ताऊ पहेली - 86 (Junagadh Fort-Bikaner-Rajasthan) विजेता : श्री रतन सिंह शेखावत

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 86 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है Junagadh Fort-Bikaner-Rajasthan

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भित जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.


राजस्थान है ही इतना खूबसूरत और रंग बिरंगा प्रदेश कि इस के जिस भी हिस्से की बात करें वहाँ दिल रमने लगता है.थार के रेगिस्तान भी यहाँ के लोगों के मस्त मस्त स्वभाव को बदल न सके और उन्होंने इन्हीं रेत के टीलों के बीच अपनी जीवटता की छाप छोड़ी हैं.

आज एक बहुत ही खूबसूरत शहर लिए चलते हैं वह है बीकानेर.नमकीन भुजिया का पर्याय है बीकानेरी भुजिया!नमकीन ही नहीं यहाँ का रसगुल्ला ,पतीसा भी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में लोकप्रिय है.राजस्थान के इस जिले के बारे में हलकी सी जानकारी देती चलूँ.

यह जिला राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी भाग में है.इसका अधिकांश हिस्सा अनुपजाऊ और रेगिस्तान है .इसके दक्षिण-पश्चिम में मगरा नाम की पथरीली भूमि है,जहाँ बारिश होने के कारण कुछ पैदावार हो पाती है.

इसका पुराना नाम जांगल देश था.जोधपुर के शासक राव जोधा के पुत्र राव बीका द्वारा १४८५ में इस शहर की स्थापना की गई.राजा राय सिंह ने इसे सुन्दर रूप दिया.महाराजा गंगासिंह जी ने नवीन बीकानेर रेल नहर व अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं से समृद्ध किया.अक्षय तृतीया के दिन बीकानेर स्थापना दिवस मनाया जाता है और यहाँ के लोग पतंग उड़ाकर उत्सव मनाते हैं.बीकानेर शहर के रहने वाले प्रसिद्ध गज़लकार राजेंद्र स्वर्णकार जी ने अपने शहर की प्रशंसा में दोहे लिखे और पढ़े हैं उन्हें यहाँ सुन सकते हैं.

*बीकानेर का लोक साहित्य काफी समृद्ध हैं.राजपरिवार के लोगों ने भी साहित्य में योगदान किया है.उदाहरण हेतु बीकानेर के राज रायसिंह ने भी ग्रंथ लिखे थे उनके द्वारा ज्योतिष रतन माला नामक ग्रंथ की राजस्थानी मे टीका लिखी थी.

*राज्‍य की शिक्षा व्‍यवस्‍था का कुंभ भी कहा जाता है.

*बीकानेर में ज्योतिष ,तंत्र मन्त्र आदि के कई ज्ञाता भी बड़े राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं.इन में ज्योतिषाचार्य पंडित बाबूलालजी शास्‍त्री का नाम बड़े आदर से लिया जाता है.

*यहाँ के रंग बिरंगे जीवन में तीज ,त्यौहार,मेले ख़ास भूमिका रखते हैं.कोलायत मेला,मुकम मेला,देशनोक मेला,नागिनी जी मेला,तीज मेला, शिवबाड़ी मेला, नरसिंह चर्तुदशी मेला, सुजनदेसर मेला, केनयार मेला, जेठ भुट्टा मेला, कोड़मदेसर मेला, दादाजी का मेला, रीदमालसार मेला, धूणीनाथ का मेला आदि लोकप्रिय मेले हैं.

*मुख्य दर्शनीय स्थल लालगढ़ का महल,गंगा गोल्‍डन जुबली संग्रहालय,राज रतन बिहारी और रसिक शिरोमणी मंदिर,बीका-की-टेकरी का भव्य किला,लक्ष्मीनारायण मंदिर, भंडेसर मंदिर, नागणेची जी का मंदिर, देवकृण्डसागर में प्राचीन शासकों की छतरियॉ, शिवबाडी मंदिर,चूहों के लिये प्रसिद्ध करणीमाता का मंदिर हैं और शहर से थोड़ी दूर भव्य महलों और प्रवासी पक्षियों के लिये प्रसिद्ध 'गजनेर' भी दर्शनीय है.

कुमारी राजुल शेखावत के अनुसार -:बीकानेर आए और यहां की हवेलियां नहीं देखीं तो आपकी सैर अधूरी मानी जाएगी। पुराने बीकानेर शहर में तंग बल खाती गलियों के ठीक ऊपर इनके झरोखों की छटा बेहतरीन होती है। लाल पत्थर से बनी इन हवेलियों में इनके दरवाज़े ,नक्काशीदार खिड़कियां या फिर बारामदे , सबमे कुछ ऐसा है, जिसे राजसी कहा जाता है।पुराने वक्त मे ये हवेलियां धन्ना सेठों के रहने की जगह हुआ करती थी। बीकानेर की हवेलियों में से रामपुरिया हवेलियां खासी मशहूर हैं। इन हवेलियों को देखकर आपको जैसलमेर की पटवा हवेली की याद आएगी। वैसे, बीकानेर की रामपुरिया हवेलियां लाल डलमेरा पत्थरों की बनी हैं।हवेलियों की दीवारों और झरोखों पर पत्तियां और फूल उकेरे गए हैं। कमरों के भीतर सोने की जरी का बेशकीमती काम देखकर आप दांतो तले उंगली दबा बैठेगें।विरासत को सहेजने का अपना अनोखा अंदाज कहें या फिर विरासत से कमाई करने वाली व्यापारिक बुद्धि - नई पीढी ने इन हवेलियों को कमाऊ जायदाद में तब्दील करदिया है। रामपुरिया हवेलियों के मालिक प्रशांत रामपुरिया के मुताबिक,हवेलियों को होटल में तब्दील करने की वजह से उनका रखराखाव आसान हो जाता है। कमाई के साथ-साथ ही विरासत भी सहेजी जा रही है.

जूनागढ़ का किला -:


बीकानेर में स्थित जूनागढ़ किले को भारतीय कलात्मक-जगत का अदभूत केंद्र कहा जाता है .इस किले का निर्माण राजा राय सिंह ने ३० जनवरी १५८६ में शुरू करवाया था और यह आठ साल में १७ फरवरी १५९४ को पूरा हुआ.उनके बाद भी बीकानेर के हर शासक ने इस किले को समृद्ध किया.मुग़ल साम्राज्य के पतन के बाद बीकानेर के कला प्रेमी शासकों ने विस्थापित उस्ता कारीगरों को अपने दरबार में शरण दी.

Junagarh Fort


इसका नाम पहले चिंतामणि दुर्ग रखा गया था.बाद में सिर्फ 'गढ़ ' कहा जाता था. लालगढ़ दुर्ग बन जाने के बाद इसे लोग पुराना किला [ जूनागढ़ ]कहने लगे .

विकिपीडिया और रतन सिंह शेखावत जी के लिखे विवरण- के आधार पर -इस के परकोटे की परिधि ९६८ मीटर है जिसके चारों और नौ मीटर चौडी व आठ मीटर गहरी खाई है,किले ३७ बुर्जे बनी है जिन पर कभी तोपें रखी जाती थी |

किले पर लाल पत्थरों को तराश कर बनाए गए कंगूरे देखने में बहुत ही सुन्दर लगते है |

Junagarh fort kings palace


पूरब और पश्चिम के दरवाजों को कर्णपोल और चांदपोल कहते है.मुख्य द्वार सूरजपोल के अलावा दौलतपोल,फतहपोल, तरनपोल और ध्रुवपोल है.किले के भीतरी भाग में आवासीय इमारते ,कुँए ,महलों की लम्बी श्रंखला है जिनका निर्माण समय समय पर विभिन्न राजाओं ने अपनी कल्पना अनुरूप करवाया था.

जनानी ड्योढी से लेकर त्रिपोलिया तक पांच मंजिला महलों की श्रंखला है पहली मंजिल में सिलहखाना,भोजनशाला ,हुजुरपोडी बारहदरिया,गुलाबनिवास,शिवनिवास,फीलखाना और गोदाम के पास पाचों मंजिलों को पार करता हुआ ऊँचा घंटाघर है | दूसरी मंजिल में जोरावर हरमिंदर का चौक और विक्रम विलास है | रानियों के लिए ऊपर जालीदार बारहदरी है | भैरव चौक ,कर्ण महल और ३३ करौड़ देवी देवताओं का मंदिर दर्शनीय है | इसके बाद कुंवर-पदा है जहाँ सभी महाराजाओं के चित्र लगे है |

जनानी ड्योढी के पास संगमरमर का तालाब है फिर कर्ण सिंह का दरबार हाल है जिसमे सुनहरा काम उल्लेखनीय है | पास में चन्द्र महल,फूल महल , चौबारे,अनूप महल,सरदार महल,गंगा निवास, गुलाबमंदिर, डूंगर निवास और भैरव चौक है | चौथी मंजिल में रतननिवास, मोतीमहल,रंगमहल , सुजानमहल और गणपतविलास है |

पांचवी मंजिल में छत्र निवास पुराने महल ,बारहदरिया आदि महत्वपूर्ण स्थल है | अनूप महल में सोने की पच्चीकारी एक उत्कृष्ट कृति है | इसकी चमक आज भी यथावत है | गढ़ के सभी महलों में अनूप महल सबसे ज्यादा सुन्दर व मोहक है | महल के पांचो द्वार एक बड़े चौक में खुलते है | महल के नक्काशीदार स्तम्भ ,मेहराब आदि की बनावट अनुपम है | फूल महल और चन्द्र महल में कांच की जडाई आमेर के चन्द्र महल जैसी ही उत्कृष्ट है | फूल महल में पुष्पों का रूपांकन और चमकीले शीशों की सजावट दर्शनीय है | अनूप महल के पास ही बादल महल है | यहाँ की छतों पर नीलवर्णी उमड़ते बादलों का चित्रांकन है | बादल महल के सरदार महल है | पुराने ज़माने में गर्मी से कैसे बचा जा सकता था ,इसकी झलक इस महल में है | गज मंदिर व गज कचहरी में रंगीन शीशों की जडाई बहुत अच्छी है | छत्र महल तम्बूनुमा बना है जिसकी छत लकडी की बनी है | कृष्ण-रासलीला की आकर्षक चित्रकारी इस महल की विशेषता है |

junagarh fort queens


श्री नरेश सिह राठौङ जी कहते हैं -इस गढ़ के अन्दर जो सोने की पच्चीकारी की गयी है उसके कारीगर आज गुमनामी की जिन्दगी जी रहे है । बीकानेर मे एक मोहल्ला है जो भुजिया बाजार के पिछे है उसे उस्तों का मोह्ल्ला के नाम से जाना जाता है यह मोहल्ला इन्ही कारीगरो का मोहल्ला है ।

इस बारे मे उन्हें यह जानकारी यहाँ के एक विद्युत अधिकारी शकूर साहब ने दी है जो कि इन्ही उस्ता कारीगरो के खानदान से हैं ।


आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.



सभी विजेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं.


 


आईये अब रामप्यारी मैम की कक्षा में





हाय गुड मार्निंग एवरीबड्डी... मेरे सवाल का सही जवाब है : मोर/मोरनी का बच्चा (Baby Peacock)और नीचे देखिये मोर, मोरनी और उनके प्यारे प्यारे बच्चों का यह शानदार विडियो.




निम्न सभी प्रतिभागियों को सवाल का सही जवाब देने के लिये 20 नंबर दिये हैं सभी कॊ बधाई.

सुश्री सीमा गुप्ता
श्री प्रकाश गोविंद
श्री अंतर सोहिल
श्री Darshan Lal Baweja
सुश्री इंदु अरोड़ा
डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक,
सुश्री Anju

अब अगले शनिवार को ताऊ पहेली में फ़िर मिलेंगे. तब तक जयराम जी की!

अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री ललित शर्मा
अभिषेक ओझा,
श्री अविनाश वाचस्पति
श्री मनोज कुमार
श्री पी.एन.सुब्रमनियन
श्री राम त्यागी
श्री संजय बेंगाणी
डा. अरुणा कपूर.
श्री पी.सी.गोदियाल,
सुश्री anshumala
श्री राज भाटिया
श्री महेंद्र मिश्र
श्री नीरज गोस्वामी
सुश्री वंदना
डॉ टी एस दराल
सुश्री अनामिका की सदायें .....

अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.

ताऊ पहेली - 86

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 86 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.

विनम्र विवेदन

कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें कि चित्र मे दिखाई गई जगह का नाम क्या है? कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है. अब नीचे के चित्र को देखकर बताईये कि यह कौन सी जगह है? और किस शहर या राज्य में है?


ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे.

अब रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर का. यानि जो भी प्रतिभागी रामप्यारी के सवाल का सही जवाब देगा उसे 20 नंबर अलग से दिये जायेंगे. तो आईये अब आपको रामप्यारी के पास लिये चलते हैं.


"रामप्यारी का बोनस सवाल 20 नंबर के लिये"



हाय...आंटीज एंड अंकल्स...दीदीज एंड भैया लोग...गुडमार्निंग..मी राम की प्यारी रामप्यारी.....अब आपसे पूरे 20 नंबर का सवाल पूछ रही हूं. सवाल सीधा साधा है. बस मुख्य पहेली से अलग एक टिप्पणी करके जवाब देना है. और 20 नंबर आपके खाते में जमा हो जायेंगे. है ना बढिया काम...तो अब नीचे का चित्र देखिये और बताईये की यह कौन से पक्षी का बच्चा है?



इस सवाल का जवाब अलग टिप्पणी मे ही देना है. अब अभी के लिये नमस्ते. मेरे ब्लाग पर अब से दो घंटे बाद यानि 10 बजे आज की मुख्य पहेली के हिंट के साथ आपसे फ़िर मुलाकात होगी तब तक के लिये नमस्ते.

अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.
जरुरी सूचना:-

टिप्पणी मॉडरेशन लागू है इसलिए समय सीमा से पूर्व केवल अधूरे और ग़लत जवाब ही प्रकाशित किए जाएँगे.
सही जवाबों को पहेली की रोचकता बनाए रखने हेतु समय सीमा से पूर्व अक्सर प्रकाशित नहीं किया जाता . अत: आपका जवाब आपको तुरंत यहां नही दिखे तो कृपया परेशान ना हों.

इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु. अल्पना वर्मा

नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
ताऊजी डाट काम

ताऊ टीवी का "पति पीटो रियलिटी शो"

नमस्कार बहनों और भाईयों! मैं रमलू सियार ताऊ टीवी का चीफ़ रिपोर्टर सुबह ४:४४ के ताजा तरीन बुलेटिन में आपका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा की आप जानते हैं कि ताऊ टीवी हमेशा ही अपने अनोखे और नये नये कार्यक्रमों के लिये कुख्यात है. ठीक उसी श्रंखला में हम अबकि बार आपके लिये ले आये हैं एक दम अनूठा "पति पीटो रियलिटी शो" तो आईये अब मैं इस खास और गर्मागर्म शो की कुछ जानकारी आपको देता हूं.

इस पति पीटो रियलिटी शो का अनूठा आईडिया हम खास आपके मनोरंजन के लिये लाये हैं. जैसे पत्नि को पीटकर मजा आ गया (रियलिटी शो) में आपको मजा आया था वैसा ही मजा "पति पीटो रियलिटी शो" में आयेगा.

ताऊ टीवी के इस पति पीटो रियलिटी शो के मदारी....मेरा मतलब शो के निर्णायक होंगे श्रीमान रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे". जिनकी काबिलियत पर किसी को कोई शक नही है और ना आपको होगा.

इस शो की विशेषता है कि इस शो के दो बास होंगे. जी हां दो बास हमने इस लिये रखे हैं जिससे विजेता के निर्णय में कोई गडबड नही हो. वैसे तो रामप्यारे ही सक्षम हैं इस काम के लिये. पर कोई विवाद खडा होता है तो अंतिम निर्णय इन दोनों बास का ही माना जायेगा.

आईये अब आपको मिलवाते हैं इन बास लोगों से...जी हां ये हैं ताऊ बास और काजल बास....आईये स्वागत किजिये इस अनूठे शो पति पीटो रियलिटी शो के कर्ता धर्ता इन दोनों बास लोगों का.

1. ताऊ बास और काजल बास के मध्य हैं नीर क्षीर निर्णायक "रामप्यारे"


पति पीटो रियलीटी शो के नियम

१. इस प्रतियोगिता में सिर्फ़ वही पुरुष हिस्सा ले सकता है जो शादीशुदा हो. तलाक शुदा और विधुर भी चलेगे यानि जो पुरूष एक बार पतित्व को प्राप्त होचुका हो पर कुंआरे लडके इस प्रतियोगिता में हिस्सा नही ले सकते. कृपया प्रमाण पत्र साथ लावें.

२. महिलाओं पर कोई प्रतिबंध नही है. उनका शादीशुदा होना जरूरी नही है.

३. इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को लठ्ठ चलाने का अभ्यासी होना जरूरी है. जो महिला दो मिनट में २० लठ्ठ मार सकती हो, कृपया वही आवेदन करे. अगर दो मिनट में इससे ज्यादा लठ्ठ चला सकती हो तो यह अतिरिक्त योग्यता मानी जायेगी. बदलाव के लिये अगर महिला प्रतियोगी चाहे तो लठ्ठ की जगह चार किलो वजन का हथोडा भी पुरुष प्रतियोगी के सर पर मार सकती है.

2. महिला प्रतियोगी पुरुष के सर पर हथोडा मारते हुये


४. इस प्रतियोगिता में एक पुरुष को एक बार में एक महिला ही पीट सकती है. एक साथ दो महिलाएं नही पीट सकती.

५. पुरुष प्रतियोगी हाऊस के अंदर महिलाओं को नही पीट सकता. वह सिर्फ़ पिट सकता है. इस खेल में मायनस मार्किंग का रूल लागू रहेगा. जैसे किसी महिला प्रतियोगी ने कितने लठ्ठ मारे और पिटने वाले पुरुष प्रतियोगी ने उसके कितने वार बचा लिये. शो का अंतिम फ़ैसला इस आधार पर होगा.

६. महिला प्रतियोगी जब तक चाहे इस प्रतियोगिता में बनी रह सकती है. लेकिन जब तक वो कम से कम एक हजार लठ्ठ विभिन्न पुरूष प्रतियोगियों को नही मार लेती तब तक उसे हाऊस में ही रहना पडेगा.

७. पुरुष प्रतियोगी कृपया ध्यान देवें - पुरूष प्रतियोगियों को किसी भी हालत में हाऊस से बाहर निकलने का उपाय नही होगा. अत: सोच समझकर इंट्री लेवें. अगर एक बार हाऊस में घुस गये तो सिर्फ़ बास लोगों की परमिशन से ही बाहर निकल सकते हैं. और बास लोगों को भी सिर्फ़ उसी पुरुष प्रतियोगी को बाहर जाने की इजाजत देने का अधिकार होगा जो प्रतियोगी पिटते पिटते मरणासन्न हो चुका होगा. ऐसे पुरुष प्रतियोगियों का डाक्टर झटका द्वारा परिक्षण किया जाकर उन्हें प्रतियोगिता में अक्षम घोषित किया जाना जरूरी होगा.

८. पति पीटो रियलीटी शो में कदम कदम पर कैमरे लगे होंगे. रसोईघर, बाथरूम, हाल, इत्यादि के अलावा खाने पीने के बर्तनों, नहाने के साबुन, टुथब्रश, पढने की मैगजीन्स, आपके पहनने के कपडों तक में कैमरे लगे होंगे. अत: आप बेईमानी का सोचें भी नही. इसके लिये सहमति पत्र पर दस्तखत करके भेजे.

९. महिला प्रतियोगियों को आठ किलो वजन वाला मेड-इन-जर्मन लठ्ठ चलाने का अभ्यासी होना जरूरी है. अन्य नियम आपको समय समय पर बता दिये जायेंगे.

१०. पुरुष और महिला प्रतियोगियों से निवेदन है कि निराशा से बचने के लिये कृपया तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें.

११. इस प्रतियोगिता में भाग लेने की कोई फ़ीस नही है अत: ठगों से बचकर रहें.

१२. बास लोगों को किसी को भी वाईल्ड कार्ड इंट्री देने का अधिकार होगा.

१३. सभी प्रतियोगियों का हाऊस में प्रवेश से पूर्व डाक्टरी परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जायेगा. पुरूष प्रतियोगियों का परीक्षण डाँ. झटका द्वारा किया जायेगा और सभी महिला प्रतियोगियों का परीक्षण डाँ. रामप्यारी करेंगी. डाक्टरी परीक्षण में फ़ेल हुये प्रतियोगियों को किसी भी हालत में शो में भाग नही लेने दिया जायेगा.

१४. दर्शकों के लिये हर एपिसोड में एक सवाल होगा. उस सवाल के सही जवाब देने वालों को ड्रा के जरिये रोज एक दर्शक को इस प्रतियोगिता में भाग लेने का दुर्लभ अवसर दिया जायेगा. डाक्टरी परीक्षण एवम अन्य शर्तें पूरी करना आवश्यक होगा.

और अब खुश खबरी....इस पति पीटो प्रतियोगिता के लिये काहुल कहाजन और मिस. समीरा टेढी ने वाईल्ड कार्ड इंट्री मांगी थी. बास लोगों ने काहुल कहाजन और मिस. समीरा टेढी को वाईल्ड कार्ड इंट्री दे दी है. काहुल कहाजन बहुत जल्दी हाऊस में पहुचने वाले हैं. और मिस. समीरा टेढी हाऊस में पहुंच चुकी हैं.

आईये अब मिस. टेढी के हाऊस में पहुंचने की कुछ झल्कियां ...

3. मिस समीरा टेढी "पति पीटो रियलिटी शो" में प्रवेश करते हुये


हाऊस में पहुंचने पर मिस. टेढी का ताऊ बास, काजल बास और रामप्यारे ने हार फ़ूल पहना कर स्वागत किया और इस पति पीटो रियलिटी शो की चेंपियन बनने कि अग्रिम बधाई भी दी. इसके बाद मिस समीरा टेढी ने हाऊस के जिम में जाकर लठ्ठ चलाने का अभ्यास किया.

4. मिस. समीरा टेढी तैयार हैं काहुल कहाजन का स्वागत करने के लिये.


इसके बाद मिस. समीरा टेढी को प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मिडिया के संवाद दाताओं से मिलवाया गया. और मिस. टेढी भी आज पूरे मूड में थी. उन्होने किसी को भी निराश नही किया. सभी संवाददाताओं के सवालों के जवाब दिये. लेकिन एक पत्रकार द्वारा ऐसा सवाल पूछ लिया गया कि मिस समीरा टेढी का दिमाग सिरे से ही उखड गया.

अब सवाल ये उठता है कि ....

१. वो सवाल क्या था? जिससे मिस टेढी का दिमाग उखड गया?

२.वो सवाल पूछने वाला पत्रकार कौन था? या पत्रकार के रूप में वो कोई खुन्नस खाया हुआ ब्लागर था?

३. क्या मिस टेढी ने उस सवाल का जवाब दिया?

४. क्या उस पत्रकार ने वो सवाल जानबूझकर पूछा था? या किसी के इशारे पर ये साजिश रची गई थी?

५. क्या उस पत्रकार को मिस टेढी के हाथों लठ्ठ खाने पडे? या बच गया?

ऐसे अनेकों सवाल खडे हो गये हैं. तो बहनों और भाईयो.....इन सब सवालों का जवाब हम आपको देंगे अगले एपिसोड में... इंतजार करते रहिये.....


पत्रकार वार्ता के बाद मिस समीरा टेढी ने सीधे हाऊस में जाकर आराम फ़रमाया. शाम को चाय पीने के बाद मिस टेढी मूड फ़्रेश करने के लिये "पति पीटो रियलिटी शो" के शानदार बगीचे में सैर करने को निकल पडी.

5. पत्रकार वार्ता के बाद पति पीटो रियलिटी शो के बगीचे में सैर करती हुई मिस टेढी


चूंकी हाऊस में आज पहले दिन मिस समीरा टेढी अकेली ही पहुंची हैं सो आठ बजे रात के भोजन के बाद वो सोने चली गई. रात को क्या कुछ हुआ? ये पति पीटो रियलिटी शो के कैमरों में रिकार्ड हो चुका है जो हम आपको अगले एपिसोड में दिखायेंगे कि रात १२ बजे से सुबह तीन बजे के बीच मिस समीरा टेढी ने क्या गुल खिलाये? इंतजार करते रहिये.......हम यूं जायेंगे....और कब आयेंगे?....इसका अंदाजा लगाते रहिये......


आज का सवाल

ऊपर चित्र नं 2 में महिला एक पुरुष के सर पर हथोडा मार रही है.

बताईये कि वो पुरूष कौन है?

सही नाम बताने वाले को पति पीटो रियलिटी शो में वाईल्ड कार्ड इंट्री दी जायेगी.

ताऊ पहेली - 85 (जगन्नाथ मंदिर, पुरी, उडीसा) विजेता : श्री प्रकाश गोविंद

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 85 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है Jagannath Temple Puri [Orissa]

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भित जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.


उड़ीसा राज्य के पुरी शहर में भगवान श्री कृष्ण को समर्पित मंदिर है.इसे हिदुओं के चारों धाम में से एक माना जाता है.

विश्व प्रसिद्ध इस मंदिर का वार्षिक रथ यात्रा उत्सव मध्य काल से अब तक बेहद उल्लास और उत्साह से मनाया जाता है.भगवान जगन्नाथ ,उनके भाई बलभद्र और बहिन सुभद्रा के तीन अलग अलग सजे हुए भव्य रथ यात्रा में निकलते हैं.

Rath yatra


इस मंदिर का निर्माण कलिंग राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव ने कराया था और बाद में सन् 1174 ई. में ओडिआ शासक अनंग भीम देव ने इस का जीर्णोद्धार करवाया.

Jagannath Temple Puri


३७,००० मीटर ² में फैले इस मंदिर स्थापत्यकला उड़िया शैली की है.मुख्य मंदिर वक्ररेखीय आकार का है, जिसके शिखर पर अष्टधातु से निर्मित विष्णु का श्री चक्र मंडित है, इसे नीलचक्र भी कहते हैं. मंदिर का मुख्य ढांचा पाषाण चबूतरे पर बना है. इसके भीतर आंतरिक गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियां स्थापित हैं.

jagannath temple dieties


यहाँ की रसोई में भगवान को चढाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए ५०० रसोईए तथा उनके ३०० सहयोगी काम करते हैं,इसे भारत की सब से बड़ी रसोई बताया जाता है.

इस मंदिर में पर्यटकों और गैर-हिन्दू लोगों का प्रवेश वर्जित है.

इस मंदिर में विस्तृत दैनिक पूजा-अर्चनाएं ,सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों वर्ष पर्यन्त होते रहते हैं किन्तु रथ यात्रा का विशेष महत्व है., जो आषाढ शुक्ल पक्ष की द्वितीया को आयोजित होती है जिस में तीनों मूर्तियों को अति भव्य और विशाल रथों में सज़ा कर यात्रा पर निकालते हैं .

अधिक जानकारी के लिए अधिकारिक साईट पर जाएँ-
http://www.jagannathtemplepuri.com/

एक बात और कहना चाहूंगी कि पुरी का समुद्र तट बहुत ही सुंदर है. यहां से उगते और डूबते सुर्य को देखना एक अलौकिक आनंद देता है. यह बीच बहुत ही सुरक्षित है. यहां बीच पर ही आपको सर्व सुविधायुक्त होटल्स और रिसार्ट्स ठहरने के लिये मिल जायेंगे जिनके अपने निजी बीच हैं.

Puri Sea Beach


अगली बार जब भी आप पुरी दर्शन के लिये जायें तब यहां सी बीच (Sea beach) घूमना अवश्य याद रखियेगा.



आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.



सभी विजेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं.


श्री प्रकाश गोविंद   अंक 101

seema-gupta-2

सुश्री सीमा गुप्ता अंक 100

ajju5

Dr.Ajmal Khan  अंक 99

darshan-baweja

श्री Darshan Lal Baweja  अंक 98

श्री विवेक रस्तोगी अंक 97

indu-arora

सुश्री  इंदू अरोडा अंक 96

श्री उडनतश्तरी अंक 95

lalit 50

श्री ललित शर्मा अंक 94

smartindian

श्री स्मार्ट इंडियन  अंक 93

ashish-mishra

श्री आशीष मिश्रा अंक 92

My Photo

श्री पी.एन.सुब्रमनियन अंक 91

श्री अभिषेक ओझा अंक  90

archana

सुश्री अर्चना अंक 89

श्री रंजन अंक 88

sugya

 श्री सुज्ञ अंक 87

श्री अंतरसोहिल अंक 86

प. श्री.  डी. के. शर्मा “वत्स” अंक 85

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक अंक 84

geete

श्री Anurag Geete अंक 83

डा. श्री महेश सिन्हा अंक 82

vandana-delhi

सुश्री वंदना अंक 81

सुश्री अंजना अंक 80

dwivediji

श्री दिनेशराय द्विवेदी अंक 79

anju

 सुश्री Anju अंक 78

सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई!


आईये अब रामप्यारी मैम की कक्षा में





हाय गुड मार्निंग एवरीबड्डी... मेरे सवाल का सही जवाब है : बोटानिकल गार्डन कोलकाता का विश्व प्रसिद्ध बरगद का पेड.




कोलकाता (हावडा) में हुगली नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित बोटानिकल गार्डन एशिया का सबसे बडा और दुनिया का दूसरे नंबर का गार्डन है जो तकरीबन 273 एकड के क्षेत्रफ़ल मे फ़ैला हुआ है. इस गार्डन की नींव 1787 में ईस्ट इंडिया कंपनी के कर्नल अलेक्जेंडर कीड (Col. Alexander Kyd) ने रखी थी. इस गार्डन मे करीबन 30,000 विभिन्न प्रजातियों के पेड पौधे हैं जिनमे की मेरे द्वारा पूछे गये सवाल वाला विश्व का सबसे बडा बरगद का पेड भी शामिल है.

यह बरगद (Banyan tree) 200 साल से ज्यादा पुराना है और इस की परिधि (circumference) तकरीबन 330 मीटर है. तो आप जब भी कोलकाता जायें तब बोटानिकल गार्डन में जरूर जायें और इस बरगद के पेड को जरूर देखें. जब तक आप कोलकाता जायें तब तक नीचे का विडियो देखकर आनंद प्राप्त करिये.



यद्यपि यह सवाल का हिस्सा नही था पर इस पेड की सही स्थिति सबसे पहले डा. रूपचंद्र जी शाश्त्री अंकल ने बतायी की ये बोटानिकल गार्डन में है और उसके बाद समीर अंकल ने बताया कि यह कहां स्थित है? निम्न सभी प्रतिभागियों को सवाल का सही जवाब देने के लिये 20 नंबर दिये हैं सभी कॊ बधाई.



श्री काजलकुमार,
श्री Darshan Lal Baweja
सुश्री इंदु अरोड़ा
श्री ललित शर्मा
श्री पी.एन.सुब्रमनियन
श्री स्मार्ट इंडियन
श्री विवेक रस्तोगी
डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक,
श्री उडनतश्तरी
श्री Anurag Geete
डा. महेश सिन्हा
सुश्री सीमा गुप्ता
श्री प्रकाश गोविंद
सुश्री Anju

अब अगले शनिवार को फ़िर यहीं मिलेंगे. तब तक जयराम जी की!

अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

सुश्री बबली
श्री अविनाश वाचस्पति
श्री राज भाटिया
श्री ज़ाकिर अली ‘रजनीश’
श्री राम त्यागी

अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.