बाबा ताऊश्री के पास भक्त जनों की भीड हर समागम में बढती ही जा रही है. यूं तो दुनियां में हर वस्तु का अनुपात बराबर ही होता है. इस नियम का पृकृति में भी अपवाद नही है. पर भक्त जन सुख को तो महसूस नही कर पाते और दुख आते ही बाबाश्री ताऊ महाराज को परेशान करने चले आते हैं. अब बाबाश्री ताऊ महाराज निहायत ही नरम दिल और दुखियों की सेवा करना अपना फ़र्ज समझते हैं. ऊपर वाले से बाबाश्री का डायरेक्ट संपर्क है और भगवान भी उनकी बात नही टाल सकता.
बाबा ताऊश्री 675 वें समागम में किरपा बांटते हुये
ताऊ बाबाश्री का 675 वां समागम
ताऊ बाबाश्री - भक्त जनों, आप लोगों का अपार समूह देखकर हमें बडा आनंद आता है. हम आपका आभारी हूं कि आप हमें अपने दुख दूर करने का मौका देते हैं. ईश्वर की कृपा से आप हमेशा दुखों में घिरे रहें क्योंकि आपके दुखों की वजह से ही ये हमारा आश्रम फ़लता फ़ूलता रहेगा...और हमें खुशी हो रही है कि आज आप
675 वें समागम में शिरकत कर रहे हैं. आप में से किसी को अपने अनुभव बांटने हों तो माईक पर आ जायें....
ताऊ बाबाश्री - भक्त, ये कोटि कोटि परणाम तो सुना था पर ये अरबी अरबी परणाम ..क्या होता है? कहीं तुम अरबी की भाजी तो नही ले आये हो? तुम्हें पता है कि हमें अरबी की भाजी से गैस हो जाती है?
सतीश सक्सेना - ताऊश्री, ये अरबी की भाजी नही...जैसे कोटि कोटि परणाम यानि करोड करोड परणाम...वैसे ही अरबी अरबी यानि एक सौ करोड...परणाम...
ताऊ बाबाश्री - वाह भक्त..वाह. हम तुम्हारी श्रद्धा और परणाम से विशेष रूप से प्रसन्न हुये.... अब तुम अपने अनुभव यहां उपस्थित भक्तों को बताओ और कल सुबह हमारे मार्निंग वाक के समय आश्रम के गार्डन में मुलाकात करना...वहां हम तुम पर विशेष किरपा करेंगे.
सतीश सक्सेना - बाबाजी के चरणों में अरबी अरबी परणाम करते हुये मैं बताना चाहुंगा कि बाबाजी आपकी किरपा से मेरे सर पर बाल आगये हैं...बाबा जी पहले मैं इसी वजह से बहुत दुखी रहता था...बाबाजी....आपके कहे अनुसार मैने सिर्फ़ पांच अमावस्या को "ताऊ छछूंदर तेल" आपकी बतायी विधी से पूजा करके लगाया...और मेरा पूरा सर बालों से लहलहा उठा...बाबाजी आपके चरणों में पुन: अरबी अरबी परणाम....
अब माईक
मिस समीरा टेढी के हाथ में थमाया गया...और मिस टेढी ने बोलना शुरू किया - बाबाजी के चरणों में अरबी अरबी वंदन....बाबा जी आपने मुझे
सात काली अमावस बिना नहाये सुबह से दोपहर तक सोमरस पान करने का कहा था...बाबाजी मैने ऐसा करना शुरू किया....और तीन अमावस में ही चमत्कार हो गया और सात अमावस ऐसा करने के बाद तो...बाबा जी..क्या बताऊं....
.मेरे को कुछ भी दुख तकलीफ़ नही रही....बाबा जी अब एक तकलीफ़ है....मुझे भूख बहुत जोरों से लगने लगी है.....
ताऊ बाबाश्री - बालिके...भूख लगना तो अच्छी बात है....खाओ पीओ..तंदरूस्त रहो...
मिस टेढी - बाबाश्री...वो वाली भूख नही....बाबाजी...
ताऊ बाबाश्री - फ़िर कौन सी वाली भूख....कहीं गलत सलत भूख तो नही लग रही है बालिके तुमको?
मिस टेढी - नही बाबाश्री...मेरी टिप्पणियों की भूख बढ गई है...कितनी भी टिप्पणी आयें पर मेरी इच्छा भरती ही नही है...
ताऊ बाबाश्री - अच्छा अच्छा....एक काम करो..हमारे ताऊ बैंक के अकांऊंट नम्बर 000420 में पचास हजार डालर जमा करा दो..उससे हम तुम्हें एक "भूख मिटाओ यंत्र" बनाकर भिजवायेंगे...
मिस टेढी - बाबाजी के चरणों में अरबी अरबी परणाम...बाबाजी कल ही करवा दूंगी...
ताऊ बाबाश्री - और हां बालिके, कल सुबह सतीश सक्सेना के साथ हमारे आश्रम के गार्डन में दर्शन करने आना, हम तुम्हें वहीं पर भूख मिटाने की कुछ विशेष विधियां सिंखायेंगे...
मिस टेढी - जी बाबाश्री...
ताऊ बाबाश्री भक्तों को संबोधित करते हुये बोले - प्यारे भक्त जनों, हमारे रहते हुये मेरे प्यारे देशवासियों का दुख मैं नही देख सकता. यूं तो हमको चीन, जापान, रूस, अमेरिका व इंगलैंड आदि देशों से उनकी जनता के दुख दर्द मिटाने के लिए आमंत्रण मिलते रह्ते हैं पर हम सबसे पहले अपने देशवासियों के दुख दर्द मिटायेंगे....और इसके लिये हम "सर्व कष्ट मिटावो यज्ञ" शुरू करने जा रहे हैं....इस यज्ञ में जो भी भाग लेगा उसे भविष्य में कभी कोई कष्ट नही होगा. यह यज्ञ अलग अलग दिन अलग अलग केटेगरी अनुसार कराया जायेगा. निराशा से बचने के लिये अपनी सीट तुरंत बुक करवा लेवे. इस पोस्ट के आखिर में संपूर्ण डिटेल दी गई है.
बाबा ताऊश्री मिस टेढी को गले लगाकर आशीर्वाद देते हुये!
अगले दिन सतीश सक्सेना और मिस टेढी ने बाबाश्री से सुबह आश्रम में जाकर भेंट की जहां बाबाश्री ने सतीश सक्सेना को आशीर्वाद देते हुये
"सर्व कष्ट मिटावो यज्ञ" की जिम्मेदारियां संभालने का काम सौंपा और मिस टेढी को गले लगाकर
"सर्व कष्ट मिटावो यज्ञ" के रजिस्ट्रेशन का काम संभालने का कार्यभार सौंपा.
"सर्व कष्ट मिटावो यज्ञ"
*"सर्व कष्ट मिटावो यज्ञ" मे भाग लेने के लिये रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है.
रजिस्ट्रेशन की तीन श्रेणियां रहेगी.
प्रथम श्रेणी की फ़ीस रूपये 21000/- मात्र
द्वितीय श्रेणी की फ़ीस रूपये 16000/- मात्र
तृतीय श्रेणि की फ़ीस रूपये 11000/- मात्र
सीटों की उपलब्धता हमारी वेवसाईट से जांच कर अग्रिम बुकिंग करालें...
कुछ ही सीमित तारीखों में सीटे उपलब्ध हैं.
फ़ीस का अग्रिम भुगतान हमारे ताऊ बैंक अकाऊंट नं. 000420 में करवा कर अपना एंट्री पास प्राप्त कर लेवें.
"सर्व कष्ट मिटावो यज्ञ" में भाग लेकर इस जीवन के सभी कष्टों से हमेशा के लिये मुक्ति पाईये!