जानकार व्यक्ति थे. गुजरात से बिलांग किया करते थे मोदी स्टेट!!!

    ReplyDelete
  17. राम कृष्ण मिशन चेरापूंजी मेघालय

    ReplyDelete
  18. ताऊजी, आज पहेली का स्तर काफी कम है।
    जो उम्मीदें ताऊ पहेली से होती हैं, आज की पहेली में धूमिल हो गई हैं।
    यह कोई पर्यटन स्थल नहीं है, बस कुछ नीच लोगों के कारण उन्हें नीचा दिखाने के लिये आपने यह तस्वीर लगाई है।

    ReplyDelete
  19. अपने गढ़वल में तो कई जगह इस तरह की दिख जाती हैं .है तो कोई पहाड़ी जगह ही पर कौन सी है यह पता नहीं :(

    ReplyDelete
  20. This is side view of Tawang Monestery (Arunachal Pradesh)

    ReplyDelete
  21. I visited the tawang monestery (Gonpa) so many times, this site may be seen for detailed knowldge about tawang.

    ReplyDelete
  22. your quiz posts are quite interesting and illuminating. keep it up.

    ReplyDelete