"रिश्ते"

पता नही आजकल रिश्ते इतने नाजुक क्यों होगये हैं? और आभासी रिश्ते तो वाकई पल पल इधर उधर बिखरते नजर आते हैं. कभी कभी तो इस पत्थर की फ़र्श पर लिखे शब्दों की तरह नजर आने लगते हैं. अक्सर सोचता हूं कि क्या यही रिश्ते हैं?


“रिश्ते”
रिश्तों के ये बंधन
क्या एक नाजुक डोर जैसे होते हैं
जो हल्की सी तकरार की आंधी में
चरमरा कर टूट जाए
या फिर
सूखे पत्तों की तरह
एक हवा के झौंके संग
बह निकलें.
कभी सोचता हूं
रिश्ते क्या ताश का महल होते हैं?
जो एक कम्पन भर में बिखर जाये
या फिर इतने कमजोर
की रेत के बने घरोंदे की तरह
बरखा की चंद बूंदों में ढह जाये
पता नही ये रिश्ते क्या होते हैं?

(इस रचना के दुरूस्तीकरण के लिये सुश्री सीमा गुप्ता का हार्दिक आभार!)















वैशाखनंदन सम्मान पुरस्कारों की स्थापना : ताऊ रामपुरिया

माननीय ब्लागर बंधुओं, आप सभी को गुडी पडवा (नव वर्ष) की हार्दिक शुभकामनाएं.

नववर्ष के शुभारंभ के पावन अवसर पर हास्य व्यंग के लिये आज ताऊ डाट इन की तरफ़ से बैशाखनंदन सम्मान पुरस्कारों की स्थापना की घोषणा करते हुये हमें बहुत ही सुखद अनुभूति हो रही हैं.


इस सम्मान का उद्देश्य ब्लाग जगत में हास्य व्यंग के लेखन को प्रोत्साहन देना और हास्य व्यंग्यकारों को सम्मानित करना है. हम जानते हैं कि एक स्वस्थ समाज की सुदृढ़ता के लिए ऐसे लेखन का बहुत महत्व है. इसके लिये समस्त सूचनाएं इस प्रकार हैं.

सम्मान के बारे में:-

1. बैशाखनंदन स्वर्ण सम्मान - 2010 (एक पुरस्कार)

पुरस्कार स्वरुप सम्मान राशि रु. 5,100/= (पांच हजार एक सौ रुपिये)

एवम प्रमाण पत्र

यह पुरस्कार चुनी गई सर्वश्रेष्ठ रचना को दिया जायेगा.


2. बैशाखनंदन रजत सम्मान - 2010 ( पांच पुरस्कार)

पुरस्कार स्वरुप सम्मान राशि रु. 500/= (पांच सौ रुपये) प्रत्येक

एवम प्रमाण पत्र


3. बैशाखनंदन कांस्य सम्मान - 2010 (ग्यारह पुरस्कार)

सभी को सुश्री सीमा गुप्ता की नई प्रकाशित पुस्तक "विरह के रंग" की एक प्रति -

एवम प्रमाणपत्र

2 (3)3 (1)1 (4)


अब प्रतियोगिता के बारे में :-

1. इस प्रतियोगिता में 30 अप्रेल 2010 तक रचनाएं भेजी जा सकती है.

2. रचनाओं मे हास्य कविता एवम हास्य-व्यंग के लेख शामिल किये जायेंगे.

3. एक रचनाकार अपनी अधिकतम ५ प्रकाशित-अप्रकाशित मौलिक रचनाएं भेज सकता है पर वह केवल एक ही पुरस्कार का हकदार होगा.

यहां प्रकाशित से मतलब केवल रचनाकार के ब्लाग या उनकी स्वयं के कापीराईट में प्रकाशित पुस्तक की रचना से है.

4. आप खुद की रचनाएं ही ३० अप्रेल २०१० तक contest@taau.in पर भेज सकते हैं. कृपया साथ में अपना एक अधिकतम १०० शब्दों में परिचय और चाहें तो तस्वीर भी संलग्न करें.

आपसे निवेदन है कि प्रत्येक रचना को अलग अलग इमेल से भेजने की कृपा करें. यानि एक इमेल से एक बार मे एक ही रचना भेजे.

5. हमें प्राप्त रचनाओं मे से जो भी रचना प्रतियोगिता में शामिल होने लायक पायी जायेगी उसे हमारे सहयोगी ब्लाग ताऊजी डाट काम पर प्रकाशित कर दिया जायेगा, जो इस बात की सूचना होगी कि प्रकाशित रचना प्रतियोगिता में शामिल कर ली गई है

6. 11 मई 2010 से चुनी गई पुरस्कृत रचनाओं का प्रकाशन ताऊ डाट इन पर विजेता रचनाकारों के नामों की घोषणा के साथ प्रारंभ कर दिया जायेगा.

7. इन रचनाओं पर ताऊ डाट इन का कापीराईट रहेगा. और कहीं भी प्रकाशन का अधिकार हमें होगा.

8. रचनाओं को पुरस्कृत करने का अधिकार सिर्फ़ और सिर्फ़ ताऊ डाट इन के संचालकों के पास सुरक्षित रहेगा. इस विषय मे किसी प्रकार का कोई पत्र व्यवहार नही किया जायेगा और ना ही किसी को कोई जवाब दिया जायेगा.

9. इस प्रतियोगिता के समस्त अधिकार और निर्णय के अधिकार सिर्फ़ ताऊ डाट इन के पास सुरक्षित हैं. प्रतियोगिता के नियम किसी भी स्तर पर परिवर्तनीय है.

10.पुरस्कार stockMode networks द्वारा प्रायोजित हैं.

11. यह प्रतियोगिता हिंदी मे स्वस्थ लेखन को बढावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है.

सभी से सहयोग की अपेक्षा के साथ

- ताऊ रामपुरिया


प्रायोजक

ताऊ पहेली - 65 : विजेता सुश्री रेखा प्रहलाद

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली - 65 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है श्री नारायणी पीठ /मंदिर ,श्रीपुरम ,वेल्लूर [तमिलनाडु].

और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भीत जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.


कल 16 मार्च 2010 को नव संवत प्रारम्भ हो रहा है तो सब से पहले आप सभी को हिन्दू नव वर्ष की ढेरों मंगल कामनाएं.



चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा या वर्ष प्रतिपदा या उगादि (युगादि) कहा जाता हैं, इस दिन हिन्दू नववर्ष का आरम्भ होता है.

ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्रमास के प्रथम दिन ही ब्रह्मा ने सृष्टि संरचना प्रारंभ की थी.इसी प्रतिपदा के दिन आज से 2054 वर्ष पूर्व उज्जयनी नरेश महाराज विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांत शकों से भारत-भू का रक्षण किया और इसी दिन से काल गणना प्रारंभ की. उपकृत राष्ट्र ने भी उन्हीं महाराज के नाम से विक्रमी संवत कह कर पुकारा.
सबसे प्राचीन कालगणना के आधार पर ही प्रतिपदा के दिन को विक्रमी संवत के रूप में अभिषिक्त किया. इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामचंद्र के राज्याभिषेक अथवा रोहण के रूप में मनाया गया. यह दिन ही वास्तव में असत्य पर सत्य की विजय दिलाने वाला है.


अब चलते हैं पहेली में पूछे गए स्थान की तरफ-

श्री नारायणी पीठ /मंदिर ,श्रीपुरम ,वेल्लूर [तमिलनाडु]

तमिलनाडु राज्य के ३२ जिलों में से एक है वेल्लोर या वेल्लूर .चेन्नई से 145 किमी. की दूरी पर पलार नदी के किनारे यह शांत एवं छोटी जगह ऐतिहासिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है.यहां कई वंशों जैसे पल्लव, चोल, नायक, मराठा, अरकोट नवाब और बीजापुरी सुल्तान ने शासन किया था.

यहाँ का 'वेल्लोर किला' बहुत प्रसिद्द है.इसके साथ ही यहाँ का स्वर्ण मंदिर भी पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है.
भारत के उत्तरी राज्य अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाद दक्षिण भारत में बना स्वर्ण मंदिर इसी जिले के श्रीपुरम में स्थित है .यह देवी नारायणी का मंदिर है.इस मंदिर को अगस्त २४, २००७ में जनता के लिए खोल दिया गया था.
थिरुमलाई कोड गाँव में स्थित इस मंदिर को महालक्ष्मी मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर आदि कई नामों से पुकारते हैं.



सौ एकड़ में फैला यह मंदिर लगभग चार सौ करोड़ रुपयों के लागत से बना है .८०० मजदूरों /कारीगरों ने इस का निर्माण ७ साल में पूरा किया.

असली सोने की परतों को इस तरह से लगाया गया है कि कोई भी आसानी से चुरा न सका.एक कथन के अनुसार यहाँ से अगर कोई सोना चुराना चाहेगा तो उसे इसे निकालने में लागत ,प्राप्त सोने कि कीमत से अधिक लगेगी.
मुख्य भवन तक जाने के लिए एक विशिष्ट सितारेनुमा परिक्रमा स्थल से होते हुए जाना पड़ता है.यहाँ जाने के लिए ड्रेस कोड भी ध्यान में रखना चाहिये.मुख्य भवन ५५०० वर्ग फुट में है.

sripuram


मंदिर के बाहरी भवन में सोने के 36 खम्बे और क्रिस्टल के 15 झालर लगे हुए हैं.देवी की प्रतिमा को स्वर्ण और अन्य आभूषणों से अलंकृत किया गया है.यहाँ फोटोग्राफी करना मना है.

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श्री शक्ति अम्मा का कहना है कि यह मंदिर सम्पूर्ण मानवता से असीम प्रेम का उदाहरण है और मानवता को ही समर्पित है.

मंदिर की अधिकारिक साईट
-http://www.sripuram.org/
http://www.narayanipeedam.org/
अभी के लिये इतना ही. अगले शनिवार एक नई पहेली मे आपसे फ़िर मुलाकात होगी.


आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.

सुश्री रेखा प्रहलाद अंक 101

श्री रजनीश परिहार अंक 100

श्री विवेक रस्तोगी अंक 99

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सुश्री सीमा गुप्ता अंक 98

श्री उडनतश्तरी अंक 97

श्री मो सम कौन? अंक 96

सुश्री बबली अंक 95

kajalji

श्री काजलकुमार अंक 94

श्री दिनेशराय द्विवेदी अंक 93


श्री भारतीय नागरिक - Indian Citizen अंक 92

श्री नीरज गोस्वामी अंक 91

श्री संजय बेंगाणी अंक 90

Himanshu1

श्री हिमांशु । Himanshu अंक 89

डा.महेश सिन्हा अंक 88

श्री सैयद | Syed अंक 87

श्री Chandra Prakash अंक 86

ravikantpande

श्री रविकांत पांडे अंक 85

ckj

श्री चंदन कुमार झा अंक 84

श्री जीतेंद्र अंक 83

श्री प्रकाश गोविंद अंक 82

प. श्री. डी. के. शर्मा “वत्स” अंक 81

sethu-nagarajan

सुश्री Sethu अंक 80

mverma

श्री M VERMA अंक 79

श्री रामकृष्ण गौतम अंक 78

satishji

श्री सतीश सक्सेना अंक 77

romendra

श्री रोमेंद्र सागर अंक 76

श्री अभिषेक ओझा अंक 75



छपते छपते :- श्री निर्भय जैन , श्री दिलीप कवठेकर एवम श्री अविनाश वाचस्पति का भी सही जवाब आया है, जिन्हें क्रमश: 50 , 49 एवम 48 अंक दिये गये हैं. बहुत बधाई.

अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री रतनसिंह शेखावत
श्री संजय भास्कर
श्री ललित शर्मा
श्री सुशील कुमार छौंक्कर
श्री अंतर सोहिल
सुश्री निर्मला कपिला
श्री M VERMA
श्री Shree Ram Distributors
सुश्री वंदना
श्री राज भाटिया
डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक,

अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा, मंगलवार और शुक्रवार की पहेली मे शाम 6:00 बजे ताऊजी डाट काम पर आपसे फ़िर मुलाकात होगी तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.

ताऊ पहेली - 65

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 65 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जाता है. यानि सुबह 10:00 बजे ही रामप्यारी के ब्लाग पर मिलता है.

विनम्र विवेदन

कृपया पहेली मे पूछे गये चित्र के स्थान का सही सही नाम बतायें कि चित्र मे दिखाई गई जगह का नाम क्या है? कई प्रतिभागी सिर्फ़ उस राज्य का या शहर का नाम ही लिख कर छोड देते हैं. जो कि अबसे अधूरा जवाब माना जायेगा.

हिंट के चित्र मे उस राज्य या शहर की तरफ़ इशारा भर होता है कि उस राज्य या शहर मे यह स्थान हो सकता है.
कृपया स्पष्टतया चित्र में दिखाई गई इमारत का नाम बताईयेऔर साथ में गांव / शहर या राज्य का नाम भी बतायें.

यह कौन सी इमारत है? और किस शहर में है?

ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे

अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.
जरुरी सूचना:-

टिप्पणी मॉडरेशन लागू है इसलिए समय सीमा से पूर्व केवल अधूरे और ग़लत जवाब ही प्रकाशित किए जाएँगे.
सही जवाबों को पहेली की रोचकता बनाए रखने हेतु समय सीमा से पूर्व अक्सर प्रकाशित नहीं किया जाता . अत: आपका जवाब आपको तुरंत यहां नही दिखे तो कृपया परेशान ना हों.

इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा


नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
ताऊजी डाट काम

"बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की स्थापना

बडे ही दुखित मन से पंडितजी (महेंद्र मिश्र) ने एक पोस्ट फ़ेंक के मारी गुस्से में. और लोगों ने हाथों हाथ लपक ली. उनको मलाल था कि उनके पूज्य दादा जी ने उनको बुढऊ की पदवी से नवाज दिया. पंडितजी ने गुस्से गस्से में पोस्ट दे मारी.

अब देखिये...बडे बुजुर्गों के मुंह से जो निकलता है वो आशीर्वाद ही होता है. मिश्रजी को तो मालूम ही नही कि आजकल बुढऊ शब्द बडा होट hot होगया है. यानि टिप्पणी खींचू होगये हैं आजकल के बुड्ढे भी. इसीलिये ललित शर्मा जी भी आजकल दिन रात बुढ्ढों पर पोस्ट लिखा करते हैं.

फ़िर घूमते घामते हम भी मिश्र जी के दरवाजे पहुंच गये और वहां मिश्रजी की पीडा देखते हुये हम द्रवित होगये. मिश्रजी ने बुढऊ लोगों की इतनी पीडाएं सुनाई कि हमने वहां पर ही तुरंत BBA के गठन की घोषणा कर दी. हम स्वयम भू अध्यक्ष घोषित होगये और महेंद्र मिश्रजी को हमने सेकेरेटरी घोषित कर दिया.

और अब हमने महेंद्र मिश्र जी को मेंबर बनाने का काम सौंप दिया और हम खुद जीवन में पहली बार अध्यक्ष बनने का सुख उठा रहे थे. आज तक तो किसी ने हमको चपरासी भी नही बनाया. और आज हम शान से "BBA" यानि "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के आफ़िस में बैठे हुक्का गुडगुडा रहे थे.

BBA के आफ़िस में स्वघोषित अध्यक्ष महोदय हुक्का गुडगुडाते हुये!


थोडी देर बाद मिश्रजी का फ़ोन आया कि ताऊ BBA की स्कीम फ़ेल ही समझो...जबसे तुमने BBA का बोर्ड टांगा है कोई दिखाई ही नही दे रहा है...हमने सोचा कि बुढापे में पंडितजी का शरीर आरामतलबी का आदि होगया सो हमने उनको साथ लिया और निकल पडे सडक पर भरी दोपहर मे बुढ्ढऊ ब्लागर्स ढूंढने.

अध्यक्ष और सेक्रेट्री महोदय बुढ्ढों की तलाश मे भटकते हुये!


दिन भर धूप में सडक पर भटकने के बाद हमको एक भी जालिम बुढ्ढा नही मिला. थक हार कर हम वापस आये और हमने सोचा कि आखिर हमारी स्कीम मे कहां गडबड रह गयी थी? बहुत मनन के पश्चात हमको कमियां समझ में आगयी और हमने तुरंत उनको दूर कर दिया.

पहला तो ये कि आजकल किसी सेलेब्रेटी को ब्रांड अंबेसडर बनाना बहुत जरुरी है अत: हमने तुरंत मिस. समीरा टेढी जी से बात की "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की ब्रांड अंबेसडर बनने के लिये. और वो भी इस शर्त पर की वो इसके लिये जब भी मिटिंग होगी यहां पर आयेंगी. और साथ में यह भी कि बुढऊ लोगों को कहीं हार्ट अटेक ना हो जाये तो वो सफ़ेद बालों वाला विग और साडी में रहेंगी यानि भडकाऊ ड्रेस नही पहनेगी.

मिस. समीरा टेढी इस बात पर भडक गई. पर जब हमने उनको समझाया कि यह समाज हित का काम है सो थोडा त्याग भी करना चाहिये और आपको कौन सा रोज रोज आना है? बस मिटींग वाले दिन आना है जिससे मीटिंग मे सारे बुढ्ढे आपके दीदार के बहाने हाजिर हो जायें और हमारे इस BBA के मेंबर बन जायें. बडी मुश्किल से वो राजी हूई, पर आखिर हां भर ही ली.

"बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की ब्रांड एंबेसडर मिस. समीरा टेढी, बुढऊ के गेट अप में


बस जैसे ही बुढऊ लोगों को मालूम पडा कि BBA की ब्रांड अंबेसडर मिस. समीरा टेढी ने बनना स्वीकार कर लिया वैसे ही लाईन लग गई मेंबर शिप के लिये. जो जवान ब्लागर थे वो भी सफ़ेद विग लगाकर आ गये. बहुत ज्यादा मारामारी होगई. और सारे मेंबरशिप के फ़ार्म खत्म होगये.

मेंबरशिप किस किस को दी गई इसकी और किस का फ़ार्म रिजेक्ट होगया यह अगले सप्ताह बताया जायेगा.

अब आपको "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के एजेंडा के बारे मे कुछ बता देते हैं जिससे आप भी BBA की सदस्यता लेकर चैन से ब्लागिंग कर सकें. BBA के उद्देष्य और नियम इस प्रकार हैं.

१.BBA यानि कि "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" किसी भी तरह के लिंग भेद को नही मानता. यहां ब्लागर्स से मतलब पुरुष और महिला दोनों हैं. और "बुढऊ" शब्द दोनों को अभिव्यक्त करेगा. यानि आप महिला ब्लागर्स को बुढिया नही बोल सकते.

२. बुढऊ ब्लागर की परिभाषा : जिन्हें एक साल से ज्यादा का समय ब्लागिंग करते होगया उनको बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन की सदस्यता की पात्रता तो है पर उनको सदस्यता उनके लेखकीय उत्पात को देखते हुये दी जायेगी . उनकी सदस्यता इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्होने कितने बेनामी ब्लाग चलाये? कितने बेनामी कमेंट किये? कृपया आवेदन फ़ार्म में अपनी उपलब्धियों की समस्त जानकारियां देवें

३. ५० साल से ज्यादा उम्र के ब्लागर्स को वाईल्ड कार्ड एंट्री दी जायेगी. यानि उनको हर हालत मे बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन की सदस्यता लेनी अनिवार्य कर दी गई है. उनके लिये योग्यता का कोई पैमाना नही है.

४. कोई अपनी वास्तविक उम्र छिपाने की कोशीश करता पाया गया तो उसे "सरताज-ए-बुढऊ" की पदवी से पहली अप्रेल को नवाजा जायेगा. इसमें किसी भी तरह की रियायत नही दी जायेगी. चाहे महिला बुढऊ ही क्युं ना हो.

५. सभी की उम्र का हमने आयकर विभाग के पेन कार्ड से पता लगा लिया है अत: ज्यादा होशियारी ना करें और चुपचाप सदस्यता के लिये आवेदन करें.


BBA द्वारा आपको क्या फ़ायदा होगा?


१. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" इसके सभी सदस्यों को चश्मा, छडी और डेंचर (दांत वाली बत्तीसी) एक बार मुफ़्त और बाद में नाम मात्र के चार्ज पर उपलब्ध करवायेगा.

२. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के सदस्यों के ब्लाग को नियमित अपडेट किया जायेगा, सदस्यों की ब्लाग पोस्ट पर सभी बुढऊ टिप्पणी करेंगे.

३. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के सभी सदस्यों को ताऊ जादूई चिराग नाम मात्र की कीमत पर उपलब्ध करवाये जाने की बात चल रही है. जिससे आपके सभी कार्य जादूई चिराग द्वारा पूरे कर दिये जायेंगे.

४. मोटी चमडी करने हेतु प्रत्येक बुढऊ ब्लागर को भैंस का शुद्ध दूध पिलाने का इंतजाम किया जायेगा.

५. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के सदस्यों के ब्लाग पर अगर मामा मारीच या सुर्पणखां का हमला होता है तो उनसे बचाने के अलावा...सामने वाले के ब्लाग पर इतनी खतरनाक टिप्पणीयां जादूई चिराग से करवाने का करार किया जा रहा है कि मारीच और सुर्पणखां सिट्टी पिट्टी भूल जायेंगे.

६. अगर किसी बुढऊ को गरियाने की इच्छा हो जाये तो उसकी यह इच्छा पूरी करवाने के लिये किराये पर गाली सुनने वाले बुलाये जायेंगे.

७. हर बुढऊ ब्लागर की पोस्ट पर ४३१ हिट और ४१ टिप्पणीयां कम से कम करवाने का प्रबंध किया जायेगा.

८. अगर कोई बुढऊ टंकी पर चढने की इच्छा करेगा तो उसे बाकायदा शान से टंकी पर चढाया जायेगा और सब मिल जुलकर उसको नीचे उतारेंगे. इसके लिये एक २३९ मीटर उंची टंकी का निर्माण किया जायेगा.

९. हर बुढऊ को कुछ पद पाने की इच्छा रहती है तो हर बुढऊ ब्लागर "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" का उपाध्यक्ष कहलायेगा.

१०. हर बुढऊ को अपनी राय देने का अधिकार होगा भले उसके घर मे उससे कोई राय ना लेता हो.

११. चूंकी "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" अभी शैशवकाल मे ही है तो इसके नियम कायदे बन रहे हैं. जो अगली मिटींग में घोषित किये जायेंगे. सदस्यता मंजूर करने या ना करने के अधिकार सिर्फ़ अध्यक्ष महोदय और सेक्रेरेट्री महोदय के पास सुरक्षित रहेंगे.

मिस. समीरा टेढी द्वारा "ब्लागर्स कार्यशाला - 2010" का उदघाटन

मैं रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" उर्फ़ ताऊ का गधा आपका स्वागत करता हूं और ब्लागर्स कार्यशाला - 2010 का आंखो देखा हाल आपको सुनाता हूं.

ब्लागर्स कार्यशाला मे आशा के विपरीत जबरदस्त भीड जुटी. जिन ब्लागर्स ने अपना पूर्व मे रजिस्ट्रेशन करवा लिया था उनके लिये प्रथम पंक्ति मे बैठने की व्यवस्था की गई थी. जिन्होने आखिरी समय मे मिस. समीरा टेढी द्वारा उदघाटन की खबर सुनने के बाद आवेदन किया था उनको बहुत पीछे बैठना पडा.

कार्यशाला के उदघाटन के लिये आयोजकों ने मिस. समीरा टेढी को आमंत्रित किया था. मिस. टेढी के आते ही वहां भगदड मच गई. यानि हर कोई मिस. टेढी के जादू मे टेढे मेढे हो कर उनकी एक झलक पाने के लिये बेचैन हो उठा. हर कोई मिस समीरा टेडी से हाथ मिलाने और आटोग्राफ़ लेने के लिये दौड पडा. जिससे थोडी देर के लिये माहोल में अस्त व्यस्तता फ़ैल गई जिसे आयोजकों और उपस्थित वालंटियर्स ने काबू किया.

मिस. समीरा टेढी के आते ही कुछ ब्लागर्स का ऐसा व्यवहार देखा गया जैसा मिस. मित्रांगदा के ब्लाग उदघाटन समारोह का था. जैसे मिस. मित्रांगदा के ब्लाग पर कई बुढऊ तो बाल काले रंगवा कर लपक लिये थे और कुछ खूसट बुढ्ढे ऐसे भी थे जो अपने को सठियाया हुआ ना समझ कर जवान ही समझते हैं. ऐसे बुढ्ढों ने वहां जमकर मिस. मित्रांगदा का "ब्लागजगत मे आपका स्वागत है" कहकर स्वागत किया था.

वैसे मिस. मित्रांगदा ने ब्लाग का उदघाटन किया है यह किसी को मालूम भी नही था . यह खबर भी इसी श्रेणी के एक बुढऊ ने ब्लागवुड मे दी थी. और एक दो जासुस किस्म के प्राणी तो बहुत डिप्लोमेट किस्म के कमेंट करते पाये गये यानि कि दोनों हाथों मे लड्डू..अब ये अलग बात है कि इनके दोनो हाथों के बजाये एक में भी लड्डू तो क्या बूंदी भी नही बची...

मिस. समीरा टेढी...भीड से बचकर उदघाटन स्थल की तरफ़ जाते हुये!


मिस. मित्रांगदा के ब्लाग पर कुछ ऐसे भी अंग्रेजी उर्दू की नफ़ासत के साथ पहुंचे जैसे वो दिखाना चाह रहे हों कि वो तो स्टार ब्लागर हैं और एहसान करने के लिये आये हैं. पर वहां पहुंचकर फ़ंस गये, टिप्पणी नही करनी चाहिये या नही? धर्म संकट में फ़ंस गये...बेचारे जासूस

पर इस डर के मारे की कहीं सच मे ही मिस. मित्रांगदा का असली ब्लाग हुआ और मित्रांगदा जी नाराज हो गई तो उन तक पहुंचने का सुनहरी मौका हाथ से निकल जायेगा. करुं नही करूं में, ऐसे लोग दो तीन बाद में स्वागत करते दिखे. क्युंकि जिनका फ़ोलो अप लगा था उनको तो मालूम पड ही गया कि जासूस लोग भी छुपते छुपाते स्वागत करने पहुंच ही गये.

कुछ ऐसा ही हाल मिस. समीरा टेढी के साथ भी हुआ. लोग उनके आगे पीछे पलक पांवडे बिछाये हुये थे. और एकखूसट बूढऊ ने तो उनको ब्लाग हिट कराने तक की टिप्स दे डाली. खैर ये किस्सा फ़िर कभी बाद में. अभी तो मैं आपको फ़टाफ़ट उदघाटन भाषण मे लिये चलता हूं.

खैर जैसे तैसे मिस. समीरा टेढी उदघाटन स्थल तक पहुंची और दीप जलाकर ब्लागर्स कार्यशाला का उदघाटन किया और फ़िर प्रो. रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" का प्रथम उदबोधन शुरु हुआ.

ब्लागर्स कार्यशाला 2010 में प्रथम उदबोधन देते हुये प्रो. रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे"


उपर के चित्र में आपको प्रथम पंक्ति में बायें से दायें क्रमश: सुश्री शैफ़ाली पांडे, डा.श्रीमती अजित गुप्ता, श्री अजयकुमार झा, सुश्री रानी विशाल, श्री खुशदीप सहगल, श्री ललित शर्मा, श्री संजय बेंगाणी, श्री पी.सी.गोदियाल,श्री अविनाश वाचस्पति, श्री सतीश सक्सेना प. श्री डी.के.शर्मा "वत्स" और श्री राज भाटिया दिखाई देरहे हैं.

प्रो. प्यारे का संक्षिप्त उदबोधन

मैं प्रो. रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" आप सभी का ब्लागर्स कार्यशाला 2010 में हार्दिक स्वागत करता हूं. इस कार्यशाला मे आपको सिर्फ़ ब्लागिंग ही नही बल्कि एक ब्लागर की संपुर्ण जीवन शैली के बारे में बताऊंगा. जिससे की आप एक चुस्त दुरुस्त और सफ़ल ब्लागर बन सकें.

आपको एक ब्लागर की संपुर्ण दिनचर्या, खान पान और व्यवहार आदि के बारे मे विस्तारित जानकारी दी जायेगी.स्वस्थ शरीर मे ही स्वस्थ आत्मा रह सकती है और एक स्वस्थ आत्मा ही एक स्वस्थ और सफ़ल ब्लागर बन सकता है.

महानुभावों आज की कार्यशाला में मैं आपको खान पान के बारे में बताऊंगा. खान पान में एक ब्लागर को भैंस का दूध अवश्य प्रयोग में लाना चाहिये. भैंस का दूध बहुत ताकतवर और स्निग्ध होता है. भैंस का दूध पीने से चमडी मोटी हो जाती है जो की एक ब्लागर यानि की सफ़ल ब्लागर का प्रथम गुण है. इस गुण के अभाव में अनेक लोग ब्लागिंग छोड कर चल देते हैं. जो भी सफ़ल ब्लागर है वो इसकी महता जानता है.
हमने अपने जीवन काल में अनेकों ब्लागर्स को स्ट्रिक्टली "मिल्क आफ़ भैंस" पीने की रिकमंडेशन की है. सत्र के अंत मे हम उन सफ़ल ब्लागर्स से भी आपको रुबरु करवायेंगे.

आज आपको नाश्ते में भैंस का मलाईदार दूध और बाजरे की ब्रेड ही यहां मिलेगी. मैं चाहता हूं कि आपकी चमडी भी जल्द से जल्द मोटी हो जाये और आप जल्द से सफ़लता की सीढियों पर चढ सकें. और कल से हमारी नियमित कार्यशाला के भाषण शुरु होंगे. क्योंकि आज उदघाटन समारोह में ही काफ़ी समय होगया है. अब मिस. समीरा टेढी को ताऊ जादूई चिराग का लांचिंग भी करना है. तो आईये अब चलते हैं ताऊ जादूई चिराग के लांचिंग समारोह में.


मिस. समीरा टेढी ताऊ जादूई चिराग को लांच करते हुये!


हाय..एवरीवन...मैं मिस. समीरा टेढी...आपको सलाह देती हूं कि आप भी मेरी तरह ताऊ जादूई चिराग का प्रयोग करें और मुंह मांगी मुराद तुरंत पायें.

जैसे की आपको मोटा होना हो..पतला होना हो...सामान.. .कार... रुपया पैसा...बंगला..हवाईजहाज...जो भी चाहिये...वो तो इस चिराग के लिये चुटकियों का काम है...

पर इस चिराग की और एक खासियत है जिसकी वजह से...यू..नो...आई एम रिकमंडिंग दिस चिराग फ़ार एवरी..ब्लागर..यू नो?

ये चिराग तो बस हर ब्लागर की जान है...इस चिराग की विशेषता है कि इसको आप बोलेंगे...उस ब्लाग पर जाकर गालियां देकर आवो..तुरंत उस ब्लाग पर गालियों की टिप्पणियां हो जायेंगी....किसी भी ब्लाग पर अनाम..टिप्पणीयां...या जो कुछ भी आप करवाना चाहें वो सब ये जादूई चिराग करेगा...
आपको किन्ही दो ब्लागर्स के बीच झगडा लगवाना हो तो ये काम इस चिराग की मदद से आनन फ़ानन करवाया जा सकता है.

और एक खास बात..अगर आपके पास ये जादूई चिराग है तो मामा मारीच और सुर्पणखां आपके और आपके ब्लाग की तरफ़ आंख ऊठाकर भी नहीं देख सकेंगे.

सो आइ विल रिकमंड हाईली..टू आल आफ़ यू..प्लिज..प्लिज..मेरे कहने से आप ये जादुई चिराग खरीद कर देखिये..आपकी किस्मत ही बदल जायेगी...

नोट : - अब से नियमित ब्लागर्स कार्यशाला शुरु होगी....आप सभी से निवेदन है कि समय का ध्यान रखें और घर से वजन करवा कर आयें. जिससे यह मालूम पडता रहेगा कि कार्यशाला के दौरान आपकी चमडी कितनी मोटी हुई.

फ़िल्म "ताऊ की हेराफ़ेरी" : प्रदर्शन के लिये तैयार

हमारी पिछली फ़िल्म ताऊ की शोले को आप लोगों की वजह से अपार सफ़लता मिली.  कुछ विशेष परिस्थितियों के चलते हमें यह फ़िल्म बंद करनी पडी और  हमने आपसे वादा किया था कि ताऊ की शोले का दूसरा पार्ट जल्द ही आपकी सेवा में प्रस्तुत करेंगे. परंतु  हमारे सुपर स्टार गब्बर और सांभा तबके गये हुये आज तक वापस लौट कर नही आये हैं. हमने दोनों से बात चीत की थी और उन्होने वादा किया है कि वो  जल्द ही लौट कर ताऊ की शोले पार्ट – 2  की शूटिंग पूरी करवायेंगे.

 

इसी बीच हमने आपको सूचित किये बगैर हमारी बहुत ही महत्वाकांक्षी फ़िल्म ताऊ की हेराफ़ेरी  पुर्ण करली है और यह फ़िल्म अब संपुर्ण होने के अंतिम चरण में है. तो बहनों और भाईयों अब ताऊ डाट इन आपकी सेवा में पेश करते हैं…ब्लाग फ़िल्म ताऊ की हेराफ़ेरी…जल्द प्रदर्षित हो रही है.

 

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फ़िल्म : ताऊ की हेराफ़ेरी

 

Produced By           : Miss Rampyari Films
Excutive Producer : Sameer Lal Sameer
Directed By            : Taau Rampuria


Starring :-

: Sameer Lal as khadag Singh खडगसिंह

: Taau Rampuria as Baburao or Taau Rao ताऊराव

: Lalit Sharma as Shyam श्याम 

: Pankaj Mishra  as Raju राजू

 

Releasing Shortly…

 

ट्रेलर :  ताऊ की हेराफ़ेरी

 

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खडगसिंह को बेवकूफ़ बनाकर भागते हुये श्याम और राजू


ताऊराव : हां तो श्याम...तुम्हारा नाम क्या है?

श्याम : युं कि नाम तो आप ही श्याम बोल रयेले हैं...तो श्याम ईच होयेंगा ना?

ताऊराव : अरे तू दिमाग खराब कर नको..और तू श्याम...राम..आम..या जाम ..कुछ भी होयेंगा...अरे जाम से याद आया...खंबा लाया क्या तू?

राजू : अरे ताऊराव...ये क्या खंबा लायेगा? तेरे खंबे के पैसे की तो ये टिप्पणी खरीद के ले आयेला है कडका कहीं का....
श्याम : अबे कडका किसको बोला रे तू?

ताऊराव : अबे हलकटो ...चुप करो अब...वो जो खडगसिंह से टिप्पणी उधार लेके चिपकायेली थी वो वापस मांगने आयेला है...अबी मेरा माथा फ़िर गयेला है...जा रे...राजू...तू जाके खंबा लेके आ..मस्त..फ़िर मैं तेरे को बतायेगा आईडिया यहां से भाग निकलने का...

आगे क्या हुआ? क्या खडगसिंह से बचकर ताऊराव, राजू और श्याम भाग पाये ? या खडग सिंग ने उनको रंगे हाथों गिरफ़्तार किया?

जल्द रिलीज हो रही है...ताऊ की हेराफ़ेरी....

वार्षिक ताऊ कवि सम्मेलन में कवि श्री सतीश सक्सेना

हाय एवरीवन...कैसे हैं आप लोग? होली निकल गई पर कसक रह गई. वैसे ही जैसे रस्सी जल गई पर बल नही निकले. होली बीत जाने के बाद अक्सर यह समझा जाता है कि पुरानी कडवाहट खत्म हुई. पर यहां तो माजरा ही कुछ अलग है. फ़तवे पर फ़तेवे दिये जारहे हैं..ले फ़तवे...दे फ़तवे...ये फ़तवे..वो फ़तवे..यानि ब्लाग जगत का मूंह ही फ़त्या की मां जैसा होरहा है.

अब भाई हम तो ठहरे रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" यानि ताऊ के गधे....अब हम क्या कहें? अब हम कुछ कहेंगे तो लोग कहेंगे कि अब गधे भी ब्लागिंग करने लगे? पर भाई मेरे असली ब्लागिंग तो "प्यारे" ही कर सकता है. और कर ही नही सकता बल्कि करा भी रहा है और नचा भी रहा है. खैर अब मैं ताऊ होली कवि सम्मेलन के अगले कवि श्री सतीश सक्सेना जी को कविता पाठ के लिये आमंत्रित कर रहा हूं....आईये सतीश जी......

ताऊ वार्षिक कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते हुये श्री सतीश सक्सेना


सज्जनों और देवियों, सतीश सक्सेना का नमस्कार. ताऊ वार्षिक कवि सम्मेलन में अपनी रचना सुना रहा हूं...आशा करता हूं आपको अवश्य पसंद आयेगी...आपसे दाद चाहुंगा...हां तो ताऊ....

तुम्हारे ब्लाग ने ब्लाग जगत का सत्यानाश कर के रख दिया है ताऊ ! सारी भीड़, अपनी चार सौ बीस खोपड़ी की ११०% एफिसिएंसी प्रयोग करते हुए,खींच लेते हो और हमारे जैसे धुरंधर बढ़िया बढ़िया पोस्ट लिखे बैठे रहते हैं कोई आता ही नहीं पढने !

गुस्से का मामला यह है कि तुम सरासर लोगो को मूर्ख बनाकर अपना देसी माल बेचे जा रहे हो अबतो मुझे यह भी यकीन हो गया है कि समीरलाल भी इस धंधे में शामिल हैं ! तेरे रूप कंचन तेल की ऐसी की तैसी न की तो मेरा नाम नहीं ! सबका धंधा चौपट कर के रख दिया ...

दुर्भावना एक मेरी भी ले लो
वाकई बेमिसाल हो ! ताऊ

बेईमानी तेरी रुकती तो नहीं
खोपड़ी, बेमिसाल है !ताऊ !

लोग पागल बनाये जाते है
लेखनी बेमिसाल है ! ताऊ

आग ऐसे गुरु की धोती में,
जिसके चेले का नाम है ताऊ

ताई कैसे गुज़ारा कर पाए
अगर तू बंद हो गया ताऊ !

हेरा फेरी , तुरंत बंद करो
सब बहुत तुझसे त्रस्त हैं ताऊ

सतीश सक्सेना



रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" यानि ताऊ के गधे की ब्लागिंग कार्यशाला 2010 अगले सप्ताह से शुरु हो रही है. बहुत ही सीमित मात्रा में स्थान बचे हैं. जिनको भी कार्यशाला मे भाग लेना हो वो अपना रजिस्ट्रेशन तुरंत करवा लें जिससे बाद में पछताना ना पडे.

कार्यशाला में व्याखान रत प्रो. रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे"


अभी तक जिन गणमान्य ब्लागर्स ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है उनको सम्मेलन स्थल पर आने के लिये प्रवेश पत्र भेज दिया गया है. अगर किसी को नही मिला हो तो तुरंत संपर्क करें.

बिना प्रवेश पत्र कार्यशाला में प्रवेश की अनुमति नही होगी.

ताऊ पहेली - 64 : विजेता : श्री दिनेशराय द्विवेदी

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! सभी को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. "मां काली कलकत्ते वाली" सबका कल्याण करें.parr

हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 64 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है दक्षिणेश्वर काली मंदिर कोलकाता. और इसके बारे मे संक्षिप्त सी जानकारी दे रही हैं सु. अल्पना वर्मा.

आप सभी को मेरा नमस्कार,

पहेली में पूछे गये स्थान के विषय में संक्षिप्त और सारगर्भीत जानकारी देने का यह एक लघु प्रयास है.

आशा है, आप को यह प्रयास पसन्द आ रहा होगा,अपने सुझाव और राय से हमें अवगत अवश्य कराएँ.


आज चलते हैं भारत की ऐतिहासिक महानगरी और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता .

इसे पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है . इस शहर को सिटी ऑफ़ जॉय के नाम से भी जाना जाता है.यहाँ रोमन स्थापत्य कला से बने बड़े-बड़े घर और बिल्डिंगे और सड़को पर चलती ट्रामें कॉलोनियल समय की याद दिलाते है.पूर्वांचल एवं सम्पूर्ण भारतवर्ष का प्रमुख वाणिज्यिक केन्द्र के रूप में कोलकाता का महत्त्व अधिक है.

देखने के लिए यहाँ कई जगहें हैं जैसे --मैदान और फोर्ट विलियम, हुगली नदी के समीप भारत के सबसे बड़े पार्कों में से एक है.फोर्ट विलियम को अब भारतीय सेना के लिए उपयोग में लाया जाता है.नाखोदा मस्जिद ,सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च ,पारसनाथ जैन मंदिर ,मदर टेरेसा होम्स [गरीबों में से भी गरीब लोगों ],बॉटनिकल गार्डन्सआदि.

यह शहर रेलमार्गों, वायुमार्गों तथा सड़क मार्गों द्वारा देश के विभिन्न भागों से जुड़ा हुआ है.
यहाँ पयर्टकों के ठहरने के लिए कोलकाता में बहुत से होटल और पर्याप्त धर्मशालाएं भी हैं.

अब संक्षेप में बताती हूँ यहाँ स्थित कुछ धार्मिक स्थलों के बारे में -;

जैस आप सब जानते ही हैं कि ५१ शक्तिपीठों में से कोलकाता में भी एक शक्तिपीठ है. यहां सतीदेह के दाहिने पैर की चार अंगुलियां (अंगूठे को छोड़कर) गिरी थीं.इसलिए भी देवी भक्तों के लिए यह स्थान धार्मिक महत्व का है.

कलकत्ता में सर्वमंगला, तारासुंदरी, श्रीसत्यनारायणजी, नवीन श्रीराम मंदिर, भूतेश्वर महादेव, श्री दाऊजी, श्री सांवलियाजी आदि मंदिर तो बहुत से हैं, किंतु जिन्हें तीर्थस्थलों में गिना जा सके, ऐसे प्रधान चार ही स्थान हैं -
१. आदिकाली, २. काली, ३. दक्षिणेश्वर और ४. बेलूर मठ.

१-श्री सिद्धेश्वरी काली बाड़ी.
यह भी कोलकाता में एक प्राचीन स्थान है.

२-कालीघाट का काली मंदिर -
यह मंदिर अत्यंत प्रख्यात है. कुछ लोग काली मंदिर को ही शक्तिपीठ मानते हैं.
देवी मंदिर के समीप ही नकुलेश्वर शिव मंदिर है.

३-बेलूर मठ -
दक्षिणेश्वर के पास से गंगा पार होकर हावडा की ओर आने पर कुछ दूर पर गंगा किनारे बेलूर मठ है.
इस मठ की स्थापना स्वामी विवेकानंदजी ने की थी.श्रीरामकृष्ण मिशन का यहीं प्रधान कार्यालय है.यहां १938 में बना मंदिर हिंदू , मुस्लिम और इसाई शैलियों का मिश्रण है. यहां अत्यंत भव्य श्रीरामकृष्ण मंदिर है. यहीं स्वामी विवेकानंदजी की समाधि भी है.

४-जैन मंदिर - यहां का प्रसिद्ध श्री पार्श्वनाथजी का जैन मंदिर बहुत ही सुंदर और दर्शनीय है.
प्रसिद्ध महर्षि देवेंद्रनाथ ठाकुर, श्री केशवचंद्र सेन, स्वामी विवेकानंद, कवींद्र श्री रवींद्रनाथ ठाकुर तथा श्री चित्तरंजनदास आदि की जन्मभूमि कोलकाता ही है.
यहां का हावड़ा पुल जग-प्रसिद्ध है.

५-विक्टोरिया मेमोरियल -
रानी विक्टोरिया की याद में बनाया गया यह विक्टोरिया मेमोरियल यहाँ का ख़ास आकर्षण है। यूरोपियन वास्तुकला और मुगल काल की शिल्पकलाओं का सुन्दर मिश्रण देख सकते हैं.
सर विलियम एमर्सन ने इसका निर्माण करवाया था। सफेद संगमरमर से बनी इस इमारत का निर्माण कार्य १९०६ से १९२१ तक चला था.
अब यह इमारत संग्रहालय है।

6-दक्षिणेश्वर काली मंदिर - इसी मंदिर का चित्र हमने आप को पहली में दिखाया था.
कोलकाता के उत्तर में विवेकानंद पुल के पास गंगा नदी [जिसे कोलकाता में हुगली नदी भी कहते हैं.] के किनारे जान बाजार की महारानी रासमणि ने सन 1847 में माँ काली का यह अत्यंत भव्य मंदिर बनवाया था. सन 1855 में मंदिर का निर्माण पूरा हुआ था.यह बी बी डी बाग से 20 किलोमीटर दूर है. स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट नमूना यह मंदिर विशाल इमारत के रूप में चबूतरे पर स्थित है.

दक्षिणेश्वर काली मंदिर


25 एकड़ क्षेत्र में स्थित 46 फुट चौड़ा तथा 100 फुट ऊँचा , नवरत्न की तरह निर्मित 12 गुंबद वाले इस मंदिर के चारों ओर भगवान शिव के बारह मंदिर स्थापित किए गए हैं.

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भीतरी भाग में चाँदी से बनाए गए कमल के फूल जिसकी हजार पंखुड़ियाँ हैं, पर माँ काली शस्त्रों सहित खड़ी हुई हैं. ऊपर की दो मंजिलों पर नौ गुंबद समान रूप से फैले हुए हैं। गुंबदों की छत पर सुन्दर आकृतियाँ बनाई गई हैं.

श्री रामकृष्ण देव परमहंस -:
मां काली के आराधक, मानवता के पुजारी ,महान संत एवं विचारक स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी 1836 को बंगाल के कामारपुकुर नामक गाँव में हुआ था। उन्हें इस मंदिर का प्रधान पुजारी बनाया गया था.

श्रीरामकृष्ण देव परमहंस


श्रीरामकृष्ण देव परमहंस ने यहीं महाकाली की आराधना की थी .कहते हैं उन्हें माँ काली ने यहीं दर्शन दिए थे.मंदिर से लगा हुआ परमहंस देव का कमरा है, जिसमें उनका पलंग तथा दूसरे स्मृतिचिह्न सुरक्षित हैं.मंदिर के बाहर परमहंस की पूर्वाश्रम की धर्मपत्नी श्री शारदा माता तथा रानी रासमणि का समाधि मंदिर है और वह वट वृक्ष भी है, जिसके नीचे परमहंस देव ध्यान किया करते थे। स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी का अधिकांश जीवन प्राय: समाधि की स्थिति में ही व्यतीत हुआ. वे सेवा पथ को ईश्वरीय, प्रशस्त मानकर अनेकता में एकता का दर्शन करते थे.
स्वामी विवेकानन्द श्री रामकृष्ण देव के परमप्रिय शिष्य थे.
अभी के लिये इतना ही. अगले शनिवार एक नई पहेली मे आपसे फ़िर मुलाकात होगी. तब तक के लिये नमस्कार।

आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" की नमस्ते!

प्यारे बहनों और भाईयो, मैं आचार्य हीरामन “अंकशाश्त्री” ताऊ पहेली के रिजल्ट के साथ आपकी सेवा मे हाजिर हूं. उत्तर जिस क्रम मे मुझे प्राप्त हुये हैं उसी क्रम मे मैं आपको जवाब दे रहा हूं. एवम तदनुसार ही नम्बर दिये गये हैं.


 

 

tpw64

श्री दिनेशराय द्विवेदी अंक 101

 

seema-gupta-2

सुश्री सीमा गुप्ता  अंक 100

ranivishal1

 सुश्री रानी विशाल अंक 99

श्री मोहसिन अंक 98

श्री रंजन अंक 97

श्री प्रकाश गोविंद   अंक 96

masharma

सुश्री M A Sharma “सेहर” अंक 95

श्री पी.सी.गोदियाल, अंक 94

श्री विवेक रस्तोगी अंक 93

श्री अंतरसोहिल अंक 92

archana

 सुश्री अर्चना अंक 91

श्री संजय बेंगाणी अंक 90

jitendra

 श्री जीतेंद्र अंक   89

ckj

 श्री चंदन कुमार झा अंक   88

प. श्री.  डी. के. शर्मा “वत्स” अंक 87

mverma

 श्री M VERMA अंक 86

vandana-delhi

सुश्री वंदना अंक 85

shamim

श्री  शमीम अंक   84

सुश्री रेखा प्रहलाद अंक 83

सुश्री बबली अंक 82


श्री मो सम कौन? अंक 81

श्री मीत अंक 80

रामकृष्ण गौतम अंक 79


श्री दिगम्बर नासवा अंक 78

श्री उडनतश्तरी अंक 77

डा. श्री महेश सिन्हा अंक  76

Himanshu-kavi

 श्री हिमांशु अंक   75

सभी को हार्दिक बधाईयां!


छपते छपते :- श्री दिलीप कवठेकर का भी बिल्कुल सही जवाब आया. आपके खाते में ५० अंक जमा किये गये हैं. बधाई!

अब आईये आपको उन लोगों से मिलवाता हूं जिन्होने इस पहेली अंक मे भाग लेकर हमारा उत्साह वर्धन किया. आप सभी का बहुत बहुत आभार.

श्री काजलकुमार,
श्री रतन सिंह शेखावत
श्री हिमांशु
श्री रविंद्र नाथ
श्री संजय भास्कर
डॉ. मनोज मिश्र
श्री अविनाश वाचस्पति
श्री राज भाटिया
भारतीय नागरिक
श्री दीपक मशाल,
श्री गगन शर्मा
श्री अभिषेक ओझा
सुश्री हरकीरत ’हीर’
श्री सर्वेश
श्री योगिंद्र मोदगिल
हार्दिक आभार आप सभी का!

अब अगली पहेली का जवाब लेकर अगले सोमवार फ़िर आपकी सेवा मे हाजिर होऊंगा, मंगलवार और शुक्रवार की पहेली मे शाम 6:00 बजे ताऊजी डाट काम पर आपसे फ़िर मुलाकात होगी तब तक के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये. नमस्कार!


आयोजकों की तरफ़ से सभी प्रतिभागियों का इस प्रतियोगिता मे उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. !

ताऊ पहेली के इस अंक का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया. अगली पहेली मे अगले शनिवार सुबह आठ बजे आपसे फ़िर मिलेंगे तब तक के लिये नमस्कार.