प्रिय बहणों, भाईयो, भतीजियों और भतीजों आप सबका ताऊ की रविवारीय क्लास मे घणा स्वागत है. कल की पहेली का सही जवाब था कामाख्या मंदिर गौहाटी (आसाम). जिसके बारे मे कल सोमवार की ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे विस्तार से बता रही हैं सु अल्पना वर्मा.
मां कामाख्या मंदिर को जाने वाला रास्ता
इस विषय पर हमारे कुछ पाठकों ने भी अपने विचार और अनुभव हमे भेजे हैं जो हम इसी अंक मे छाप रहे हैं. हम पाठकों से एक निवेदन और करना चाहेंगे कि वो विषय पर हमें अपने निजी अनुभव और सम्स्मरण भेजे तो यह ज्यादा उपयुक्त होगा. क्योंकि जो सामग्री नेट से अंगरेजी मे कट-पेस्ट करके भेजी जायेगी वो हम प्रकाशित नही कर पायेंगे.
और हम चाहते हैं कि आप उस जगह के बारे मे आपके या आपके परिचितों के निजी अनुभवों से हमारे पाठकों को परिचित कराये. जैसे की पिछले अंक मे श्री महावीर जी ने माऊंट आबू पर लिखे थे.
अब हम आज का रिजल्ट जानने के लिये आपको बीनू फ़िरंगी के पास लिय चलते हैं.
ताऊ रामपुरिया की तरफ़ से आपको बहुत घणी रामराम.
आदर्णीय देवियों और सज्जनों, ताऊ के भाइयो, बहणों, भतीजियों और भतीजो, समस्त संपादक मंडल के सदस्य गणों, आप सबको बीनू फ़िरंगी का सादर प्रणाम.
और मिस रामप्यारी को विशेष रामराम.
ताऊ पहेली राऊंड –२ के पांचवें अंक का रिजल्ट घोषित करते हुये मुझे अपार हर्ष हो रहा है. और मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका आज फ़िर मिला. और जब तक ताऊ चाहेगा आगे भी मिलता रहेगा.
कई लोग हमसे पूछते हैं कि रामप्यारी को विशेष रामराम क्युं? तो रामप्यारी हमारे परिवार मे सबसे छोटी है और घर मे सबकी लाडली है तो उसको तो विशेष रामराम करनी ही पडती है, वर्ना वो कब हमारे बोरिया बिस्तर गोल करवादे इसका पता नही है. वो बहुत तेज खोपडी है.
तो आईये अब चलते हैं रिजल्ट की तरफ़ :- हमारी इस पहेली का सही जवाब है मा कामाख्या मंदिर
गौहाटी आसाम. और इस विषय पर विस्तृत जानकारी कल के अंक मे पत्रिका की विशेष संपादक सु.अल्पना वर्मा दे रही हैं.
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सर्वाधिक अंक प्रात किये १०१ घणी बधाई प्रथम स्थान के लिये. .सुश्री Parul
तालियां..... तालियां..... तालियां..... जोरदार …. तालियां
विशेष बधाई….
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आईये अब अन्य माननिय विजेताओं के बारे में क्रमश: जानते हैं. सभी को हार्दिक बधाई.
वरुण जायसवाल अंक ९८ |
| HEY PRABHU YEH TERA PATH अंक ९७ |
| Udan Tashtari अंक ९५ |
| संजय तिवारी ’संजू’ अंक ९४ |
| मुसाफिर जाट अंक ९३ |
| दीपक "तिवारी साहब" अंक ९२ |
| Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" अंक ९१ |
| प्रकाश गोविन्द अंक ९० |
| नितिन व्यास अंक ८९ |
| makrand अंक ८८ |
| हिमांशु । Himanshu अंक ८७ |
| दर्पण साह 'दर्शन' अंक ८६ |
| सतीश चंद्र सत्यार्थी अंक ८५ |
| दिलीप कवठेकर अंक ८४ |
इसके अलावा निम्न महानुभाओं ने भी इस पहेली अंक मे शामिल होकर हमारा उत्साह बढाया. जिसके लिये हम उनके हृदय से आभारी हैं.
श्री रतन सिंह शेखावत, डा.रुपचन्द्र शाश्त्री मयंक, श्री दिनेश राय द्विवेदी, श्री अरविंद मिश्रा,
श्री संजय बैंगाणी, श्री आलोक सिंह, श्री पंकजरागो, डा. मनोज मिश्रा, श्री अंतर सोहिल, श्री राज भाटिया,
श्री दिगम्बर नासवा, श्री सैयद अकबर, श्री महाभारत, श्री PD, श्री नरेश सिंह राठोड, सुश्री लवली कुमारी,
डा. भावना, श्री तरुण , श्री योगिंद्र मौदगिल. मदारी और सुश्री सोनिया.
आप सबका बहुत बहुत आभार..
अब आईये रामप्यारी की क्लास में:-
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आप सबको रामप्यारी की घणी नमस्ते.
अब आप पूछेंगे की रामप्यारी आज तेरे को क्या होगया? तू घणी नमस्ते क्युं कर रही है? तो सच्ची बात तो ये है कि मुझे खुद नही मालूम कि घणी का मतलब क्या होता है? वो तो ताऊ घणी रामराम बोलता है तो मैने सोचा कि ये भी कोई अच्छी चीज होती होगी, सो मैने भी घणी नमस्ते बोल दिया.
अब कल का सवाल तो बिल्कुल आसान था. तभी तो काजल अंकल ने आते ही फ़टाक से जवाब दे दिया कि “रामप्यारी, तुझे पता नहीं कि डॉक्टर उस लड़के की माँ है ?”
अरे अंकल मुझे पता था तभी तो पूछा था मैने. ही..ही..ही..ही..काजल अंक आज बोनस सवाल के प्रथम विजेता रहे हैं बधाई…..
अब उपविजेता अशोक पांडे अंकल आकर बोले “रामप्यारी, लगता है डॉक्टर के छोटे बाल देखकर तुम भी अपने पुलिस अंकल की तरह गच्चा खा गयी। अच्छी बच्ची, डॉक्टर लड़के की मां हैं। पुत्र पिता का ही थोड़े ही होता है, माता का भी तो होता है।” अरे अंकल जी मुझे आज ही मालूम पडा..ही..ही..ही…ही…… फ़िर तीसरे विजेता आये आशीष अंकल और आते ही बोले “रामप्यारी.. वो जो डॉक्टर है ना वो आंटी है.. और वो उस लड़के की मां है.. पिता नहीं.. लड़के को तो बेटा ही कहेंगी न वो... वैसे आज ताऊजी और अल्पना जी ने पहेली में बहुत ही मुश्किल सवाल पूछा है.. प्लीज़ क्लू दो ना...“ देखा ना अंकल..मैने आपके मांगते ही हिंट दिया था…अब आप मेरे लिये दो जींस वाली पैंट..एक सलवार सूट और चाकलेट का डिब्बा भिजवा देना.. इसके बाद नितिन व्यास अंकल, उडनतश्तरी अंकल, संजय तिवारी संजू अंकल, और प्रकाश गोविंद अंकल आये और बिल्कुल सही जवाब दे दिये. और फ़िर आज सीमा आंटी तो बहुत ही परेशान हुई…फ़िर भी जवाब देकर ही मानी..मजा आया ना आंटी अबकी बार? ही…ही..ही…ही… अरे आंटी अब मेरे दांत ही मत तोड देना…अगली बार बिल्कुल उल्टा सवाल पूछूंगी… फ़िर मकरंद अंकल और दीपक तिवारी अंकल तो बहुत ही हैरान परेशान हुये पर दे दिया जवाब उन्होने ने भी. बधाई अंकल. फ़िर गगन शर्मा अंकल और इसके साथ ही शाश्त्री अंकल आये और बोले “
मेरे प्रिय ताऊजी, अरे अंकल आप तो पहली बार मे ही सही ताड गये…ही..ही..ही…थैंक्यु अंकल. इसके बाद अनुराग अंकल (स्मार्ट ईंडियन) ने भी बिल्कुल फ़टाक से जवाब दिया. फ़िर दर्पण शाह दर्पण अंकल और सोनिया आंटी ने सही जवाब दिये. और सबसे आखिर मे सही जवाब लेकर आये दिलिप कवठेकर अंकल और सतीश चंद्र सत्यार्थी अंकल. आप सबके अकाऊंट मे मैने तीस तीस नम्बर जमा करवा दिये हैं. आप सबका आभार और अब रामप्यारी अगले शनीवार आपसे मिलेगी एक नये बोनस सवाल के साथ. तब तक के लिये अलविदा. |
कुछ पाठको के विचार :-
| हे प्रभु यह तेरापन्थ महावीर बी सेमलानी " भारती'
यौन इच्छा कि हिंदू देवी.Kamakhya का यह मन्दिर है। यह जगह 51 सती पीठ में से एक है, बहिष्कार के दौरान जहां सती की लाश कई भागों मे पृथ्वी पर गिरी उस मे से एक भाग यह भी जहॉ यह मन्दिर है।
(This place is one of the 51 satipithas, i.e., places where parts of Sati's corpse fell to Earth during dismemberment by Vishnu (Sati being the wife of Shiva who had committed suicide after she and her husband were insulted by her father). This is the place where her yoni (vulva) fell, and this temple is sacred to Kamakhya, the Hindu goddess of sexual desire. )
कामाख्या मन्दिर भारत का सबसे महत्वपुर्ण तान्त्रिक सेन्टर है।
इस मंदिर कि संरचना काफी बड़ी है. सबसे पुराना हिस्सा कई छत्रक के साथ एक संरचना-गुंबदों आकार का है. देवताओं के carvings के साथ कई लंबा कॉलम हैं. इस पुराने ढांचे से बढ़ा एक नया एक है, जो चारों ओर पैनलों जिसमें गणेश सहित विभिन्न हिंदू देवताओं और भगवान है।. वहाँ कबूतरों के झुंड, को तीर्थयात्रियों चुगा डालते है ।
जहां उसे (योनी) गिर पड़ा, और यह मंदिर yoni की जगह है Kamakhya के लिए पवित्र है, ताऊ पहेली मे जो फोटु दिखा रहे है वह Kamakhya मन्दिर का अन्दर से बहार जाने का रास्ता है। |
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कामाख्या मंदिर :
प्राचीन काल से सतयुगीन तीर्थ कामाख्या वर्तमान में तंत्र सिद्धि का सर्वोच्च स्थल है। पूर्वोत्तर के मुख्य द्वार कहे जाने वाले असम राज्य की राजधानी दिसपुर से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीलांचल अथवा नीलशैल पर्वतमालाओं पर स्थित मां भगवती कामाख्या का सिद्ध शक्तिपीठ सती के इक्यावन शक्तिपीठों में सर्वोच्च स्थान रखता है।
यहीं भगवती की महामुद्रा (योनि-कुण्ड) स्थित है। सती स्वरूपिणी आद्यशक्ति महाभैरवी कामाख्या तीर्थ विश्व का सर्वोच्च कौमारी तीर्थ भी माना जाता है। इसीलिए इस शक्तिपीठ में कौमारी-पूजा अनुष्ठान का भी अत्यंत महत्व है। यद्यपि आद्य-शक्ति की प्रतीक सभी कुल व वर्ण की कौमारियाँ होती हैं। किसी जाति का भेद नहीं होता है। इस क्षेत्र में आद्य-शक्ति कामाख्या कौमारी रूप में सदा विराजमान हैं।
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अच्छा अब नमस्ते. कल सोमवार को ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे आपसे पुन: भेंट होगी.
सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. इस दुसरे राऊंड की छठी पहेली का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया.
संपादक मंडल :-
मुख्य संपादक : ताऊ रामपुरिया
विशेष संपादक : अल्पना वर्मा
संपादक (प्रबंधन) : seema gupta
संपादक (तकनीकी) : आशीष खण्डेलवाल
सहायक संपादक : बीनू फ़िरंगी एवम मिस. रामप्यारी
सहायक संपादक : हीरामन



