ताऊ पहेली - 56 : विजेता श्री मुरारी पारीक

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 56 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है नागार्जुन सागर बाँध.

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भीत जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा, अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.

आज कल आंध्र प्रदेश सुर्ख़ियों में है.सोचा क्यों ना वहीं से इस बार वहीं से पहेली पूछ ली जाए!
आंध्र प्रदेश में गुंटूर की स्‍थापना फ्रांसिसी शासकों ने आठवीं शताब्‍दी के मध्‍य में की थी.करीब 10 शताब्दियों तक उन्‍होंने यहां राज किया. बाद में 1788 में इसे ब्रिटिश साग्राज्‍य में मिला दिया गया.
गुंटूर बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र रहा है. प्राचीनकाल में यह' विजयपुरी 'था .यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है.

आचार्य नागार्जुन


नागार्जुन सागर बाँध बनाते समय हुई खुदाई में नागार्जुनकोंडा में तीसरी सदी के बोद्ध सभ्यता के अवशेष मिले हैं.यहाँ खुदाई के दौरान महाचैत्या स्तूप के भी अवशेष प्राप्त हुए.यहाँ कभी विहार,बोद्ध मोनेस्ट्री और एक विश्वविद्यालय हुआ करता था.

इस विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य नागार्जुन हुआ करते थे.जो की एक बड़े बोद्धनुयायी थे.
अवशेष में पाए स्तूप पर ब्राहमी में लिखा आलेख बताता है की यहाँ भगवान बुद्ध भी कभी रहे होंगे.
कृष्णा नदी पर बने इस बाँध का नाम इन्हीं के नाम पर रखा गया है.


नागार्जुन सागर बाँध भारत का गौरव है.नागार्जुन बाँध हैदराबाद से 150 किमी दूर स्थित है.इसका निर्माण १९६६ में पूरा हुआ था.

भारत में ईंटों से बना सबसे ऊँचा बाँध है.दुनिया के सबसे उँचे बांधो में से एक और एशिया का सब से ऊँचा और लंबा बाँध है.इस बाँध से निर्मित नागार्जुनसागर झील दुनिया की तीसरी सब से बड़ी मानव निर्मित नहर है.

नागार्जुन सागर


१० दिसंबर १९५५ में इस बाँध की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी.उन्होने उस समय यह कहा था.

"When I lay the foundation stone here of this Nagarjunasagar, to me it is a sacred ceremony".
"This is the foundation of the temple of humanity of India, i.e. symbol of the new temples that we are building all over India".

Nagarjuna Sagar Dam (front view)


इस बाँध की विशेषताएँ-:
Catchment Area : 215000 km² (83012 sq mi)
Masonry dam
Spillway of dam : 471 m
Non-over flow dam : 979 m
Length of Masonry dam : 1450 m
Maximum height : 125 m
Earth dam
Total Length of Earth dam : 3414 m
Maximum height : 26 m

-इसके अलावा यहाँ नागार्जुनसागर श्रीसैलम अभ्‍यारण्‍य है.
3568 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैला यह अभ्‍यारण्‍य भारत में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व माना जाता है. इसके अलावा यहां फूलों व वनस्‍पतियों की अनेक प्रजातियां भी पाई जाती हैं.

-इसी बाँध के पास आधे घंटे की ड्राइव पर एथीपोतला नामक जलप्रपात हैं.


नजदीकी हवाई अड्डा -गन्‍नवरम है

नजदीकी रेलवे स्‍टेशन -गुंटूर और विजयवाड़ा.

सड़क मार्ग-बस सेवाएं गुंटूर को जिले के अंदर व बाहर के प्रमुख स्‍थानों से जोड़ती है.
References---http://en.wikipedia.org/wiki/Nagarjuna_Sagar_Dam

अभी के लिये इतना ही. अगले शनिवार एक नई पहेली मे आपसे फ़िर मुलाकात होगी. तब तक के लिये नमस्कार।


आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.

 

 

                                    श्री मुरारी पारीक अंक 101   
seema-gupta-2  सुश्री सीमा गुप्ता  अंक 100
  श्री दिनेशराय द्विवेदी  अंक 99
 श्री विवेक रस्तोगी अंक 98
  श्री उडनतश्तरी अंक 97
 श्री अंतरसोहिल अंक 96

श्री संजय बेंगाणी अंक 95

श्री नीरज गोस्वामी अंक 94
 सुश्री अंजना अंक 93
 डा.महेश सिन्हा अंक 92
 श्री प्रकाश गोविंद   अंक  91
 श्री रंजन अंक 90
  रामकृष्ण गौतम अंक 89
  श्री सैय्यद अंक 88
 डॉ. मनोज मिश्र अंक 87
  सुश्री प्रेमलता पांडे अंक  86
  सुश्री रेखा प्रहलाद अंक 85

अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री अविनाश वाचस्पति
श्री श्री साढ़े सात हजार बाबा सांडनाथ
सुश्री निर्मला कपिला
डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक,
सुश्री वंदना
प. डी.के. शर्मा "वत्स",
श्री राज भाटिया
श्री दिगम्बर नासवा
श्री रतनसिंह शेखावत
भारतीय नागरिक - Indian Citizen
सुश्री बबली
और डॉ टी एस दराल

सभी का पुन: आभार!
अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा, तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.

ताऊ पहेली - 56

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.

ताऊ पहेली अंक 56 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.


विनम्र विवेदन


कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें. कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है.

इस जगह का नाम बताईये!


ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे


अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.


इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा



नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग

 

नोट : – ताऊजी डाट काम  पर हर सुबह 8:00 बजे और शाम 6:00 बजे नई पहेली प्रकाशित होती हैं. यहा से जाये।

"राज ब्लागर के पिछले जन्म के : “ताऊ ने रिकार्डींग से मना किया”

पिछले भागों मे आप पढ चुके हैं खुशदीप जी ने ताऊ के  पिछले जन्म की बाते जानकर सीरियल बनाना शुरु किया था. आप इसके पहले पढ चुके हैं कि ताऊ पिछले जन्म मे ताऊ झंडू सियार नेता उर्फ़ सरपंच था. जिसके पास सारे जंगल की सता थी और ताऊ ने अपनी पसंद से और  अपने से उंची भेडिया  जाति  के झुनकू भेडिये की लडकी झुनिया से छल बल से शादी रचा ली थी. अब आगे पढिये.


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अब खुशदीप जी क्रिसमस की छुट्टियों  मनाने चले गये.  और ताऊ को ऐसा का ऐसा ही पिछले जन्म मे डाक्टर के भरोसे छोडकर.  और डाक्टर को कह गये कि ताऊ को बस गलुकोज की बोतल चढाते रहना. मैं आता हूं चार पांच दिन बाद आगे की पूछताछ करुंगा.

डाक्टर ने कहा कि – खुशदीप साहब इस तरह से पिछले जन्म में ज्यादा समय छोडना अच्छा नही होगा. फ़िर परमानेंटली भी पिछले जन्म मे रहना पड सकता है, खुशदीप जी बोले  – ओये डाक्टर ..तू रहने दे…पर नू समझ ले कि अगर ताऊ को तू अभी वापस इस जन्म ले आया तो ये दुबारा पिछले जन्म मे नही जायेगा. और मेरे सीरियल की ऐसी तैसी हो जायेगी.   मैं ताऊ की तो रिस्क ले सकता हूं पर इतनी अच्छी टी. आर. पी. वाले सीरियल की रिस्क नही ले सकता .

 

अब छुट्टी मना कर खुशदीप  जी वापस आये और अगले एपिसोड के लिये ताऊ से पूछताछ शुरु की.   पर ताऊ ने कुछ भी जवाब नही दिया. खुशदीपजी कुछ अंदर ही अंदर घबराये और डाक्टर को बोले –  जरा एक डोज तगडा सा और लगा इस ताऊ को. जिससे ये पटर पटर बोलने लगे और ४/५ एपिसोड का मसाला मिल जाये.

 

डाक्टर ने एक तगडा सा डोज ठॊका और ताऊ ऊंआऊं….ऊंआऊं…..करता हुआ कसमसाया. अब खुशदीपजी ने पूछना शुरु किया.


खुशदीप. – हां तो ताऊ आप कहां हो? जरा दिमाग पर जोर डालो ताऊ.

ताऊ : ऊंआऊं..ऊंआऊं..करके रह गया.

खुशदीप – ताऊ पिछली बार आपकी शादी के फ़ेरे झुनिया से पंडित चंपू जी ने लगवाये थे …उसके बाद क्या हुआ? बताईये…याद करिये…जरा फ़िर क्या हुआ? आप वहीं हो या कहीं और?

ताऊ थोडा कसमसा कर …अबकी बार बोला- हुंआऊं…हुआऊं…

खुशदीप जी ने सोचा ये क्या कबाडा होगया? कहीं ये सचमुच सियार तो नही बन गया? जब भी पूछो…हुआऊं..हुआऊं..करता है. ..बहुत देर तक एक यही जवाब मिलता रहा तो हार थक कर खुशदीप जी ने समीरलाल जी को फ़ोन लगाया. उधर से समीरजी की आवाज आई….हैल्लो..हां मैं समीरलाल…बोलिये खुशदीप जी क्या खबर है? आपका सीरियल कैसा चल तहा है? छुट्टिया कैसी बीती…और ताऊ के और कौन से राज पता लगे?

 

इतने सारे सवाल एक साथ सुनकर खुशदीप जी का माथा झन्ना गया और बोले – समीर जी, आपने ये किस बावलीबूच ताऊ से पाला पडवा दिया? अरे तीन घंटे हो गये…एक ही जवाब देता है..हुआऊं..हुआऊं…अब मैं क्या सर फ़ोडू इस हुआऊं…से?  इसका मतलब क्या होता है? अब क्या समझूं मैं इससे?  ….इतनी बढिया टी.आर. पी. के सिरियल की आज ही एक कडी दिखानी है…चैनल वाले मेरी जान खा रहे हैं…. कोई तरकीब बताईये.

 

अब समीरजी बोले – भाई खुशदीप जी,  हुआऊं का मतलब मालवी भाषा मे तो मैं आऊं… होना चाहिये…हुं .. गुजराती और मालवी मे मैं को बोला जाता है. पर ताऊ का ये मतलब नही होसकता. मैं ताऊ को अच्छी तरह जानता हूं…और ये तो आप भी जानते होगे कि हरयाणवी आदमी को जब इस तरह का वायरस लगता है तो उसका कुछ मतलब होता है. ये बडी खतरनाक बीमारी है. आप तुरंत इलाज करो ताऊ का…नही तो आपका सीरियल लटक गया समझो… आप तो एक काम करो..तुरंत  रतनसिंह जी शेखावत को बुलवा लो…ताऊ की भाषा उनके अलावा और कोई तो समझने वाला मुझे दिखता नही है.

 

अब रतनसिंह जी शेखावत को बुलवाया गया और उन्होने ताऊ से बात करना शुरु किया….

 

शेखावत जी – ताऊजी रामराम..

ताऊ – रहाऊं..रहाऊं

शेखावत जी – ताऊ जी,  आज के एपिसोड के लिये आप पूरा ब्यौरा क्यों नही बता रहे हैं? क्या बात है? आप कहां हो? और सब ठीक तो है ना?

ताऊ – शहाऊं..चहाऊं…ढाहाऊं..कहाऊं…हुआऊं हुआऊं …….शहाऊं..चहाऊं…ढाहाऊं..कहाऊं…हुआऊं हुआऊं …….शहाऊं..चहाऊं…ढाहाऊं..कहाऊं…हुआऊं हुआऊं …….शहाऊं..चहाऊं…ढाहाऊं..कहाऊं…हुआऊं हुआऊं …….शहाऊं..चहाऊं…ढाहाऊं..कहाऊं…हुआऊं हुआऊं …….शहाऊं..चहाऊं…ढाहाऊं..कहाऊं…हुआऊं हुआऊं …….

शेखावत जी – ताऊ जी आप बिल्कुल  सही कह रहे हो…

अब शेखावत जी ने खुशदीप जी को बताया कि ताऊ जी, बोल रहे हैं कि वो अभी तक झुनिया से शादी करके वहीं पर हैं. और आप चले गये  उनको इसी हालत मे छोडकर छूट्टियां मनाने…ना हुक्का ना चिलम… तो इन दस दिन का डिटेंशन चार्ज लगेगा उसके बाद ही आगे की रिकार्डिंग शुरु होगी.

खुशदीप – अरे शेखावत साहब ..ये ताऊ भी पक्का ही बावली बूच दिक्खै सै मन्नै तो? अरे अब ठीक है दस दिन कुछ ज्यादा ही होगये तो मैं कोई मना थोडी ही कर रहा हूं…इतना अच्छा सीरियल चल रहा है तो ताऊ को दस बीस हजार और फ़ालतू दिलवा देंगें.आप तो ताऊ को बोलो…रिकार्डींग शुरु करवाये.

 

अब शेखावत जी ने ताऊ के साथ गुप्त भाषा मे बात चीत की और बोले – खुशदीप जी, बात नू सै कि ताऊ बोलरया सै कि ७५ हजार रुपिये रोजाना से दस दिन के साढे सात लाख चाहिये और आपने ताऊ को बावलीबूच बोला उसका ५० हजार…इस तरह कुल आठ लाख ताऊ के बैंक अकाऊंट मे जमा करवा दिये जायेंगे तभी आगे की रिकार्डींग चालू हो पायेगी.

 

इतना सुन कर खुशदीपजी तो भडक गये..बोला – शेखावत जी ये तो खुले आम डकैती है..सरे आम लूटपाट है..ये भले आदमियों का काम नही है. बहुत गलत बात है…मैं कोर्ट जाऊंगा..

शेखावत जी बोले – ठीक है…तो आप कोर्ट जावो..इधर ताऊजी ने मुझसे कह दिया है कि अगर रुपये नही मिले तो….  मैं थाने जाकर  आप लोगों की रिपोर्ट लिखवा दूं कि आप लोगों ने  ताऊ को दस दिन से नशा पानी करवा कर पटक रखा है पिछले जन्म की शुटिंग के  नाम पर…….फ़िर सलट लेंगे…और ताऊ को लेजाने को तैयार होगये.

मामले की गंभीरता समझ कर खुशदीप जी ने अपने चैनल वालों से बात की. और आखिर यह मामला ५ लाख मे सैटल हुआ तब जाकर रिकार्डींग शुरु हो सकी.

 

तो दोस्तो आप अब नियमित पिछले जन्म के राज पढ पायेंगे …क्योंकि रिकार्डिंग शुरु होगई है…..

ताऊ पहेली - 55 : विजेता सुश्री सीमा गुप्ता

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 55 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है मुगल गार्डन, राष्ट्रपति भवन, दिल्ली

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

बहनों और भाईयो नमस्कार. मेरी हमेशा ही कोशीश रहती है कि पूछी गई पहेली के स्थान के विषय मे संक्षिप्त मगर सारगर्भित जानकारी दी जाये तो आईये अब आज के पहेली के स्थान के बारे में कुछ जानते हैं. आशा है मेरी यह कोशीश आपको अवश्य पसंद आ रही होगी! आपकी राय से अवश्य अवगत करवाएं


मुगल गार्डन [राष्ट्रपति भवन,नई दिल्ली]

नव वर्ष के इस पहले अंक में आप का स्वागत है. रंग बिरंगे फूलों के बाग़ में आज हम आप को लाए हैं और दुआ करते हैं की इस वर्ष का हर दिन ऐसा ही रंग बिरंगा और खुशियों से महकता रहे.

राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल

राष्ट्रपति भवन भारत सरकार के राष्ट्रपति का सरकारी आवास है.इसे ब्रिटिश वास्तुकार सर एड्विन लैंडसियर लूट्यन्स ने डिज़ाइन किया था.नई दिल्ली के हृदय क्षेत्र में स्थित भारत का राष्ट्रपति भवन, विश्व के किसी भी राष्ट्रपति आवास से कहीं बड़ा है.

निवास के अंदर एक मुगल गार्डन है जो लगभग 13 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला है और यह ब्रिटिश गार्डन की डिजाइन के साथ औपचारिक मुगल शैली का एक मिश्रण बताया जाता है.

''पीस द रजि‍स्‍टेंस'' मुगल गार्डन के सबसे बड़े हिस्से को कहते हैं.२०० मीटर लंबे और १७० मीटर जुड़े इस बाग में उत्तर और दक्षिण में टेरिस गार्डन हैं ,पश्चिम में टेनिस कोर्ट तथा लॉन्‍ग गार्डन हैं.

इसके अलावा भी यहां कई छोटे-बड़े बगीचे हैं जैसे पर्ल (मोती) गार्डन, बटरफ्लाय (तितली) गार्डन और सकरुलर (वृताकार) गार्डन. बटरफ्लाय गार्डन में फूलों के पौधों की बहुत सी पंक्तियां लगी हुई हैं.यह माना जाता है कि तितलियों को देखने के लिए यह जगह सर्वोत्तम है.

मुगल गार्डन में अनेक प्रकार के फूल देखे जा सकते हैं जिसमें गुलाब, गेंदा, स्वीट विलियम आदि शामिल हैं.इस बाग में फूलों के साथ-साथ जड़ी-बूटियां और औषधियां भी उगाई जाती हैं.

उत्तर से दक्षिण से दो नहरें और दो नहरें पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हैं जैसा की आप ने पहेली के मुख्य चित्र में तस्वीर देखी थी. इस तरह यह नहरें इस उद्यान को चौकोर हिस्‍सों में बांटती हैं. इन नहरों के मिलन बिंदु पर कमल के आकार के ६ फव्वारे बने हुए हैं जिनसे पार्क की सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं.

१२ फीट तक उठ कर गिरने वाले इन फव्वारों के पास ही लकड़ी के फटटे से हैं जिनपर चिड़ियों के लिए दाना डाला जाता है. बहुत ही सुंदर नज़ारा होता है नहरों की धीमी गति और फवारों का उठना -गिरना ..साथ ही पक्षियों का कलरव!

विश्वभर के रंग-बिरंगे फूलों की छटा देखते ही बनती है. कहते हैं की सिर्फ़ मैसूर का वृंदावन गार्डेन ही इसके मुक़ाबले का एक मात्र बाग़ है. लेडी हार्डिंग ने श्रीनगर में निशात और शालीमार बाग देखे थे, जो उन्हें बहुत भाये बस उसी को ध्यान मे रख कर उन्होने इस बाग की परिकल्पना की थी.

भारत के अब तक जितने भी राष्ट्रपति इस भवन में निवास करते आए हैं, उनके मुताबिक इसमें कुछ न कुछ बदलाव जरूर हुए हैं.

प्रथम राष्ट्रपति, डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद ने इस में कोई बदलाव नहीं कराया लेकिन उन्होंने इस बाग को जनता के लिए खोलने की बात की, उन्हीं की वजह से प्रति वर्ष मध्य-फरवरी से मध्य-मार्च तक यह बाग़ आम जनता के लिए खोला जाता है.

कब जाएँ-

हर वर्ष फरवरी - मार्च के महीने में यहां सोमवार के अलावा सभी दिनों पर सुबह 9.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक दर्शक आ सकते हैं.

यहां प्रवेश की जानकारी जनता को विभिन्‍न प्रचार माध्‍यमों से दी जाती है. इस उद्यान में आने और जाने के रास्‍तों को राष्‍ट्रपति आवास के गेट नंबर 35 से विनियमित किया जाता है, जो चर्च रोड के पश्चिमी सिरे पर नॉर्थ एवेन्‍यू के पास स्थित है.

यहाँ फोटोग्राफी करना मना है.

[कृपया जाने से पहले समय आदि की जानकारी एक बार और पुष्ट कर लें]

डा. कलाम, श्री वाजपेई जी के साथ


चलते चलते एक किस्सा सुनाती चलूं-
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम गुलाब के फूलों को बहुत चाहते हैं . जब वे राष्ट्रपति भवन आये ही थे, तब उनके विशेष कार्यकारी अधिकारी श्री ब्रह्म सिंह ने उन्हें मुगल मार्डन में खिले एक खूबसूरत गुलाब की जानकारी दी , डॉ. कलाम ने उत्सुकता से उस बेहद सुंदर गुलाब को देखने तुरंत चल दिये.

उस गुलाब के पास पहुँचने पर श्री ब्रह्म सिंह उसकी विशेषताओं से अवगत कराते रहे . कलाम साहब फूल की ओर झुके और उसे सूंघ कर कुछ निराश से हुए और बोले, इतना खूबसूरत नहीं है. खुशबू के बिना गुलाब खूबसूरत कैसा? देखो ब्रह्मा हमें बाहरी सुंदरता पर मोहित नहीं होना चाहिए . हमें भीतरी खूबसूरती पर ध्यान देना चाहिए और खुशबू आंतरिक सुंदरता है.

डाँ. कलाम गार्डन में


श्री ब्रह्म सिंह बताते हैं कि डॉ. कलाम साहब के राष्ट्रपति भवन आने के बाद पहली बार मुगल गार्डन में महकते गुलाबों की बगिया लगी . जब २५ जुलाई को वे विदा हुए तब ५९ किस्म के गुलाब राष्ट्रपति भवन को महका रहे थे . इसके अलावा उन्होंने मुगल गार्डन में औषधीय और आध्यात्मिक पौधों की बगिया भी लगवाई.

राष्ट्रपति भवन के एक कर्मचारी के अनुसार राष्ट्रपति भवन परिसर में १६० तरह के पेड़ लगे हैं और कहा जाता है कि कलाम साहब हर पेड़ से परिचित हैं ।

वहाँ लगे एक विशाल बरगद के पेड़ से वे काफी प्रभावित हैं . उन्होंने उस पर एक कविता भी लिखी है, जिसमें उन्होंने वर्णन किया है कि यह विशाल बरगद कितने मानवों, पशुओं और पक्षियों को सांत्वना देता है.
अभी के लिये इतना ही. अगले शनिवार एक नई पहेली मे आपसे फ़िर मुलाकात होगी. तब तक के लिये नमस्कार।


आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.

 

seema-gupta-2  सुश्री सीमा गुप्ता  अंक १०१




 श्री मिश्रा पंकज अंक १००
 श्री सैय्यद अंक ९९
 श्री दिनेशराय द्विवेदी  अंक ९८
 प.श्री डी.के. शर्मा "वत्स" अंक ९७
  श्री विवेक रस्तोगी अंक ९६
 सुश्री संगीता पुरी, अंक ९५
 डा.रुपचंद्र शाश्त्री "मयंक, अंक ९४
 सुश्री सदा  अंक ९३
  श्री मकरंद अंक ९२

 

 

 

  सुश्री M.A.Sharma "सेहर" अंक ९१

  श्री संजय बेंगाणी अंक ९०

 सुश्री प्रेमलता पांडे अंक ८९
 श्री राज भाटिया अंक ८८
 श्री प्रकाश गोविंद   अंक ८७
 सुश्री अंजना अंक ८६
 श्री गगन शर्मा अंक ८५
  श्री उडनतश्तरी अंक ८४
श्री नीरज गोस्वामी अंक ८३
 श्री स्मार्ट इंडियन अंक ८२
  श्री मनोज कुमार अंक ८१
  श्री रतनसिंह शेखावत अंक ८०

सभी विजेताओ को हार्दिक बधाई एवम शुभकामनाएं.


अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री दीपक "तिवारी साहब"
डा. महेश सिन्हा
श्री मुंडा शनीचरी
श्री रामकृष्ण गौतम
श्री रजनीश परिहार
डा. मनोज मिश्र
सुश्री वाणीगीत

अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा, तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.

ताऊ पहेली -55

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनिवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 55 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है. बाकी सभी नियम कानून पहले जैसे ही हैं.


यह कौन सी जगह है?


ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे


अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.


इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा



नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग

 

नोट : – ताऊजी डाट काम  पर हर सुबह 8:00 बजे और शाम 6:00 बजे नई पहेली प्रकाशित होती हैं. यहा से जाये।

ओम पराया माल गटक जा भैरु..गटक गटक भैरु..

प्रिय बहनों और भाईयो, नये साल मे आपका हार्दिक स्वागत है. पिछला साल कल ही तो बीता है. हर साल बीतते बीतते हम कुछ बुरी बातें छोडने का संकल्प लेते हैं. कुछ अच्छी बातें अपनाने का संकल्प करते हैं. पर अगर मैं आपको इमानदारी से कहुं तो मानवीय मन ऐसा है कि कहीं टिक नही पाता. यानि जिसका जैसा स्वभाव पड गया वो उसी के अनूरुप व्यवहार करता है. यानि ले देके वही रामदयाल और वही गधेडी.


हमने भी कल सकंल्प किया था कि नये साल मे खूब तबियत से हिंदी की सेवा करेंगे और शुद्ध रुप से उबाऊ और लंबी लंबी पोस्ट लिखेंगे ..भले ही इधर उधर से मारकर ही लिखें पर हिंदी माता की सेवा अवश्य करेंगे. और चवन्नी छाप ताऊ की बजाये साहित्यकार कहलायेंगे... और हां पहेली इस साल में बिल्कुल नही पूछेंगे...क्योंकि पहेली की वजह से कुछ लोगों को अलसेट हो जाती है और पहेली पूछने को आजकल गुणीजनों द्वारा हिंदी का अपमान समझने का फ़तवा दबे छुपे रुप से दे दिया गया है. जिस तर्ज में हरयाणवी भोजपुरी भाषाओं के लिये फ़तवा आया था.


इसीलिये हमने एक और प्रण किया था कि नये साल में हरयाणवी मे बिल्कुल नही लिखेंगे क्योंकि फ़तवे के अनुसार क्षेत्रिय भाषाओं को प्रतिबंधित करने की मांग भी उठाई गई थी. हमने भी तय किया था कि नये साल मे तथा कथित भद्र जनों की तरह हिंदी मे जबरन अंग्रेजी के ब्लडी, ईडियट और साला और उर्दू के कुछ शब्द सीखकर ठूंसेंगे और हायर स्टेटस के ब्लागर बनेंगे. पर हाय री किस्मत... कल रात बारह बजे संकल्प लेके सोये और सुबह याद ही नही रहा, आदतन ऊठ कर दनादन पोस्ट लिख कर छाप मारी अपनी पुरानी स्टाइल में...हत तेरे की.. और उसके बाद याद आया संकल्प. अब क्या हो सकता है? अब फ़िर अगले साल का इंतजार करेंगे. तब तक वही रामदयाल और वही गधेडी ...करेंगे..यानि अब नये साल में अपना हिंदी की सेवा करने का कोई योग नही है. इसलिये अब अपना इरादा तो अपनी गंवई भाषा हरयाणवी मे ही लिखने का है. अब कौन अंग्रेजी सीखने के चक्कर मे पडे...

तो हम अब आते हैं अपनी असली औकात पर...मेरा मतलब अपने वहीं पुराने गण..बिनू फ़िरंगी, चंपाकली, अनारकली, संतू गधेडा, शेरू महाराज, सियार साहब, हीरामन और रामप्यारी हमारे साथ ही काम करेंगे.

आजकल ताऊजी डाट काम पर नित्य एक पहेली सुबह 8:00 बजे और एक नित्य शाम को 6:00 बजे हम पूछ रहे हैं और नये साल मे घोषणा करते हैं कि नित्य दिन में 12:00 बजे भी एक पहेली चालू कर देंगे. हमको हिंदी की सेवा नही करनी. जिनको करना हो वो करें.

हीरामन इतने दिनों की छुट्टी लेकर अमेरिका गये थे...वहां से अंकशाश्त्र मे डाक्टरेट करके लौटे हैं और अब से नियमित रुप से ताऊ डाट इन पर अपना भविष्य बांचने का आफ़िस चलायेंगे.

तो आईये अब आपको हीरामन जी से रुबरु करवाते हैं. यानि इस साल की पहली पोस्ट में आपको आपका भविष्य बता रहे हैं डाँ. हीरामन त्रिकालदर्शी...आईये डाक्टर त्रिकाल दर्शी जी.. नये साल में हमारे पाठकों का भविष्य फ़ल बताकर कृतार्थ करें.

प्यारे भक्तो, आपका कल्याण हो...मैं डाँ. हीरामन "त्रिकालदर्शी".
ओम ओम ओम..लटक भैरु..झटक भैरु..भैरु ही भैरु...पटक भैरु...दे पटक पटक कर भैरू...खटक भैरु..भैरु ही भैरु...अब सटक भैरु ओम सटक भैरु नमै:... अब क्या बताये? हम मजाक मजाक मे ही बिना कुछ किये ही नये साल २०१० में पहुंच गये....पता ही नही चला..रात को सोये थे २००९ में और सुबह उठे तो सीधे २०१० में...और हर साल ऐसा ही होता आया है... यानि यह भी प्रभु की क्या कमाल की व्यवस्था है? बिना कुछ किये ही.... खैर अब मैं आपको आपका और ब्लाग का भविष्य फ़ल बताता हूं.

१. जिनके ब्लाग का जन्म जनवरी के छठे पखवाडे मे हुआ है उनके लिये अच्छी खबर है....इस सप्ताह आपकी पोस्ट पर अच्छी संख्या मे टिप्पणी आने की संभावना है अगर आपने पोस्ट लिखी तो. कोई कुंठित ब्लागर वायरस के हमले की संभावना नही है. हरे रंग का भोजन करें. ६ ब्लागरों को रात का बचा बासी भोजन करवाये..... इससे आपके ब्लाग को नजर नही लगेगी.

२. जिनके ब्लाग का जन्म फ़रवरी के पांचवें पखवाडे मे हुआ है उनके लिये किंचित खराब समय दिखाई दे रहा है. पोस्ट पब्लिश करने के पहले लाल मिर्ची की धूनी पोस्ट को देवें ...जिससे शांति बनी रहेगी वर्ना इस पोस्ट पर बेनामी कुंठित और लुंठित टिप्पणियां आने का योग बन रहा है. इसका उपाय करवाने के लिये बाबा श्री ललितानंद जी महाराज का अभिमंत्रित कवच कुंडल धारण करें वर्ना सर फ़ुटव्वल योग दिखाई दे रहे है, और गटक भैरु मंत्र का जाप करते रहें.

३. जिनके ब्लाग का जन्म मार्च के सप्तम पखवाडे मे हुआ है उनका सुंदर राजयोग चल रहा है. आप इस सप्ताह पोस्ट तो नही लिखेंगे पर आप जगह जगह बेनामी टिप्पणी करेंगे और समय इतना सुंदर है कि पकडे जाने की संभावना ही नही है. समय अति श्रेष्ठ...काले वस्त्र धारण करें..काला चश्मा लगायें...और खटक भैरू मंत्र का जाप निश्चित सफ़लता के लिये करते रहें.

४. जिनके ब्लाग का जन्म अप्रेल जैसे पुनीत माह के अष्टम पखवाडे मे हुआ है उनका इस सप्ताह अप्रेल फ़ूल बनना निश्चित है. आपको कोई काली निगाह वाला जो सफ़ेद शर्ट पहने होगा और चश्मा धारी होगा...कद ६ फ़ुट..तीन बच्चों का बाप...भी होसकता है...बस ऐसे हुलिये के इंसान से सावधान रहने की सलाह दी जाती है. अगर आप इस व्यक्ति से अपने ब्लाग को बचा पाये तो बाकी आपका समय अराम से गुजर जायेगा.....आप चटक भैरवाय मंत्र की १३ माला का जाप नित्य प्रति करते रहें.

५. जिनके ब्लाग का जन्म मई मास के गर्म मौसम के नवें पखवाडे मे हुआ है उनको सलाह दी जाती है कि आने वाला समय अच्छा व्यतीत हो सकता है यदि वो श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी से अभिमंत्रित कवच कुंडल अविलंब धारण करलें तो..अन्यथा कोई बहुत ही बुरी बला पीछे लगने की प्रबल संभावना है. और अगर यह बला पीछे लग गई तो तो बहुत परेशान करेगी. अत: अविलंब कवच कुंडल धारण करें और खटक भैरू मंत्र का जाप करें. नीले वस्त्र धारण करें...लाल शरबत पीयें.

६. जून माह के ११ वें पखवाडे में जन्मित ब्लाग्स पर इस सप्ताह चटकमटक वायरस का हमला होने की प्रबल संभावना है.सुर्पणखांमयी हमला भी हो सकता है, सावधान रहें. उपाय हेतु.. आप अपने ब्लाग पर लाल मिर्ची की धूनी जलाये जिससे पडौसी ब्लागस का रहना मुश्किल हो जाये. वर्ना आपका इस सप्ताह टिक पाना मुश्किल होगा. आप फ़टक भैरव मंत्र की १७ माला का जाप करते हुये पडोसी ब्लाग्स पर बेनामी कुंठित टिप्पणी करें और करेले का अचार बिना नमक वाला वितरित करवायें. खुद शुद्ध देशी घी का सूजी का हलवा सुबह शाम खायें. कल्याण होगा.

बाकी का भविष्य फ़ल ब्रेक के बाद यानि अगले सप्ताह......

भक्त जनों अब हमारे साथ थोडा संकीर्तन करले..जिससे आपको शांति और आनंद की प्राप्ति होगी. फ़िर आज की सभा विसर्जित करेंगे. ....

ओम ओम ओम..जरा जोर से बोलो..
प्रेम से बोलो...
लटक भैरु..झटक भैरु..भैरु ही भैरु...
दे पटक पटक कर भैरु. ही भैरु ..
खटक भैरु..दूसरे की आंख मे खटक खटक... भैरु ही भैरु...
अब सटक भैरु ओम सटक सटक भैरु नमै:...

ओम पराया माल गटक भैरु..गटक गटक भैरु...
दुसरे के ब्लाग पर कुंठित टिप्पणी दे भैरु..भैरु
अपना माल संभाल कर रख भैरु...ही भैरू
दुसरे का मजाक उडा भैरु..उडा उडा...भैरु.

ओम शंति की शांति...सिर्फ़ दिखा भैरू..
असल में अशांति बनाये रख भैरु....
जय डाक्टर हीरामन देवाय नमै भैरू..
अब हो जावो लपक ..लपक भैरु...

अगले सप्ताह बाकी का भविष्यफ़ल लेकर फ़िर हाजिर होंगे और पहेली कल सुबह 8:00 बजे अपने निर्धारित समय पर प्रकाशित होगी.