ताऊ के प्राण पखेरू उड गये...!

ताऊ पहले लूटमार, चोरी उठाईगिरी करके अपना काम चलाता था. फ़िर कुछ समय बाद डकैतियां डालने लगा. फ़िर एक ऐसा दौर आया कि उसको डाकूगिरी से सरेंडर करना पडा क्योंकि एक अच्छी डील मिल गयी थी.

सरेंडर के बाद खुली जेल में रहा जहां कुछ ब्लागरों से दोस्ती हो गई. जेल में रहने के दौरान ही वो ब्लागिंग के गुर सीख चुका था. सजा काटने के बाद उसने धमाकेदार ब्लागरी शुरू कर दी. जैसे कोई नशे का आदी हो जाता है उसी तरह ताऊ भी ब्लागरी का आदी हो गया.

ताऊ की पत्नी यानि ताई बिना पढी लिखी महिला थी सो कुछ दिन तो वो समझती रही कि ये मशीन (कंप्यूटर) पर कोई बहुत बडा काम करता है. कुछ दिन तो यह सब चला लेकिन आखिर कब तक चलता? ब्लागरी से घर खर्चा थोडी चलने वाला था? एक खेत था ताऊ के पास वो भी बिना जुता पडा था. आखिर ताई को समझ आगया कि माजरा क्या है? उसने लठ्ठ मार मार कर ताऊ की मशीन यानि कंप्य़ूटर तोड डाला...और गुस्से गुस्से में  दो चार लठ्ठ ताऊ को भी चिपका दिये. और तबसे ताऊ अपने खेत में मेहनत मजदूरी करके परिवार का  पेट पालने लगा.

दोपहर की धूप में हल के बाद मेज लगाता ताऊ

जेठ की  भरी दोपहर का समय.  ब्लागरी के नशे से मुक्त होकर  ताऊ अपने खेत मे हल के बाद मेज लगा  रहा था.  और मन ही मन परमात्मा को गालियां   भी देता जा रहा  था. उसकी परमात्मा से शिकायत यह थी कि मैं अच्छी भली डकैतियां डालता था...मुझसे सरेंडर की गलती क्यूं करवा दी? आज सारे बडे लोग घूस रिश्वत, घोटाले कर करके सफ़ेदपोश बने हुये हैं और मुझे इस लू वाली गर्म हवा में मेहनत करनी पड रही है....तेरा बुरा हो परमात्मा.....

कुछ देर बाद ताई  कलेवा लेकर आगयी और ताऊ छाछ और मुक्का प्याज के साथ रोट तोडने पेड की छांव में बैठ गया. कुछ देर बाद  हकीम समीरलाल वहां आये और ताऊ को रामराम करके पेड की छांव में सुस्ताने लगे. दोनों में बातचीत होने लगी.

हकीम समीरलाल घुटे हुये खिलाडी थे और ताऊ ठहरा बेवकूफ़ किस्म का इंसान...यदि बेवकूफ़ ना होता तो इतना बडा डकैत होने के बाद भी हल क्यों जोत रहा होता?  समझदार होता तो चुनाव लड लेता...कहीं सफ़ेदपोश डकैती के काम कर रहा होता.   वैसे तो चोरी डकैती के जितने भी धंधे ताऊ ने किये वो सब बहुत ही इमानदारी से किये पर  ताऊ के सारे धंधे सिर्फ़ और सिर्फ़ लोभी होने की वजह से फ़ेल हुये थे....ताऊ का यही दुर्गुण था कि उसको कोई कुछ भी स्कीम समझा दे वो अपने लोभी स्वभाव की वजह से  तुरंत तैयार हो जाता था. ताऊ के जैसे  लोभी लालची आदमी की यही गति होनी थी.

ताऊ का यह खेत अब महानगर की हद में आने वाला था.  हकीम साहब जैसे लोग भविष्य दृष्टा होते हैं. इसीलिये वो  ताऊ से यह खेत खरीदना चाहते थे. ताऊ तो यह कभी का बेच देता पर ताई थोडी समझदार महिला थी सो पुरखों की यह निशानी बाल बच्चे पालने के काम आ रही थी.

हकीम साहब ने मीठी मीठी बातें शुरू करके ताऊ को यह समझा दिया कि ताऊ  यदि खेती ही करनी है तो इस एक खेत को बेचकर जो रकम मिले उसे लेकर तुम दक्षिण पश्चिम दिशा में चले जावो उधर एक ब्लाग गढ नाम का गांव आयेगा,  वहां ब्लाग गढ में पानी वाली और ऊपजाऊ  जमीन बहुत सस्ती मिल जायेगी.

ताऊ ने पूछा - हकीम साहब क्यों मुझे बेवकूफ़ बनाने पर तुले हो?  आजकल जमीने कहां सस्ती रह गयी हैं? सारी जमीनें तो पूंजीपतियों, नेताओं, अफ़सरो और दामादों ने हथिया ली हैं....जावो किसी और को बेवकूफ़ बनाओ.

हकीम साहब बोले- ताऊ तुम समझते नही हो. ब्लाग गढ के लोग सिर्फ़ ब्लागिंग करते हैं या ताश पत्ती खेलते हैं इसके अलावा कुछ नही करते. खेती बाडी मेहनत का काम है जो ब्लागर्स कर नही सकते, सो  घर खर्चा चलाने के लिये वो  अपनी जमीने बेचते रहते हैं आप एक बार मेरी बात आजमा कर तो देखो.

ताऊ के खरपट दिमाग में  हकीम साहब की  यह बात गोली की तरह घर कर  गयी क्योंकि ब्लागिंग के नफ़े नुक्सान उसे भलि भांति मालूम थे. ताई खेत बेचने  के लिये राजी नही थी पर  किसी तरह ताई को मनाकर, अपना  खेत बेचकर, रकम खीसे में रखकर,   हकीम साहब के बताये ब्लाग गढ गांव की तरफ़ ताऊ ने कूच कर दिया.

दो तीन दिन ताऊ भूखा प्यासा चलता रहा पर हकीम साहब द्वारा बताया गया ब्लाग गढ  नही आया. ताऊ ने सोच लिया कि ऐसा कोई गांव हो ही नही सकता. वापस लौटने का विचार कर ही रहा था कि सामने उसे एक गांव सा दिखलाई पडा. वो यह सोचकर उस तरफ़ बढ गया कि अब शाम होने में  है आज की रात इस गांव में बिताकर कल सुबह वापस लौट जायेगा.

गांव की चौपाल पर सतीश सक्सेना, डा. टी. सी. दराल, खुशदीप सहगल, दीपक बाबा , सुज्ञ, गिरीश बिल्लोरे, अली सैयद, अरविंद मिश्र , अजय कुमार झा,   जैसे अनेकों अंतर्राष्ट्रीय    ब्लागर  चौपाल पर बैठे ताश पत्ती खेल रहे थे. एक तरफ़ राजीव तनेजा  बैठे लोगों को शायरी सुना रहे थे. कई अपने आई-फ़ोन से ब्लागिंग कर रहे थे.  ललित शर्मा अपनी यायावरी के किस्से सुना रहे थे.  एक जगह एक लेपटोप पर सामुहिक रूप से ब्लागिंग हो रही थी. सब अपने में मस्त...कोई हुक्का गुडगुडा रहा था तो कोई चिलम.

इस तरह के अलमस्त लोगों को देखकर ताऊ चकित रह गया. उसने सोचा कि यह कोई ठगों का गांव तो नही है? कोई कुछ काम नही कर रहा, सब मटरगश्ती में लगे हैं जबकि यह समय तो खेतों में काम करने का होता है. ज्यादा डर इस बात से था कि  ताऊ के खीसे (जेब) में अपने पुरखों की निशानी रहे खेत को बेचकर आई  जमा पूंजी भी थी. ताऊ का मन किसी अनहोनी से धडकने लगा.

डरते डरते ताऊ ने उनसे रामराम की, अपना नाम बताया और उस ब्लाग गढ  गांव का पता पूछा जहां पानी वाली जमीन बहुत सस्ती मिलती है.

पान  का इक्का  पत्ता फ़ेंकते हुये फ़क्कड से अंदाज में जवाब दिया सतीश सक्सेना ने. वो बोले - ताऊ महाराज,  आप बिल्कुल सही जगह आ गये हो,  जिस ब्लाग गढ  गांव का पता आप  पूछ रहे हैं वो यही गांव है. ताऊ की उत्सुकता बढी और एक सांस में पूछ डाला...कौन से खेत बिकाऊ हैं? भाव क्या है? इत्यादि इत्यादि.

सतीश सक्सेना ने कोई जवाब नही दिया वो  ताश की गड्डी फ़ेंटने लगे और तभी दराल साहब बोले - ताऊ, जल्दी क्या है? अभी रात होने वाली है, कल सुबह जमीन देख लेना. भाव भी बता देंगे अभी घर चलो, रोटी  खा कर आराम कर लो, काफ़ी  थके हुये लग रहे  हो. जमीन का  सौदा कल सुबह कर लेंगे.

 अरविंद मिश्र और अजय कुमार झा  जो अब तक  ब्लाग चौपाल पर बैठे किसी की मौज ले रहे थे, उनका ध्यान भी ताऊ की तरफ़ गया.  ताऊ की बेचैनी देखकर  मिश्र जी ने कहा - ताऊ देखो.. इस पुरे ब्लाग गढ गांव की जमीने बिकाऊ हैं, और आप पूरे ब्लाग गढ  के खेतों का सौदा किसी से भी कर लो , सबको आपस मे मंजूर है. सबके भाव भी एक ही हैं.  हम ब्लाग गढ के लोग आपस में भले ही कभी कभी दिखावटी जूतमपैजार कर लेते हैं पर अंदर से हम सब एक हैं. जो काम एक ब्लागर करदे वही सारे ब्लाग गढ की मर्जी. और   हम ब्लाग गढ के लोगों का मुख्य काम ये जमीने और खेत बेचने का ही है,  पर  बेचते अपनी शर्तों पर ही हैं. बाकी तो सब ब्लागिंग करते और ताश पत्ती खेलकर,  समय मजे में  कट ही रहा है.

अब ताऊ चक्कर में पड गया और पूछ बैठा कि आपकी शर्तें क्या है? रूपये तो मैं नगद जेब में रखकर लाया हूं. जमीन दिखावो, कब्जा दो और रूपये गिन लो.

तभी अजयकुमार झा ने फ़ेसबुक पर किसी की पोस्ट पर  Like का चटका लगाते हुये कहा - ताऊ, देख हम हैं ब्लाग गढ के  सीधे साधे लोग, ज्यादा मगजपच्ची हम करते नही हैं. शांतिपूर्वक बलागिंग और फ़ेसबुकी करते हुये हम मस्ती से जीवन गुजारते हैं. अब सुन ले खेत जमीन बेचने का हमारा  कायदा कानून, वो  यह है कि यहां जो भी खेत खरीदने आते है उन सबके लिये हम  एक ही भाव रखते  है.....

अजय कुमार झा अपनी बात खत्म करते उसके पहले ही  ताऊ ने व्यग्र होकर पूछा - एक ही भाव रखते हैं का क्या मतलब?

झा साहब कुछ जवाब देते इसके पहले ही रतन सिंह शेखावत अपनी पगडी को ठीक से जचाते हुये बोले - ताऊ, ब्लाग गढ में जमीन खरीदना एक दम आसान और किफ़ायती है,  तेरा दम हो तो खरीद ले, हमारा कायदा यह है कि दिन उगने से लेकर दिन छिपने तक जितनी जमीन का चक्कर खरीद दार   काट लेगा वो जमीन खरीदने वाले की हो जाती है बदले मे खरीददार की जेब मे जितने पैसे हों वो हम गांव वाले लेकर आपस में बांट  लेते हैं.  हम सीधे साधे लोग हैं और सीधी साधी बात करते हैं.  बोलो हो मन्जूर तो कर लो सौदा पक्का.... !

ताऊ को कहां चैन था ? रात को ही सौदा पक्का करके  खूंटा गडवा लिया , यानी जिस जगह से भागना शुरू करना था. खूंटा गाडने में  सुबह का  समय क्यों  खराब करना? कही  देर हो जाये तो जमीन का चक्कर कम हो सकता था.

दिन छिप चुका था. चलते समय प्रवीण पाण्डे आये और बोले  -- ताऊ, ये इधर ब्लाग गढ का गेस्ट रूम है, रात को यहां आराम करो और खाना खाकर सो जावो. आपके जेब में रखे पैसों को ब्लाग गढ में कोई हाथ नही लगायेगा, यहां सब ईमानदार हैं. बेखटके आराम करो.

ताऊ को इसी पैसे वाली बात का खटका था सो अब चैन पड गया और बोला -- अब जब सौदा हो ही गया है तो ये पैसे आप संभालों, मैं क्यों रखूं? यह कहते हुये ताऊ ने रुफ्यों की थैली अपने खीसे से निकाल कर आगे बढा दी.
 
चलते चलते काजलकुमार बोले - देख ताऊ, सुबह सुबह हम सभी ब्लागरों को मार्निंग ब्लागिंग की पोस्ट लिखनी रहती है सो सुबह  सुबह हम में से कोई आये या नही आये , आप पर हमको पूरा यकीन है, कारण ग्राहक तो भगवान होता है, आप तो यहां खूंटे  से दौडना शुरु कर देना,  जितने खेतों का चक्कर लगा आवोगे वो सारे खेत  आपके हो जायेंगे.  पर एक बात का  ध्यान रखना कि  सूरज डूबने से पहले इस खूंटे तक वापिस लौट आना, यदि  नही आये तो तेरे सारे पैसे हम ब्लाग गढ वासी  हजम कर लेंगे. और आपस में बांट लेंगे.

यह सुनकर ताऊ मन ही मन बोला -- अरे ब्लाग गढ वालो,  तुम आज तक किसी ताऊ के चक्कर में नही चढे हो? तुम क्या मेरे पैसे हजम करोगे?  कल शाम तक देखना  ताऊ तुम्हारा पूरा गांव ही हजम कर  लेगा.

ब्लाग गढ  वाले तो ताऊ को सोने का कह कर अपने घर  चले गये पर ताऊ की आंखों मे नींद कहां? किसी तरह दिन उगा और ताऊ ने तो पहली किरण फ़ूटने के साथ ही 100 मीटर फ़र्राटा धावक की तरह  दौड लगाना शुरू कर दिया.

दोपहर होते होते तो गांव से बहुत दूर निकल गया.  फ़िर सोचा अब पलट लेना चाहिये क्यों की शर्त के अनुसार दिन डूबने के पहले वापस खूंटे पर पहुंचना है. तभी ताऊ को अपने   सामने ही एक  लबालब पानी से भरा बडा सा तालाब दिख गया , ताऊ ने सोचा इसको भी अपनी हद मे कर लो , जिससे आगे सिंचाई मे दिक्कत नही होगी.

इसी तरह  ताऊ को कभी गन्ने के, कभी केशर के और कभी सब्जियों के खेत दिखाई देते रहे और ताऊ का लोभी लालची स्वभाव उसे आगे की तरफ़ दौडाता रहा....जबकि उसे बहुत पहले ही खूंटे की तरफ़ वापसी शुरू कर देनी चाहिये थी.

आखिर ताऊ ने तीन बजे के आसपास खूंटे की तरफ़  वापसी शुरू की. भूखा प्यासा बदहवाश सा ताऊ  वापस दौड रहा था. सही भी है अब तो सारी उम्र बैठ कर ही खाना है, इतनी सारी जमीन का मालिक बनने में अब सिर्फ़ खूंटे तक ही तो वापस पहुंचना है..... दिन भर की दौड, गर्मी, भूखा प्यासा... थका हारा ताऊ   बिल्कुल सरपट हिरण की तरह  दोडे जा रहा था.... आखिर जीवन मरण का  सवाल जो है...कितनी बडी जमीन का मालिक जो बनने जा रहा था.

उधर ब्लाग गढ  वाले मस्ती से चबुतरे पर मजे से  ताश पत्ती खेल रहे हैं,  हुक्का चिलम पी रहे हैं, कोई गजल गा रहा है, कोई शायरी....कोई ब्लागिंग की खिट पिट करके मजे ले रहा है...कोई पोस्ट ठेल रहा है...कोई बेनामी टिप्पणी कर रहा है. मठाधीश लोग अपने चेलों को ज्ञान बांटकर आनंद ले रहे हैं. अजीब से हैं ये  ब्लाग गढ वाले? इनको  इस बात की भी चिंता नही है कि आज  एक हरयानवी ताऊ  उनकी सारी जमीनों पर  कब्जा कर लेने वाला है. कितने सस्ते में इन्होंने अपनी जमीनें बेच दी हैं ताऊ के हाथ?  

पर शायद ब्लाग गढ वाले इसलिये बडे बेफ़िकर  हैं क्योंकि  उनको मालूम है, आज तक अनेकों खरीददार आये पर   उनकी जमीन आज तक कोई नही खरीद पाया बल्कि अपने जेब की पूंजी भी इनको दे गया... तो इस ताऊ की तो औकात ही क्या ?

दिन बस डूबने ही वाला  है और ताऊ कहीं दूर तक भी ब्लाग गढ  वालों को आता हुआ दिखाई नही दे रहा है.  सारे गांव वाले उस खूंटे के पास जमा हो चुके हैं जहां से ताऊ ने दौडना शुरू किया था.  इतनी ही  देर मे ताऊ लस्त पस्त सा आता हुआ दिखाई देने लगा है.... जैसे उसमे जान ही नही हो.  फ़िर भी ताऊ ने  पूरी ताकत झोंक रखी है उस खूंटे तक पहुंचने के लिये. ब्लाग गढ  वाले उसका उत्साह वर्धन कर रहे हैं खूंटे तक पहुंचने के लिये.

ब्लाग गढ वालों को  मालूम है कि ताऊ खूंटे तक  नही पहुंचेगा.  ताऊ  तो क्या आज तक कोई वापस  नही पहुंच पाया इस खूंटे तक. और इसी की कमाई ब्लाग गढ वाले खा रहे हैं, सदियों से उनके दादा परदादा तक यही जमीनों को बेचने का धंधा करते आये हैं जो आज तक नहीं बिकी. और बिके भी कैसे? जब तक बुद्धिमान के सामने लोभी लालची आता रहेगा तब तक बुद्धिमान  जीतता रहेगा और लोभी हारता रहेगा. क्योंकि लोभ और  लालच मनुष्य की बुद्धि का हरण कर लेते है और बिना बुद्धि का मनुष्य पशु समान होता है.   ब्लाग गढ वाले  बुद्धिमान प्राणी  हैं.

ताऊ की आंखों के आगे अन्धेरा सा छाने लगा  है, हलक सुख चुका है, दिन डुबने मे है और टांगे जबाव दे चुकी हैं... थोडी दूरी शेष है..... पर लगता है जैसे ये चंद कदम  भी मीलों की दूरी बन गई है.... ताऊ उस खूंटे से दस बारह फ़ुट दूर..... ,  जमीन पर गिर गया है.... अब उठने की भी ताकत नही है....हालत यह हो गयी है  जैसे जिन्दगी के वन डे मैच की आखिरी बाल...!

सारे ब्लाग गढ वाले ताऊ की हौंसला अफ़्जाई में जुटे हैं.... आवाजे लग रही हैं... .. उठो ताऊ .. उठो .. सिर्फ़ दस फ़िट बचे हैं ...! इधर  ताऊ के प्राण गले मे अटक चुके हैं... फ़िर भी घिसटने की कोशीश.... और दो तीन फ़िट तक घिसटने मे कामयाब .... और अचानक ताऊ की आंखों के आगे अंधेरा छा गया और उसके प्राण पखेरू उड गये.  खूंटे और ताऊ के बीच सिर्फ़ उतनी ही दूरी शेष बची थी जितनी एक कब्र को चाहिये यानी छ: या सात फ़ुट ... और कुल मिलाकर  यही शायद टाल्सटाय  का सन्देश था.

क्या आपको नही लगता कि आज के दौर मे हर आदमी ताऊ हो गया है ?  सिर्फ़ और सिर्फ़ माल बनाने के चक्कर मे भाग रहा है. जीवन के आनंद से महरूम हो गया है?  ब्लाग गढ वाली  वो मस्ती, वो मासूमियत, और इन्सानियत  हम कहीं  बहुत पीछे छोड आये हैं....??

अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में बाबाश्री का ब्लागिंग नशा मुक्ति शिविर


अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन पर  प्रथम पोस्ट, 

अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन पर द्वितीय पोस्ट 

अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन के ब्रह्म-कालीन  सत्र में आपका स्वागत है. बाबाश्री ताऊ महाराज के पास इस सम्मेलन  में एक नई विकट स्थिति खडी हो गई है. अनेकों महिलाएं और पुरूष भक्त,  बाबाश्री के पास यह शिकायत करने आये कि इस ब्लागिंग की वजह से उनके घर बार तबाह हो रहे हैं. बाबा श्री ताऊ सरकार  ने उनको सलाह दी कि वे अपनी रिपोर्ट ताऊगंज थाने में दर्ज कराएं जहां से बाबा श्री जांच करवायेंगे. 

शिकायत करने वालों ने ब्लागिंग का नशा लगाने के लिये निम्न लोगों पर नामजद रिपोर्ट लिखाई है. जिनमें 
हकीम समीरलाल, प्रोफ़ेसर राज भाटिया,  प्रोफ़ेसर सतीश सक्सेना, डा. अरविंद मिश्र,  डा. अली सैयद, 
प्रोफ़ेसर आशीष खंडेलवाल, डा. पंकज मिश्रा, डा. रूपचंद्र शाश्त्री, प्रोफ़ेसर फ़ुरसतिया, डा. ज्ञान दत्त पाण्डे, 
प्रोफ़ेसर संजय बेंगानी,   डा. ललित शर्मा, डा. दराल, डा. प्रवीण पाण्डे, डा. काजलकुमार, 

डा. खुशदीप सहगल,  प्रोफ़ेसर अजय कुमार  झा, प्रोफ़ेसर भारतीय नागरिक - Indian-Citizen, 
प्रोफ़ेसर शिवकुमार मिश्र , डा. नीरज गोस्वामी, डा. जे. सी. फ़िलीप शाश्त्री, डा. सतीश पंचम,
प्रोफ़ेसर दिलीप कवठेकर, 


डा. महफ़ूज अली, डा. दिनेशराय  द्विवेदी, प्रोफ़ेसर बी. एस. पाबला, डा. सीमा गुप्ता,  प्रोफ़ेसर सुमन,
 प्रोफ़ेसर वाणी शर्मा, प्रोफ़ेसर रचना, डा. शेफ़ाली पाण्डे, डा. मोनिका शर्मा, प्रोफ़ेसर अंशुमाला,
डा. एम.ए.शर्मा ’सेहर’  प्रोफ़ेसर संगीता स्वरूप, डा. स्नेहा गुप्ता, प्रोफ़ेसर लवली कुमारी,
डा. विनीता यशस्वी,  डा. बालकिशन, डा. अनुराग आर्य, प्रोफ़ेसर सलिल वर्मा, डा. घुघूति बासूती,
डा. अनिता कुमार,  प्रोफ़ेसर अभिषेक ओझा,


डा. संध्या शर्मा, प्रोफ़ेसर अंतर सोहिल, डा. विवेक सिंह, डा. निर्मला कपिला, डा. लावण्या शाह,
डा. धीरेंद्र सिंह भदौरिया, डा. पूरन खंडेलवाल, प्रोफ़ेसर दिगंबर नासवा, डा. देवेंद्र पांडेय,
प्रोफ़ेसर संजय कुमार भास्कर, प्रोफ़ेसर युनुस खान, डा. मनोज मिश्र, प्रोफ़ेसर प्रवीण त्रिवेदी,
डा. गोतम राजऋषी, डा. पूजा उपाध्याय, प्रोफ़ेसर रंजना भाटिया,


डा. योगिंद्र मौदगिल,  डा. अविनाश वाचस्पति, प्रोफ़ेसर अनुराग शर्मा, डा. राजीव तनेजा,
प्रोफ़ेसर जी. के. अवधिया, प्रोफ़ेसर पी.एन. सुब्रमनियन, डा. रतन सिंह शेखावत, प्रोफ़ेसर प्रतिभा सक्सेना,
डा. विभा रानी श्रीवास्तव, प्रोफ़ेसर पी. सी. गोदियाल,  प्रोफ़ेसर विजय कुमार सप्पात्ति, डा. गिरीश बिल्लोरे, 
प्रोफ़ेसर महेंद्र मिश्र, 


रायरत्न प्रोफ़ेसर बवाल,  डा. रश्मि रविजा, प्रोफ़ेसर वीरेंद्र कुमार शर्मा, प्रोफ़ेसर रेखा श्रीवास्तव, 
प्रोफ़ेसर रणधीर सिंह सुमन, डा. सुज्ञ, प्रोफ़ेसर पं. डी. के. शर्मा वत्स”,  डा. सोमेश सक्सेना, डा. राहुल सिंह,
प्रोफ़ेसर नीरज जाट, डा. केवलराम, डा. गगन शर्मा, डा. राजेंद्र कुमार, डा. शिवम मिश्रा, प्रोफ़ेसर गिरजेश राव,

डा. अशोक सलुजा, डा. सुशील बाकलीवाल,  प्रोफ़ेसर दीपक बाबा, डा. पदम सिंह,   डा. कविता रावत, 
प्रोफ़ेसर अर्चना चाव जी,  डा. अनु..अनुलता ,   प्रोफ़ेसर अंजू (अनु) चौधुरी, डा. अजीत गुप्ता, 
डा. अनिता, प्रोफ़ेसर स्वपन्न मंजूषा ’अदा’, डा. हरकीरत ’हीर’, प्रोफ़ेसर राजेश कुमारी, डा. वंदना गुप्ता, 
डा. मिस शरद सिंह, प्रोफ़ेसर संगीता पुरी, डा. सोनल रस्तोगी, डा. सुनीता शानु, डा. शिखा वार्ष्णेय, 
प्रोफ़ेसर रानी विशाल, डा. संजय झा, व   डा. संतोष त्रिवेदी (शेष नाम अगले सत्र में.... ) 
सहित कुल 420 लोगों के नाम हैं.  

इन सब पर आरोप है कि इनमें से कुछ लोगों  ने तो दूसरों को ब्लागिंग का नशा लगाया और खुद चलते बने या नाममात्र की ब्लागिंग करते हैं और बाकी के लोग रसूखदार और पैसे वाले हैं जिनको कमाने की आवश्यकता नही है.

इनमें भी सभी शिकायत कर्ताओं ने  डा. अल्पना वर्मा व प्रोफ़ेसर ताऊ रामपुरिया पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाये हैं कि इन दोनों ने पहेलियों की श्रंखला चलाकर लोगों को ब्लागिंग के नशे का आदी बनाया है. 

इन सब लोगों के खिलाफ़ गंभीर संज्ञान लेते हुये  ताऊ सरकार ने तुरंत  कारण बताओ नोटिस जारी करते हुये उनको कोर्ट में नियत दिनांक और नियत समय पर हाजिर होने का आदेश दिया है. जो भी ब्लागिंग करते हों और  जिनके नाम ऊपर छूट गये वो  एक बार आकर ताऊगंज थाने के नोटिस बोर्ड पर चेक करलें कि उनके खिलाफ़ आरोप है या नही. 

एक महिला सुश्री समीरा टेढी ने लगभग रोते हुये कहा कि बाबाश्री उपरोक्त लोगों ने मेरे घर वाले को ब्लागिंग का ऐसा नशा लगाया कि वो बीबी बच्चे सब भूल गया है. दिन रात लेपटोप पर खिटपिट करता रहता है. कुछ बोलो तो काट खाने को दौडता है. उसके आफ़िस से भी वार्निंग मिल चुकी है कि काम में मन नही लगता तो नौकरी छोड दो. अब बाबा जी आप बताईये कि मैं अपने  5/6 बच्चों को कैसे पालूं?

बाबा श्री ताऊ महाराज ने  दिलासा देते हुये तुरंत मिस समीरा टेढी को गुप्तज्ञान देकर नशे से मुक्ति के उपाय व टोटके बताये. मिस टेढी ने बाबा श्री के चरण छूते हुये आभार माना और खुशी से रोते हुये बताया कि कैसे बाबाश्री के चमत्कार से उनके घर वाले का इस नशे से छुटकारा हो गया और अब वो हंसी खुशी अपने घर परिवार व कामधंधे में मस्त हैं. ब्लागिंग से तौबा कर ली है. कभी कभार एकाध चार छह लाईन की कविता नुमा पोस्ट ही डालता है. टिप्पणी सम्राट की उपाधि से तौबा करली है. कभी कभार फ़ेसबुक पर जरूर मुंह मार लेता है.

बाबाश्री ने  अगले सत्र में एक नशा मुक्ति शिविर लगाने का आदेश दिया जहां ब्लागिंग के नशे से लोगों को निजात दिलाई जायेगी. तो कल  सुबह के सत्र में यह ब्लागिंग नशा मुक्ति शिविर आयोजित किया गया है. 


नशा मुक्ति शिविर में मिस समीरा टेढी को आशीर्वाद देते हुये बाबा श्री ताऊ महाराज

इस ब्लागिंग नशा मुक्ति शिविर में भाग लेने के इच्छुक जन Rs. 5,100/- जमा करवा कर  अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेवें. नियम व कायदे कानून इस प्रकार हैं.

1 अपने घर से एक पानी की खाली बोतल लायें, उसमें अभिमंत्रित जल भरकर बाबाश्री अपने हाथ से देंगे जिसकी कीमत होगी सिर्फ़ रूपये 1100/- प्रति बोतल.

2. शिविर  बाबाश्री के ताऊ बाग में लगेगा जहां की एंट्री फ़ीस होगी सिर्फ़ Rs. 11,000/- मात्र.

3. बाबाश्री के यहां से एक स्विस गद्दा खरीदना होगा जिस पर लेटते ही ब्लागिंग की याद नही आयेगी. गद्दे की कीमत होगी सिर्फ़ Rs. 27,000/- मात्र.

4. बाबाश्री सार्वजनिक रूप से सबको मंच पर आकर दर्शन देंगे वो भी बिल्कुल मुफ़्त पर हां यदि आप बाबाश्री से निजी मुलाकात करने के इच्छुक हों तो कृपया अग्रिम अपाईंटमैंट ले लें. निजी मुलाकत के लिये फ़ीस होगी सिर्फ़ Rs. 11,000/- मात्र.

5. इसी सत्र में  ताऊ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित एवम  डा. सीमा गुप्ता लिखित  पुस्तक "ब्लागिंग नशा मुक्ति गुटिका" का बाबाश्री विमोचन करेंगे. 

6. शिविर में भाग लेने वाले प्रत्येक सदस्य को "ब्लागिंग नशा मुक्ति गुटिका"   पुस्तक मूल्य  Rs. 3,350/- की   बिल्कुल मुफ़्त दी जायेगी. शिविर में डा. सीमा गुप्ता का इस विषय पर विशेष व्याख्यान भी होगा.

जो भक्त गण शिविर में भाग ना ले रहें हों वो यह पुस्तक ताऊ प्रकाशन से मूल्य चुकाकर  प्राप्त कर सकते हैं.

 "ब्लागिंग नशा मुक्ति गुटिका" यह एक ऐसी पुस्तक है जो हर घर में होनी ही चाहिये, क्योंकि आजकल इंटरनेट की अबाध सेवाएं मिल रही हैं. इस माहौल में किसी को भी ब्लागिंग का नशा लग सकता है. यह पुस्तक घर में रहेगी तो आप समय रहते इसके दुष्प्रभावों से बच सकेंगे. इस पुस्तक में विशेष रूप से यह बताया गया है कि यदि पति ब्लागिंग के नशे  का शिकार हो तो क्या करना चाहिये और पत्नि ब्लागिंग के नशे की शिकार हो तो क्या करना चाहिये. बिना पुस्तक को पढे आप यह नही जान पायेंगे. यदि एक ही फ़ार्मुला आपने दोनों पर  लगाया तो बहुत ज्यादा नुक्सान हो सकता है. पुस्तक के गुणों के आगे इसकी कीमत कुछ भी नही है. इस गुटिका के पठन पाठन और मनन श्रवण से सब कष्ट दूर होने की गारंटी दी जाती है.  तुरंत आर्डर करें....सीमित स्टाक ही बचा है.



कीमत : 3,350/- मात्र
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कल के सत्र में कुछ और पुस्तकों का विमोचन होने के बाद लोकनृत्य और काव्य संध्या होगी, इच्छुक जन अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेवें.


डिस्क्लेमर : हमारी कोई ब्रांच नही है.पुस्तके संपूर्ण अग्रिम पर ही भेजी जाती हैं.इन पुस्तकों को किसी भी रुप मे कापी करने की सख्त मनाही है.बिका हुआ माल किसी भी कीमत पर वापस नही होगा.इन पुस्तकों में दिये गये फ़ार्मुले अपनी रिस्क पर ट्राई करें. प्रकाशक या लेखक इसके लिये जिम्मेदार नही होंगे.

यह पोस्ट शुद्ध मनोरंजन के लिये लिखी गई है. कोई भी सज्जन दिल-दिमाग, कलेजे-जिगर पर ना ले क्योंकि आजकल लू चल रही है. ताऊ प्रकाशन की पुस्तकों  को  पढने की वजह से कोई बीमार पड गया तो हमारी किसी भी तरह की कॊई जिम्मेदारी नही होगी. यह पोस्ट किसी को किसी भी रूप मे छोटा या बडा दिखाने के लिये नही लिखी गई है सिर्फ़ मनोरंजन,  मनोरंजन और सिर्फ़ मनोरंजन के लिये लिखी गई है. फ़िर भी किसी को ऐतराज हो तो उसका नाम हटा दिया जायेगा.

ॐ ब्लागदेवताभ्यो नम:
अनामी नम:
बेनामी नम:
मारीचाय नम:
सूर्पनखाए नम:
सर्व अलाने-फलाने देवताभ्यो नम:
ॐ........सर्वे भवन्तु  सुखिनां विनोदप्रियां
तमसोर्मां हास्यगमय
ॐ हास्यम हास्यम हास्यम.


अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में ताऊ सद साहित्य का विमोचन

अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन के सांध्य सत्र में आपका स्वागत है. जैसा कि हमने सुबह के सत्र में निवेदन किया था उस अनुसार अब ताऊ सद साहित्य की नई पुरानी पुस्तकें आपके समक्ष प्रस्तुत हैं. इनमें से कुछ दुर्लभ और अप्राप्य पुस्तकों का आपकी डिमांड पर पुन: प्रकाशन किया गया है.    

इन पुस्तकों को पढकर हर एक ब्लागर सदगति को प्राप्त हो सकता है. ऐसे पुनीत और पावन कार्य में  ताऊ प्रकाशन ने अपनी पूरी निष्ठा और लगन से इन पुस्तकों का पुनर्प्रकाशन करवाया है  जो बहुत ही  विद्वान और छंटे हुये ब्लाग साहित्यकारों द्वारा लिखी गई हैं.  ताऊ सद साहित्य की अनेकों पुस्तके बाहर स्टाल पर उपलब्ध करवाई गई हैं. इन पुस्तकों को पढकर आपका अगला तो क्या उसका अगला जन्म भी सन्नाट हो जायेगा.

निष्णांत ब्लाग लेखकों द्वारा लिखित नई पुस्तकों का मूल्य एवम संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है :-


1. ब्लॉग सुन्दरी कैसे बने? -ऊँटनी और गधी के दूध सहित सौ नुस्खे : यह पुस्तक ब्लागिंग के शौकीनों के लिये एक वरदान है. इस पुस्तक की सहायता से आप ब्लागिंग के जिंदा रहने यानि चिरकाल तक सुंदर और युवा बने रह सकते हैं. इसमें बताये गये फ़ार्मुलों को आजमाकर आप देह की सुंदरता के अलावा पुरूष होते हुये भी एक सुंदर कमनीय नारी के रूप में ब्लागिंग कर सकते हैं.  लेखक के  महाभारत कालीन अनुभवों द्वारा यह फ़ार्मुले परीक्षित हैं और लेखक स्वयं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण. लेखक ग्रीक और रोमन  सौंदर्य शाश्त्र के  परम ज्ञाता हैं. ग्रीक और रोमन सुंदरियों को सौंदर्य निखारने और बनाये रखने की ट्रेनिंग आप ही देते रहे हैं. क्लियोपेट्रा के आप विशेष सौंदर्य सलाहकार रहे हैं. आपकी  अनेकों पुस्तके प्रकाशित हो चुकी हैं. शीघ्रता किजिये. सीमित प्रतियां ही शेष बची हैं. कहीं पछताना ना पडे.



कीमत : 4499/- मात्र
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2. चिठ्ठा रोगों का शर्तिया खानदानी इलाज : अपने विषय की सर्वोत्तम पुस्तक है. बिल्कुल सहज और सरल भाषा में लिखी गई है. हर ब्लाग रोग का अचूक इलाज आपको इसमे मिलेगा. लेखक के आजमाये हुये नुस्खे हैं. और लेखक के बारे में कुछ कहना गधे के सर पर सींग रखना है. लेखक एक सफ़ल ब्लाग चिकित्सक  और अनंत काल के अनुभवी हैं.



कीमत : 3899/- मात्र
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3. ब्लाग हितकारी पुराण : यह नितांत परम मनोहर परम पुनीत पुराण है जो कि विषय के ज्ञाता विद्वान द्वारा लिखा गया है. लेखक का संबंध भी सतयुग से है और बातों को गोल गोल घुमाने के बजाये बहुत ही नपे तुले शब्दों में समझाया गया है. इस पुराण के पठन पाठन से कुमारी सुर्पणखां की आप पर अनंत कृपा हो सकती है जो कि सब जगह आपकी रक्षार्थ तैयार खडी मिलेगी. अवश्य ट्राई करें.



कीमत : 3799/- मात्र
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4.  ब्लागिंग मे खोई ताकत  वापस प्राप्त करें : यह पुस्तक उन ब्लागर्स के लिये रामबाण सिद्ध होगी जो रीत कर रीतिकालीन हो चुके हैं. और चारों तरफ़ से अपनी गल्तियों की वजह से निराश हो चुके हैं. जिनकी जोशे जवानी लुट चुकी है और निराश होकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं.  लेखक  अपने क्षेत्र के विशिष्ट और  ख्याति प्राप्त   माडल है और लोगों में नया जोश और जवानी भरने में माहिर है. शौकीन और  तंदुरुस्त लोग भी ट्राई कर सकते हैं, उनमें भी नया जोश नई जवानी भर जायेगी. लेखक के   नुस्खे आपको भी सारे खुरपेंच दांव सिखा कर   ब्लागिंग में आसमान दिखा देंगे. दिन में तारे दिखने की गारंटी ली जाती है. तुरंत आर्डर करें. सीमित स्टाक ही उपलब्ध है.



कीमत : 3299/- मात्र
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5. सफ़ेद पोश ब्लागर बनिये : इससे बेहतरीन किताब आज तक इस विषय पर लिखी ही नही गई. आप भले ही फ़टीचर हों...बल्कि कालेपोश हों और निपट गंवार हों..तब भी आपने अगर यह पुस्तक खरीद ली तो समझ लिजिये कि आप ब्लाग सोसायटी के हीरों हो जायेंगे....सब आप पर जान देंगे और खासकर तो वो..जिंन्हे आप अपने ग्रूप में शामिल करना चाहते थे और आज तक सफ़ल नही हो सके थे. पुस्तक खरीदते ही आप काले से सफ़ेदपोश ब्लागर बन जायेंगे...अंग्रेजी और उर्दू शब्दों को घाल घूसेडू ब्लागर बनने के अचूक फ़ार्मुलों सहित एक संपूर्ण पुस्तक.....लेखक की यह सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक है.


कीमत 3199/- मात्र
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6. बुढऊ ब्लागर्स  रिटायरमैंट के अचूक सौ नुस्खे: - लेखक ने अपनी समस्त कलाओं को एकत्रित करते हुये नायाब नुस्खे बताये हैं. आप भी अगर किसी से त्रस्त हैं तो अवश्य लाभ उठायें. पुस्तक इसी डिक्लेरेशन पर दी जायेगी कि आप इसे पढकर किसी को नाहक तंग नही करेंगे. आर्डर के साथ डिक्लेरेशन फ़ार्म भेजना ना भूलें.



कीमत : 2299/- मात्र
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7. मौज लेने के 161 नुस्खे : मौज लेने के अनेकों नुस्खों के लिये इस पुस्तक को अवश्य पढें. लेखक अपनी टिप्पणियों के लिये काफ़ी प्रसिद्ध हैं. लोग इंतजार करते हैं कि कब इनकी टिप्पणी आये और उनकी मौज ली जाये. लेखक के अनुभव और ज्ञान का फ़ायदा उठायें. स्टाक बहुत ही सीमित है...शीघ्रता करें वर्ना पछताना पड सकता है.



कीमत : 2799/-
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8. सातवीं फ़ेल सीधे MBA  करें : इससे ज्यादा और आप क्या चाहेंगे? किताब खरीदते ही MBA पास करने की ग्यारंटी दी जाती है. लेखक की यह पुस्तक पढकर हजारों लोगों ने अब तक सफ़लता प्राप्त की है और यह पुस्तक बिक्री के सारे रिकार्ड तोड चुकी है. लेखक  के बारे में कुछ कहना सुर्य को लालटेन दिखाना है. आज ही आर्डर करें.



लेखक : प्रोफ़ेसर दिगम्बर नासवा
कीमत : 2899/- मात्र
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9. मोक्षकारिणी ब्लाग यंत्र तंत्र मंत्र गुटिका : यह एक अति दुर्लभ ग्रंथ है. जिसे बाबाश्री ने आपके हित के लिये लेखक से विशेष आग्रह करके लिखवाया है. इस पुस्तक को पढकर आप स्वयं ही समस्त ब्लाग रोगों से बचते हुये दूसरों की पीडा का शमन भी कर सकते हैं.  लेखक इस क्षेत्र के नामचीन और प्रख्यात विद्वान हैं.


कीमत : 3199/- मात्र
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10.  ताऊ ब्लागर गीता महात्यम : इस ब्लागर गीता का जो कोई ब्लागर जाप करेगा और श्रद्धा पूर्वक पठन पाठन करेगा वो सबको पछाडते हुये नंबर वन ब्लागर बनेगा. हे पार्थ इसमें संदेह नही करना. संदेह करने से महाराज ताऊश्री नाराज हो सकते हैं जिसका प्रतिफ़ल अच्छा नही मिलता. लेखक चोर उठाईगिरो और डकैतों के रजिस्टर्ड सरदार हैं अत: विषय के परम ज्ञानी हैं. सफ़लता निश्चित मिलेगी. अवश्य ट्राई करें...मौज लेने के शौकीन भी ट्राई कर सकते हैं. 



कीमत 3799/- मात्र
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11. ब्लागं करोति कल्याणम : यह पुस्तक अपने विषय  की साक्षात ज्ञान चक्षु प्रदीपिका है. पुस्तक पढने के पहले ही आपके ज्ञान चक्षु, दर्शन मात्र से ही खुल जायेंगे. यह पुस्तक ब्लाग गुह्य ज्ञान का खजाना है जो लेखक ने हमारे विशेष अनुरोध पर जन कल्याणार्थ लिखा है. यह पुस्तक पढकर आप ब्लाग संसार के मर्म को समझ पायेंगे. तत्व ज्ञान के इच्छुक चुनिंदा  भक्तगणों को ही प्राप्त हो सकेगी क्योंकि अत्यंत सीमित स्टाक शेष बचा है. शीघ्रता करें.. 


कीमत : 3799/- मात्र
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12. जूतम-पैजारियता पुराण : इस पुराण का पाठ करने से आप दूसरों को जूते मारने  में माहिर हो जायेंगे. इस पुराण का इतना बडा महात्यम है कि कोई भी ब्लागर  बिना मोडरेशन के अपने ब्लाग को नही छोड सकता और सपने में  भी उसे जूते दिखाई देने लगते हैं.  सटीक व्यंग और  इस परम मोक्षदायक पुराण को अवश्य मंगवाये इसके पठन पाठन से आपके भय ताप दूर होकर मन चाही मुराद मिलेगी. महाराज बाबाश्री की आप पर कृपा बनी रहने की गारंटी दी जाती है. लेखक ताऊ डाट इन द्वारा आयोजित  विशेष   "ब्लेक बूट एवार्ड ट्राफ़ी" आफ़ ब्लागर जूतमपैजारियता - 2011 के भी  विजेता रहे हैं.  सीमित प्रतियां ही स्टाक में उपलब्ध हैं.




कीमत : 3299/- मात्र
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13. ब्लागर सम्मोहन गुटिका एवम टोटके : कोई आपको परेशान करता हो, आपकी बात ना मानता हों उससे छुटकारे का उपाय आपको इस पुस्तक में मिलेगा. विषय की शानदार पुस्तक है. और खरीदते ही आपका काम हो जायेगा. स्ट्रिंग आपरेशन के एक से एक उपाय बताये गये हैं. साथ ही उन स्थानों के नाम पते भी दिये गये हैं जहां से आप स्टिंग आपरेशन में काम आने वाले स्पाई कैमरे आदि सामान खरीद सकें. अति उपयोगी पुस्तक. आज ही आर्डर करें. और निराश होने से बचें.


कीमत 2999/- मात्र
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14. श्री ब्लाग गरुड पुराण : जैसा कि आप जानते हैं गरुड पुराण का पाठ मृत और भटकी हुई आत्माओं की शांति के लिये होता है. ब्लाग जगत में मृत के बजाये जीवित भटकी हुई आत्माएं बहुतायत से विचरण करती हैं. हमारे जाने माने ब्लागर शिरोमणी मूर्धन्य लेखक ने यह ब्लाग गरुड पुराण लिख कर समस्त ब्लाग जगत पर उपकार किया है. अत: तुरंतBold आर्डर करें. सीमित प्रतियां शेष हैं.



कीमत 3399/- मात्र
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15. ब्लागिंग  गुह्य ज्ञान प्रदीपिका : यह ब्लागजगत  में टिके रहने के लिये एक रामबाण पुस्तक है.  हमारे ज्ञानी विशेषज्ञ लेखक ने  बडे जतन और अपने दिव्य ज्ञान की बदौलत यह  पुस्तक लिखी है. जितने भी ब्लागिंग के बडे मठाधीष हुये हैं उन सबके लिये भी यह पुस्तक ब्लाग-गीता के समान महत्व रखती है. इस पुस्तक के श्रवण मनन से   आप भी पीठ खुजलाने की कला में पारंगत हो जायेंगे. और यह जान पायेंगे कि कैसे हर कोई नामचीन शख्स सिर्फ़ अपने अपने गुट के पठ्ठों की पीठ खुजलाता है और बदले में अपनी पीठ ठुकवाता है. यह पुस्तक पढकर आपको ब्लागजगत के असली चेहरे दिखाई देंगे...और पता लगेगा कि गुटबाजी क्या होती है?  आज ही आर्डर करें. कुछ ही प्रतियां शेष हैं.



कीमत : 2999/- मात्र
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16. ब्लाग मठ प्रदीपिका : खुरपेचिया रचित यह पुस्तक ब्लाग संसार में अनोखी है.ब्लागर शिरोमणी खुरपेचिया द्वारा इस पुस्तक की रचना 420 BC में मूलत: ब्राह्मी भाषा में की गई थी. इस ग्रंथ के कुछ पन्ने फ़टी हालत में इधर उधर बिखरे पडे थे. इसके कुछ पन्ने तो भानगढ में गब्बरसिंह को मिले थे. लेखक ने गब्बर सिंह से यह पन्ने कैसे हासिल किये थे? इसका खुलासा भी लेखक ने इस पुस्तक में किया है. लेखक ने मूल ग्रंथ से अनुवाद किया है और ब्लागरी भाषा में समझाया है.  वर्तमान में विद्वान लेखक एक मात्र ब्राह्मी भाषा के जानकार है. उनके अथक परिश्रम से  ही इस महान ब्लाग ग्रंथ का प्रकाशन हो पाया है.  इस पुस्तक में ब्लाग मारण, ब्लाग तारण, ब्लाग उच्चाटन व ब्लाग सम्मोहन जैसी उच्च क्वालिटी की बाते साधारण भाषा में समझायी गई हैं.  यदि किसी ब्लागर ने इस ग्रंथ को नही पढा तो ब्लागिंग के असली तत्व से महरूम ही रहेगा. तुरंत आर्डर भेंजे. कुछ प्रतियां ही शेष बची हैं.


                                             खुरपेचिया विरचित  मूल ग्रंथ  "भाषा टीका सहित"
                                                               लेखक : अनुराग शर्मा
                                                                कीमत : 5999/- मात्र
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निम्न पुरातन पुस्तके भी उपलब्ध हैं.


डिस्क्लेमर : हमारी कोई ब्रांच नही है.पुस्तके संपूर्ण अग्रिम पर ही भेजी जाती हैं.इन पुस्तकों को किसी भी रुप मे कापी करने की सख्त मनाही है.बिका हुआ माल किसी भी कीमत पर वापस नही होगा.इन पुस्तकों में दिये गये फ़ार्मुले अपनी रिस्क पर ट्राई करें. प्रकाशक या लेखक इसके लिये जिम्मेदार नही होंगे.

यह पोस्ट शुद्ध मनोरंजन के लिये लिखी गई है. कोई भी सज्जन दिल-दिमाग, कलेजे-जिगर पर ना ले क्योंकि आजकल लू चल रही है. अगर इन पुस्तकों के पढने की वजह से कोई बीमार पड गया तो हमारी किसी भी तरह की कॊई जिम्मेदारी नही होगी. यह पोस्ट किसी को किसी भी रूप मे छोटा या बडा दिखाने के लिये नही लिखी गई है.  फ़िर भी किसी को ऐतराज हो तो उसका नाम हटा दिया जायेगा.

ॐ ब्लागदेवताभ्यो नम:
अनामी नम:
बेनामी नम:
मारीचाय नम:
सूर्पनखाए नम:
सर्व अलाने-फलाने देवताभ्यो नम:
ॐ........सर्वे भवन्तु  सुखिनां विनोदप्रियां
तमसोर्मां हास्यगमय
ॐ हास्यम हास्यम हास्यम.

अगले सत्र में कुछ महिला लेखकों की पुस्तकों का उदघाटन होगा तत्पश्चात तुरंत ताऊ महाराज द्वारा खोजी गई अनुपम और लोक कल्याण कारी औषधियों की जानकारी दी जायेगी. एजेंसी लेने के लिये अपनी फ़ायनेंसियल रिपोर्ट के साथ संपर्क करें.

अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लागर सम्मेलन - 2013 के विचारणीय बिंदु


यह जानकारी देते हुये अत्यंत हर्ष हो रहा है कि  अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लागर सम्मेलन - 2013 के शुभारंभ सत्र की शुरूआत  डमरू वाले बाबाश्री ताऊ महाराज की विशेष वंदना और उनके संबोधन से हो चुकी हैं. 





देश विदेश के नामचीन ब्लागरों ने अपनी प्रविष्ठियां करवा ली हैं. जो भी ब्लागर भाई अभी तक अपना नामांकन नही करवा पाये हैं वो तुरंत करवा लें. आज का यह बुलेटिन खास  इसी बारे में नियमों की जानकारी देने के लिये प्रसारित किया जा रहा है. 

अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लागर सम्मेलन - 2013 के विचारणीय विषय और सत्र निम्नानुसार रहेंगे.

1. प्रथम  सत्र की शुरूआत में  डमरू वाले बाबाश्री ताऊ महाराज ब्लागिंग के पाषाण कालखंड से वर्तमान काल   तक के  इतिहास पर विशेष जानकारी देंगे. उनके भाषण का सीधा लाभ अनुपस्थित श्रोताओं को मिल सके इसके लिये बाबाश्री ने मोबाईल से भी प्रसारण की अनुमति दे दी है.  





इस शुभ अवसर पर  ताऊ प्रकाशन के  सद साहित्य का पुनर्विमोचन किया जाकर यह विक्रय के लिये उपलब्ध करवाया जायेगा. आप चाहे तों एडवांस बुकिंग भी करवा सकते हैं. बहुत ही सीमित प्रतियां उपलब्ध हैं.  विक्रय मूल्य अगली पोस्ट मे जारी किये जायेंगे.

2. हिंदी ब्लाग लेखन के लिये सदी का महानायक ब्लागर सम्मान दिया जायेगा. जिसके लिये आपको  पांच ब्लागरों का नाम सुझाना है.  नाम तय होने के बाद वोटिंग प्रक्रिया शुरू होगी.

3. हिंदी ब्लाग लेखन से अधिकतर ब्लागर फ़ेसबुक की तरफ़ पलायन कर चुके हैं. इस पलायन को रोकने के लिये हिंदी ब्लागिंग बचाओ कमेटी के सुझाव अनुसार सिर फ़ुटोव्वल बहुत अहम मानी गई है. अत: सिर फ़ुटोव्वल के सुझाव सादर आमंत्रित किये जाते हैं. जिसका भी इस विषय में विशेष सहयोग और सुझाव होगा उसे दशाब्धि ब्लागर शिरोमणी के सम्मान से नवाजा जायेगा. 

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह सुझाया है कि मौज लेने से ब्लागिंग का बेडा गर्क हुआ है अत: मौज लेने से ही यह बेडा वापस सुधार पर आ सकता है. क्योंकि जहां चीज गुम हुई है वहीं पर मिलने की संभावना है. अत:  मौज लेने के शालीन  तरीके सुझाने वाले ब्लागर को वर्ष 2013  का खुरपेंचिया ब्लागर शिरोमणी सम्मान दिया जायेगा. 

4. हिंदी ब्लागिंग में अब सिर्फ़ नाम के ही मठ बचे हैं और उनके शिष्य तो ना के बराबर बचे हैं. अत: नये मठाधीशों को अपने मठ स्थापित करने के लिये लायसेंस जारी किये जायेंगे. जो भी ब्लागर अपना मठ स्थापित करना चाहता हो उसे लायसेंस लेने के लिये बोली लगानी होगी. सबसे अधिक बोली लगाने  वाले ब्लागरों को ही लायसेंस जारी किये जायेंगे. बोली प्रक्रिया में कोई घोटाला ना हो इसके लिये एक निगरानी कमेटी का चुनाव भी इसी सम्मेलन में होगा लेकिन समिति के अध्यक्ष ताऊ श्री ही रहेंगे क्योंकि दूध की रखवाली बाबा की बिल्ली रामप्यारी ही कर सकती है.

5. पुराने मठों के मठाधीशों को अब यदि अपने मठ चलाने हैं तो तुरंत अपने लायसेंस रिन्यू करवाने होंगे. यदि कोई बिना लायसेंस के मठ चलाता पाया गया तो उस मठाधीश पर सख्त कानून सम्मत कार्र्वाई की जायेगी.  रिन्य़ुअल फ़ीस का मामला भी सम्मेलन के मुद्दों में रखा गया है.

6. कमेटी की सिफ़ारिश अनुसार जो भी ब्लागर फ़ेसबुक से वापस ब्लागिंग में लौटेगा उसे रियायती दर पर  मठ स्थापित करने की छूट दी जायेगी जैसे विशेष औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने पर सरकारें बिजली पानी और टेक्स छूट प्रदान करती हैं.

7. उपस्थित ब्लागरों के रहने ठहरने और खाने पीने का इंतजाम होटल-ताऊ-पैलेस में किया गया है. जहां लेपटोप और वाईफ़ाई सुविधा मुफ़्त प्रदान की जायेगी.

8. सम्मेलन के सांध्य कालीन सत्र में विचार विमर्श के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा. इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नाच, गाना, भजन, कव्वाली और लोक नत्य विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे. जो भी इन कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति देना चाहे वो निर्धारित फ़ीस जमा करवा के अपनी बुकिंग करवा लेंवे.

9. उपरोक्त मुद्दों के अलावा आप कोई विषय विचारार्थ रखवाना चाहते हों तो मि. रामप्यारे से rampyare74@gmail.com पर संपर्क करें.

10. किसी भी शंका के समाधान के लिये, बुकिंग के लिये, रूम रिजर्वेशन इत्यादि के लिये भी श्री रामप्यारे जी से rampyare74@gmail.com पर ही संपर्क करें.