जीजा साली की नोंक झोंक



सावण कै महने मै साली जी दिल्ली शहर तै गाम देखण आगई !
इब उसनै तो ऊंट पै बैठ कै गाम देखणा सै और वहीं के कोई
छैल छबीले छोरे तैं ब्याह भी करणा सै ! इब थम ही देख्ल्यो
इस लांडी कुर्ती वाली साली साहिबा नै बिचारै जीजा के कैसे
हाल करे सें ?



Comments

  1. राम राम यु साली से के आफ़त की पुडिया,राम पुरिया भाई मेने तो तरस आबे से तेरे ऊपर,साली ने ऊटंनी पे घुमा दे आपे सीधी हो जा गी, राम राम भाई

    ReplyDelete
  2. भई ताऊ ये आपकी साली तो घंनी ही ऊत सै !
    कुछ ज्यादा ही इतरारी सै यो तो ! गाना भोत
    सुथरा लाग्या हमने तो !

    ReplyDelete
  3. सही में ताऊ इसको तो ऊंट गाडी पै बैठा दो !
    और वो हल चला रहे जवान से शादी भी
    करादो ! पर गीत बढिया गाती है ! :) :)

    ReplyDelete
  4. वाह ताऊ आज जमी जीजा साली की जोडी !
    बहुत बढिया गीत ! मजा आया खूब !

    ReplyDelete
  5. .

    वाह वाह ना करूँ,
    तै सर पे लट्ठ तो ना मार देग्गा ?
    भाई म्हारे ना जच री सै, ये पोस्ट !
    म्हारे तो लागे कि पंगेबाज़ के फंदे में फँस के
    तू यहाँ अपणी साली को नाचण वास्ते ले आया ..
    तेरे भतीजे का मत्था घूम रे सै , अपणी फुफ्फी को
    नाचता देख तेरे भतीजे कित जांगे ?
    अपनी समझ मै नी आंदी ये बात !
    चोक्खा तो लाग्या ही नीं,
    राम राम

    ReplyDelete
  6. बहुत बढिया लगा !
    धन्यवाद !

    ReplyDelete
  7. शहर से हट कर गाँव का माहोल ! सीधे कार
    से उतर कर ऊंट गाडी पर ! ताऊ मुझको
    तो बड़ा पसंद आया ! ऐसा लगा गाँव की ताजगी
    में पहुँच गए ! विडीयो बनाने वाले को धन्यवाद !
    फिल्मांकन अच्छा लगा ! गाना , धुन सब कुछ अच्छा
    लगा ! ये वीडियो डालने के लिए आपको भी धन्यवाद !

    ReplyDelete
  8. र ताऊ यो कांई कर सो थम?
    गजब!
    गजब!!
    गजब!!!

    ReplyDelete
  9. मेरी जिन्दगी में आज से पहले ऐसा गाना
    नही सूना ! ४ बार सुन चुका हूँ ! फ़िर भी
    मन नही भरा !
    बहुत गज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जब !!

    अठे का सारा छोरा उउत.. साली बजवावो
    ना जूत.... !
    शायद इसीलिए लोक गीतों का कभी भी
    महत्त्व कम नही हुआ ! धन्यवाद !

    ReplyDelete
  10. ताऊ इब कंई हरयाणवी छोडके राजस्थानी की
    दूकान खोलोगा ? पर गाणा चोखा है |
    आप तो एक दूकान राजस्थानी की भी खोल ही
    लो ! चला लोगे आप तो |

    ReplyDelete
  11. Interesting. बहुत बढिया.
    धन्यवाद !

    ReplyDelete
  12. ऊंट देख कै गाणा गावै घणा कसुत्ता काम
    जींस पहर कै साली आगी मनै बचाले राम

    छोरे का बस्स बस ना चाल्लै जी म्हं लाड्डू फूट्टैं
    चढ जा छम्मकछल्लो ऊप्पर उरी दिख्यादूं गाम

    हिचकोल्ले अर धक्कमधक्का मजा कसुत्ता आवै
    करम भले थे तभी दिया सै दाता नै यू दाम

    चोल्ली बरगी कुरती तेरी मेरा लांबा कुरता
    चल गाड्डे के तलै बेठ कै चुस्सेगें इब आम
    --योगेन्द्र मौदगिल
    haryanaexpress.blogspot.com

    Maza aagya ho to bataiyo zaroor varna.........................

    ReplyDelete
  13. भाई योगेन्द्र जी ओ हो हो......! दिल लूट ले गए थम तो ताऊ का ! भाई थमनै परणाम करै सै यो ताऊ !
    आज पहल्लम बार दिल गार्डन गार्डन कर दिया
    मेरे भाई नै ! भाई आप तैं मिलण की इच्छा
    हो री सै ! पुन: प्रणाम भ्राता !

    ReplyDelete
  14. सिलसिला चलता रहना चाहिये, मुलाकात तो हो ही जाएगी, निश्चिन्त रहें,

    ReplyDelete

Post a Comment